प्रकाश (भाग-III)

Total Questions: 56

31. मानव की सामान्य स्वस्थ आंख के लिए स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी मानी जाती है- [U.P.P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (d) 25 सेमी.
Solution:नेत्र के सामने की वह निकटतम दूरी, जहां पर रखी वस्तु नेत्र को स्पष्ट दिखाई देती है, नेत्र की स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी कहलाती है। सामान्य आंख के लिए यह 25 सेमी. होती है। इसे आंख का निकट बिंदु कहते हैं। निकट बिंदु की तरह दूर बिंदु भी होता है, सामान्य आंख के लिए यह अनंत होता है। इस प्रकार सामान्य मनुष्य की नेत्र दृष्टि का विस्तार 25 सेमी. से लेकर अनंत तक होता है।

32. लेंस की शक्ति मापी जाती है- [M.P.P.C.S. (Pre) Exam. 2017]

Correct Answer: (a) डायोप्टर में
Solution:एक लेंस की क्षमता या शक्ति (P), फोकस दूरी (f) के प्रतिलोम (Reciprocal) के बराबर होती है, जबकि फोकस दूरी मीटर में मापी गई हो।

P = 1/f(मीटर)

लेंस क्षमता का मात्रक डायोप्टर (Dioptre) होता है। इसे संकेत (D) से प्रदर्शित करते हैं। उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक एवं अवतल लेंस की ऋणात्मक होती है।

33. लेंस की क्षमता मापी जाती है - [66th B.P.S.C. (Pre) (Re. Exam) 2020]

Correct Answer: (d) डायोप्टर में
Solution:एक लेंस की क्षमता या शक्ति (P), फोकस दूरी (f) के प्रतिलोम (Reciprocal) के बराबर होती है, जबकि फोकस दूरी मीटर में मापी गई हो।

P = 1/f(मीटर)

लेंस क्षमता का मात्रक डायोप्टर (Dioptre) होता है। इसे संकेत (D) से प्रदर्शित करते हैं। उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक एवं अवतल लेंस की ऋणात्मक होती है।

34. यदि किसी ऐनक के लेंस की पावर + 2 डायोप्टर हो, तो इसके फोकस की दूरी होगी- [41st B.P.S.C. (Pre) 1996]

Correct Answer: (c) 50 सेमी.
Solution:हम जानते हैं कि

[P= 1/f]

1 मीटर = 100 सेमी.

या  f = 100/ P सेमी.

f = 100/ 2 = 50 सेमी.

35. धूप के चश्में की पॉवर होती है- [U.P. P.C.S. (Pre) 1995]

Correct Answer: (a) 0 डायोप्टर
Solution:धूप के चश्मों का मुख्य उद्देश्य आंखों को अत्यधिक धूप और हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से बचाना होता है। इनमें आमतौर पर किसी भी प्रकार की दृष्टि सुधार की शक्ति नहीं होती है। इसलिए, उनकी ऑप्टिकल शक्ति 0 डायोप्टर होती है।

36. कैमरे का द्वारक और कपाट गति का निम्नलिखित में से कौन-सा संयोग अधिकतम उ‌द्भासन होने देगा? [I.A.S. (Pre) 1994]

Correct Answer: (d) f-5. 6, 1/1000
Solution:

द्वारक: f-संख्या जितनी छोटी होती है, द्वारक उतना ही बड़ा होता है, और उतना ही अधिक प्रकाश अंदर आता है। इसलिए, f-5.6 सबसे अधिक प्रकाश देगा, उसके बाद f-8, f-16, और अंत में f-22 सबसे कम प्रकाश देगा।

शटर गति: शटर गति जितनी धीमी होती है (हर जितना छोटा होता है), शटर उतनी ही देर तक खुला रहता है, और उतना ही अधिक प्रकाश सेंसर तक पहुंचता है। इसलिए, 1/60 सबसे अधिक प्रकाश देगा, उसके बाद 1/125, 1/250, और अंत में 1/1000 सबसे कम प्रकाश देगा।

कैमरे का उ‌द्मासन कैमरे के द्वारक के क्षेत्रफल तथा समय पर निर्भर करता है। अतः उद्भासन d²xt के अनुक्रमानुपाती होगा।

(आनुपातिक रूप से, f-संख्या के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती और शटर गति के व्युत्क्रमानुपाती):

f-22, 1/60:

f-16, 1/125:

f-8, 1/250:

f-5. 6, 1/1000:

उपरोक्त गणना से, विकल्प (d) f-5.6, 1/1000 अधिकतम सापेक्षिक प्रकाश मान देता है।

इसलिए, कैमरे का द्वारक f-5.6 (सबसे बड़ा द्वारक) और शटर गति 1/1000 (सबसे तेज़ शटर गति) का संयोजन अधिकतम उद्भासन देगा।

अंतिम उत्तर है

37. आंख के रेटिना की परंपरागत कैमरा के निम्नलिखित में से किस भाग से तुलना की जा सकती है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (a) फिल्म
Solution:आंख का रेटिना परंपरागत कैमरे की फिल्म की तरह कार्य करता है। रेटिना, अपने से टकराने वाली प्रकाश किरणों को विद्युतीय सिग्नलों में परिवर्तित कर देता है, जिन्हें दृश्य शिराएं मस्तिष्क तक ले जाती हैं। परंपरागत कैमरे में, फिल्म (film) प्रकाश-संवेदनशील सामग्री होती है जो छवि को रिकॉर्ड करती है। इसलिए, रेटिना की तुलना कैमरे की फिल्म से की जा सकती है।

38. मनुष्य की आंख में किसी वस्तु का प्रतिबिंब जिस भाग पर बनता है, वह है- [Uttarakhand Lower Sub. (Pre) 2010, M.P.P.C.S. (Pre) Exam. 2017, M.P.P.C.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (d) दृष्टिपटल
Solution:दृष्टिपटल (retina) ही वह पर्दा है जिस पर वस्तु का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनता है। मस्तिष्क बाद में इस उल्टे प्रतिबिंब को सीधा करके हमें सीधी छवि दिखाता है। दृष्टिपटल में प्रकाश-संवेदनशील कोशिकाएं (छड़ें और शंकु) होती हैं जो प्रकाश को विद्युत आवेगों में बदलती हैं।

39. मनुष्य की आंखें किसी वस्तु पर प्रतिबिंब बनाती हैं- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (d) रेटिना पर
Solution:मनुष्य के नेत्र की कार्य-प्रणाली फोटोग्राफिक कैमरे से मिलती-जुलती है। जिस वस्तु को हम देखते हैं, उससे चलने वाली किरणें कॉर्निया और नेत्रोद द्रव से होकर पुतली के रास्ते से लेंस पर पड़ती हैं। दृष्टिपटल (Retina) इसे फोकस कर देता है, जहां पर वस्तु का छोटा तथा उल्टा प्रतिबिंब बन जाता है।

40. दूर दृष्टि दोष में प्रतिबिंब निम्नलिखित पर बनता है- [R.O./A.R.O. (Mains) Exam. 2017]

Correct Answer: (c) रेटिना के पीछे
Solution:दूर दृष्टि दोष से पीड़ित कोई व्यक्ति दूर की वस्तुओं को तो स्पष्ट देख सकता है, परंतु निकट रखी वस्तुओं को सुस्पष्ट नहीं देख पाता। ऐसे दोष युक्त व्यक्ति का निकट बिंदु, सामान्य निकट बिंदु (25 सेमी.) से दूर हट जाता है। इस दृष्टि दोष में पास रखी वस्तु से आने वाली प्रकाश किरणें दृष्टिपटल (रेटिना) के पीछे फोकसित होती हैं। इस दोष को ठीक करने के लिए उत्तल लेंस (convex lens) का उपयोग किया जाता है।