प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-II)

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11. 'गैर-पारंपरिक आजीविका (NTL) में लड़कियों के कौशल' किस प्रमुख योजना में शामिल किया गया है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
Solution:
  • जनवरी, 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना पानीपत, हरियाणा से शुरू की थी।
  • यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय (वर्तमान शिक्षा मंत्रालय) की एक संयुक्त पहल है।
  • ध्यातव्य है कि इस योजना में 'गैर-पारंपरिक आजीविका (NTL) में लड़कियों के कौशल' को शामिल किया गया है।
  • योजना का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
    • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है।
    • इसका मुख्य फोकस लिंग अनुपात सुधारना, लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।
    • 2022 में योजना का विस्तार किया गया
    • जिसमें गैर-पारंपरिक आजीविका (NTL) जैसे डिजिटल कौशल, डिजिटल मार्केटिंग, व्यक्तित्व विकास और पुरुष-प्रधान क्षेत्रों (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव) में प्रशिक्षण शामिल हुआ। NTL का मतलब उन नौकरियों से है
    • जहां किसी लिंग की भागीदारी 25% से कम हो, ताकि लड़कियां विविध रोजगार अवसरों तक पहुंच सकें।
  • NTL कौशल विकास की विशेषताएं
    • योजना के तहत 14-18 वर्ष की किशोरियों को लक्षित किया जाता है
    • जिसमें प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाती है।​
    • प्रशिक्षण में डिजिटल मार्केटिंग, आईटी स्किल्स और गैर-पारंपरिक जॉब रोल्स (जैसे वेल्डिंग, मैकेनिक) शामिल हैं
    • जो लड़कियों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाते हैं।
    • राष्ट्रीय सम्मेलन जैसे "बेटियां बने कुशल" आयोजित किए जाते हैं
    • जहां विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया जाता है।
  • कार्यान्वयन और विस्तार
    • शुरुआत में 100 जिलों में लागू, अब पूरे देश में फैली हुई है। 2024 में पायलट प्रोजेक्ट 27 जिलों में शुरू हुआ
    • जो 218 जिलों तक विस्तारित होने वाला है। इसके लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के साथ एमओयू साइन किया गया।
    • हाल ही में जून 2025 में "NAVYA" नामक योजना भी शुरू हुई
    • जो इसी दिशा में MWCD और MSDE का संयुक्त प्रयास है।

12. महिलाओं के लिए वन स्टॉप सेंटर योजना (One Stop Centre Scheme) निम्नलिखित में से किसके द्वारा वित्त पोषित है? [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) निर्भया फंड
Solution:
  • वर्ष 2015 में भारत सरकार ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा की समस्या के समाधान के लिए वन स्टॉप सेंटर योजना लांच किया।
  • गौरतलब है कि यह योजना निर्भया फंड द्वारा वित्तपोषित है।
  • योजना का परिचय
    • वन स्टॉप सेंटर (OSC) योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत एक केंद्र प्रायोजित योजना है
    • जो महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे को संबोधित करती है।
    • यह राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण मिशन (Beti Bachao Beti Padhao और इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना सहित) की उप-योजना है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में हिंसा प्रभावित महिलाओं (18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं सहित) को एक ही छत के नीचे एकीकृत सहायता प्रदान करना है।
  • वित्त पोषण का विवरण
    • यह योजना पूरी तरह निर्भया फंड से वित्त पोषित है
    • जो 2013 निर्भया मामले के बाद 2014 के सामान्य बजट में ₹1,000 करोड़ के साथ स्थापित किया गया था।
    • केंद्र सरकार राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 100% वित्तीय सहायता प्रदान करती है
    • जो सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) के माध्यम से जारी की जाती है।
    • फंड का आकार अब बढ़कर ₹3,600 करोड़ से अधिक हो चुका है, जो महिला सशक्तिकरण योजनाओं के लिए उपयोग होता है।
  • सेवाओं का विवरण
    • योजना के तहत महिलाओं को निम्नलिखित सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं:
    • आपातकालीन प्रतिक्रिया, बचाव और चिकित्सा सहायता।
    • कानूनी सहायता, परामर्श और मनो-सामाजिक समर्थन।
    • आश्रय, भोजन और पुनर्वास सेवाएं।
    • महिलाओं हेल्पलाइन (181) से एकीकरण।
    • ये केंद्र राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), 108 सेवाओं और पुलिस से जुड़े होते हैं।​
  • कार्यान्वयन और विस्तार
    • योजना अप्रैल 2015 से शुरू हुई और मिशन शक्ति का हिस्सा है।
    • जनवरी 2026 तक पूरे भारत में 802 से अधिक OSC संचालित हैं, जो राज्य सरकारों द्वारा संचालित होते हैं।
    • हरियाणा जैसे राज्यों में भी यह सक्रिय है, जहां स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सेवाएं दी जाती हैं।
  • लाभार्थी और प्रभाव
    • किसी भी प्रकार की हिंसा (घरेलू, यौन, आर्थिक आदि) से प्रभावित सभी महिलाएं लाभ ले सकती हैं।
    • योजना ने लाखों महिलाओं को सहायता पहुंचाई है, विशेषकर संकटग्रस्त मामलों में त्वरित हस्तक्षेप के माध्यम से।

13. भारत में किस पंचवर्षीय योजना के बाद से राजकोषीय और आर्थिक सुधारों के साथ-साथ उदारीकरण को अपनाया गया था? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) आठवीं पंचवर्षीय योजना
Solution:
  • भारत में आठवीं पंचवर्षीय योजना (वर्ष 1992-97) के बाद से राजकोषीय और आर्थिक सुधारों के साथ-साथ उदारीकरण को भी अपनाया गया।
  • ध्यातव्य है कि आठवीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य विभिन्न पहलुओं में मानव विकास था।
  • पृष्ठभूमि
    • 1991 का आर्थिक संकट भारत के लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ
    • जब विदेशी मुद्रा भंडार घटकर मात्र दो सप्ताह के आयात के बराबर रह गया।
    • तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव और वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने जुलाई 1991 में नई आर्थिक नीति (LPG: उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण) की घोषणा की।
    • आठवीं योजना मूल रूप से 1990 में शुरू होनी थी, लेकिन संकट के कारण 1992 में लागू हुई।
  • आठवीं योजना के प्रमुख सुधार
    • इस योजना में आर्थिक उदारीकरण को मुख्य आधार बनाया गया।
    • औद्योगिक लाइसेंसिंग को समाप्त कर अधिकांश उद्योगों के लिए स्वचालित मंजूरी दी गई।
    • आयात शुल्कों में भारी कटौती और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के द्वार खोले गए।
    • बाजार-निर्धारित विनिमय दर प्रणाली शुरू की गई, जो रुपये की अवमूल्यन से जुड़ी थी।
  • राजकोषीय सुधारों का स्वरूप
    • राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने पर जोर दिया गया।
    • सार्वजनिक व्यय में कटौती, सब्सिडी सुधार और कर सुधार लागू हुए।
    • विनिवेश नीति शुरू हुई, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में निजी हिस्सेदारी बढ़ाई गई।
    • लक्ष्य विकास दर 5.6% था, जो वास्तव में 6.8% हासिल हुई।
  • प्रभाव और उपलब्धियाँ
    • निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ी, वैश्वीकरण से निर्यात में उछाल आया।
    • बुनियादी ढांचे (ऊर्जा, परिवहन) में सुधार और रोजगार सृजन पर फोकस।
    • इसने भारत को 'लाइसेंस राज' से मुक्त कर बाजार-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर मोड़ा।​
  • बाद की योजनाओं में निरंतरता
    • नौवीं (1997-2002) और दसवीं (2002-2007) योजनाओं में ये सुधार जारी रहे
    • लेकिन आठवीं को ही उदारीकरण का प्रारंभिक बिंदु माना जाता है।​

14. सरकार ने 1,037.90 करोड़ रुपये के बजट के साथ वित्त वर्ष ....... तक पांच साल के लिए नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (New India Literacy Programme: NILP) नामक एक नया कार्यक्रम शुरू किया। [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 2022-23 से 2026-27
Solution:
  • भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक पांच वर्ष की अवधि के लिए नव भारत साक्षरता कार्यक्रम शुरू किया है।
  • पांच वर्ष के दौरान इस योजना का कुल परिव्यय 1,037.90 करोड़ रुपये है।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य
    • यह केंद्र प्रायोजित योजना 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के गैर-साक्षर और कम साक्षर व्यक्तियों को लक्षित करती है
    • जिसमें अनुमानित 5-6 करोड़ लोगों को कार्यात्मक साक्षरता, संख्यात्मकता, डिजिटल साक्षरता और व्यावसायिक कौशल प्रदान करना शामिल है।
    • कार्यक्रम पारंपरिक साक्षरता से आगे बढ़कर 21वीं सदी की जरूरतों जैसे वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता और जीवन कौशल पर जोर देता है।
    • दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंच के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा।
  • वित्तीय विवरण
    • कुल बजट 1,037.90 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 700 करोड़ रुपये और राज्यों का 337.90 करोड़ रुपये है।
    • अधिकांश राज्यों के लिए केंद्र-राज्य अनुपात 60:40 है
    • जबकि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (NER) और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 का अनुपात लागू है।
    • यह वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक चलेगा, जो वर्तमान में (जनवरी 2026 तक) कार्यान्वयन के चरण में है।
  • प्रमुख घटक
    • योजना के पांच मुख्य घटक हैं:
    • आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता।
    • क्रिटिकल लाइफ स्किल्स (वित्तीय, डिजिटल, स्वास्थ्य आदि)।
    • प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE)।
    • संचालन, प्रबंधन और प्रशिक्षण।
    • संग्रह, निगरानी और मूल्यांकन।
    • ये घटक समग्र विकास सुनिश्चित करते हैं
    • जिसमें स्वयंसेवी शिक्षक और डिजिटल टूल्स की भूमिका प्रमुख है।
  • लक्ष्य और कार्यान्वयन
    • लक्ष्य 5 करोड़ से अधिक शिक्षार्थियों को कवर करना है
    • विशेष रूप से महिलाओं, एससी/एसटी समुदायों और अल्पसंख्यकों पर फोकस।
    • कार्यान्वयन स्कूलों, पंचायतों और एनजीओ के माध्यम से होता है
    • जिसमें 'डिजिटल टीचर' ऐप और ऑनलाइन संसाधन शामिल हैं।
    • 2022 में लॉन्च के बाद, यह साक्षरता दर को 80% से ऊपर ले जाने में योगदान दे रहा है।
  • महत्व और प्रभाव
    • NILP पिछली साक्षरता योजनाओं (जैसे NRLM) का उत्तराधिकारी है
    • NEP 2020 के 'सभी के लिए शिक्षा' लक्ष्य को मजबूत करता है।
    • यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में असमानताओं को कम करने
    • रोजगार योग्यता बढ़ाने और सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
    • वर्तमान में (2026 तक), प्रगति रिपोर्ट्स सकारात्मक हैं, हालांकि चुनौतियां जैसे ड्रॉपआउट दर बनी हुई हैं।

15. निम्नलिखित में से कौन-सी सरकारी योजना भारत में युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करती है? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
Solution:
  • वर्ष 2015 में भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' को देशभर में युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया।
  • योजना का परिचय
    •  जिसका उद्देश्य बेरोजगार युवाओं, स्कूल-कॉलेज ड्रॉपआउट्स को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रदान करना है।
    • यह योजना राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा कार्यान्वित की जाती है
    • वर्तमान में PMKVY 4.0 संस्करण (2022-2026) चल रहा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष जोर देता है।
    • योजना के तहत मुफ्त प्रशिक्षण, सर्टिफिकेशन और मौद्रिक प्रोत्साहन दिए जाते हैं, जिससे युवा नौकरी या स्वरोजगार के लिए तैयार होते हैं।
  • मुख्य उद्देश्य
    • युवाओं को नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) आधारित शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग प्रदान करना।
    • डिमांड-सप्लाई गैप को कम करना, विशेष रूप से इंडस्ट्री 4.0 से जुड़ी नौकरियों के लिए।
    • उद्यमशीलता, डिजिटल साक्षरता और सॉफ्ट स्किल्स जैसे ग्रूमिंग, कार्य नैतिकता पर फोकस।​
  • प्रमुख विशेषताएं और घटक
    • योजना के तीन मुख्य घटक हैं:
    • शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग (STT): 150-300 घंटे की ट्रेनिंग, जिसमें व्यावहारिक कौशल सिखाए जाते हैं। कोर्स 3 महीने से 1 वर्ष तक के होते हैं।​
    • पूर्व शिक्षा की मान्यता (RPL): अनुभवी श्रमिकों को उनके मौजूदा कौशल का मूल्यांकन और सर्टिफिकेशन।​
    • विशेष परियोजनाएं: रोजगार मेला, कौशल केंद्र और अपस्किलिंग प्रोग्राम।
  • योग्यता और आवेदन प्रक्रिया
    • आयु: 18-40 वर्ष (कुछ कोर्स में छूट)।​
    • शैक्षिक योग्यता: न्यूनतम 5वीं पास, बेरोजगार या स्कूल ड्रॉपआउट।​
    • आवेदन: NSDC की स्मार्ट पोर्टल (smartportal.nsdcindia.org) या PMKVY ऐप पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन।
    • नजदीकी ट्रेनिंग सेंटर से संपर्क करें। राज्य सरकारें और सेक्टर स्किल काउंसिल निगरानी करते हैं।
  • उपलब्ध कोर्स और क्षेत्र
    • हजारों कोर्स उपलब्ध हैं, जैसे आईटी, हेल्थकेयर, ऑटोमोटिव, टेक्सटाइल, कंस्ट्रक्शन आदि।
    • उदाहरण: डिजिटल मार्केटिंग, वेल्डिंग, नर्सिंग असिस्टेंट। ग्रामीण युवाओं के लिए DDU-GKY जैसी सहायक योजनाएं जुड़ी हैं।
  • उपलब्धियां और प्रभाव
    • 2016-2020 में 1 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य।​
    • 2020-21 में 8 लाख उम्मीदवार प्रशिक्षित, ₹948 करोड़ खर्च।​
    • लाखों को नौकरी और स्वरोजगार मिला, बेरोजगारी कम हुई। 2026 तक PMKVY 4.0 के तहत फ्री ट्रेनिंग जारी।
  • अन्य संबंधित योजनाएं
    • PM-दक्ष योजना: हाशिए पर समुदायों के लिए कौशल प्रशिक्षण।​
    • DDU-GKY: ग्रामीण युवाओं (15-35 वर्ष) के लिए।​
    • स्किल इंडिया 3.0: डिजिटल अपस्किलिंग।​
    • ये योजनाएं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के साथ मिलकर काम करती हैं
    • लेकिन मुख्य रूप से PMKVY ही युवा कौशल विकास की फ्लैगशिप स्कीम है।
    • अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmkvyofficial.org या nsdcindia.org देखें।

16. निम्नलिखित में से किस योजना का उद्देश्य ग्रामीण भारत के लिए एक एकीकृत संपत्ति सत्यापन समाधान प्रदान करना है? [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) स्वामित्व
Solution:
  • 24 अप्रैल, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'स्वामित्व' योजना की शुरुआत की गई।
  • यह योजना पंचायती दिवस के अवसर पर शुरू किया गया। ध्यातव्य है
  • इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण भारत के लिए एक एकीकृत संपत्ति सत्यापन समाधान प्रदान करना है।
  • योजना का परिचय
    • योजना पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित केंद्रीय क्षेत्र की योजना है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक से भूमि का सटीक मानचित्रण कर संपत्ति कार्ड जारी करना है।
    • यह ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्तियों के कानूनी 'अधिकार रिकॉर्ड' प्रदान करके आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है।
  • लॉन्च और कार्यान्वयन
    • योजना की शुरुआत 24 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई।
    • सर्वे ऑफ इंडिया ड्रोन सर्वेक्षण करता है, जबकि NIC प्रौद्योगिकी भागीदार के रूप में e-Gram Swaraj पोर्टल पर डेटा एकीकृत करता है।
    • 2025 तक भारत के 6.62 लाख गांवों में पूर्ण कवरेज का लक्ष्य है
    • जिसमें अब तक 3 लाख से अधिक गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है।​
  • मुख्य उद्देश्य
    • ग्रामीण संपत्ति का एकीकृत सत्यापन और डिजिटल मानचित्रण।
    • संपत्ति विवादों को कम करना तथा भूमि रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना।
    • संपत्ति कार्ड को बैंक ऋण के लिए संपार्श्विक के रूप में उपयोग योग्य बनाना, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।
    • ग्राम पंचायत स्तर पर बेहतर योजना और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।
  • लाभ और प्रभाव
    • संपत्ति कार्ड प्राप्त करने वाले मालिक अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में मुद्रीकरण कर सकते हैं
    • जिससे ऋण सुविधा आसान होती है। यह भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा और विवादों को रोकती है
    • ग्रामीण विकास को गति देती है। योजना से 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक गतिविधि उत्पन्न होने का अनुमान है।

17. अक्टूबर, 2022 में प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना-'एक देश-एक उर्वरक' (One Nation One Fertiliser) का शुभारंभ किसने किया ? [MTS (T-I) 19 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) नरेंद्र मोदी
Solution:
  • 17 अक्टूबर, 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना 'एक देश-एक उर्वरक' का शुभारंभ किया।
  • इस योजना का उद्देश्य देश में एक ही नाम और एक ही ब्रांड से तथा एक समान गुणवत्ता वाले यूरिया की बिक्री करना है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभारंभ किया।
    •  यह योजना रसायन और उर्वरक मंत्रालय द्वारा संचालित है
    • इसका उद्देश्य देश भर के किसानों को एकसमान ब्रांड 'भारत' के तहत गुणवत्ता वाले उर्वरकों को समान मूल्य पर उपलब्ध कराना है ।
  • शुभारंभ का विवरण
    • यह परियोजना 17 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान सम्मेलन 2022 के दौरान नई दिल्ली में लॉन्च की गई ।
    • प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 'प्रधानमंत्री भारत यूरिया बैग' का भी विमोचन किया
    • जो सभी सब्सिडी वाले उर्वरकों (जैसे यूरिया, DAP, और कॉम्प्लेक्स उर्वरक) के लिए एकल ब्रांडिंग का प्रतीक है
    • योजना पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) स्कीम के तहत काम करती है
    • जिसमें नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), पोटाश (K) और सल्फर (S) पर सब्सिडी दी जाती है ।
  • योजना के उद्देश्य
    • किसानों को विभिन्न ब्रांडों की भ्रम से मुक्ति दिलाना और एकसमान गुणवत्ता सुनिश्चित करना ।
    • उर्वरकों के क्रॉस-स्टेट मूवमेंट को रोकना, जिससे फ्रेट सब्सिडी पर खर्च कम हो ।​
    • मिट्टी परीक्षण लैब स्थापित करना और जैविक उर्वरकों को बढ़ावा देना, ताकि लगभग 14 करोड़ किसानों को लाभ मिले ।​
    • यह 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य से जुड़ी है, जो आयात पर निर्भरता घटाती है और पारदर्शिता बढ़ाती है ।
  • कार्यान्वयन और लाभ
    • सभी सब्सिडाइज्ड उर्वरक अब 'भारत' लोगो और PMBJP चिह्न के साथ स्टैंडर्ड पैकेजिंग में बेचे जाते हैं
    • इससे किसानों को किफायती दरों पर पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं, खेती की उत्पादकता बढ़ती है
    • कालाबाजारी रुकती है । योजना ने उर्वरक क्षेत्र में एकरूपता लाई है
    • हालांकि सफलता कार्यान्वयन और किसान जागरूकता पर निर्भर करती है ।

18. अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) के तहत, पेंशन रिटर्न, ग्राहक के (subscriber) ....... वर्ष का हो जाने के बाद दिया जाता है। [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) 60
Solution:
  • 9 मई, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अटल पेंशन योजना की शुरुआत की गई।
  • यह योजना विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों को वृद्धावस्था आय सुरक्षा देने और 60 वर्ष बाद न्यूनतम पेंशन की गारंटी प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
  • अटल पेंशन योजना (APY) का परिचय
    • अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक गारंटीड पेंशन स्कीम है
    • जो असंगठित क्षेत्र के कामगारों को रिटायरमेंट के बाद नियमित आय सुनिश्चित करती है।
    • यह योजना 2015 में शुरू हुई थी और वर्तमान में इसे 2030-31 तक बढ़ा दिया गया है।
    • इसमें सब्सक्राइबर 18 से 40 वर्ष की आयु में शामिल हो सकता है, लेकिन कम से कम 20 वर्ष तक योगदान देना अनिवार्य होता है।
  • पेंशन भुगतान की आयु
    • योजना के तहत पेंशन रिटर्न ग्राहक के 60 वर्ष का हो जाने के बाद दिया जाता है।
    • जैसे ही सब्सक्राइबर 60 वर्ष की आयु पूरी करता है, चुनी हुई मासिक पेंशन (₹1000 से ₹5000 तक) शुरू हो जाती है।
    • यह गारंटीड पेंशन सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाती है, जो एन्युटी प्लान के माध्यम से भुगतान होती है।
    • नामांकन के समय चुनी गई पेंशन राशि ही मिलती है, भले ही बाजार में उतार-चढ़ाव हो।
  • पात्रता और योगदान नियम
    • पात्रता: 18-40 वर्ष के भारतीय नागरिक, जिनका कोई अन्य पेंशन स्कीम में नामांकन न हो और जो आयकर दाता न हों
    • 1 अक्टूबर 2022 से नए आयकर दाताओं के लिए बंद)।
    • योगदान अवधि: नामांकन उम्र + 60 वर्ष तक, न्यूनतम 20 वर्ष। उदाहरण: 30 वर्ष की उम्र में शामिल होने पर 30 वर्ष तक मासिक जमा।
    • पेंशन विकल्प: ₹1000, ₹2000, ₹3000, ₹4000 या ₹5000 प्रति माह। जितनी कम उम्र में शुरू करें, उतना कम मासिक योगदान।
    • कम उम्र (18 वर्ष) में ₹5000 पेंशन के लिए मात्र ₹210 मासिक, जबकि 40 वर्ष में ₹1454 मासिक। योगदान बैंक खाते से ऑटो-डेबिट होता है।
  • लाभ और सुरक्षा
    • 60 वर्ष बाद पेंशन जीवन भर मिलती है। मृत्यु पर:
    • जीवनसाथी को समान पेंशन (डिफॉल्ट नॉमिनी)।
    • दोनों की मृत्यु पर नॉमिनी को संचित कॉर्पस (60 वर्ष तक का योगदान + ब्याज)।
    • टैक्स लाभ: धारा 80CCD(1) के तहत योगदान पर छूट।
    • योजना PFRDA द्वारा विनियमित है, जो पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।

19. पहल (Pahal) योजना के तहत घरेलू उपभोक्ता को एलपीजी (LPG) सब्सिडी ....... द्वारा दी जाती है। [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (I-पाली), MTS (T-I) 17 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
Solution:
  • भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा पहल योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  • गौरतलब है कि सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना के रूप में पहल (Pahal) का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।
  • पहल योजना का परिचय
    • पहल (PAHAL) योजना, जिसे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBTL) के लिए एलपीजी योजना भी कहा जाता है
    • भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है।
    • यह योजना घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) द्वारा प्रदान करती है।
    • यह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित है
    • जो सब्सिडी की चोरी रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 2013 में शुरू हुई थी।
  • योजना की कार्यप्रणाली

    • उपभोक्ता को एलपीजी सिलेंडर बाजार मूल्य पर खरीदना पड़ता है, बिना किसी अग्रिम सब्सिडी के।
    • खरीद की पुष्टि के बाद, सब्सिडी राशि कुछ दिनों में सीधे आधार या एलपीजी उपभोक्ता नंबर से लिंक्ड बैंक खाते में जमा हो जाती है।
    • इसके लिए एलपीजी कनेक्शन को बैंक खाते और अधिमानतः आधार से लिंक करना अनिवार्य है।
    • योजना के तहत दो प्रकार के उपभोक्ता हैं: कैश ट्रांसफर कंप्लाइंट (CTC) जो सब्सिडी पाते हैं, और गैर-CTC जो नहीं।
  • पात्रता और पंजीकरण
    • सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ता (इंडेन, एचपी गैस, भारत गैस) पात्र हैं, बशर्ते KYC पूरा हो और बैंक खाता लिंक्ड हो।
    • पंजीकरण के लिए LPG प्रदाता की वेबसाइट, ऐप, SMS या डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से आधार जमा करें।
    • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) लाभार्थियों को 14.2 किग्रा सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी (12 रिफिल तक) अतिरिक्त मिलती है।
    • राज्य सरकारें भी अतिरिक्त सहायता दे सकती हैं।
  • लाभ और प्रभाव

    • PAHAL ने LPG सब्सिडी रिसाव को काफी कम किया है, जिससे केवल वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंची।
    • यह दुनिया की सबसे बड़ी DBT योजनाओं में से एक है, जो सालाना अरबों रुपये बचाती है।
    • सब्सिडी राशि बाजार मूल्य पर निर्भर करती है और प्रत्येक रिफिल पर अलग-अलग होती है।
    • उपभोक्ता mylpg.in या प्रदाता ऐप से स्थिति जांच सकते हैं।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • लॉन्च: मूल रूप से 2013, पूर्ण रूप से 2016 में।​
    • कवरेज: 32 करोड़ से अधिक उपभोक्ता।​
    • सत्यापन: आधार वैकल्पिक लेकिन पसंदीदा; बैंक लिंकिंग मुख्य।​
    • शिकायत: टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क करें।​

20. निम्नलिखित में से कौन-सा कार्यक्रम सन् 1999 में शुरू किया गया था? [MTS (T-I) 11 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना
Solution:
  • वर्ष 1999 में भारत सरकार द्वारा स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना शुरू किया गया। गौरतलब है
  • इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को स्वरोजगार का अवसर प्रदान कर गरीबी उन्मूलन में सहायता प्रदान करना है।
  • बाद में इस योजना का नाम बदलकर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) कर दिया गया।
  • एनआरएलएम (NRLM) का नाम बदलकर वर्तमान में डे-एनआरएलएम (DAY-NRLM) कर दिया गया है।
  • योजना का उद्देश्य
    • SGSY का मुख्य लक्ष्य सहायता प्राप्त गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में संगठित करके बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी के मिश्रण से गरीबी रेखा से ऊपर उठाना था।
    • यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू हुई, जिसमें
    • कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, हस्तशिल्प, हथकरघा और खादी जैसी गैर-कृषि गतिविधियां शामिल थीं।
    • कार्यक्रम ने स्वरोजगारियों को कौशल प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचा सुविधाएं और बाजार समर्थन प्रदान करके स्थायी आय सृजन पर जोर दिया।
  • कार्यान्वयन की प्रक्रिया
    • योजना के तहत सबसे पहले गरीब परिवारों को SHGs में जोड़ा जाता था
    • फिर उन्हें बचत और क्रेडिट गतिविधियों के जरिए वित्तीय अनुशासन सिखाया जाता।
    • इसके बाद 'स्वरोजगारी' चरण में ऋण-सब्सिडी मिश्रण से सूक्ष्म उद्यम स्थापित किए जाते
    • जिसमें कुल परियोजना लागत का 50% तक बैंक ऋण और शेष सब्सिडी होती।
    • विशेष रूप से SC/ST, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के लिए 50% कोटा सुनिश्चित किया गया
    • कमजोर समूहों को 'विशेष ANGI' के जरिए प्राथमिकता दी गई।
  • बाद के विकास और प्रभाव
    • 2011 में SGSY को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) या अटल जीविका मिशन के रूप में पुनर्गठित किया गया
    • जो अब पूरे देश में गरीबी उन्मूलन और आजीविका बढ़ावा के लिए चल रहा है।
    • योजना के तहत लाखों SHGs का गठन हुआ, जिनमें करोड़ों स्वरोजगारी शामिल हुए, खासकर महिलाएं।
    • यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण साबित हुई।