प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-II)

Total Questions: 50

21. प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी किस केंद्रीय मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय
Solution:
  • वर्ष 2015 में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को शुरू किया गया था
  • जिसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के लोगों को वर्ष 2022 तक आवास उपलब्ध कराना था।
  • योजना की शुरुआत और मंत्रालय की भूमिका
    • आवास और शहरी कार्य मंत्रालय PMAY-U का नोडल मंत्रालय है
    • जो योजना का समग्र क्रियान्वयन, निगरानी और वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
    • मंत्रालय ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों (ULBs) के माध्यम से केंद्रीय सहायता जारी की
    • जिसमें लाभार्थियों को ₹2.5 लाख तक की सहायता दी जाती है। यह मिशन चार वर्टिकल्स पर आधारित है
  • चरणबद्ध कार्यान्वयन
    • PMAY-U को तीन चरणों में लागू किया गया:
    • चरण 1 (अप्रैल 2015-मार्च 2017): 100 शहर कवर।
    • चरण 2 (अप्रैल 2017-मार्च 2019): 200 अतिरिक्त शहर।
    • चरण 3 (अप्रैल 2019-मार्च 2022): शेष सभी शहर, कुल 1.12 करोड़ घरों का लक्ष्य।
    • 2024 में PMAY-U 2.0 लॉन्च हुई, जो 1 करोड़ अतिरिक्त शहरी घरों पर केंद्रित है, लेकिन मूल योजना MoHUA के अधीन ही है।
  • हालिया अपडेट और प्रभाव
    • 2025 तक PMAY-U 2.0 के तहत "अंगीकार 2025" अभियान चला, जिसमें मेला और जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं।
    • मंत्रालय ने 1.68 लाख+ घरों को मंजूरी दी, लाखों परिवार लाभान्वित हुए।
    • MoHUA की वेबसाइट (pmay-urban.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध है।

22. सरकार ने ....... में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए स्टैंड-अप इंडिया योजना शुरू की है। [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 8 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) महिलाएं और अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय
Solution:
  • 'स्टैंड अप इंडिया' स्कीम ग्रीनफील्ड इंटरप्राइज स्थापित करने के लिए अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) के व्यक्ति को और कम-से-कम एक महिला उधारकर्ता को प्रति बैंक शाखा 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रु. तक के लोन सेवाओं की सुविधा प्रदान करती है।
  • यह उद्यम विनिर्माण या व्यापारिक क्षेत्र में हो सकता है।
  • गैर-वैयक्तिक उद्यमों के मामलों में शेयरहोल्डिंग और नियंत्रण हिस्सेदारी का कम-से-कम 51 प्रतिशत या तो एक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के पास या फिर किसी महिला उद्यमी के पास होनी चाहिए।
  • मुख्य उद्देश्य
    • SC/ST और महिलाओं को ग्रीनफील्ड उद्यम (नए व्यवसाय) स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना
    • विशेषकर विनिर्माण, सेवा, व्यापार या कृषि-संबद्ध क्षेत्रों में।
    • नौकरी चाहने वालों को नौकरी देने वाले उद्यमी बनाना, जिससे आर्थिक समावेशन बढ़े।
    • उद्यमियों को ऋण, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान कर आत्मनिर्भरता विकसित करना।
  • पात्रता मानदंड
    • लाभार्थी महिला, SC या ST श्रेणी से होना चाहिए (कम से कम 51% हिस्सेदारी इनके पास)।
    • ऋण राशि: 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक (कंपोजिट लोन के रूप में, जिसमें टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल शामिल)।
    • उद्यम ग्रीनफील्ड प्रकृति का होना चाहिए, अर्थात् पहले से मौजूद व्यवसाय का विस्तार नहीं।
    • कोई जमानत की आवश्यकता नहीं; क्रेडिट गारंटी फंड के माध्यम से कवरेज।
  • ऋण और वित्तीय सहायता
    • बैंकों (जैसे SBI) के माध्यम से ऋण प्रदान किया जाता है
    • जिसमें 85% तक फंडिंग बैंक द्वारा और शेष SIDBI जैसे रिफाइनेंसर से।
    • ब्याज दरें बाजार के अनुरूप होती हैं, लेकिन कमजोर वर्गों के लिए सब्सिडी उपलब्ध।
    • योजना के तहत अब तक 29,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत हो चुके हैं।
    • इसके अलावा, स्टैंड-अप मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, प्रशिक्षण और बैंक लिंकेज की सुविधा है।
  • अतिरिक्त सुविधाएँ
    • कौशल विकास प्रशिक्षण, मेंटरिंग और बाजार संपर्क।
    • हैंडहोल्डिंग सपोर्ट: उद्यम शुरू करने से लेकर सफलता तक मार्गदर्शन।
    • MSME क्षेत्र को मजबूत करने में योगदान, जिससे रोजगार सृजन बढ़ा।
  • उपलब्धियाँ और प्रभाव
    • योजना के 7 वर्षों (2016-2023 तक) में हजारों उद्यमी लाभान्वित हुए
    • विशेषकर महिलाओं और SC/ST समुदाय में।
    • 2025 तक इसके विस्तार से और अधिक आर्थिक सशक्तिकरण की उम्मीद है।
    • यह आत्मनिर्भर भारत अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
  • आवेदन प्रक्रिया
    • स्टैंड-अप मित्र पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन।
    • व्यवसाय योजना तैयार कर बैंक शाखा में जमा।
    • सत्यापन के बाद ऋण स्वीकृति। सरकारी पोर्टल या नजदीकी बैंक से संपर्क करें।

23. भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना कब शुरू की गई थी? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) 2016
Solution:
  • 1 मई, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू किया गया था।
  • इस योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे रह रही महिलाओं को रियायती एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
  • उद्देश्य
    • योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए उपयोग होने वाले अस्वच्छ ईंधन जैसे लकड़ी, कोयला और उपले को साफ-सुथरे एलपीजी से बदलना था।
    • इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा होती है, क्योंकि धुंधला धुआं सांस संबंधी बीमारियों का कारण बनता है।
    • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा तेल विपणन कंपनियों के माध्यम से इसे लागू किया जाता है।
  • चरण 1 (PMUY 1.0)
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के बलिया में 1 मई 2016 को इसका शुभारंभ किया।
    • शुरुआती लक्ष्य मार्च 2020 तक 8 करोड़ गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देना था।
    • अगस्त 2019 तक यह लक्ष्य पूरा हो गया, जिससे एलपीजी कवरेज 62% से बढ़कर लगभग 100% हो गया।
    • प्रत्येक लाभार्थी को जमा राशि के बिना कनेक्शन मिला और रिफिल पर ₹300 की सब्सिडी भी दी गई।
  • चरण 2 (PMUY 2.0)
    • 10 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका विस्तार घोषित किया।
    • 2021-22 बजट में अतिरिक्त 1 करोड़ कनेक्शन देने की घोषणा हुई, जिसे बाद में बढ़ाकर 2 करोड़ किया गया।
    • 31 मई 2023 तक PMUY 2.0 के तहत 1.50 करोड़ से अधिक कनेक्शन वितरित हो चुके थे।
    • यह चरण भी वंचित परिवारों पर केंद्रित रहा, जिसमें फसल अवशेष जलाने वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई।
  • उपलब्धियां और चुनौतियां
    • योजना ने ग्रामीण भारत में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति लाई, लेकिन कम रिफिल दर एक समस्या रही
    • क्योंकि कई परिवार महंगे रिफिल न ले पाने के कारण पुराने ईंधन पर लौट जाते हैं।
    • 2023 तक कुल 10 करोड़ से अधिक कनेक्शन वितरित हो चुके थे।
    • हाल के अपडेट्स में नई लाभार्थी जोड़ना सीमित कर दिया गया है।​​
  • पात्रता और लाभ
    • मुख्य लाभार्थी: BPL/SECC-2011 डेटाबेस में सूचीबद्ध ग्रामीण गरीब महिलाएं।
    • लाभ: मुफ्त एलपीजी कनेक्शन (सिलेंडर, रेगुलेटर, पाइप सहित), पहला रिफिल मुफ्त, और निरंतर सब्सिडी।
    • आवेदन: नजदीकी एलपीजी वितरक या ऑनलाइन पोर्टल pmuy.gov.in के माध्यम से। आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार, BPL प्रमाण-पत्र।

24. मेरी पॉलिसी मेरे हाथ योजना 2022 में भारत के ....... मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी। [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) कृषि एवं किसान कल्याण
Solution:
  • वर्ष 2022 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 'मेरी पॉलिसी मेरे हाथ' योजना का शुभारंभ किया गया।
  • इस योजना का उद्देश्य किसानों को सशक्त बनाना और उन्हें तकनीकी, वित्त और विपणन तक पहुंच प्रदान कर कृषि को बढ़ावा देना है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह पहल किसानों को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र को प्रौद्योगिकी, वित्त तथा विपणन से जोड़ने के लिए बनाई गई।
    • योजना के तहत किसान फसल बीमा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और ई-बाजारों के माध्यम से अपनी उपज बेचने जैसे लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
    • इसके अलावा, यह टिकाऊ कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देती है और किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करती है।​
  • प्रमुख विशेषताएं
    • पॉलिसी वितरण: बीमित किसानों को उनकी फसल बीमा पॉलिसी उनके गांव में ही सौंपी जाती है
    • जिससे बैंक या बीमा कंपनियों के चक्कर से मुक्ति मिलती है।
    • अभियान अवधि: 2025 में यह 1 से 31 अक्टूबर तक देशभर चला, लेकिन 2022 में इसकी शुरुआत हुई।
    • लाभ: पारदर्शिता बढ़ाना, क्लेम सेटलमेंट में तेजी, बीमा राशि और कवरेज की स्पष्ट जानकारी।​
    • योजना प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा या ओलावृष्टि से फसल नुकसान को कवर करती है।​
  • कार्यान्वयन और प्रभाव
    • कृषि मंत्री ने विभिन्न राज्यों में इसका शुभारंभ किया
    • जैसे छत्तीसगढ़ में 2023 में जहां हजारों किसानों को पॉलिसी वितरित की गई।
    • यह PMFBY के तहत ऑनलाइन नामांकन, निगरानी और दावा भुगतान को मजबूत करती है।
    • किसान pmfby.gov.in पर विवरण देख सकते हैं या 14447 पर कॉल कर सकते हैं।
  • अन्य मंत्रालयों से अंतर
    • मानव संसाधन विकास (शिक्षा केंद्रित), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता (सामाजिक कल्याण) या आवास और शहरी मामले (शहरी विकास) इनका इससे कोई सीधा संबंध नहीं। योजना पूरी तरह कृषि-केंद्रित है।​
    • यह योजना किसानों की आय स्थिरता सुनिश्चित करती है और कृषि क्षेत्र में विश्वास बढ़ाती है।

25. 'MUDRA योजना' में, 'M' का क्या अर्थ है? [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) माइक्रो (Micro)
Solution:
  • वर्ष 2015 में भारत सरकार द्वारा देश में मुख्यतः सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग के वित्तपोषण हेतु प्रधानमंत्री मुद्रा (MUDRA) योजना का शुभारंभ किया गया। ध्यातव्य है
  • मुद्रा योजना को 10 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करने हेतु शुरू किया गया।
  • 'मुद्रा' (MUDRA: Micro Unite Development and Refinance Agengy) योजना में M का अर्थ है
  • माइक्रो (Micro)। बजट 2024-25 में मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपये की ऋण सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है।
  • पूरा नाम का ब्रेकडाउन (Full Form Breakdown)
    • M: माइक्रो (सूक्ष्म उद्यमों को संदर्भित करता है)।
    • U: यूनिट्स (Units)।
    • D: डेवलपमेंट (Development)।
    • R: रिफाइनेंस (Refinance)।
    • A: एजेंसी (Agency)।
    • यह योजना गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे/सूक्ष्म उद्यमों को बिना गारंटी के ऋण प्रदान करने पर केंद्रित है।​
  • योजना का उद्देश्य (Scheme Objectives)
    • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) का लक्ष्य उद्यमिता को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन करना और वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करना है।​
    • यह छोटे उधारकर्ताओं जैसे दुकानदारों, कारीगरों और खाद्य विक्रेताओं को 10 लाख रुपये तक (तरुण प्लस में 20 लाख तक) का ऋण देती है।​
    • 8 अप्रैल 2015 को शुरू हुई यह योजना MUDRA द्वारा बैंकों, NBFCs और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को रिफाइनेंस प्रदान करती है।
  • प्रभाव और अपडेट्स (Impact and Updates)
    • 2026 तक, PMMY ने लाखों लोगों विशेषकर महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को सशक्त बनाया है
    • आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को समर्थन दिया है।​
    • MUDRA सूक्ष्म इकाइयों को क्रेडिट प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए उधारदाताओं को रिफाइनेंस करती है।​
    • आवेदन बैंक या mudra.org.in पोर्टल के माध्यम से करें।​

26. केंद्र सरकार ने हाल ही में युवा 2.0 योजना (YUVA 2.0 Scheme) शुरू की है। यह ....... वर्ष से कम आयु के युवा और नवोदित लेखकों के लिए एक प्रशिक्षण एवं परामर्श कार्यक्रम (mentoring programme) है। [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 30
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा युवा (YUVA) 2.0 योजना शुरू किया गया।
  • यह योजना 30 वर्ष से कम आयु के युवा और नवोदित लेखकों के लिए एक प्रशिक्षण एवं परामर्श कार्यक्रम है।
  • युवा 2.0 योजना का परिचय
    • जो पढ़ने-लिखने की संस्कृति को बढ़ावा देती है।
    • योजना का पूर्ण नाम 'प्रधानमंत्री युवा लेखक मार्गदर्शन योजना' (PM's Scheme for Mentoring Young Authors) है
    • जहां YUVA का मतलब Young, Upcoming and Versatile Authors है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना आजादी का अमृत महोत्सव (भारत@75) का हिस्सा है
    • जो लोकतंत्र (संस्थाएं, घटनाएं, लोग, संवैधानिक मूल्य, अतीत-वर्तमान-भविष्य) पर केंद्रित है।
    • इसका मुख्य लक्ष्य युवा लेखकों को प्रशिक्षित कर भारतीय संस्कृति, विरासत और ज्ञान को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करना है।
    • योजना नवोदित लेखकों को सक्षम बनाती है
    • वे भारतीय धरोहर पर विविध विषयों जैसे संविधान, महिला सशक्तिकरण, युवा, इतिहास आदि पर किताबें लिख सकें।
  • पात्रता मानदंड
    • आयु सीमा: 30 वर्ष से कम के भारतीय नागरिक।
    • लेखकों को योजना की थीम पर 10,000 शब्दों का पुस्तक प्रस्ताव जमा करना होता है।​
    • प्रथम संस्करण की तरह, 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में भागीदारी संभव। योजना अनपब्लिश्ड या उभरते लेखकों पर फोकस करती है।​​
  • चयन प्रक्रिया और लाभ

    • चयनित लेखकों को राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट (NBT) द्वारा प्रबंधित 6 महीने की मेंटरिंग मिलती है, जिसमें प्रसिद्ध लेखकों से मार्गदर्शन होता है।​​
    • वित्तीय सहायता: प्रतिमाह ₹50,000 छात्रवृत्ति (कुल ₹3 लाख) और प्रकाशन पर 10% रॉयल्टी।​​
    • प्रकाशित पुस्तकों का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' को बढ़ावा देने के लिए।​
    • वैश्विक मंचों पर पुस्तकों का प्रदर्शन और सांस्कृतिक राजदूत बनने का अवसर।
  • योजना का इतिहास और उपलब्धियां
    • युवा 1.0: 29 मई 2021 को शुरू, 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम' थीम पर 75 लेखक चयनित।
    • युवा 2.0: लोकतंत्र थीम पर विस्तार, व्यापक भागीदारी।
    • नवीनतम अपडेट: युवा 3.0 में थीम बदली गईं जैसे राष्ट्र निर्माण में प्रवासी भारतीय, भारतीय ज्ञान प्रणाली आदि।
    • योजना ने युवाओं को सशक्त बनाया है, खासकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप।
  • आवेदन कैसे करें

    • आवेदन MyGov पोर्टल (innovateindia.mygov.in/yuva/) पर ऑनलाइन होता है।
    • उम्मीदवारों को थीम पर प्रस्ताव जमा करना पड़ता है, चयन NBT द्वारा।
    • योजना निरंतर चल रही है, जो युवा साहित्यिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करती रहती है।​
  • महत्व और प्रभाव

    • भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पुस्तक प्रकाशन देश होने के बावजूद युवा लेखकों की कमी को पूरा करती है
    • यह योजना। 66% युवा आबादी वाले देश में यह सॉफ्ट पावर बढ़ाती है तथा साहित्यिक नेतृत्व तैयार करती है।
    • प्रथम संस्करण की सफलता से युवा 2.0 ने हजारों आवेदनों को आकर्षित किया।

27. अक्टूबर, 2022 की स्थिति के अनुसार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) के अंतर्गत, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के BPL (गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले) व्यक्ति 79 वर्ष की आयु तक ....... की मासिक पेंशन के हकदार हैं। [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 200 रु.
Solution:
  • वर्ष 1995 में भारत सरकार द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) शुरू किया गया। ध्यातव्य है
  • अक्टूबर, 2022 की स्थिति के अनुसार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 60 वर्ष
  • उससे अधिक आयु के गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले व्यक्ति 79 वर्ष की आयु तक 200 रुपये तथा 79 वर्ष की आयु के बाद 500 रुपये की मासिक पेंशन के हकदार हैं।
  • योजना का उद्देश्य
    • IGNOAPS राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) का हिस्सा है
    • जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
    • यह गैर-अंशदायी योजना 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय नागरिकों के लिए है
    • जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। केंद्र सरकार का योगदान 79 वर्ष तक ₹200 प्रति माह और 80 वर्ष से ऊपर ₹500 प्रति माह होता है
    • जबकि राज्य सरकारें अतिरिक्त योगदान दे सकती हैं।
  • पात्रता मानदंड
    • आयु: 60 वर्ष या अधिक (79 वर्ष तक ₹200 पेंशन)।
    • BPL स्थिति: लाभार्थी का नाम BPL सूची में होना अनिवार्य है
    • वार्षिक आय सीमा ग्रामीण क्षेत्रों में ₹7,995 और शहरी में ₹9,974 तक सीमित हो सकती है (राज्य-विशिष्ट)।
    • नागरिकता: केवल भारतीय नागरिक पात्र।
    • अन्य शर्तें: लाभार्थी निराश्रित होना चाहिए, कोई नियमित आय स्रोत नहीं होना चाहिए।
    • विधवाओं या विकलांगों के लिए अलग योजनाएं हैं, इसलिए वे IGNOAPS से बाहर।
  • आवेदन प्रक्रिया
    • स्थानीय पंचायत, नगरपालिका या जिला सामाजिक कल्याण विभाग में आवेदन करें।
    • आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, BPL राशन कार्ड, आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाणपत्र/मतदाता पहचान पत्र), बैंक पासबुक, फोटो।
    • आवेदन ऑनलाइन NSAP पोर्टल (nsap.nic.in) पर भी दर्ज किया जा सकता है, लेकिन सत्यापन स्थानीय स्तर पर होता है।
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं और अपडेट
    • कवरेज: योजना पूरे भारत में लागू, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लाभार्थियों को लाभ।
    • राज्य योगदान: कई राज्यों में कुल पेंशन ₹400-₹1000 तक पहुंचती है
    • जैसे जम्मू-कश्मीर में ₹400। हरियाणा (उपयोगकर्ता का स्थान) में भी अतिरिक्त राज्य सहायता मिल सकती है।
    • 2022 की स्थिति: अक्टूबर तक केंद्र योगदान यथावत ₹200 (60-79 वर्ष), कोई बड़ा बदलाव नहीं। बाद में कुछ राज्यों ने वृद्धि की, लेकिन केंद्र स्तर पर अपरिवर्तित।
    • लाभ: वृद्धजनों को दैनिक जरूरतों (दवा, भोजन) के लिए सहायता; डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से पारदर्शिता।
    • यह योजना सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो BPL वृद्धों को सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करती है।

28. 'प्रधानमंत्री जन-धन योजना' (Pradhan Mantri Jan-Dhan Yojana: PMJDY) के अंतर्गत, अब तक 472 मिलियन से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। इस सूची में कौन-सा राज्य शीर्ष स्थान पर है (12 अक्टूबर, 2022 तक)? [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) उत्तर प्रदेश
Solution:
  • 28 अगस्त, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री जन धन योजना का शुभारंभ किया गया।
  • ध्यातव्य है कि इस योजना के अंतर्गत 12 अक्टूबर, 2022 तक 472 मिलियन से अधिक खाते खोले जा चुके हैं।
  • 17 जुलाई, 2024 तक की स्थिति के अनुसार, 528 मिलियन (52.8 करोड़) से अधिक खाते खोले गए
  • जिसमें से उत्तर प्रदेश में खोले गए खातों की संख्या लगभग 9.4 करोड़ है, जो भारत में सर्वाधिक है।
  • उत्तर प्रदेश शीर्ष राज्य है।
    • 12 अक्टूबर, 2022 तक प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) के अंतर्गत कुल 472 मिलियन से अधिक खाते खोले जा चुके थे, जिसमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे था।
  • योजना का अवलोकन
    • PMJDY को 28 अगस्त 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था
    • जो गरीबों और बैंकिंग से वंचित लोगों को शून्य बैलेंस बचत खाते, रुपे डेबिट कार्ड और ₹2 लाख के मुफ्त दुर्घटना बीमा कवर प्रदान करता है।
    • यह योजना JAM ट्रिनिटी (जन-धन, आधार, मोबाइल) का हिस्सा है
    • जो प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सब्सिडी वितरण को लीक-प्रूफ बनाती है।
    • 2022 तक इसमें ₹1.75 लाख करोड़ से अधिक जमा राशि थी, जिसमें 55.5% से अधिक खाते महिलाओं के नाम पर थे।​
  • शीर्ष राज्य (12 अक्टूबर, 2022 तक)
    • उत्तर प्रदेश ने 84,341,592 (लगभग 84 मिलियन) खातों के साथ सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
    • इसके बाद बिहार (53,142,192 या 53 मिलियन), पश्चिम बंगाल (46,381,168), मध्य प्रदेश (38,674,997), राजस्थान (32,441,143) और महाराष्ट्र (32,085,689) थे।
  • बैंक-वार योगदान
    • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 135 मिलियन खातों के साथ नेतृत्व किया।
    • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) के पास लगभग 18% खाते थे, जबकि निजी बैंक 3% से कम के थे।​
  • योजना का प्रभाव
    • PMJDY ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और महिलाओं में
    • जहां डिजिटल भुगतान और DBT का उपयोग बढ़ा। 2022 के आंकड़े दर्शाते हैं
    • यह "हर घर" से "हर वयस्क" तक पहुंचने में सफल रही।
    • बाद के अपडेट्स (2025 तक) 56 करोड़ से अधिक खाते दिखाते हैं, लेकिन प्रश्न 2022 तक सीमित है।

29. 'समृद्धि, 2022-2023′ (SAMRIDDHI, 2022-2023) (Strengthening & Augmentation of Municipal Revenue for Infrastructure Devolopment in Delhi) योजना के तहत, लोग आवासीय संपत्तियों के लिए वर्तमान और पिछले ....... वर्षों के लंबित कर की केवल मूल राशि का भुगतान कर सकेंगे। [MTS (T-I) 04 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) पांच
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में समृद्धि (SAMRIDDHI), 2022-23 योजना को शुरू किया गया था।
  • इस योजना के तहत लोग आवासीय संपत्तियों के लिए वर्तमान और पिछले पांच वर्षों के लंबित कर की केवल मूल राशि का भुगतान कर सकेंगे।
  • SAMRIDDHI 2022-2023 योजना का परिचय
    •  जिसका पूरा नाम Strengthening & Augmentation of Municipal Revenue for Infrastructure Development in Delhi है।
    • यह योजना 25 अक्टूबर 2022 को दिल्ली के तत्कालीन उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना द्वारा लॉन्च की गई थी
    • इसका उद्देश्य संपत्ति मालिकों को लंबित कर बकायों पर छूट देकर राजस्व बढ़ाना तथा बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देना था।
    • योजना 26 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2023 तक चली, जिसमें कोई विस्तार नहीं किया गया।
  • आवासीय संपत्तियों के लिए मुख्य प्रावधान
    • इस योजना के तहत, आवासीय संपत्तियों के मालिक वर्तमान वर्ष (FY 2022-23) और पिछले पांच वर्षों (FY 2017-18 से FY 2021-22) के लंबित संपत्ति कर की केवल मूल राशि (प्रिंसिपल अमाउंट) का भुगतान कर सकते थे।
    • इन बकायों पर ब्याज और जुर्माने की 100% छूट मिलती थी
    • जबकि 2017-18 से पहले के सभी पुराने बकाये पूरी तरह माफ कर दिए जाते थे।
    • यह 'वन प्लस फाइव' (One Plus Five) विकल्प कहलाता था, जो लाखों निवासियों को बड़ी राहत प्रदान करता था।
  • वाणिज्यिक संपत्तियों के लिए प्रावधान

    • वाणिज्यिक या गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए 'वन प्लस सिक्स' (One Plus Six) विकल्प था
    • जिसमें मालिक वर्तमान वर्ष और पिछले छह वर्षों (FY 2016-17 से FY 2021-22) की मूल कर राशि का भुगतान करते थे।
    • इसके बदले पिछले लंबित बकायों पर ब्याज, जुर्माना और 2016-17 से पूर्व के दायित्व पूरी तरह माफ हो जाते थे।
    • योजना MCD को संपत्ति कर डेटाबेस मजबूत करने और टैक्स बेस बढ़ाने में मदद करती थी।
  • योजना का उद्देश्य और लाभ

    • यह योजना संपत्ति मालिकों के लिए 'लोग-मैत्रीपूर्ण' थी
    • क्योंकि यह लंबे समय से चले आ रहे विवादों और उत्पीड़न से मुक्ति दिलाती थी।
    • MCD को इससे अतिरिक्त राजस्व मिला, जो सड़क, जल निकासी और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जा सकता था।
    • यदि कोई करदाता 31 मार्च 2023 तक भुगतान नहीं करता
    • तो उसे 2004 या मूल बकाया वर्ष से सभी कर दंड और ब्याज सहित चुकाने पड़ते।
    • योजना अधिकृत और नियमितीकृत कॉलोनियों के निवासियों पर विशेष रूप से केंद्रित थी।
  • महत्वपूर्ण शर्तें और सीमाएं
    • योजना केवल एक बार की थी और 31 मार्च 2023 के बाद बंद हो गई।
    • भुगतान के एक वर्ष बाद MCD कोई पुराना केस दोबारा नहीं खोल सकती।
    • यह NCR क्षेत्र की संपत्तियों पर लागू होती थी, लेकिन केवल MCD के दायरे में।
    • वर्तमान में (जनवरी 2026 तक) कोई नई समृद्धि योजना की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

30. प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना वर्ष ...... में शुरू की गई थी। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 2000
Solution:
  • वर्ष 2000 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना शुरू की गई।
  • गौरतलब है कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर सतत मानव विकास करना है।
  • उद्देश्य
    • योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में सतत मानव विकास को बढ़ावा देना था। यह पांच प्रमुख क्षेत्रों
    • प्राथमिक स्वास्थ्य, प्राथमिक शिक्षा, आवास, ग्रामीण सड़कें और पेयजल—पर फोकस करती है।
    • तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में शुरू हुई
    • यह योजना ग्रामीण गरीबी को कम करने और जीवन स्तर सुधारने के इरादे से बनी।
  • प्रमुख घटक
    • प्राथमिक स्वास्थ्य: ग्रामीणों को स्वास्थ्य केंद्र और बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना।​
    • प्राथमिक शिक्षा: स्कूलों का निर्माण, शिक्षण सामग्री और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
    • आवास: गरीब ग्रामीण परिवारों को घर उपलब्ध कराने पर जोर, इंदिरा आवास योजना की तर्ज पर।​
    • ग्रामीण सड़कें: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सभी मौसमों में सड़कें जोड़ना, 2003 तक 1000+ आबादी वाले गांवों को कवर करने का लक्ष्य।​
    • पेयजल: स्वच्छ पानी की आपूर्ति, जल संचयन और संरक्षण पर विशेष ध्यान, खासकर मरुस्थलीय क्षेत्रों में।​
  • कार्यान्वयन और वित्तपोषण
    • ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित, योजना आयोग (अब नीति आयोग) की निगरानी में चली।
    • केंद्र और राज्य सरकारें धन साझा करती थीं। समुदाय की भागीदारी को सफलता का आधार माना गया
    • जिससे स्थानीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास संभव हुआ।
  • प्रभाव और महत्व
    • भारत की दो-तिहाई आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में होने के कारण यह योजना बुनियादी जरूरतों की पूर्ति के लिए जरूरी थी।
    • इसने कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार लाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया
    • हालांकि बाद में कई घटकों को अलग योजनाओं (जैसे PMGSY) में विलय कर दिया गया।