प्रजाति/जनजातियां (भारत का भूगोल)

Total Questions: 4

1. निम्नलिखित में से कौन दक्षिण भारत की एक प्रमुख जनजाति नहीं है? [MTS (T-I) 16 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) डांग
Solution:
  • डांग जनजाति दक्षिण भारत की प्रमुख जनजाति नहीं है। यह जनजाति मुख्यतः गुजरात के डांग जिले की एक जनजाति है
  • जो पश्चिमी भारत में स्थित है। टोडा, बडागा और इरुला सभी दक्षिण भारत की प्रमुख जनजातियां हैं
  •  दक्षिण भारत की प्रमुख जनजातियाँ आम तौर पर टोडा (तमिलनाडु/नीलगिरि), बडगा/कुदुम्बा (केरल/आंध्र प्रदेश/तमिलनाडु), नीला गिरी (नीलगिरि पहाड़ियों), कोया, कुष्ठी, चेंचू आदि को शामिल किया जाता है।
  • इस प्रकार डांग दक्षिण भारत की प्रमुख जनजाति नहीं मानी जाती है और यह गुजरात क्षेत्र से सम्बद्ध है।
  • विषय-वस्तु: दक्षिण भारत की प्रमुख जनजातियाँ
    • परिभाषा: प्रमुख जनजाति वह समुदाय है जिसे भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) के रूप में मान्यता दी गई है
    • जिसका जनसंख्या/वास्तविक क्षेत्र प्रमुख भूभाग में है.​
  • प्रमुख उदाहरण:
    • टोडा: नीलगिरि पहाड़ियों ( तमिलनाडु, केरल के कुछ हिस्से में भी सीमित आबादी).​
    • बेगदा/कुडुम्बा: दक्षिण भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में रहते हैं, खासकर नीलगिरि और आसपास के क्षेत्र.​
    • चेंचू, यंदई, कुरुम्बा, गोदि आदि: आंध्र प्रदेश/तेलंगाना/केरला-तमिलनाडु सीमाओं के भीतर मिलते हैं.​
    • नीला गिरी: तमिलनाडु और कर्नाटक के पहाड़ियों में व्यापक रूप से हैं.​
  • नोट्स और भ्रम दूर करने के लिए:
    • डांग जनजाति गुजरात के डांग जिले की प्रमुख जनजाति है
    • दक्षिण भारत की यह स्पष्ट रूप से पश्चिम भारत क्षेत्र से सम्बन्धित है, दक्षिण भारत से नहीं.​
    • यदि किसी प्रश्न में विकल्प दिए जाएँ, तो डांग को उत्तर के रूप में नहीं चुना जाना चाहिए क्योंकि वह दक्षिण भारत की प्रमुख जनजाति नहीं है.​
  • क्यों यह सवाल अक्सर भ्रमित होता है:
    • बहुधा पाठ्य सामग्री में “दक्षिण भारत की प्रमुख जनजातियाँ” को सूचीबद्ध करते समय कुछ स्रोत गलत स्थान-स्थापना कर देते हैं
    • क्षेत्रीय सीमाओं के कारण भ्रम पैदा करते हैं.​
    • दक्षिण भारत की जनजातियाँ प्रमुख रूप से नीलगिरि और ऊँचे पहाड़ी क्षेत्र के आसपास केंद्रित हैं
    • जबकि गुजरात/हिमालय-दक्षिण-पूर्व क्षेत्रों की जनजातियाँ अलग-थलग हो सकती हैं.​
  • संक्षिप्त निष्कर्ष:
    • दक्षिण भारत की प्रमुख जनजाति में डांग नहीं है
    • डांग गुजरात की डांग जिले की जनजाति है.​
    • दक्षिण भारत की प्रमुख जनजातियाँ में टोडा, कुडुम्बा, चेंचू, यंदई, कोया, बगदा/गदाबा आदि प्रमुख हैं.​

2. पैंथेरा टाइग्रिस (Panthera Tigris) प्रजाति के लिए विश्व में एकमात्र मैंग्रोव आवास कौन-सा है? [Phase-XI 27 जून, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) सुंदरवन
Solution:
  • पैंथेरा टाइग्रिस (Panthera Tigris) प्रजाति के लिए विश्व में एकमात्र मैंग्रोव आवास सुंदरवन है।
  • सुंदरवन (मैंग्रोव वन) दुनिया में सबसे बड़े वनों में से एक है
  • जो बंगाल की खाड़ी में गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदियों के डेल्टा पर स्थित है
  • आवास का प्रकार और महत्त्व
    • सुंदरबन मैंग्रोव डेल्टा विश्व का सबसे बड़ा mangrove ecosystem है
    • जिसमें घने मैंग्रोव पेड़, जलमार्ग और तटरेखा वाले क्षेत्र शामिल हैं
    • यह बाघ के लिए विशिष्ट प्रजातीय व्यवहारों के लिए उपयुक्त है
    • जैसे नमकीन-मीठे जलजीवन का मिश्रण, झीलें और नदी-डेल्टा के जटिल जलमार्गों में उच्च गतिशीलता. इस पारिस्थितिकी तंत्र के कारण बाघ का एक सक्रिय आहार-श्रेणी और गतिशील घटी हुई दूरी के साथ stalking-ambush व्यवहार संभव होता है
    • सुंदरबन बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है और विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है.​
  • भौगोलिक विस्तार और वितरण
    • यह डेल्टा उत्तर-पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के चाप क्षेत्र में फैला हुआ है
    • जहां ब्रह्मपुत्र, गंगा और मेघना जैसी नदियाँ मिलकर एक विशाल मीठे-खारे जल मिश्रण बनाती हैं
    • इस क्षेत्र में बाघ, मगर, भालू, हिरण और अन्य वन्यजीवन की विविधता पाई जाती है
    • जो मैंग्रोव संरचना के भीतर सुरक्षित refuge प्रदान करती है.​
  • संरक्षण महत्त्व
    • सुंदरबन का मैंग्रोव तटीय कटाव, तूफानों से संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में एक प्राकृतिक अवरोधक का काम करता है
    • बाघ संरक्षण के लिए परियोजनाएं और क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण संधियाँ सक्रिय रूप से लागू की जा रही हैं
    • इस असाधारण पारिस्थितिकी तंत्र में उत्पन्न खतरों को रोका जा सके.​
  • अद्यतन संदर्भ और मान्य तथ्य
    • बाघ का सुंदरबन में प्रमुख और ऐतिहासिक आवास रहा है
    • यह क्षेत्र एक प्रमुख बाघ आबादी का घर रहा है और संरक्षण प्रयासों के केंद्र में रहता है
    • हालांकि जलवायु परिवर्तन, तटीय दिग्दर्शनों और मानवीय दबाव के कारण आवासीय दबाव बढ़ रहा है.​
  • क्यों यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है
    • मैंग्रोव आवास एक असाधारण जैवविविधता के लिए मिट्टी बनाते हैं और बाघ को शिकार के लिए जटिल जलमार्गों का लाभ उठाने की अनुमति देते हैं
    • सुंदरबन का अध्ययन बाघ-मैंग्रोव संरक्षण के लिए एक मॉडल के रूप में प्रतिष्ठित है
    • क्योंकि यह आर्द्र-मैंग्रोव पारिस्थितिकी और बड़े स्तनधारी के साथ-संबंधित गतिविधियों का एकीकृत उदाहरण देता है.​

3. मेघालय का नोंगक्रेम (Nongkrem) त्योहार निम्नलिखित में से किस जनजाति द्वारा मनाया जाता है? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) खासी जनजाति
Solution:
  • मेघालय का नोंगक्रेम (नोंग्क्रेम) त्योहार खासी जनजाति द्वारा मनाया जाने वाला एक लोकप्रिय फंसल उत्सव है।
  • त्योहार के दौरान, पारंपरिक नृत्य किए जाते हैं
  • देवता को प्रसन्न करने के लिए बलि दी जाती है।
  • यह त्योहार खासी लोगों के लिए अपनी संस्कृति प्रदर्शित करने का भी एक अवसर है।
  • जनजाति: खासी जनजाति
    • स्थान: मुख्य रूप से मेघालय के Khasi Hills क्षेत्र, खासकर स्मिट (Smit) क्षेत्र में
    • अवधि: आम तौर पर अक्टूबर या नवंबर के महीने में आयोजित; पाँच दिन का आयोजन होता है
  • प्रमुख विधियाँ:
    • गाँव के प्रमुख शाही परिवार (Syiem) के भीतर Pemblang (त्योहारी/पूर्व-आचरण) rituals
    • बलि-प्रथा के रूप में बकरी/या अन्य जानवर की बलि, ताकि देवी और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त हो
    • नृत्य-गीतों के साथ पारंपरिक खासी पोशाक पहनकर Suk Mynsiem शैली के אפשרन भी दिखते हैं
    • युवक-युवतियाँ परंपरागत परिधानों में नृत्य करते हैं
  • उद्देश्य:
    • फसल की अच्छी पैदावार, समुदाय की समृद्धि, शांतिपूर्ण जीवन और देवी Ka Blei Synshar की कृपा के लिए आभार व्यक्त करना

4. निम्नलिखित में से कौन-सी जनजाति भारतीय-यूरोपीय भाषा परिवार से संबंधित है? [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) भील
Solution:
  • भील जनजाति भारतीय-यूरोपीय भाषा परिवार से संबंधित है।
  • भील भारत के सबसे बड़े आदिवासी समूहों में से एक है
  • जो मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान राज्यों में रहते हैं।
  • क्या है भारतीय-यूरोपीय भाषा परिवार
    • परिभाषा: भारतीय-यूरोपीय भाषा परिवार (Indo-European) एक विशाल भाषा परिवार है
    • जिसका मूल स्रोत Proto-Indo-European माना जाता है।
    • इसके आबद्ध शाखाओं में भारतीय आर्य (Indo-Aryan), ईरानी (Iranian), यूनानी (Greek), लैटिन-रोमन (Italic), जर्मनिक (Germanic), स्लाविक (Slavic) आदि कई उपशाखाएं शामिल हैं ।​
    • ऐतिहासिक संदर्भ: यह परिवार लगभग 4000–3000 ईपू के आसपास बोली गई Proto-Indo-European тіл की वंशावली है
    • आधुनिक भाषाओं का निर्माण इसी परिवार के विभिन्न शाखाओं से हुआ है ।​
    • वितरण: इस परिवार की कुछ प्रमुख शाखाएँ भारत उपमहाद्वीप में Indo-Aryan भाषाओं के रूप में फैली हैं
    • (जैसे हिंदी, बंगाली, मराठी आदि), जबकि यूरोप में गर्भित शाखाओं के रूप में अंग्रेज़ी, जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, हिंदी-उच्चार वाले भाषाओं सहित बहुत-सी भाषाएँ आती हैं ।​​
  • इस प्रश्न के लिए स्पष्ट उत्तर
    • कौन-सी जनजाति भारतीय-यूरोपीय भाषा परिवार से संबंधित है? इस सवाल में “जनजाति” से तात्पर्य संभवतः भारत की किसी विशेष जनजाति से होगा।
    • भारतीय-यूरोपीय भाषा परिवार से संबंधित भाषाएँ क्या भारतीय जनजातियों के भीतर बोली जाती हैं
    • यह स्थिति पर निर्भर है; पर सामान्यतः भारत की बहुसंख्यक जनजातियाँ (जैसे संथाल, मुण्डा, खासी, गढ़वाली आदि) अपनी स्वयं की भाषा-परिवार में हैं
    • खासकर खासी भाषा, नागा-टाइप भाषाओं आदि अलग-अलग परिवारों से संबद्ध हो सकती हैं
    • (जैसे Sino-Tibetan, Austroasiatic आदि) और Indo-European परिवार से सीधे जुड़ी नहीं हैं।
    • इस प्रकार, यदि विकल्प Indo-European परिवार से संबंधित है
    • तो वह सामान्यतः भारत की किसी Indo-European भाषाओं के परिवार से जुड़ी जनजाति हो सकती है
    • (जैसे पंजाबी-हिंदी-उर्दू जैसी भाषा बोलने वाले समुदाय)।
  • विशेष नोट
    • खासी जनजाति और मुण्डा/ संथाल आदि जनजातियाँ अपने-अपने भाषागत परिवारों से जुड़ी हैं
    • इनमें Indo-European से सीधे जुड़ी भाषाएँ दुर्लभ हैं और अधिकतर वे अलग-अलग परिवारों से हैं
    • जैसे Khasi (Austroasiatic) खुद से अलग भाषा परिवार में है, Indo-European नहीं ।
    • Indo-European परिवार का भारत में प्रभाव मुख्यतः आर्य भाषाओं के माध्यम से है
    • (Hindi, Bengali, Marathi आदि Indo-Aryan शाखा में आते हैं)
    • जबकि कुछ नेपाल/पाकिस्तान/ईरान आदि क्षेत्रों में भी Indo-European भाषाओं की विविधताएँ मिलती हैं ।​
  • यदि आप चाहें, प्रश्न को और साफ़ कर दें (क्योंकि वास्तविक विकल्प उपलब्ध नहीं हैं) — जैसे:
    • क्या आप किसी विशेष चयनित जनजाति के बारे में पूछ रहे हैं?
    • क्या आप Indo-European परिवार से जुड़ी भाषाओं के लिए जनजातियों के उदाहरण चाहते हैं
    • (उदा., हिंदी-उर्दू-उन्नत भाषाएँ बोलने वाले समुदाय) या किसी अन्य परिवार से जुड़ी भाषाओं के उदाहरण?
  • उद्धरण/साक्ष्य
    • Indo-European भाषा परिवार का संरचनात्मक विवरण और शाखा-वार विभाजन.​
    • भारत-यूरोपीय भाषा वर्गीकरण पर सामग्री संदर्भ.​​