प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-II)

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1. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई योजना का नाम क्या है? [MTS (T-I) 06 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) नंद बाबा दुग्ध मिशन
Solution:
  • दुग्ध विकास एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये की लागत से नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना शुरू की।
  • यह दुग्ध उत्पादकों को डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से गांवों में उचित मूल्य पर दुग्ध बेचने की सुविधा प्रदान करने के लिए लागू की गई।
  • नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना
    • उत्तर प्रदेश सरकार ने दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन नामक प्रमुख योजना शुरू की है।
    • यह योजना पशुपालकों की आय बढ़ाने, दूध उत्पादकता में सुधार करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर केंद्रित है।
  • उद्देश्य
    • योजना का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी दुग्ध उत्पादक राज्य बनाए रखना है
    • जहां प्रति पशु दूध उत्पादन बढ़े। इसमें गांव स्तर पर दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर पशुपालकों को उनके दूध का उचित मूल्य सुनिश्चित करना शामिल है।
    • प्रिसिजन डेयरी फार्मिंग को प्रोत्साहन देकर नस्ल सुधार और कौशल विकास पर जोर दिया जाता है।
  • बजट और दायरा
    • इस मिशन के लिए ₹1000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।
    • यह पूरे प्रदेश में लागू है, जिसमें हर गांव में दूध संग्रह केंद्र स्थापित किए जाते हैं।
    • उत्तर प्रदेश में कुल 33 मिलियन मीट्रिक टन दूध उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का बड़ा हिस्सा है।
  • प्रमुख लाभ
    • पशुपालकों को देशी नस्लों (जैसे साहीवाल, गिर, थारपारकर) की गायें खरीदने पर 50% तक अनुदान मिलता है।​
    • स्वदेशी गायों के लिए प्रोत्साहन राशि और गोपालन डेटाबेस का निर्माण।​
    • सस्ता और पौष्टिक चारा उपलब्ध कराने के लिए NDDB के साथ साझेदारी, खासकर अंबेडकर नगर जैसे जिलों में।​
    • दूध प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा, जिससे दूध के दाम स्थिर रहें और आय बढ़े।
  • संबंधित उप-योजनाएं
    • नंद बाबा मिशन के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना चल रही है
    • जो छोटे पशुपालकों को गोवंश इकाई स्थापित करने के लिए 50% अनुदान देती है।
    • इससे दूध उत्पादन क्षमता बढ़ती है। अन्य योजनाएं जैसे कामधेनु डेयरी योजना ब्याज प्रतिपूर्ति प्रदान करती हैं।
  • कार्यान्वयन और प्रभाव
    • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 27 जिलों में अभियान चलाया जा रहा है
    • जिसमें बुंदेलखंड क्षेत्र में गो-आधारित खेती को बढ़ावा मिला।
    • पशुपालकों को कम खर्च में बेहतर चारा मिलने से पशु स्वास्थ्य सुधरा और दूध उत्पादन बढ़ा।
    • आधिकारिक वेबसाइट nandbabadugdhmission.up.gov.in पर आवेदन और जानकारी उपलब्ध है।

2. भारत सरकार की दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) योजना के अंतर्गत जनसंख्या का कौन-सा आयु वर्ग शामिल है? [MTS (T-I) 01 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 15 से 35 वर्ष
Solution:
  • भारत सरकार की दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) का उद्देश्य 'ग्रामीण गरीब युवाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और विश्व स्तर पर प्रासंगिक कार्यबल में बदलना' है।
  • इस योजना के तहत 15-35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को लक्षित किया गया है।
  • यह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM जो अब DAY-NRLM हो गया है) का एक हिस्सा है
  • जिसे ग्रामीण गरीब परिवारों की आय में विविधता लाने तथा ग्रामीण युवाओं के कॅरियर संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने के दोहरे उद्देश्यों के साथ प्रारंभ किया गया है।
  • योजना का अवलोकन
    • DDU-GKY ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) का हिस्सा है
    • जो 25 सितंबर 2014 को शुरू हुई। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है
    • विशेषकर BPL परिवारों, NREGA कार्ड धारकों और वंचित वर्गों को।
    • योजना प्लेसमेंट-आधारित प्रशिक्षण पर जोर देती है, जिसमें 75% प्लेसमेंट गारंटी का लक्ष्य है।
  • आयु पात्रता का विवरण
    • सामान्य श्रेणी: 15 से 35 वर्ष के ग्रामीण युवा। यह आयु वर्ग इसलिए चुना गया क्योंकि यह कार्यबल में प्रवेश के लिए आदर्श माना जाता है।
    • विशेष छूट: SC/ST, महिलाएं, विकलांग (PWD), ट्रांसजेंडर और अल्पसंख्यक समूहों के लिए ऊपरी सीमा 45 वर्ष तक।
    • उदाहरणस्वरूप, SC/ST के लिए 50% फंड आरक्षित है।
    • न्यूनतम आयु: सभी के लिए 15 वर्ष, लेकिन प्रशिक्षण स्कूल ड्रॉपआउट या कम पढ़े-लिखे युवाओं के अनुकूल होता है।​
  • अन्य पात्रता मानदंड
    • ग्रामीण क्षेत्रों से होना अनिवार्य।
    • BPL सूची, NREGA जॉब कार्ड, या राशन कार्ड जैसे प्रमाण।
    • न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: 5वीं पास (कुछ ट्रेड्स के लिए), लेकिन कौशल-आधारित ट्रेनिंग पर फोकस।
    • महिलाओं और विशेष समूहों को प्राथमिकता, जैसे 15% फंड अल्पसंख्यकों के लिए।​
  • लाभ और सुविधाएं
    • योजना मुफ्त प्रशिक्षण, बोर्डिंग, भोजन, स्टाइपेंड और प्लेसमेंट प्रदान करती है।
    • यह डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसे अभियानों से जुड़ी है और अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट भी संभव।
    • प्रशिक्षण क्षेत्रों में रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स, IT आदि शामिल।
  • आवेदन प्रक्रिया
    • आवेदन पीएमवाईूडीएल पोर्टल (pmyu.gov.in) या राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के माध्यम से।
    • निकटतम प्रशिक्षण केंद्र (SECC 2011 डेटा से चयनित) पर संपर्क करें।
    • आवश्यक दस्तावेज: आधार, BPL प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र आदि।​
  • उपलब्धियां और अपडेट
    • 2025 तक योजना ने लाखों युवाओं को प्रशिक्षित किया, जिसमें उच्च रिटेंशन रेट।
    • 2026 में भी सक्रिय, विशेषकर ग्रामीण बेरोजगारी कम करने हेतु।

3. 2022 में, निम्नलिखित में से किस योजना के तहत यह घोषणा की गई थी कि NEP 2020 के सभी घटकों को प्रदर्शित करने के लिए देशभर के 14,500 से अधिक स्कूलों को विकसित किया जाएगा? [Phase-XI 30 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया
Solution:
  • पी.एम. स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना का उद्देश्य समतापूर्ण, समावेशी और आनंदमय स्कूली वातावरण में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना है।
  • यह देशभर में 14,500 से अधिक स्कूलों के उन्नयन और विकास के लिए सितंबर, 2022 में शुरू की गई एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
  • योजना का परिचय
    • पीएम-श्री योजना एक केंद्र प्रायोजित स्कीम है
    • जो केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्थानीय निकायों द्वारा संचालित मौजूदा स्कूलों को चुनकर उन्हें मजबूत बनाने पर केंद्रित है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य इन स्कूलों को NEP 2020 के आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करना है
    • वे अनुकरणीय बनें और आसपास के अन्य स्कूलों को प्रेरणा प्रदान करें।
    • यह योजना 2022 में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई थी, और इसका कार्यान्वयन चरणबद्ध तरीके से हो रहा है
    • जिसमें 2022-2027 तक 14,500+ स्कूलों का कायाकल्प शामिल है।
  • घोषणा का संदर्भ
    • शिक्षक दिवस 2022 पर प्रधानमंत्री ने इस पहल की शुरुआत की, जो NEP 2020 को व्यावहारिक रूप से लागू करने का एक बड़ा कदम है।
    • घोषणा में स्पष्ट रूप से कहा गया कि ये स्कूल NEP के सभी पहलुओं
    • जैसे समग्र शिक्षा, 21वीं सदी के कौशल (क्रिटिकल थिंकिंग, समस्या समाधान), बहुभाषी शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समावेशी वातावरण—को प्रदर्शित करेंगे।
      केंद्रीय मंत्रालय ने इसे एक मिशन मोड पहल के रूप में पेश किया
    • जहां चरण-1 में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करते हैं, NEP कार्यान्वयन की प्रतिबद्धता जताते हुए।​
  • NEP 2020 के घटक जो प्रदर्शित होंगे
    • ये स्कूल NEP 2020 के मूल सिद्धांतों को अपनाएंगे:
    • समग्र विकास: छात्रों का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास, जिसमें कला, विज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण शामिल है।
    • शिक्षण विधियां: सक्रिय शिक्षाशास्त्र, प्रायोगिक शिक्षा, कम बोझ वाली बोर्ड परीक्षाएं, और समग्र प्रगति कार्ड।
    • समावेशिता: विविध पृष्ठभूमि, बहुभाषी जरूरतों और विभिन्न क्षमताओं वाले बच्चों के लिए समान, आनंदमय वातावरण।
    • आधारभूत साक्षरता: मिशन मोड में ECCE (प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा) और मूलभूत साक्षरता/संख्या ज्ञान सुनिश्चित करना।​
  • कार्यान्वयन और वित्तीय ढांचा
    • चयन प्रक्रिया: मौजूदा स्कूलों को राज्यवार चयनित किया जाता है, जिसमें गुणवत्ता मानकों (इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षक प्रशिक्षण) पर जोर।
    • वित्त पोषण: केंद्र का हिस्सा 60% (उत्तर-पूर्व/हिमालयी राज्यों के लिए 90%), राज्य का 40%; प्रति स्कूल ₹2-5 करोड़ तक अनुदान।​
    • अन्य विशेषताएं: पर्यावरण-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं, और स्थानीय समस्याओं पर आधारित परियोजनाएं।
    • प्रगति की निगरानी के लिए डैशबोर्ड और तृतीय-पक्ष मूल्यांकन।
  • महत्व और प्रभाव
    • यह योजना NEP 2020 को जमीनी स्तर पर उतारने का माध्यम बनेगी
    • जिससे स्कूल सर्वांगीण व्यक्तित्व विकसित करने वाले केंद्र बनेंगे। 2025 तक कई राज्य इसकी प्रगति दिखा चुके हैं
    • यह विकसित भारत 2047 के शिक्षा लक्ष्यों से जुड़ती है।
    • कुल मिलाकर, पीएम-श्री NEP के विजन को साकार करने वाली ध्वजवाहक योजना है
    • जो 14,500+ स्कूलों के माध्यम से लाखों बच्चों को लाभ पहुंचाएगी।

4. भारत सरकार ने जून, 2020 में 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान' (GKRA) कितने दिनों के लिए शुरू किया था? [Phase-XI 28 जून, 2023 (I-पाली), दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 16 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 125 दिन
Solution:
  • गरीब कल्याण रोजगार अभियान (GKRA) 20 जून, 2020 को बिहार में खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के तेलिहार गांव से शुरू किया गया।
  • इसका उद्देश्य वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों और ग्रामीण नागरिकों को सशक्त बनाना और आजीविका के अवसर प्रदान करना है।
  • यह 50000 करोड़ रुपये के संसाधन के साथ 125 दिनों के लिए शुरू किया गया था।
  • लॉन्च विवरण
    • अभियान की शुरुआत 20 जून 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई।
    • इसका शुभारंभ बिहार के खगड़िया जिले के तेलिहार गांव से हुआ
    • जहां बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी उपस्थित थे। यह 125 दिनों तक चला, जो लगभग अक्टूबर 2020 तक था।
  • कवरेज क्षेत्र
    • GKRA छह राज्यों—बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा—के 116 जिलों में लागू किया गया।
    • ये वे जिले चुने गए जहां लॉकडाउन के बाद 25,000 से अधिक प्रवासी मजदूर लौटे थे।
    • योजना ने लगभग 6.7 लाख प्रवासी श्रमिकों को लक्षित किया, जो कुल लौटे मजदूरों का दो-तिहाई हिस्सा था।​
  • प्रमुख गतिविधियां
    • कृषि और संबद्ध कार्य: जल संरक्षण, फार्म रोड निर्माण।
    • ग्रामीण विकास: पीएम आवास योजना के तहत घर, शौचालय निर्माण।
    • आधारभूत संरचना: सड़कें, पुल, रेलवे ट्रैक।
    • स्वच्छता: स्वच्छ भारत मिशन के कार्य।
    • अभियान ने MNREGA फंडिंग का उपयोग किया और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा दिया।
    • प्रगति रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 करोड़ मानव दिवसों का काम पूरा हुआ।
  • उपलब्धियां और प्रभाव
    • यह योजना ने तत्काल रोजगार प्रदान कर आर्थिक तंगी कम की।
    • ग्रामीण अवसंरचना को मजबूत किया और प्रवासियों को स्थानीय स्तर पर सशक्त बनाया।
    • कुल मिलाकर, GKRA महामारी के दौरान ग्रामीण भारत के लिए एक महत्वपूर्ण राहत पैकेज साबित हुआ।

5. भारत सरकार की अन्नपूर्णा योजना का उद्देश्य क्या है ? [Phase-XI 27 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) वरिष्ठ नागरिकों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना
Solution:
  • अन्नपूर्णा योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जाती है।
  • राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के निर्धन वरिष्ठ नागरिकों को योजना के तहत प्रतिमाह प्रति व्यक्ति 10 किलोग्राम खाद्यान्न प्रदान किया जाता है।
  • योजना का इतिहास
    •  यह राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) की एक उप-योजना है
    • केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में कार्य करती है। योजना का नाम संस्कृत शब्द "अन्नपूर्णा" से लिया गया है
    • जो भोजन और पोषण की देवी को दर्शाता है, जो वृद्धजनों की भोजन सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य को प्रतिबिंबित करता है।
  • मुख्य उद्देश्य
    • इसका प्राथमिक लक्ष्य 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है।
    • योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 10 किलोग्राम अनाज (गेहूं या चावल) मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है।
    • यह उन बुजुर्गों की न्यूनतम पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन की गई है
    • जो पेंशन न मिलने के कारण भोजन की कमी से जूझ रहे हैं।
    • योजना खाद्य असुरक्षा को कम करके वृद्धावस्था में सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करती है।
  • पात्रता मानदंड
    • आयु: 65 वर्ष या उससे अधिक।
    • BPL श्रेणी में होना आवश्यक।
    • राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (NOAPS) या इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAP) के तहत पेंशन न प्राप्त करना।
    • राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों में NSAP के तहत पात्र NOAPS लाभार्थियों का 20% हिस्सा इस योजना को आवंटित किया जाता है।
  • कार्यान्वयन प्रक्रिया
    • भारतीय खाद्य निगम (FCI) योजना का क्रियान्वयन करता है।
    • राज्य सरकारें जिलों के आधार पर FCI के क्षेत्रीय कार्यालयों को खाद्यान्न आवंटित करती हैं।
    • धनराशि राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों को एकमुष्ट जारी की जाती है।
    • लाभार्थी अपने स्थानीय उचित मूल्य दुकानों (राशन दुकानों) से अनाज प्राप्त करते हैं।
    • योजना का विस्तार पूरे देश में है, लेकिन फंडिंग और वितरण राज्य स्तर पर समन्वित होता है।
  • लाभ और प्रभाव
    • मासिक लाभ: 10 किग्रा अनाज मुफ्त, जो वृद्धजनों की दैनिक भोजन आवश्यकता पूरी करता है।
    • कवरेज: लाखों BPL वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पेंशन पहुंच सीमित है।
    • संबद्ध योजनाएं: यह IGNOAP से जुड़ी है, जहां 60+ आयु के बाद पेंशन मिलने पर अन्नपूर्णा लाभ समाप्त हो जाता है।
    • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से भी लिंक है।​
    • योजना ने वृद्धजनों की भुखमरी और कुपोषण दर कम की है, खासकर लॉकडाउन जैसी आपात स्थितियों में।​
  • चुनौतियां और सुधार
    • हालांकि योजना प्रभावी है, लेकिन कुछ राज्यों में वितरण में देरी, जागरूकता की कमी और डुप्लिकेशन की शिकायतें रही हैं।
    • सरकार ने डिजिटल मॉनिटरिंग और आधार लिंकिंग से पारदर्शिता बढ़ाई है।
    • कुल मिलाकर, यह वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा जाल है।

6. 'कर्मयोगी भारत' परियोजना के तहत ....... को डिजिटल साधनों के माध्यम से सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाता है। [Phase-XI 27 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) लोक सेवकों
Solution:
  • 'कर्मयोगी भारत' परियोजना के तहत 'सिविल (लोक) सेवकों' को डिजिटल साधनों के माध्यम से सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • इसका उद्देश्य भारतीय लोकाचार में निहित एक सक्षम सिविल सेवा अधिकारी बनाना है, जिसमें भारत की प्राथमिकताओं की साझा समझ हो।
  • परियोजना का परिचय
    • मिशन कर्मयोगी, जिसे कर्मयोगी भारत भी कहा जाता है, भारत सरकार का एक प्रमुख क्षमता निर्माण कार्यक्रम है।
    • इसका उद्देश्य सिविल सेवकों को देश की विकासात्मक प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है।
    • यह 2020 में शुरू हुआ और iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होता है, जो एक डिजिटल लर्निंग सिस्टम प्रदान करता है।
  • मुख्य लाभार्थी
    • इस परियोजना का फोकस लोक सेवकों पर है
    • जिसमें सिविल सेवा अधिकारी, सरकारी कर्मचारी और अन्य सार्वजनिक सेवक शामिल हैं।
    • इन्हें कहीं भी, कभी भी, किसी भी डिवाइस पर ऑनलाइन कोर्स करने की सुविधा मिलती है।
    • अब तक 1.22 करोड़ से अधिक कर्मचारी इससे जुड़ चुके हैं।
  • iGOT प्लेटफॉर्म की विशेषताएं
    • ई-लर्निंग कोर्स: 2900 से अधिक कोर्स उपलब्ध, जैसे कोड ऑफ कंडक्ट, योगा ब्रेक, मिशन LiFE आदि।
    • लचीलापन: मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल (igotkarmayogi.gov.in) के जरिए एक्सेस।
    • प्रमाणपत्र: कोर्स पूरा करने पर डिजिटल सर्टिफिकेट डाउनलोड।​
    • प्लेटफॉर्म पांच कार्यात्मक केंद्रों को एकीकृत करता है, जो व्यक्तिगत योग्यता विकास को बढ़ावा देता है।​
  • प्रशिक्षण प्रक्रिया
    • नए कर्मचारी रजिस्ट्रेशन सरकारी ईमेल से करते हैं। फिर कोर्स चुनकर वीडियो
    • क्विज और असाइनमेंट पूरे करते हैं। 100% पूरा होने पर सर्टिफिकेट जारी होता है।
    • अनिवार्य कोर्स जैसे कोड ऑफ कंडक्ट सभी के लिए जरूरी हैं।​​
  • संस्थागत ढांचा
    • कर्मयोगी भारत एक गैर-लाभकारी SPV कंपनी है
    • जो कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 के तहत बनी है।
    • यह iGOT प्लेटफॉर्म का संचालन, IP प्रबंधन और रखरखाव करती है।
    • मिशन 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्यों को सपोर्ट करता है।

7. निम्नलिखित में से किस वर्ष में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा स्फूर्ति (SFURTI) योजना शुरू की गई थी? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) 2005 में
Solution:
  • स्फूर्ति (SFURTI) पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार के लिए निधि की एक योजना है।
  • सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने कलस्टर विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2005 में इस योजना की शुरुआत की थी।
  • योजना का उद्देश्य
    • SFURTI का मुख्य लक्ष्य पारंपरिक उद्योगों जैसे हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी और ग्रामीण उद्योगों को क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण से मजबूत बनाना है।
    • यह कारीगरों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, डिजाइन विकास, मार्केटिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से प्रतिस्पर्धी बनाता है
    • जिससे उन्हें स्थायी रोजगार और बेहतर आय सुनिश्चित होती है। योजना के तहत 500 या अधिक कारीगरों वाले क्लस्टर बनाए जाते हैं।
  • कार्यान्वयन और नोडल एजेंसी
    • योजना का संचालन कोयर बोर्ड द्वारा किया जाता है, जो नोडल एजेंसी है।
    • इम्प्लीमेंटिंग एजेंसियां (IA) क्लस्टर स्तर पर काम करती हैं।
    • वर्तमान में यह 2021-2026 तक चल रही है, जबकि मूल रूप से 2005-06 में शुरू हुई।
  • वित्तीय सहायता
    • प्रत्येक क्लस्टर के लिए अधिकतम 8 करोड़ रुपये तक का फंड मिलता है।
    • सॉफ्ट इंटरवेंशन (जैसे स्किल ट्रेनिंग, मार्केटिंग) पर 100% सरकारी सहायता होती है
    • जबकि हार्ड इंटरवेंशन (मशीनरी, इंफ्रास्ट्रक्चर) पर हिस्सेदारी आधारित मदद। अब तक सैकड़ों क्लस्टर स्वीकृत हो चुके हैं।
  • उपलब्धियां और प्रभाव
    • 2005 से अब तक 498 क्लस्टर स्वीकृत हुए, जिनमें से कई कार्यरत हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देती है
    • खासकर अनुसूचित जाति/जनजाति उद्यमियों के लिए। योजना पारंपरिक कौशलों को वैश्विक बाजार से जोड़ती है।

8. आठवीं पंचवर्षीय योजना के लिए 'गरीबी रेखा से नीचे' की जनगणना, वर्ष ....... में की गई थी। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 1992
Solution:
  • 'गरीबी रेखा से नीचे' (बीपीएल) जनगणना' वर्ष 1992 में 8वीं पंचवर्षीय योजना के तहत की गई थी।
  • यह ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएल परिवारों की पहचान के लिए शुरू की गई थी।
  • योजना का कालखंड
    •  इसका मुख्य उद्देश्य मानव विकास को बढ़ावा देना, गरीबी और बेरोजगारी कम करना तथा आर्थिक उदारीकरण के दौर में स्थिर विकास सुनिश्चित करना था।
    • इस योजना ने 5.6% विकास दर का लक्ष्य रखा, जो वास्तव में 6.78% हासिल हुई।
  • BPL जनगणना का उद्देश्य
    • BPL जनगणना का आयोजन विशेष रूप से आठवीं योजना के लिए किया गया
    • गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की पहचान हो सके।
    • ये परिवार सरकारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे रोजगार गारंटी, खाद्य सुरक्षा और आवास योजनाओं के पात्र बन सकें।
    • इस सर्वेक्षण ने गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों को लक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।​
  • BPL की परिभाषा और मानदंड
    • भारत में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) एक आर्थिक मानदंड है
    • जो आय, खपत व्यय और सामाजिक-आर्थिक कारकों पर आधारित होता है।
    • प्रारंभिक दौर में यह कैलोरी-आधारित था, लेकिन बाद में तेंदुलकर (2009) और रंगराजन (2014) समितियों ने इसे अद्यतन किया।
    • 1992 की जनगणना में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग आय सीमाएं निर्धारित की गईं, हालांकि सटीक आंकड़े उस समय के संदर्भ में तय हुए थे।
  • पंचवर्षीय योजनाओं का संदर्भ
    • पंचवर्षीय योजनाएं 1951 में सोवियत मॉडल से प्रेरित होकर शुरू हुईं
    • योजना आयोग (1950-2014) द्वारा संचालित की गईं।
    • आठवीं योजना उद्योग आधुनिकीकरण, सार्वजनिक व्यय में कमी और गरीबी हटाओ पर केंद्रित थी।
    • बाद में नीति आयोग ने इनकी जगह ली।
  • प्रमुख गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम
    • IRDP (एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम): 1978 से स्वरोजगार के लिए।
    • NREGA: ग्रामीण रोजगार गारंटी।
    • PDS: सार्वजनिक वितरण प्रणाली।
    • मध्याह्न भोजन योजना: पोषण सुरक्षा।
    • ये कार्यक्रम BPL सूची पर आधारित थे, जो 1992 की जनगणना से मजबूत हुए।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • 1992 की BPL जनगणना ने भारत के सामाजिक-आर्थिक नीति निर्माण को दिशा दी, खासकर आठवीं योजना के मानव विकास लक्ष्यों के संदर्भ में।
    • इसने लाखों परिवारों को लाभ पहुंचाया और बाद की योजनाओं (जैसे 12वीं योजना में गरीबी 10% तक कम करने का लक्ष्य) की नींव रखी।

9. 'सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0' योजना का क्रियान्वयन कौन-सा केंद्रीय मंत्रालय करता है? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
Solution:
  • भारत सरकार का केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 योजना का क्रियान्वयन मंत्रालय है।
  • योजना का परिचय
    • 'सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0' भारत सरकार की प्रमुख पहल है, जो 2021-22 से 2025-26 तक 15वें वित्त आयोग अवधि में चल रही है।
    • यह योजना पहले के पोषण अभियान को मजबूत रूप देती है और मिशन शक्ति का हिस्सा है।
    • इसका मुख्य फोकस बच्चों, किशोर लड़कियों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण दूर करना है।
    • मंत्रालय ने इसके लिए परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं।
  • क्रियान्वयन का जिम्मेदार मंत्रालय
    • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ही इस योजना का केंद्रीय नोडल मंत्रालय है।
    • यह आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने, डिजिटल प्लेटफॉर्म 'ई-आंगनवाड़ी' विकसित करने और पोषण वितरण की निगरानी करता है।
    • मंत्रालय राज्य सरकारों और स्थानीय स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से इसे लागू करता है, जिसमें विभिन्न विभागों का समन्वय शामिल है।
  • मुख्य उद्देश्य
    • कुपोषण, स्टंटिंग और एनीमिया जैसी समस्याओं का समाधान।
    • पोषण जागरूकता बढ़ाना और अच्छी खान-पान आदतें अपनाना।
    • स्वास्थ्य, कल्याण और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने वाली प्रणालियां विकसित करना।
    • यह योजना पोषण सामग्री में रणनीतिक बदलाव लाती है, जैसे मातृ पोषण, शिशु आहार मानदंड और आयुष प्रणालियों का उपयोग।​
  • कार्यान्वयन की प्रक्रिया
    • मंत्रालय केंद्रीय स्तर पर बजट आवंटन, दिशानिर्देश जारी करना और निगरानी करता है
    • राज्य महिला एवं बाल विकास विभाग स्थानीय स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर इसे अमल में लाते हैं।
    • 2025 तक के अपडेट्स में यह बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण में सुधार ला रही है।
    • योजना का जोर अभिसरण (convergence) पर है, जैसे स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ समन्वय।

10. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) किस केंद्रीय मंत्रालय से संबंधित है? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
Solution:
  • भारत सरकार का केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का संचालन करता है।
  • गौरतलब है कि इस योजना का उद्देश्य स्वरोजगार से जुड़े नए उपक्रमों/सूक्ष्म उद्यमों/परियोजनाओं के विकास को बढ़ावा देकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न करना है।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य
    • PMEGP का मुख्य लक्ष्य नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से रोजगार सृजन करना है।
    • यह पारंपरिक कारीगरों, बेरोजगार युवाओं और ग्रामीण-शहरी निवासियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करता है।
    • योजना 2008 में प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (REGP) के विलय से शुरू हुई थी।
  • प्रशासनिक ढांचा
    • यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका प्रशासन MoMSME द्वारा किया जाता है।
    • राष्ट्रीय स्तर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) नोडल एजेंसी है
    • जबकि राज्य स्तर पर राज्य KVIC निदेशालय, राज्य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB), जिला उद्योग केंद्र (DIC) और बैंक इसे लागू करते हैं।
    • KVIC आवेदनों की जांच और स्वीकृति के बाद बैंकों को ऋण के लिए अग्रेषित करता है।
  • वित्तीय सहायता और सीमाएं
    • योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए अधिकतम परियोजना लागत ₹25 लाख और सर्विस सेक्टर के लिए ₹10 लाख है।
    • लाभार्थी को 5-10% मार्जिन मनी देनी होती है, बैंक 90-95% ऋण प्रदान करता है
    • सरकार 15-35% सब्सिडी (ग्रामीण/शहरी, सामान्य/विशेष श्रेणी के आधार पर) देती है।
    • ब्याज दरें 11-12% हैं, और पुनर्भुगतान अवधि 3-7 वर्ष (प्रारंभिक मोरेटोरियम सहित) है।
  • पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
    • कोई भी 18 वर्ष से अधिक आयु का भारतीय नागरिक आवेदन कर सकता है
    • जिसमें न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 8वीं पास (मैन्युफैक्चरिंग के लिए) या 10वीं पास (सर्विस के लिए) है।
    • आवेदन ऑनलाइन pmegp.kviconline.gov.in पर दर्ज होते हैं, जिनकी जांच KVIC/DIC द्वारा होती है।
    • स्वीकृति के बाद ऋण बैंक से मिलता है, और सब्सिडी सीधे लाभार्थी खाते में जाती है।
  • हालिया अपडेट्स और विस्तार
    • 2022 में योजना को वित्त वर्ष 2026 तक पांच वर्ष के लिए विस्तारित किया गया।
    • कोविड-19 के दौरान स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया
    • जिसमें जिला स्तरीय कार्य दल समिति (DLTFC) की भूमिका समाप्त कर KVIC को सीधे अधिकार दिए गए।
    • 2020-21 में परियोजनाओं की स्वीकृति में 44% वृद्धि दर्ज की गई।