Correct Answer: (c) शिक्षा मंत्रालय
Solution:- केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 'पीएम पोषण' योजना लागू की गई। ध्यातव्य है कि वर्ष 1995 में मध्याह्न भोजन योजना शुरू किया गया था।
- योजना का परिचय
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (PM POSHAN) योजना, पहले मध्याह्न भोजन योजना के नाम से जानी जाती थी
- 29 सितंबर 2021 को शुरू हुई। इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 11.8 करोड़ छात्रों को प्रतिदिन गर्म पका हुआ
- भोजन देकर भूख और कुपोषण की समस्या से निपटना है, साथ ही स्कूल में उपस्थिति बढ़ाना।
- यह योजना 2021-22 से 2025-26 तक पांच वर्षीय अवधि के लिए मंजूर है
- शिक्षा मंत्रालय के Department of School Education & Literacy द्वारा केंद्रीय स्तर पर संचालित होती है।
- कवरेज और पात्रता
- योजना 11.2 लाख से अधिक स्कूलों में कक्षा 1-5 (प्राथमिक) के छात्रों को प्रतिदिन 100 ग्राम खाद्यान्न (700 कैलोरी) और कक्षा 6-8 (उच्च प्राथमिक) को 150 ग्राम (न्यूनतम 700 कैलोरी) प्रदान करती है।
- अब प्री-प्राइमरी या बालवाटिका (कक्षा 1 से पहले, 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चे) के छात्र भी शामिल हैं।
- सभी लिंग, जाति या सामाजिक वर्ग के बिना भेदभाव के पात्र बच्चे कवर होते हैं।
- वित्त पोषण पैटर्न
- योजना का कुल वित्तीय परिव्यय 1.31 लाख करोड़ रुपये है। फंडिंग अनुपात इस प्रकार है:
- सामान्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र:राज्य = 60:40।
- पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10।
- विधानसभा रहित केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्र प्रायोजित।
- अब केंद्र गेहूं, चावल, दालें, सब्जियां के अलावा दूध, अंडे आदि अतिरिक्त घटकों का खर्च भी वहन करता है।
- पोषण मानक
- प्राथमिक: 100 ग्राम अनाज (12 ग्राम प्रोटीन, 450 कैलोरी), सब्जियां, दालें।
- उच्च प्राथमिक: 150 ग्राम अनाज (20 ग्राम प्रोटीन, 700 कैलोरी)।
- अतिरिक्त: आयरन-फोर्टिफाइड मीलेट्स, मौसमी फल, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अनुकूलन।
- उपलब्धियां और विशेषताएं
- योजना ने कुपोषण कम करने, नामांकन बढ़ाने (विशेषकर वंचित वर्गों में) और कक्षा एकाग्रता सुधारने में योगदान दिया है।
- हालिया अपडेट में डिजिटल मॉनिटरिंग, FSSAI अनुपालन और पोषण अभियान से एकीकरण शामिल है।
- 2025 तक तीसरे वर्ष में कार्यरत, यह POSHAN Abhiyaan से जुड़कर 0-6 वर्ष बच्चों, गर्भवती महिलाओं के पोषण पर भी प्रभाव डालती है।