प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-II)

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31. . केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अक्टूबर में यह घोषणा की है कि केंद्र सरकार कृषि व्यवसायों के लाभकारी विचारों (productive ideas) का समर्थन करने के लिए ....... करोड़ का एक्सेलरेटर (accelerator) प्रोग्राम शुरू करेगी। [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 500 रु.
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में तत्कालीन कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि व्यवसायों के लाभकारी विचारों का समर्थन करने के लिए 500 करोड़ रुपये का एक्सेलरेटर कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की।
  • यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए नवीन समाधानों पर कार्य कर रहे कृषि-स्टार्ट अप्स को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य
    • यह एक्सेलरेटर प्रोग्राम कृषि स्टार्टअप्स और व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है
    • जो नवीन विचारों और समाधानों पर काम कर रहे हैं।
    • यह वित्तीय सहायता, मेंटरशिप, परामर्श और अन्य संसाधन प्रदान करेगा ताकि ये स्टार्टअप्स अपने ऑपरेशन्स को स्केल अप कर सकें और कृषि क्षेत्र में सुधार ला सकें।
    • कार्यक्रम का मुख्य फोकस कृषि क्षेत्र की चुनौतियों जैसे उत्पादकता बढ़ाना, आधुनिक तकनीक अपनाना और बाजार पहुंच मजबूत करना है।
  • घोषणा की पृष्ठभूमि
    • अक्टूबर 2022 में नरेंद्र सिंह तोमर ने इसकी आधिकारिक घोषणा की
    • जो कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग (DAC&FW) द्वारा संचालित होगी।
    • विभाग ने योग्य स्टार्टअप्स की पहचान के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी थी और जल्द ही आवेदन आमंत्रित करने की योजना बनाई गई।
    • यह पहल प्रधानमंत्री की किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी, जो स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाती है।​
  • कार्यान्वयन और लाभ
    • वित्तीय समर्थन: 500 करोड़ रुपये का फंड स्टार्टअप्स को किश्तों में उपलब्ध कराया जाएगा।
    • मेंटरशिप: 29 कृषि व्यवसाय इनक्यूबेशन सेंटर्स के माध्यम से 2 महीने का प्रशिक्षण और संसाधन।
    • लक्ष्य: कृषि में नवाचार को प्रोत्साहन, जैसे ड्रोन तकनीक, ई-नाम एकीकरण और आधुनिक फार्मिंग मॉडल्स।
    • यह प्रोग्राम न केवल युवा उद्यमियों को अवसर देगा बल्कि समग्र कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा
    • जिससे किसानों को बेहतर बाजार और तकनीक मिलेगी।
  • संबंधित पहलें
    • तोमर जी की अन्य घोषणाओं में एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (1 लाख करोड़), 10,000 FPO और किसान उत्पादक संगठनों का गठन शामिल है।
    • ये सभी प्रयास PPP मॉडल पर आधारित हैं, जहां निजी क्षेत्र की भागीदारी से कृषि को मजबूत किया जा रहा है।
    • हालांकि, 2025-26 तक इस प्रोग्राम की प्रगति पर अपडेट सीमित हैं
    • लेकिन यह स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।​

32. किस राज्य सरकार ने 'पंचामृत योजना' (Panchamrut Yojana) शुरू की है? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) उत्तर प्रदेश
Solution:
  • वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश सरकार ने 'पंचामृत योजना' की शुरुआत की।
  • ध्यातव्य है कि इस योजना का उद्देश्य गन्ने के उत्पादन में वृद्धि कर किसानों की आय बढ़ाना है।
  • योजना का परिचय
    • यह योजना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गन्ना किसानों की आय दोगुनी करने के लिए शुरू की गई।
    • मुख्य रूप से गन्ने की खेती में लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता सुधारने पर केंद्रित है।
    • योजना पांच उन्नत तकनीकों—"पंचामृत"—पर आधारित है, जो किसानों को कम संसाधनों में अधिक लाभ दिलाती है।
  • पंचामृत की पांच तकनीकें
    • ट्रेंच विधि से बुआई: गन्ने की विशेष ट्रेंच पद्धति से बुआई, जो जड़ों को मजबूत बनाती है और उपज बढ़ाती है।
    • पेड़ी प्रबंधन (रटून मैनेजमेंट): पुरानी फसल के डंठलों का बेहतर प्रबंधन, जिससे अगली फसल स्वस्थ होती है।
    • कचरा मल्चिंग (ट्रैश मल्चिंग): फसल अवशेषों को गीली घास के रूप में उपयोग, जो मिट्टी को नमी देता है और उर्वरकों की जरूरत कम करता है।
    • ड्रिप सिंचाई: कुशल पानी प्रबंधन से 50-60% पानी की बचत, जो सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए उपयोगी है।
    • सह-फसल: गन्ने के साथ अन्य फसलें उगाना, जो अतिरिक्त आय और मिट्टी स्वास्थ्य सुनिश्चित करता है।
  • कार्यान्वयन और लक्ष्य
    • योजना के पहले चरण में 2028 किसानों का चयन किया गया, प्रत्येक का न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर मॉडल फार्म विकसित होगा।
    • मध्य-पश्चिम UP में 15 भूखंड और पूर्वी UP में 10 भूखंड प्रति इकाई चुने जाते हैं।
    • लक्ष्य अन्य किसानों को प्रत्यक्ष लाभ दिखाकर प्रोत्साहित करना है
    • साथ ही पराली जलाने से प्रदूषण रोकना। इससे उर्वरक-कीटनाशक खर्च घटेगा और गन्ने का उत्पादन बढ़ेगा।
  • लाभ और प्रभाव
    • किसानों को कम लागत में अधिक उपज मिलेगी, पानी-मिट्टी संरक्षण होगा
    • आय में वृद्धि होगी। गन्ना विभाग ने शरद ऋतु से मॉडल फार्म शुरू किए।
    • यह पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देती है, जहां सह-फसल से खेती की लागत निकल आती है
    • गन्ना से शुद्ध लाभ होता है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय गन्ना विकास विभाग से संपर्क करें।

33. पुधुमई पेन्न (Pudhumai Penn) योजना किस राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई है? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) तमिलनाडु
Solution:
  • वर्ष 2022 में तमिलनाडु सरकार ने पुधुमई पेन्न (Pudhumai Penn) योजना का शुभारंभ किया।
  • यह योजना छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु शुरू की गई है।
  • योजना का परिचय
    • यह मूल रूप से मूवलुर रामामिरथम अम्मैयार विवाह सहायता योजना को बदलकर उच्च शिक्षा आश्वासन योजना के रूप में विकसित की गई।
    • योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों से पढ़ी लड़कियों को कॉलेज स्तर की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़े।
  • लाभ और सहायता राशि
    • योजना के तहत योग्य लड़कियों को 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद स्नातक, डिप्लोमा, आईटीआई या अन्य मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम समाप्त होने तक
    • हर महीने 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होती है।
    • प्रारंभ में यह केवल सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए थी, लेकिन 15 जुलाई 2024 से सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों की छात्राओं को भी शामिल किया गया
    • जिससे लगभग 49,664 अतिरिक्त लड़कियां लाभान्वित हो रही हैं।
  • पात्रता मानदंड
    • केवल लड़कियां ही पात्र हैं।
    • जिन्होंने कक्षा 6वीं से 12वीं तक तमिलनाडु के सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों से पढ़ाई पूरी की हो।
    • वर्तमान में स्नातक, व्यावसायिक पाठ्यक्रम या डिप्लोमा कर रही हों।
    • RTE (राइट टू एजुकेशन) के तहत कक्षा 6वीं से 8वीं तक निजी स्कूल से और 9वीं से 12वीं तक सरकारी स्कूल से पढ़ी लड़कियां भी योग्य।
    • योजना का लक्ष्य每年 6 लाख लड़कियों को कवर करना है।
  • कार्यान्वयन और विस्तार
    • 18 मार्च 2022 को बजट भाषण में योजना की घोषणा हुई थी, और इसके लिए 698 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया।
    • दिसंबर 2024 में थूथुकुदी में मुख्यमंत्री ने इसका विस्तार उद्घाटन किया। आवेदन ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से किया जाता है
    • जो तमिलनाडु सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
    • यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों को गरीबी के कारण उच्च शिक्षा छोड़ने से रोकती है।
  • योजना का प्रभाव
    • पुधुमाई पेन्न ने तमिलनाडु में लड़कियों के उच्च शिक्षा नामांकन अनुपात में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
    • सरकारी स्कूलों (तमिल माध्यम) से कॉलेज जाने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ी है।
    • इसके अलावा, भारती महिला कॉलेज जैसी संस्थाओं को नई कक्षाओं और सुविधाओं के लिए 25 करोड़ रुपये दिए गए।
    • यह योजना महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत कदम है।

34. भारतीय रेलवे की वर्ष ....... तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जक (Net Zero Carbon Emitter) बनने की योजना है। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 2030
Solution:
  • वर्ष 2030 तक भारतीय रेलवे को शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जक बनानें की योजना है।
  • मुख्य लक्ष्य
    • भारतीय रेलवे, जो दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है
    • यह लक्ष्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा: पहला, दिसंबर 2023 तक ब्रॉड गेज (BG) नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण
    • दूसरा, 2030 तक ट्रेनों व स्टेशनों की ऊर्जा जरूरतों को मुख्य रूप से नवीकरणीय स्रोतों से पूरा करना।
    • इससे डीजल जैसे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।
  • प्रमुख कदम
    • विद्युतीकरण: शेष BG मार्गों को दिसंबर 2023 तक पूरी तरह विद्युतीकृत करने की योजना, जिससे ट्रेनों का डीजल उपयोग समाप्त हो।
    • वर्तमान में काफी प्रगति हो चुकी है।
    • नवीकरणीय ऊर्जा: 2029-30 तक रेलवे की ऊर्जा जरूरत करीब 8,200 मेगावाट होगी
    • जिसमें 30,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा (सौर, पवन) से पूरी करने का लक्ष्य।
    • अभी 147 MW सौर और 103 MW पवन क्षमता चालू है, साथ ही 2,150 MW का और समझौता।​
    • हरित तकनीकें: हेड-ऑन-जनरेशन सिस्टम, बायो-टॉयलेट, LED लाइटें, और सौर ऊर्जा संचालित स्टेशन स्थापित।
    • समर्पित फ्रेट कॉरिडोर को कम-कार्बन नेटवर्क के रूप में विकसित किया जा रहा।​
    • हरित प्रमाणपत्र: नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग के लिए ग्रीन सर्टिफिकेट आवंटित।
    • जलवायु परिवर्तन जोखिम मूल्यांकन और आपदा प्रबंधन में एकीकरण।
  • प्रगति और चुनौतियाँ
    • 2023 तक केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में इसकी पुष्टि की।
    • 2025 तक विद्युतीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा पर तेजी से काम जारी, लेकिन 30 GW क्षमता हासिल करना बड़ी चुनौती।
    • रेलवे ने भारत सरकार के NDC लक्ष्य (33% उत्सर्जन तीव्रता में कमी) को समर्थन दिया।
  • प्रभाव
    • यह योजना रेलवे को दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन रेल नेटवर्क बनाएगी
    • सड़क परिवहन को प्रेरित करेगी, और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करेगी।
    • कुल मिलाकर, यह सतत परिवहन का मॉडल बनेगा।

35. 'पीएम पोषण' (PM POSHAN) योजना किस मंत्रालय द्वारा लागू की गई है? [MTS (T-I) 20 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) शिक्षा मंत्रालय
Solution:
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 'पीएम पोषण' योजना लागू की गई। ध्यातव्य है कि वर्ष 1995 में मध्याह्न भोजन योजना शुरू किया गया था।
  • योजना का परिचय
    • प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM POSHAN) योजना, पहले मध्याह्न भोजन योजना के नाम से जानी जाती थी
    • 29 सितंबर 2021 को शुरू हुई। इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 11.8 करोड़ छात्रों को प्रतिदिन गर्म पका हुआ
    • भोजन देकर भूख और कुपोषण की समस्या से निपटना है, साथ ही स्कूल में उपस्थिति बढ़ाना।
    • यह योजना 2021-22 से 2025-26 तक पांच वर्षीय अवधि के लिए मंजूर है
    • शिक्षा मंत्रालय के Department of School Education & Literacy द्वारा केंद्रीय स्तर पर संचालित होती है।
  • कवरेज और पात्रता
    • योजना 11.2 लाख से अधिक स्कूलों में कक्षा 1-5 (प्राथमिक) के छात्रों को प्रतिदिन 100 ग्राम खाद्यान्न (700 कैलोरी) और कक्षा 6-8 (उच्च प्राथमिक) को 150 ग्राम (न्यूनतम 700 कैलोरी) प्रदान करती है।
    • अब प्री-प्राइमरी या बालवाटिका (कक्षा 1 से पहले, 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चे) के छात्र भी शामिल हैं।
    • सभी लिंग, जाति या सामाजिक वर्ग के बिना भेदभाव के पात्र बच्चे कवर होते हैं।
  • वित्त पोषण पैटर्न
    • योजना का कुल वित्तीय परिव्यय 1.31 लाख करोड़ रुपये है। फंडिंग अनुपात इस प्रकार है:
    • सामान्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र:राज्य = 60:40।
    • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10।
    • विधानसभा रहित केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्र प्रायोजित।
    • अब केंद्र गेहूं, चावल, दालें, सब्जियां के अलावा दूध, अंडे आदि अतिरिक्त घटकों का खर्च भी वहन करता है।
  • पोषण मानक
    • प्राथमिक: 100 ग्राम अनाज (12 ग्राम प्रोटीन, 450 कैलोरी), सब्जियां, दालें।
    • उच्च प्राथमिक: 150 ग्राम अनाज (20 ग्राम प्रोटीन, 700 कैलोरी)।
    • अतिरिक्त: आयरन-फोर्टिफाइड मीलेट्स, मौसमी फल, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अनुकूलन।
  • उपलब्धियां और विशेषताएं
    • योजना ने कुपोषण कम करने, नामांकन बढ़ाने (विशेषकर वंचित वर्गों में) और कक्षा एकाग्रता सुधारने में योगदान दिया है।
    • हालिया अपडेट में डिजिटल मॉनिटरिंग, FSSAI अनुपालन और पोषण अभियान से एकीकरण शामिल है।
    • 2025 तक तीसरे वर्ष में कार्यरत, यह POSHAN Abhiyaan से जुड़कर 0-6 वर्ष बच्चों, गर्भवती महिलाओं के पोषण पर भी प्रभाव डालती है।

36. ....... राज्य सरकार ने नवंबर, 2022 में 'प्रौद्योगिकी हस्तांतरण योजना' (Technology Transfer Scheme) की शुरुआत की है। [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) केरल
Solution:
  • नवंबर, 2022 में केरल राज्य की सरकार ने 'प्रौद्योगिकी हस्तांतरण योजना' की शुरुआत की।
  • यह योजना देश में सरकारी अनुसंधान संस्थानों से अपने उत्पादों के व्यवसायीकरण और बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी लाइसेंस प्राप्त करने हेतु
  • नए स्टार्टअप उद्यमों द्वारा किए गए खर्च की प्रतिपूर्ति करने के लिए शुरू किया गया है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना मुख्य रूप से स्टार्टअप्स को उनके विचारों को व्यावसायिक उत्पादों में बदलने के लिए
    • आवश्यक प्रौद्योगिकी तक आसान पहुंच सुनिश्चित करती है।
    • सरकारी अनुसंधान संस्थानों या अन्य स्रोतों से प्राप्त प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर कंपनियों को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति दी जाती है
    • जिससे बाजार योग्य उत्पाद विकसित हो सकें। इससे केरल में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है
    • साथ ही अनुसंधान को व्यावसायिक रूप से लागू करने का पुल बनता है।
  • पात्रता मानदंड
    • स्टार्टअप केरल में सीमित दायित्व साझेदारी (LLP) या निजी लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत होना चाहिए।
    • केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) के साथ सक्रिय पंजीकरण आवश्यक है।
    • योजना उन स्टार्टअप्स के लिए है जो प्रौद्योगिकी का उपयोग संभावित बाजार योग्य उत्पाद बनाने के लिए करते हैं।
  • कार्यान्वयन और लाभ
    • केरल स्टार्टअप मिशन योजना का संचालन करता है
    • जो स्टार्टअप्स को लागत कम करके नवाचार को प्रोत्साहित करता है।
    • इससे स्टार्टअप्स को विचारों को उत्पाद में बदलने के लिए ज्ञान और संसाधन उपलब्ध होते हैं
    • जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। यह अनुसंधान संस्थानों से उद्योग तक प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देती है।
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का महत्व
    • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (Technology Transfer) एक संगठन से दूसरे में डिजाइन, आविष्कार, सॉफ्टवेयर या तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान है।
    • यह लंबवत (क्षेत्रीय) या क्षैतिज (विभिन्न क्षेत्रों के बीच) हो सकता है।
    • विश्वविद्यालय, व्यवसाय और सरकारें इसमें भाग लेती हैं
    • जिससे वैज्ञानिक प्रगति अधिक लोगों तक पहुंचती है।
    • केरल की यह योजना उद्योग और शोध के बीच की खाई को पाटती है।​
  • अतिरिक्त संदर्भ
    • यह योजना केरल सरकार की व्यापक स्टार्टअप नीति का हिस्सा है
    • जो राज्य को तकनीकी नवाचार का केंद्र बनाने पर केंद्रित है।
    • नवंबर 2022 में लॉन्च होने के बाद से यह स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने में सहायक रही है।
    • अन्य राज्यों में समान योजनाएं हो सकती हैं, लेकिन यह विशेष रूप से केरल से जुड़ी है।

37. पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना का उद्देश्य ....... को सशक्त बनाना है। [MTS (T-I) 16 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) पथ विक्रेताओं
Solution:
  • वर्ष 2020 में भारत सरकार द्वारा पीएम स्वनिधि अर्थात 'प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि नामक योजना' की शुरुआत की गई।
  • गौरतलब है कि इस योजना का उद्देश्य छोटे दुकानदारों, फेरीवालों और पथ विक्रेताओं को सशक्त बनाना है।
  • योजना का परिचय
    • प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) को 1 जून 2020 को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था।
    • यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है
    • शहरी गरीबों के अनौपचारिक क्षेत्र को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ती है।
    • योजना को हाल ही में 31 मार्च 2030 तक बढ़ाया गया है, जिसमें ऋण सीमा भी बढ़ाई गई है।
  • मुख्य उद्देश्य
    • स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी के 10,000 रुपये तक का पहला कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना
    • जिसे समय पर चुकाने पर 20,000 रुपये (दूसरा ऋण) और 50,000 रुपये (तीसरा ऋण) तक बढ़ाया जा सकता है।
    • नियमित पुनर्भुगतान पर 7% वार्षिक ब्याज सब्सिडी प्रदान करना, जो सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित होती है।
    • डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए 1,200 रुपये तक का कैशबैक देना।
  • पात्रता और लाभार्थी
    • यह योजना शहरी क्षेत्रों (जिनमें अर्ध-शहरी क्षेत्र भी शामिल हैं) में काम करने वाले हॉकर्स, रेहड़ी-पटरी वालों, पुटपाथ विक्रेताओं आदि को लक्षित करती है।
    • लाभार्थी को पीएम स्वनिधि पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए
    • ऋण सूक्ष्म वित्त संस्थाओं (MFI), NBFC, SHG या बैंकों से लिया जा सकता है।
    • योजना के तहत 50 लाख से अधिक विक्रेताओं को लक्ष्य बनाया गया है।
  • कार्यान्वयन प्रक्रिया
    • योजना का संचालन एक डिजिटल प्लेटफॉर्म (वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप) के माध्यम से होता है
    • जो पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। राज्य शहरी विकास एजेंसियां (SUDAs) और नगर निगम नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते हैं।
    • आवेदन ऑनलाइन pmsvanidhi.mohua.gov.in पर किया जा सकता है, जिसमें आधार, बैंक पासबुक और सीएम सत्यापन आवश्यक है।
  • उपलब्धियां और प्रभाव
    • लॉन्च के बाद से 46 लाख से अधिक ऋण वितरित हो चुके हैं, जिससे विक्रेताओं को वित्तीय समावेशन मिला है।
    • यह योजना न केवल आर्थिक सशक्तिकरण करती है बल्कि डिजिटल इंडिया को भी बढ़ावा देती है।
    • हाल के अपडेट में ऋण राशि बढ़ाकर 30,000 रुपये (पहला), 60,000 रुपये (दूसरा) और 1 लाख रुपये (तीसरा) किया गया है।​​
  • वित्तीय समावेशन का महत्व
    • पीएम स्वनिधि स्ट्रीट वेंडर्स को ब्याज मुक्त ऋण, क्षमता निर्माण और वित्तीय साक्षरता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाती है।
    • यह अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को मुख्यधारा से जोड़कर गरीबी उन्मूलन में योगदान देती है।
    • योजना ने महामारी के बाद लाखों परिवारों की मदद की है।

38. निम्नलिखित में से किस राज्य के मुख्यमंत्री ने नवंबर, 2022 में लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 (Ladli Laxmi Scheme 2.0) के दूसरे चरण का शुभारंभ किया? [MTS (T-I) 15 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) मध्य प्रदेश
Solution:
  • वर्ष 2022 में मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 का शुभारंभ किया।
  • गौरतलब है कि वर्ष 2007 में बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच
  • लिंग अनुपात में सुधार, बालिकाओं की शैक्षिक स्तर तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार हेतु यह योजना लागू की गई।
  • योजना का उद्देश्य
    • लाडली लक्ष्मी योजना मूल रूप से 2007 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बालिकाओं के आर्थिक और शैक्षिक उत्थान के लिए शुरू की गई थी।
    • इसका 2.0 संस्करण उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है
    • जिसमें कॉलेज प्रवेश पर प्रोत्साहन राशि (जैसे 12,500 रुपये प्रारंभिक किस्त और कुल 25,000 रुपये दो किस्तों में) दी जाती है
    • लड़कियां आत्मनिर्भर बनें। इस चरण में योजना पुस्तिका का विमोचन भी किया गया
    • जिसमें 2007 से अब तक की प्रगति का विवरण शामिल था।
  • शुभारंभ की प्रमुख विशेषताएं
    • आर्थिक सहायता: उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाली लाडली लक्ष्मी बेटियों को प्रतीकात्मक चेक वितरित किए गए।
    • अतिरिक्त पहल: उसी अवसर पर 'लाडली लक्ष्मी पथ' और 'लाडली लक्ष्मी वाटिका' का भी उद्घाटन हुआ, जो बेटियों के सम्मान में समर्पित हैं।
    • लाभार्थी: योजना मुख्य रूप से मध्य प्रदेश की बालिकाओं के लिए है
    • जो जन्म से पंजीकृत होती हैं और विभिन्न चरणों में सहायता प्राप्त करती हैं।
  • पृष्ठभूमि और प्रभाव
    • यह योजना मध्य प्रदेश की 'मुख्यमंत्री कन्यादान योजना' जैसी अन्य पहलों का हिस्सा है
    • जो लिंग अनुपात सुधारने और लड़कियों की शिक्षा दर बढ़ाने में सफल रही है।
    • 2.0 संस्करण ने योजना को और मजबूत किया, जिससे राज्य में लड़कियों की उच्च शिक्षा में वृद्धि हुई।
    • कुछ स्रोतों में उत्तर प्रदेश का उल्लेख गलत पाया गया, लेकिन आधिकारिक विवरण स्पष्ट रूप से मध्य प्रदेश की पुष्टि करते हैं।

39. 'रूरल बैकयार्ड पिगरी' (Rural Backyard Piggery) योजना किस राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई थी? [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) मेघालय
Solution:
  • वर्ष 2022 में मेघालय राज्य की सरकार ने रूरल बैकयार्ड पिगरी योजना शुरू की।
  • यह ग्रामीण क्षेत्र में सुअर पालन को बढ़ावा देने हेतु एक सरकारी पहल है।
  • मेघालय सरकार द्वारा शुरू की गई योजना
    • रूरल बैकयार्ड पिगरी (Rural Backyard Piggery) योजना मेघालय राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई थी।
    • यह ग्रामीण क्षेत्रों में सुअर पालन को बढ़ावा देने वाली एक सरकारी पहल है
    • जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आजीविका के अवसर प्रदान करना और उनकी आय में वृद्धि करना है।
  • उद्देश्य
    • योजना का मुख्य फोकस मेघालय की मजबूत सुअर पालन संस्कृति को मजबूत करना है
    • जहां सुअर के मांस (पोर्क) की बाजार में भारी मांग रहती है।
    • ग्रामीण परिवारों को सुअर पालन शुरू करने और उनकी प्रथाओं को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
    • इससे गरीब घरों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है।
  • लाभार्थी और सहायता
    • ग्रामीण परिवारों, खासकर बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) वाले घरों को लक्षित किया जाता है।
    • प्रत्येक लाभार्थी को सुअर शावकों का पैकेज (जैसे 3 मादा और 1 नर) प्रदान किया जाता है, जिसकी कीमत लगभग 25,000 रुपये होती है।
    • पहली फेज में 15.18 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया, जिससे 6,000 परिवार लाभान्वित हुए।
  • कार्यान्वयन
    • मेघालय के मुख्यमंत्री ने इस योजना का शुभारंभ किया था।
    • यह केंद्र प्रायोजित तत्वों के साथ राज्य स्तर पर चलाई जाती है
    • जिसमें सब्सिडी और प्रशिक्षण शामिल हैं।
    • सुअर पालन यूनिट स्थापित करने, शावक खरीदने और चारा आदि के लिए मदद मिलती है।
  • अन्य राज्यों से अंतर
    • असम में "असम सुअर विकास योजना", झारखंड में "मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना" और हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण बैकयार्ड विकास योजना जैसी समान पहलें हैं
    • लेकिन "रूरल बैकयार्ड पिगरी" विशेष रूप से मेघालय से जुड़ी है। पंजाब में भी पिगरी विकास योजना है, पर यह अलग है।

40. भारत सरकार द्वारा ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण (Training of Rural Youth for Self Employment-TRYSEM) योजना किस वर्ष शुरू की गई थी? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) 1979
Solution:
  • वर्ष 1979 में भारत सरकार द्वारा ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करने हेतु 'ट्राइसेम' योजना शुरू की गई थी।
  • अप्रैल, 1999 से प्रारंभ स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना में इस योजना का विलय कर दिया गया था।
  • TRYSEM योजना का परिचय
    • TRYSEM योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीय प्रायोजित योजना थी
    • जो एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी।
    • इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं, विशेष रूप से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जी रहे 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को तकनीकी कौशल, उद्यमशीलता प्रशिक्षण और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना था
    • वे स्वरोजगार शुरू कर सकें और ग्रामीण बेरोजगारी कम हो सके।
  • शुरूआत और पृष्ठभूमि
    • यह योजना 15 अगस्त 1979 को लॉन्च की गई, जो पांचवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान ग्रामीण विकास की व्यापक रणनीति का हिस्सा थी।
    • IRDP 1978 में घोषित हुई थी, लेकिन इसका कार्यान्वयन 1980 से शुरू हुआ
    • TRYSEM इसमें सहायक घटक के रूप में जोड़ा गया।
    • योजना का फोकस ग्रामीण युवाओं को शेती, पशुपालन, हस्तशिल्प, छोटे उद्योग, मरम्मत कार्य आदि जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना था।
  • उद्देश्य और लाभार्थी चयन
    • मुख्य उद्देश्य: ग्रामीण युवाओं को बुनियादी तकनीकी और उद्यमशीलता कौशल सिखाना
    • जिससे वे खुद का रोजगार शुरू कर सकें और परिवार की आय बढ़ा सकें।
    • लाभार्थी: 18-35 वर्ष के ग्रामीण युवा, प्राथमिकता BPL परिवारों को। महिलाओं और SC/ST वर्ग को विशेष आरक्षण।
    • प्रशिक्षण अवधि: आमतौर पर 1-3 महीने, जिसमें सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों शामिल। प्रशिक्षण के बाद स्टार्ट-अप के लिए IRDP से ऋण सुविधा।
  • कार्यान्वयन प्रक्रिया
    • योजना जिला ग्रामीण विकास एजेंसियां (DRDAs) के माध्यम से लागू की जाती थी।
    • व्यावसायिक पहचान के लिए स्थानीय बाजार सर्वेक्षण किया जाता
    • फिर प्रशिक्षण केंद्रों (सरकारी या गैर-सरकारी) में युवाओं को भेजा जाता। प्रशिक्षण मुफ्त था
    • जिसमें रहना-खाना और स्टाइपेंड भी मिलता। सफल प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार के लिए टूलकिट या पूंजी सहायता प्रदान की जाती।
  • महत्वपूर्ण उपलब्धियां और प्रभाव
    • TRYSEM ने लाखों ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई।
    • यह योजना ग्रामीण गरीबी उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण में सहायक सिद्ध हुई।
    • हालांकि, समय के साथ इसकी सीमाएं जैसे अपर्याप्त फॉलो-अप और बाजार लिंकेज उजागर हुईं।
  • समाप्ति और एकीकरण
    • 1999 में TRYSEM को IRDP, DWCRA, SITRA और GKS जैसी अन्य योजनाओं के साथ मिलाकर स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना में विलय कर दिया गया।
    • SGSY बाद में 2011 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM या आजीविका) में बदल गई
    • जो स्वयं सहायता समूहों (SHGs) पर केंद्रित है। इस एकीकरण से ग्रामीण स्वरोजगार कार्यक्रम अधिक समग्र और प्रभावी बने।