Correct Answer: (c) पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
Solution:- भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा पहल योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी सब्सिडी प्रदान की जाती है।
- गौरतलब है कि सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना के रूप में पहल (Pahal) का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।
- पहल योजना का परिचय
- पहल (PAHAL) योजना, जिसे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBTL) के लिए एलपीजी योजना भी कहा जाता है
- भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है।
- यह योजना घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) द्वारा प्रदान करती है।
- यह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित है
- जो सब्सिडी की चोरी रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 2013 में शुरू हुई थी।
- योजना की कार्यप्रणाली
- उपभोक्ता को एलपीजी सिलेंडर बाजार मूल्य पर खरीदना पड़ता है, बिना किसी अग्रिम सब्सिडी के।
- खरीद की पुष्टि के बाद, सब्सिडी राशि कुछ दिनों में सीधे आधार या एलपीजी उपभोक्ता नंबर से लिंक्ड बैंक खाते में जमा हो जाती है।
- इसके लिए एलपीजी कनेक्शन को बैंक खाते और अधिमानतः आधार से लिंक करना अनिवार्य है।
- योजना के तहत दो प्रकार के उपभोक्ता हैं: कैश ट्रांसफर कंप्लाइंट (CTC) जो सब्सिडी पाते हैं, और गैर-CTC जो नहीं।
- पात्रता और पंजीकरण
- सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ता (इंडेन, एचपी गैस, भारत गैस) पात्र हैं, बशर्ते KYC पूरा हो और बैंक खाता लिंक्ड हो।
- पंजीकरण के लिए LPG प्रदाता की वेबसाइट, ऐप, SMS या डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से आधार जमा करें।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) लाभार्थियों को 14.2 किग्रा सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी (12 रिफिल तक) अतिरिक्त मिलती है।
- राज्य सरकारें भी अतिरिक्त सहायता दे सकती हैं।
- लाभ और प्रभाव
- PAHAL ने LPG सब्सिडी रिसाव को काफी कम किया है, जिससे केवल वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंची।
- यह दुनिया की सबसे बड़ी DBT योजनाओं में से एक है, जो सालाना अरबों रुपये बचाती है।
- सब्सिडी राशि बाजार मूल्य पर निर्भर करती है और प्रत्येक रिफिल पर अलग-अलग होती है।
- उपभोक्ता mylpg.in या प्रदाता ऐप से स्थिति जांच सकते हैं।
- महत्वपूर्ण तथ्य
- लॉन्च: मूल रूप से 2013, पूर्ण रूप से 2016 में।
- कवरेज: 32 करोड़ से अधिक उपभोक्ता।
- सत्यापन: आधार वैकल्पिक लेकिन पसंदीदा; बैंक लिंकिंग मुख्य।
- शिकायत: टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क करें।