प्रकाश (भौतिक विज्ञान)Total Questions: 1611. VIBGYOR के किस रंग के प्रकाश की ऊर्जा न्यूनतम होती है? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (I-पाली)](a) पीला(b) हरा(c) बैंगनी(d) लालCorrect Answer: (d) लालSolution:VIBGYOR के लाल रंग के प्रकाश की ऊर्जा न्यूनतम होती है।प्रकाश की ऊर्जा प्रकाश के तरंगदैर्ध्य के व्युत्क्रमानुपाती होती है।VIBGYOR क्या हैViolet (बैंगनी), Indigo (नील), Blue (नीला), Green (हरा), Yellow (पीला), Orange (नारंगी), Red (लाल)।प्रिज्म से सफेद प्रकाश गुजरने पर ये रंग उनकी बढ़ती तरंगदैर्ध्य के क्रम में अलग हो जाते हैं।लाल रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक (लगभग 620-750 nm) होती हैजबकि बैंगनी की सबसे कम (380-450 nm)।प्रकाश की ऊर्जा का सूत्रप्रकाश क्वांटम के रूप में फोटॉन के रूप में यात्रा करता हैप्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा EE निम्न सूत्र से दी जाती है:E=hνE=hνजहां hh प्लांक स्थिरांक (6.626×10−346.626×10−34 J s) है νν आवृत्ति है।आवृत्ति νν तरंगदैर्ध्य λλ के व्युत्क्रमानुपाती होती है (ν=cλν=λc, जहां cc प्रकाश की चाल है)।इसलिए, ऊर्जा E∝1λE∝λ1 यानी तरंगदैर्ध्य बढ़ने पर ऊर्जा घटती जाती है।रंगों की तुलनाVIBGYOR में लाल रंग की सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य के कारण इसकी आवृत्ति सबसे कम होती हैअतः ऊर्जा न्यूनतम। बैंगनी में विपरीत स्थिति है।नीचे तालिका में तरंगदैर्ध्य, आवृत्ति और ऊर्जा का अनुमानित क्रम दर्शाया गया है (स्रोतों से संकलित डेटा)व्यावहारिक उदाहरणसूर्योदय या सूर्यास्त में लाल रंग प्रमुख दिखता हैक्योंकि छोटी तरंगदैर्ध्य वाले रंग (जैसे बैंगनी) वायुमंडल में अधिक प्रकीर्णित हो जाते हैं।लेजर में भी लाल लेजर की फोटॉन ऊर्जा कम होती हैजिससे यह सुरक्षित माना जाता है।ऊर्जा अंतर को समझने के लिए: लाल प्रकाश (~700 nm) की फोटॉन ऊर्जा लगभग 1.771.77 eV हैजबकि बैंगनी (~400 nm) की 3.103.10 eV।संबंधित तथ्यलाल प्रकाश का अपवर्तनांक सबसे कम होता हैइसलिए प्रिज्म में यह सबसे कम विक्षेपित होता है।उच्च ऊर्जा वाले रंग (बैंगनी) पराबैंगनी किरणों के निकट होने से अधिक सक्रिय (जैसे फोटोसिंथेसिस में) होते हैं।यह भौतिकी का मूल सिद्धांत है जो क्वांटम यांत्रिकी पर आधारित है।12. 1903 में, अमेरिकी वैज्ञानिकों निकोल्स और हुल ने दृश्य प्रकाश का विकिरण दाब मापकर किस समीकरण की पुष्टि की थी? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (VI-पाली)](a) P = L / M(b) P = F / M(c) P = U / C(d) Pr = C / NCorrect Answer: (c) P = U / CSolution:1903 में, अमेरिकी वैज्ञानिकों निकोल्स और हुल ने दृश्य प्रकाश का विकिरण दाब मापकर P= U/C समीकरण की व्याख्या की थी।विद्युत चुंबकीय तरंगें संवेग वहन करती हैं।अतः वे एक वैद्युत चुंबकीय दबाव डालती हैंजिसे विकिरण दाब के रूप में परिभाषित किया जाता है।यदि समय में किसी सतह पर स्थानांतरित कुल ऊर्जा U हो, तो यह दर्शाया जा सकता है।कि इस सतह को प्रदान किया गया कुल संवेग P= U/C होगा।विकिरण दाब क्या हैविकिरण दाब वह यांत्रिक दबाव है जो विद्युतचुंबकीय तरंगें (जैसे प्रकाश) किसी सतह पर डालती हैं।प्रकाश फोटॉन के रूप में संवेग (momentum) ले जाता हैजब ये फोटॉन किसी सतह से टकराते या परावर्तित होते हैंतो संवेग हस्तांतरण के कारण दबाव उत्पन्न होता है।निकोल्स और हल ने 1903 में प्रयोग द्वारा दृश्य प्रकाश (visible light) के इस दाब को सटीक रूप से मापाजो सैद्धांतिक भविष्यवाणी से मेल खाता था।समीकरण का विवरणसमीकरण P = U/C में:P: विकिरण दाब (रेडिएशन प्रेशर), इकाई N/m²।U: विकिरण ऊर्जा घनत्व (energy density), इकाई J/m³।C: निर्वात में प्रकाश की गति (3×1083×108 m/s)।पूर्ण अवशोषण (perfect absorption) के लिए यह रूप सरल है।यदि सतह पर पूर्ण परावर्तन हो, तो P = 2U/C होता है।मैक्सवेल ने अपने प्रतिबल टेंसर (stress tensor) से यह व्युत्पन्न किया थाजो दर्शाता है कि विद्युतचुंबकीय क्षेत्र ऊर्जा के साथ संवेग भी रखते हैं।प्रयोग में उन्होंने उच्च तीव्रता वाले प्रकाश स्रोतों का उपयोग कर दाब को 7×10−67×10−6 N/m² की कोटि में मापा।प्रयोग की पृष्ठभूमिउन्नीसवीं शताब्दी के अंत तक विकिरण दाब सैद्धांतिक थालेकिन मापन कठिन था क्योंकि दाब बहुत सूक्ष्म होता है।निकोल्स और हल ने संवेदनशील टॉर्शन बैलेंस (torsion balance) का उपयोग कियाजहां प्रकाश एक दर्पण या अवशोषक सतह पर डाला गया।उन्होंने विभिन्न रंगों (तरंगदैर्ध्यों) के प्रकाश का परीक्षण किया दाब ऊर्जा घनत्व के समानुपाती है।यह मैक्सवेल के समीकरणों की पहली प्रयोगात्मक पुष्टि थी, जो क्वांटम युग से पहले महत्वपूर्ण थीवैज्ञानिक प्रभावयह खोज खगोल भौतिकी में सौर पाल (solar sails) के सिद्धांत को आधार प्रदान करती हैजहां सूर्य प्रकाश का दाब अंतरिक्ष यान को गति दे सकता है।आधुनिक उपयोग: लेजर कूलिंग, ऑप्टिकल ट्रैपिंग।निकोल्स-हल प्रयोग ने कण भौतिकी और रिलेटिविटी की नींव मजबूत कीक्योंकि यह प्रकाश के कण-तरंग द्वैत का प्रारंभिक प्रमाण था।13. प्रकाशिकी में, कौन-सा शब्द लेंस के डायाफ्राम के खुलने को संदर्भित करता है, जो स्थानिक रूप से प्रकाश के प्रसार को सीमित करता है? [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (I-पाली)](a) अप्सोटिल्ब(b) संधानक(c) मेनिस्कस(d) द्वारकCorrect Answer: (d) द्वारकSolution:प्रकाशिकी में द्वारक (Aperture) शब्द लेंस के डायाफ्राम के खुलने को संदर्भित करता हैजो स्थानिक रूप से प्रकाश के प्रसार को सीमित करता है।गोलीय दर्पण के ध्रुव (Pole) तथा मुख्य फोकस (Focal Point) के बीच की दूरी (Focal length) फोकस दूरी कहलाती है।गोलीय पृष्ठ की इस वृत्ताकार सीमा रेखा का व्यास दर्पण का द्वारक (Aperture) कहलाता है।एपर्चर की परिभाषायह डायाफ्राम या अपर्चर स्टॉप के रूप में कार्य करता हैजो लेंस के सामने या उसके अंदर लगा होता हैप्रकाश की बीम को नियंत्रित करता है। इससे छवि निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभती हैक्योंकि यह प्रकाश की मात्रा और कोण को निर्धारित करता है।कार्यप्रणालीएपर्चर का आकार जितना बड़ा होता है, उतना ही अधिक प्रकाश लेंस में प्रवेश करता हैजिससे छवि उज्ज्वल होती है लेकिन गहराई कम (shallow depth of field) रहती है।छोटा एपर्चर कम प्रकाश आने देता है, जिससे अधिक गहराई प्राप्त होती हैपरंतु छवि मंद पड़ सकती है। फोटोग्राफी में इसे f-नंबर (जैसे f/2.8 या f/16) से मापा जाता हैजो फोकल लेंथ और एपर्चर व्यास का अनुपात है।दूरबीन, माइक्रोस्कोप जैसे यंत्रों में भी एपर्चर रेजोल्यूशन और विग्नेटिंग को प्रभावित करता है।महत्वपूर्ण प्रभावप्रकाश नियंत्रण: स्थानिक सीमा से साइडलाइट्स रोके जाते हैं, जो छवि की क्वालिटी सुधारते हैं।गहराई नियंत्रण: बड़ा एपर्चर बैकग्राउंड ब्लर (bokeh) पैदा करता है, जबकि छोटा सब कुछ शार्प रखता है।r/1 में उपयोग: कैमरों में iris डायाफ्राम एपर्चर को समायोजित करता है।ऑप्टिकल सिस्टम में यह numerical aperture (NA) से जुड़ा होता है।14. किसी स्क्रीन पर बनी छवि को ....... छवि कहा जाता है, जबकि एक समतल दर्पण द्वारा बनाई गई छवि को एक ....... छवि कहा जाता है। [MTS (T-I) 26 अक्टूबर, 2021 (II-पाली)](a) आभासी; वास्तविक(b) सदिश; बहुस्तरीय(c) वास्तविक; आभासी(d) परवलयिक; चिरस्थायीCorrect Answer: (c) वास्तविक; आभासीSolution:किसी लेंस या दर्पण द्वारा किसी वस्तु की छवि (image) यदि स्क्रीन पर बन जाती हैतो इसे वास्तविक छवि (real image) कहते हैंजबकि समतल दर्पण से बनी छवि को स्क्रीन पर प्राप्त नहीं किया जा सकताइसलिए ऐसी छवि आभासी छवि (Virtual image) कहलाती है।वास्तविक छवि की परिभाषा और गुणवास्तविक छवि तब बनती है जब प्रकाश की किरणें वास्तव में एक बिंदु पर अभिसरण करती हैंस्क्रीन या पटल पर प्रक्षेपित की जा सकती हैं।यह आमतौर पर अवतल दर्पण या उत्तल लेंस द्वारा बनाई जाती हैजब वस्तु फोकस से परे रखी जाती है।ऐसी छवि उलटी (inverted) होती है और स्पर्श करने योग्य होती है।उदाहरणस्वरूप, सिनेमाघर की प्रोजेक्टर स्क्रीन पर फिल्म की तस्वीर वास्तविक छवि है।आभासी छवि की परिभाषा और गुणआभासी छवि तब बनती हैजब प्रकाश की किरणें वास्तव में नहीं मिलतीं, बल्कि परावर्तन या अपवर्तन के बाद पीछे की ओर विस्तारित प्रतीत होती हैं।समतल दर्पण हमेशा आभासी, सीधी (erect) और वस्तु के समान आकार की छवि बनाते हैं।इसे स्क्रीन पर नहीं प्राप्त किया जा सकता, क्योंकि किरणें दर्पण के पीछे से आती हुई दिखाई देती हैं।शेविंग मिरर या साधारण दर्पण में दिखने वाली अपनी तस्वीर इसका उदाहरण है।व्यावहारिक अनुप्रयोगवास्तविक छवियां कैमरों, दूरबीनों और माइक्रोस्कोप में उपयोगी होती हैंजहां छवि को फिल्म या सेंसर पर कैद करना आवश्यक होता है।आभासी छवियां दैनिक जीवन में दर्पणों, चश्मों और आवर्धक कांच में दिखाई देती हैंजो सीधी दृष्टि प्रदान करती हैं। किरण आरेखों से इनका निर्माण स्पष्ट होता हैजहां वास्तविक छवि में किरणें आगे मिलती हैं, जबकि आभासी में पीछे।15. लेंस के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही हैं? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (IV-पाली)]I. उत्तल लेंस की क्षमता को धनात्मक संख्या के रूप में दर्शाया जाता है।II. अवतल लेंस की क्षमता को ऋणात्मक संख्या के रूप में दर्शाया जाता है।(a) न तो I और न ही II(b) केवल I(c) I और II दोनों(d) केवल IICorrect Answer: (c) I और II दोनोंSolution:लेंस द्वारा आपतित किरण का विचलन या विस्थापित लेंस की क्षमता द्वारा परिभाषित किया जाता है।किसी लेंस की क्षमता को लेंस की फोकस दूरी के व्युत्क्रम के रूप में परिभाषित किया जाता है।लेंस की क्षमता का मात्रक डायोप्टर है।लेंस की क्षमता को P से प्रदर्शित किया जाता है।लेंस की परिभाषा और प्रकारउत्तल लेंस (अभिसारी, मध्य भाग मोटा) और अवतल लेंस (अपसारी, मध्य भाग पतला) ।उत्तल लेंस समानांतर किरणों को एक बिंदु पर अभिसृत करता हैजबकि अवतल लेंस उन्हें अपसारित करता है ।प्रमुख कथनों की जाँचयह कथन सही है। चिह्न परिपाटी के अनुसार, उत्तल लेंस के लिए फोकस दूरी (f) धनात्मक ली जाती हैक्योंकि यह अभिसारी होता है । अवतल लेंस की f ऋणात्मक होती है।उदाहरणस्वरूप, लेंस सूत्र 1f=1v−1uf1=v1−u1 में यह नियम लागू होता है।कथन II: लेंस का प्रकाश केंद्र वह बिंदु है जहाँ से गुजरने वाली किरण अविचलित रहती हैसही। पतले लेंस का प्रकाशिक केंद्र मुख्य अक्ष पर स्थित बिंदु हैजहाँ से प्रकाश किरण बिना विचलन के निकल जाती है।यह लेंस के मध्य सिल्ली भाग के समान कार्य करता है।कथन III: जब बिंब लेंस के फोकस पर रखा जाता है, तो प्रतिबिंब अनंत पर बनता है (उत्तल लेंस के लिए)सही। उत्तल लेंस में यदि बिंब प्रथम फोकस (F) पर होतो किरणें समानांतर होकर प्रतिबिंब अनंत दूरी पर बनाती हैं(v = ∞) । लेंस सूत्र से 1f=1∞−1(−f)f1=∞1−(−f)1 सत्यापित होता है।लेंस सूत्र और शक्तिशालीतालेंस सूत्र 1f=1v−1uf1=v1−u1 सभी गोलीय लेंसों पर लागू होता हैजहाँ u बिंब दूरी (ऋणात्मक), v प्रतिबिंब दूरी है।लेंस की शक्तिशालीता P=1fP=f1 (मीटर में f) डायोप्टर में मापी जाती हैअधिक P का अर्थ मजबूत लेंस । कम f वाला उत्तल लेंस अधिक अभिसरण करता है।16. एक पेरिस्कोप उपयोग करता है- [JE मैकेनिकल परीक्षा 27 अक्टूबर, 2020 (I-पाली)](a) तीन गोलाकार दर्पण(b) दो गोलाकार दर्पण(c) तीन समतल दर्पण(d) दो समतल दर्पणCorrect Answer: (d) दो समतल दर्पणSolution:पेरिस्कोप दो समतल दर्पणों से बनता है। यह एक प्रकाशिक यंत्र हैजिसके द्वारा प्रेक्षक अपने चारों ओर से वातावरण को देख सकता है।पेरिस्कोप परावर्तन के नियमों के आधार पर कार्य करता है।पेरिस्कोप का उपयोग पनडुब्बी, युद्धपोत, क्रूजर एवं तोपखाने आदि में किया जाता है।पेरिस्कोप की संरचनाआधुनिक पेरिस्कोप में लेंस भी जोड़े जाते हैं ताकि प्रतिबिंब स्पष्ट और बड़ा दिखे।ट्यूब को अपारदर्शी बनाया जाता है ताकि बाहरी प्रकाश प्रवेश न करे।कार्य सिद्धांतप्रकाश किरणें वस्तु से निकलकर प्रथम (ऊपरी) दर्पण पर 45° कोण से आपतित होती हैंपरावर्तन के नियम से 90° मोड़कर नली के अंदर नीचे की ओर जाती हैंदूसरा (निचला) दर्पण इन्हें पुनः 90° मोड़कर प्रेक्षक की आँखों तक पहुँचाता है।कुल दो परावर्तनों से प्रतिबिंब सीधा और समान आकार का बनता है। समीकरण: आपतन कोण = परावर्तन कोण।उपयोग और अनुप्रयोगसैन्य क्षेत्र: पनडुब्बियों में जल सतह के ऊपर का दृश्य देखने के लिए, बंकरों या खाइयों से शत्रु निगरानी ।नौसेना: युद्धपोतों और क्रूज़रों में लक्ष्य निर्धारण।दैनिक जीवन: भीड़ में ऊँचा देखना, जादुई खिलौनों या प्रदर्शन यंत्रों में ।चिकित्सा/फोटोग्राफी: अंतःदर्शी उपकरणों या जासूसी कैमरों में ।सरल पेरिस्कोप निर्माणदो प्लास्टिक दर्पण या आईना, लंबा प्लास्टिक ट्यूब (30-50 सेमी), टेप लें। ऊपर-नीचे 45° पर दर्पण चिपकाएँ।तैयार! यह स्कूल प्रोजेक्ट के लिए उपयोगी हैसीमाएँ: लंबाई बढ़ने पर प्रतिबिंब धुंधला, उच्च गुणवत्ता के लिए प्रिज्म या लेपित दर्पण चाहिए।Submit Quiz« Previous12