प्रकाश (भाग-III)

Total Questions: 56

11. जल में वायु का बुलबुला, जिसकी भांति व्यवहार करेगा, वह है- [U.P. P.C.S (Spl) (Pre) 2008, I.A.S. (Pre) 1995, U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl) (Pre) 2010, U.P. Lower Sub. (Pre) 2013]

Correct Answer: (d) अवतल लेंस
Solution:पानी में डूबा हुआ वायु का बुलबुला, जिसकी सतह उत्तल होती है, अवतल लेंस (अपसारी लेंस) की भांति व्यवहार करता है। पानी का अपवर्तनांक वायु से अधिक होता है, इसलिए जल में डूबे हुए बुलबुले के लेंस की प्रकृति बदल जाती है।

12. जल के अंदर वायु का बुलबुला व्यवहार करता है- [U.P. P.C.S. (Pre) 2002]

Correct Answer: (c) अपसारी लेंस जैसा
Solution:पानी में डूबा हुआ वायु का बुलबुला, जिसकी सतह उत्तल होती है, अवतल लेंस (अपसारी लेंस) की भांति व्यवहार करता है। पानी का अपवर्तनांक वायु से अधिक होता है, इसलिए जल में डूबे हुए बुलबुले के लेंस की प्रकृति बदल जाती है।

13. समान फोकस दूरी वाले कांच के दो लेंस, जिनमें एक उत्तल तथा दूसरा अवतल लेंस हैं, एक-दूसरे से सटाकर रखे गए हैं। इस युग्म का व्यवहार होगा- [U.P. G.I.C. 2017]

Correct Answer: (c) कांच की समतल चादर की भांति
Solution:समान फोकस दूरी के अभिसारी एवं अपसारी लेंस को एक साथ सटाकर रखने पर वे कांच की समतल प्लेट की तरह व्यवहार करेंगे, क्योंकि अभिसारी लेंस की फोकस दूरी धनात्मक तथा अपसारी लेंस की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है, जिससे कि दोनों लेंसों के युग्म प्रतिफल शून्य हो जाता है और यह संयुग्मन समतल प्लेट की तरह काम करता है।

14. किसी व्यक्ति का पूरा प्रतिबिंब देखने के लिए एक समतल दर्पण की न्यूनतम ऊंचाई होनी चाहिए- [U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl) (Mains) 2010, U.P.P.C.S. (Pre) 2011, 2014 U.P.P.C.S. (Mains) 2011]

Correct Answer: (b) व्यक्ति की ऊंचाई का आधा
Solution:अगर कोई 'h' ऊंचाई का व्यक्ति, समतल दर्पण में अपना पूर्ण प्रतिबिंब देखना चाहता है, तो समतल दर्पण की न्यूनतम ऊंचाई h/2 होनी चाहिए।

15. 1.50 मीटर लंबे व्यक्ति को अपना खड़ा संपूर्ण प्रतिबिंब देखने के लिए आवश्यक दर्पण की न्यूनतम लंबाई होगी- [U.P.P.S.C. (R.I.) 2014]

Correct Answer: (a) 0.75 मीटर
Solution:किसी भी व्यक्ति को अपना खड़ा संपूर्ण प्रतिबिंब देखने के लिए आवश्यक दर्पण की न्यूनतम लंबाई व्यक्ति की लंबाई की आधी होती है। अतः आवश्यक दर्पण की न्यूनतम लं.   - 1.50/ 2 मीटर = 0.75 मीटर

16. एक समतल दर्पण की वक्रता-त्रिज्या होती है- [U.P. Lower Sub. (Pre) 2015]

Correct Answer: (c) अनंत
Solution:हम जानते हैं कि समतल दर्पण में प्रतिबिंब दर्पण से उतनी ही दूरी पर स्थित होता है, जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के सामने होती है अर्थात

d₀ = वस्तु की दर्पण से दूरी

di = प्रतिबिंब की दर्पण से दूरी

गोलीय दर्पण के लिए फोकस दूरी (f), वक्रता त्रिज्या (r) तथा d₀ एवं di में निम्न संबंध होता है

1/d₀ + 1/di = 1/f = 2/r

(यहां r = दर्पण की वक्रता त्रिज्या है)

परंतु समतल दर्पण के लिए

d₀ = - di

अतः 2/r = 0

r = 2/0 या अपरिभाषित)

अथवा r = ∞

अतः दिए गए विकल्पों में समतल दर्पण की वक्रता त्रिज्या को अनंत ही लेना उचित होगा।

अथवा

वक्रता-त्रिज्या (Radius of Curvature): यह उस गोले की त्रिज्या होती है जिसका दर्पण एक हिस्सा होता है।

समतल दर्पण: एक समतल दर्पण वास्तव में एक असीमित बड़े गोले का एक बहुत छोटा हिस्सा माना जा सकता है। जैसे-जैसे एक गोले की त्रिज्या बढ़ती जाती है, उसकी सतह अधिक से अधिक समतल होती जाती है।

जब एक गोले की त्रिज्या अनंत हो जाती है, तो उसकी सतह पूरी तरह से समतल हो जाती है। इसलिए, एक समतल दर्पण की वक्रता-त्रिज्या अनंत मानी जाती है।

17. आवर्धक कांच में किस प्रकार का लेंस प्रयोग किया जाता है? [67th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2022]

Correct Answer: (c) उत्तल लेंस
Solution:आवर्धक कांच (Magnifying Glass) में उत्तल लेंस (Convex lens) का प्रयोग किया जाता है। यह लेंस किसी वस्तु का आवर्धित प्रतिबिंब (Magnified Image) उत्पन्न करने में प्रयोग किया जाता है।

18. दूरदृष्टि दोष निवारण के लिए काम में लेते हैं- [43rd B.P.S.C. (Pre) 1999]

Correct Answer: (c) उत्तल लेंस
Solution:दूरदृष्टि दोष में निकट की वस्तुएं स्पष्ट नहीं दिखाई देतीं हैं, जबकि दूर की वस्तुएं स्पष्ट दिखाई देती हैं। इसके निवारण के लिए चश्में में उत्तल लेंस का प्रयोग किया जाता है।

19. दूरदृष्टि दोष वाले व्यक्ति के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन - सा एक सही नहीं है? [U.P.P.C.S.(Pre) 2010]

Correct Answer: (d) इस दोष को ठीक करने के लिए अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है।
Solution:दूरदृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति को निकट की वस्तुओं पर दृष्टि संकेंद्रित करने में परेशानी होती है। यह दोष मुख्यतः आंख की पुतली के अधिक छोटे होने के कारण या कॉर्निया के अधिक समतल होने के कारण उत्पन्न होता है। इस दोष को ठीक करने के लिए उत्तल लेंस का प्रयोग किया जाता है।

20. पढ़ने में काम आने वाले ग्लासेस, किस प्रकार के लेंस से बनते हैं? [44th B.P.S.C. (Pre) 2000]

Correct Answer: (b) उत्तल
Solution:बीच में मोटे तथा किनारे पर पतले आकार वाले ग्लासेस को उत्तल लेंस (Convex lens) कहते हैं। यह अनंत से आने वाली किरणों को सिकोड़ता है। अतः इसे अभिसारी लेंस (Converging lens) भी कहते हैं। उत्तल लेंस या अभिसारी लेंस का उपयोग पढ़ने में काम आने वाले ग्लासेस में करते हैं। यह दूरदृष्टि दोष के निवारण हेतु प्रयुक्त होता है।