प्रकाश (भाग-III)

Total Questions: 56

21. निकटदृष्टि दोष दूर करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा लेंस उपयोग में लाया जाता है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2008, U.P.P.C.S. (Mains) 2011]

Correct Answer: (b) नतोदर (कॉन्केव)
Solution:निकट-दृष्टिदोष दूर करने के लिए नतोदर (अवतल/अपसारी) लेंस उपयोग में लाया जाता है।

22. निकटदृष्टि दोष को ठीक किया जाता है- [U.P. Lower Sub. (Pre) 2002, U.P.P.C.S. (Mains) 2008]

Correct Answer: (b) अवतल लेंस प्रयुक्त करके
Solution:निकटदृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति निकट की वस्तु तो स्पष्ट देख लेता है, लेकिन एक निश्चित दूरी से अधिक दूरी पर रखी वस्तु को स्पष्ट नहीं देख पाता। इस दोष के निवारण के लिए व्यक्ति के चश्में में अवतल लेंस का प्रयोग किया जाता है।

23. मायोपिया (निकटदृष्टि दोष) को ठीक किया जाता है- [Chattishgarh P.C.S. (Pre) Exam. 2016]

Correct Answer: (a) अवतल लेंस से
Solution:निकटदृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति निकट की वस्तु तो स्पष्ट देख लेता है, लेकिन एक निश्चित दूरी से अधिक दूरी पर रखी वस्तु को स्पष्ट नहीं देख पाता। इस दोष के निवारण के लिए व्यक्ति के चश्में में अवतल लेंस का प्रयोग किया जाता है।

24. निकटदृष्टि-दोष की रोग मुक्ति होती है- [U.P.P.C.S. (Mains) 2013]

Correct Answer: (b) अवतल लेंस द्वारा
Solution:निकटदृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति निकट की वस्तु तो स्पष्ट देख लेता है, लेकिन एक निश्चित दूरी से अधिक दूरी पर रखी वस्तु को स्पष्ट नहीं देख पाता। इस दोष के निवारण के लिए व्यक्ति के चश्में में अवतल लेंस का प्रयोग किया जाता है।

25. जब एक व्यक्ति तीव्र प्रकाश क्षेत्र से अंधेरे कमरे में प्रवेश करता है, तो उसे कुछ समय के लिए स्पष्ट दिखाई नहीं देता है, बाद में धीरे-धीरे उसे चीजें दिखाई देने लगती हैं। इसका कारण है- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 2008]

Correct Answer: (d) आंखों का अंधेरे के प्रति कुछ समय में अनुकूलित होना।
Solution:आंखों में स्थित 'कोन फोटोरिसेप्टर' (Cone Photoreceptor) तीव्र प्रकाश की स्थिति में कार्य करने हेतु अधिक अनुकूल होते हैं, जबकि 'रॉड रिसेप्टर' (Rod receptor) अंधेरे में कार्य करने हेतु अधिक अनुकूल होते हैं। तीव्र प्रकाश में रोडोप्सीन (रॉड रिसेप्टर) समाप्त हो जाता है या क्षीण होकर निष्क्रिय हो जाता है। जबकि अंधेरे में रोडोप्सीन के पुनः विरचन या पुनः संश्लेषण हो जाने के कारण अंधेरे में रखी वस्तुएं दिखाई देने लगती हैं। तीव्र प्रकाश के क्षेत्र से अंधेरे कमरे में प्रवेश करने पर पुतली के आकार में परिवर्तन भी होता है, जिससे आंखों को अंधेरे के प्रति अनुकूलित होने में कुछ समय लगता है। अतः विकल्प (a), (c) एवं (d) तीनों सही हैं।

विकल्प (a) पुतली के आकार में परिवर्तन एक हिस्सा है, लेकिन अकेला पूर्ण कारण नहीं। विकल्प (b) लेंस के व्यास व फोकस दूरी में परिवर्तन भी सीधा कारण नहीं। विकल्प (c) रोडोप्सीन का विरंजक व पुनःविरचन होना, यह अनुकूलन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण आणविक आधार है, लेकिन विकल्प (d) अधिक व्यापक और सटीक रूप से पूरी घटना का वर्णन करता है।

26. आंख में संकेंद्रण होता है- [U.P.P.S.C. (R.I.) 2014]

Correct Answer: (a) लेंस की उत्तलता में परिवर्तन द्वारा
Solution:आंख में संकेंद्रण लेंस की उत्तलता में परिवर्तन द्वारा होता है। अतः विकल्प (a) सही उत्तर है।

27. आंख के लेंस का फोकल दूरी किसके कार्य से परिवर्तित होती है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (c) सिलियरी मांसपेशी
Solution:सिलियरी मांसपेशियों के शिथिलन-संकुचन से आंख के लेंस की मोटाई में परिवर्तन होता है, जिसके फलस्वरूप आंख के लेंस की फोकल दूरी परिवर्तित हो जाती है।

28. निम्नलिखित कथनों में से कौन एक सही नहीं है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2010]

Correct Answer: (d) एक छोटे छिद्र वाला उत्तल दर्पण डॉक्टरों द्वारा रोगियों के कान, नाक या गले की जांच के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
Solution:हेड मिरर (Head Mirror) का प्रयोग डॉक्टरों द्वारा कान, नाक एवं गले की जांच करने के लिए किया जाता है। यह एक छोटे छिद्र वाला अवतल दर्पण होता है। प्रश्नगत अन्य तीनों विकल्प सही हैं।

29. स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी होती है (सेमी.)- [U.P.P.C.S.(Mains) 2008]

Correct Answer: (a) 25
Solution:नेत्र के सामने की वह निकटतम दूरी, जहां पर रखी वस्तु नेत्र को स्पष्ट दिखाई देती है, नेत्र की स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी कहलाती है। सामान्य आंख के लिए यह 25 सेमी. होती है। इसे आंख का निकट बिंदु कहते हैं। निकट बिंदु की तरह दूर बिंदु भी होता है, सामान्य आंख के लिए यह अनंत होता है। इस प्रकार सामान्य मनुष्य की नेत्र दृष्टि का विस्तार 25 सेमी. से लेकर अनंत तक होता है।

30. सामान्य आंखों के लिए स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी कितनी होती है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (d) 25 सेमी.
Solution:नेत्र के सामने की वह निकटतम दूरी, जहां पर रखी वस्तु नेत्र को स्पष्ट दिखाई देती है, नेत्र की स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी कहलाती है। सामान्य आंख के लिए यह 25 सेमी. होती है। इसे आंख का निकट बिंदु कहते हैं। निकट बिंदु की तरह दूर बिंदु भी होता है, सामान्य आंख के लिए यह अनंत होता है। इस प्रकार सामान्य मनुष्य की नेत्र दृष्टि का विस्तार 25 सेमी. से लेकर अनंत तक होता है।