प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-II)

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41. मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (Learn and Earn Scheme) के तहत सरकार निम्नलिखित में से क्या प्रदान नहीं करेगी? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) लैपटॉप
Solution:
  • जुलाई, 2023 में 'सीखो-कमाओ' योजना की शुरुआत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा हुई
  • जिसका लाभ केवल मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों द्वारा उठाया जा सकता है।
  • इस योजना में सरकार युवाओं को उच्च स्तरीय औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं में प्रशिक्षण देकर उनके कौशल में वृद्धि करने के साथ 10,000 रुपये तक का प्रतिमाह स्टाइपेंड भी देगी।
  • 12वीं उत्तीर्ण को 8000 रुपये प्रतिमाह, आईटीआई उत्तीर्ण को 8500 रुपये प्रतिमाह तथा डिप्लोमा उत्तीर्ण को 9000 रुपये प्रतिमाह का स्टाइपेंड दिया जाएगा।
  • इस योजना के तहत लैपटॉप प्रदान करने की व्यवस्था नहीं है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना मध्य प्रदेश के 18-29 वर्ष आयु वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को उद्योगों और प्रतिष्ठानों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) के माध्यम से कौशल विकास करने का अवसर देती है। सरकार का लक्ष्य प्रतिवर्ष कम से कम एक लाख युवाओं को जोड़ना है
    • वे प्रशिक्षण के दौरान ही कमाई शुरू कर सकें।
    • योजना नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) से प्रेरित है और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
  • प्रदान की जाने वाली सुविधाएँ
    • कौशल प्रशिक्षण: युवाओं को विभिन्न कोर्सेस में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है
    • जैसे आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक स्तर के अनुसार। न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है।​
    • स्टाइपेंड (मासिक भत्ता): प्रशिक्षण अवधि के दौरान 8,000 से 10,000 रुपये तक का स्टाइपेंड मिलता है।
    • उदाहरणस्वरूप, 12वीं पास को 8,000 रुपये, आईटीआई पास को 8,500 रुपये, डिप्लोमा को 9,000 रुपये और स्नातक को 10,000 रुपये।
    • इसमें 25% हिस्सा प्रतिष्ठान और 75% सरकार वहन करती है।​
    • रोजगार अवसर: प्रशिक्षण के बाद स्थायी रोजगार की संभावना बढ़ती है
    • हालांकि पूर्ण गारंटी नहीं। रजिस्ट्रेशन मुफ्त है और एमएमएसकेवाई पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध।
  • क्या प्रदान नहीं किया जाता
    • योजना के तहत लैपटॉप उपलब्ध नहीं कराया जाता। यह मुख्य रूप से ट्रेनिंग और स्टाइपेंड पर फोकस्ड है
    • अन्य विकल्प जैसे वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल स्पष्ट रूप से शामिल हैं, लेकिन लैपटॉप जैसी सुविधा का कोई प्रावधान नहीं।​
  • कार्यान्वयन चुनौतियाँ
    • हालांकि योजना 2023 में लॉन्च हुई, लेकिन 2025 तक कई रिपोर्ट्स में खामियाँ उजागर हुईं।
    • 32 जिलों में एक भी प्रशिक्षण नहीं हो सका, स्टाइपेंड में देरी हुई और अप्रेंटिसशिप अवसर सीमित रहे।
    • उदाहरण के लिए, 81,078 वैकेंसी के मुकाबले केवल 1,147 को रोजगार मिला।
    • इंदौर, भोपाल जैसे शहरों में भी प्रभाव कम रहा।
    • युवा आकर्षित नहीं हो रहे क्योंकि प्रशिक्षण खानापूर्ति तक सीमित रह गया।​​
  • आवेदन प्रक्रिया
    • आधिकारिक पोर्टल (mp.gov.in या MMSKY पोर्टल) पर रजिस्टर करें।
    • कोर्स, योग्यता और ट्रेनिंग अवधि की जानकारी चेक करें।
    • चयनित प्रतिष्ठानों में जॉइनिंग के बाद स्टाइपेंड शुरू। कोई शुल्क नहीं।​​
    • यह योजना कौशल-आधारित रोजगार को प्रोत्साहित करती है
    • लेकिन प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। वर्तमान में (जनवरी 2026 तक) सुधार की मांग जारी है।

42. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा डेयरी किसानों के लिए शुरू की गई योजना का नाम क्या है? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) संजीवनी
Solution:
  • हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर्यटन के साथ-साथ काफी हद तक कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर है
  • इसलिए राज्य सरकार ने छोटे डेयरी किसानों और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए अप्रैल, 2023 में संजीवनी नामक एक परियोजना शुरू की।
  • संजीवनी योजना
    • यह योजना हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा डेयरी किसानों को विशेष सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।​
    • इसके तहत मवेशी खरीदने और डेयरी इकाइयाँ स्थापित करने के लिए सब्सिडी व ऋण उपलब्ध कराए जाते हैं।​
    • ट्रेनिंग प्रोग्राम, पशु स्वास्थ्य सेवाएँ, और दूध संग्रह केंद्रों का विकास भी शामिल है, जो किसानों की आजीविका सुधारने पर केंद्रित है।​
  • हिमाचल दूध प्रोत्साहन योजना
    • यह 2025 में शुरू स्थायी राज्य स्तरीय योजना है
    • जिसमें कोऑपरेटिव सोसाइटियों को दूध बेचने वाले किसानों को प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि DBT से दी जाती है।​
    • पात्रता में हिमाचल का स्थायी निवासी होना, डेयरी कोऑपरेटिव में पंजीकरण, नियमित दूध आपूर्ति, और आधार-लिंक्ड बैंक खाता जरूरी है।​
    • आवेदन ऑफलाइन नजदीकी मिल्क कोऑपरेटिव सोसाइट से फॉर्म लेकर आधार-पासबुक जमा कर सत्यापन के बाद होता है, जिससे मासिक प्रोत्साहन मिलता है।​
  • दुग्ध प्रोत्साहन और माल ढुलाई सब्सिडी योजना
    • अक्टूबर 2025 में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा लॉन्च की गई
    • यह दुग्ध किसानों व सहकारी समितियों के लिए है।​
    • इसमें दूध पर प्रोत्साहन और माल ढुलाई सब्सिडी DBT से दी जाती है
    • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित MIS पोर्टल पर आधारित।
    • यह पहाड़ी क्षेत्रों में डेयरी को मजबूत बनाने का प्रयास है।​
  • अन्य सहायक पहलें
    • डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना (अप्रैल 2025 से) में 25 दुधारू पशुओं वाली यूनिट के लिए 25-33% सब्सिडी (अधिकतम 42 लाख तक) मिलती है।​
    • ऊना जिले के बरनोह में मुर्रा भैंस फार्म स्थापित कर शुद्ध नस्ल के पशु व ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है।​
    • गाय-भैंस दूध पर MSP (₹51-70/लीटर) और 50% आहार सब्सिडी जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।​
    • ये योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एकीकृत हैं, जिनसे हजारों किसान लाभान्वित हो चुके हैं।​​

43. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) गैर- कॉर्पोरेट गैर-कृषि लघु और सूक्ष्म उद्यमियों को ....... तक ऋण प्रदान करती है। (अप्रैल, 2023 तक)। [MTS (T-I) 14 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 10 लाख
Solution:
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 10 लाख रुपये तक का मुद्रा ऋण प्रदान करती है।
  • इस योजना की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 8 अप्रैल, 2015 को नई दिल्ली में की गई थी।
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत तीन श्रेणियां होती हैं- शिशु (50 हजार रुपये), किशोर (5 लाख रुपये) और तरुण (10 लाख रुपये)।
  • बजट 2024-25 में इस योजना के तहत प्रदत्त 10 लाख रुपये की ऋण सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये (तरुण) कर दिया गया है।
  • योजना का परिचय
    • PMMY को 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था
    • जो 'फंडिंग द अनफंडेड' के उद्देश्य से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है
    • यह योजना छोटे व्यवसायों जैसे दुकानें, सर्विस सेंटर, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स आदि को बिना जमानत के ऋण उपलब्ध कराती है
    • अप्रैल 2023 तक सीमा 10 लाख रुपये थी, हालांकि बाद में 2024 में इसे 20 लाख तक बढ़ाया गया.
  • ऋण श्रेणियां
    • शिशु: 50,000 रुपये तक – नई शुरुआत वाले उद्यमियों के लिए.
    • किशोर: 50,001 से 5 लाख रुपये तक – बढ़ते व्यवसायों के लिए.
    • तरुण: 5,00,001 से 10 लाख रुपये तक – स्थापित सूक्ष्म उद्यमों के लिए.
    • ये श्रेणियां आय-उत्पादक गतिविधियों (नॉन-फार्म, नॉन-कॉर्पोरेट) पर केंद्रित हैं.​
  • पात्रता मानदंड
    • कोई भी भारतीय नागरिक जो नॉन-फार्म सेक्टर में व्यवसाय शुरू या विस्तार करना चाहता हो, आवेदन कर सकता है
    • आवेदक का बैंक या वित्तीय संस्थान में डिफॉल्ट न हो और क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी हो. ऋण बैंक, RRBs, SFBs, NBFCs, MFIs जैसे संस्थानों से मिलता है.
  • आवेदन प्रक्रिया
    • ऑनलाइन पोर्टल www.udyamimitra.in या Udyam पोर्टल के माध्यम से आवेदन करें
    • दस्तावेज: आधार, बैंक स्टेटमेंट, व्यवसाय प्लान, फोटो आदि। प्रक्रिया सरल है, कोई कोलैटरल जरूरी नहीं।
  • उपलब्धियां (2023 तक)
    • 2023 तक करोड़ों ऋण स्वीकृत हो चुके थे, विशेषकर महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में।
    • aयह योजना MSMEs को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण रही।

44. स्व-रोजगार सुसाध्य बनाने के लिए, ....... तक का संपार्श्विक मुक्त ऋण प्रदान करने के लिए 2015 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) लागू की गई थी। [Phase-XI 27 जून, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) 10 लाख रु.
Solution:
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 10 लाख रुपये तक का मुद्रा ऋण प्रदान करती है।
  • इस योजना की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 8 अप्रैल, 2015 को नई दिल्ली में की गई थी।
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत तीन श्रेणियां होती हैं- शिशु (50 हजार रुपये), किशोर (5 लाख रुपये) और तरुण (10 लाख रुपये)।
  • बजट 2024-25 में इस योजना के तहत प्रदत्त 10 लाख रुपये की ऋण सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये (तरुण) कर दिया गया है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यमियों को बिना जमानत के सस्ता ऋण देकर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है
    • 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई, यह 'फंडिंग द अनफंडेड' के सिद्धांत पर आधारित है
    • जो छोटे व्यवसायों जैसे दुकानें, सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग को सशक्त बनाती है.
  • ऋण सीमा और श्रेणियां
    • शिशु: 50,000 रुपये तक – नई शुरुआत के लिए।
    • किशोर: 50,001 से 5 लाख रुपये तक – विस्तार के लिए।
    • तरुण: 5 लाख से 10 लाख रुपये तक – स्थापित व्यवसायों के लिए।
    • ये सभी ऋण कोलैटरल-फ्री हैं, जो स्वरोजगार को आसान बनाते हैं। ब्याज दरें बैंक पर निर्भर (लगभग 7-12%)।
  • पात्रता और लाभार्थी
    • भारतीय नागरिक जो नॉन-फार्म इनकम उत्पन्न करने वाले व्यवसाय (व्यापार, सेवा, उत्पादन) में लगे हों।
    • विशेष प्राथमिकता महिलाओं, SC/ST/OBC, ग्रामीण उद्यमियों को। कोई पूर्व डिफॉल्ट न हो।
  • कार्यान्वयन तंत्र
    • मुद्रा लिमिटेड (MUDRA) नोडल एजेंसी है। ऋण बैंक, कोऑपरेटिव, NBFC, MFIs से मिलता है।
    • ऑनलाइन आवेदन Udyami Mitra पोर्टल या बैंक शाखा से। आवश्यक दस्तावेज: आधार, पैन, बैंक स्टेटमेंट, व्यवसाय प्रमाण।
  • उपलब्धियां (2015-2023 तक)
    • 2015 से 2023 तक 40 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत, कुल 18 लाख करोड़+। 70% महिलाओं को, ग्रामीण क्षेत्रों में 50%+। NPAs कम (3-5%)।
    • योजना ने लाखों नौकरियां सृजित कीं।
  • बाद के अपडेट
    • 2024 में तरुण+ कैटेगरी जोड़ी गई, सीमा 20 लाख तक बढ़ी, लेकिन 2015-2023 में मूल सीमा 10 लाख रही।

45. गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख रु. तक का ऋण प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा 8 अप्रैल, 2015 को आरंभ की गई योजना की पहचान कीजिए ? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
Solution:
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 10 लाख रुपये तक का मुद्रा ऋण प्रदान करती है।
  • इस योजना की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री द्वारा 8 अप्रैल, 2015 को नई दिल्ली में की गई थी।
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत तीन श्रेणियां होती हैं- शिशु (50 हजार रुपये), किशोर (5 लाख रुपये) और तरुण (10 लाख रुपये)।
  • बजट 2024-25 में इस योजना के तहत प्रदत्त 10 लाख रुपये की ऋण सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये (तरुण) कर दिया गया है।
  • उद्देश्य
    • यह योजना छोटे व्यवसायियों, दुकानदारों, ट्रेडर्स और उद्यमियों को बिना कोलैटरल (जमानत) के आसान ऋण उपलब्ध कराकर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है।
    • मुख्य लक्ष्य सूक्ष्म उद्यमों के विकास से रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है।
    • योजना के तहत मुद्रा कार्ड भी जारी किया जाता है, जो रुपे डेबिट कार्ड की तरह काम करता है।
  • ऋण श्रेणियां
    • ऋण तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
    • शिशु: 50,000 रुपये तक - नई शुरुआत के लिए।
    • किशोर: 50,001 से 5 लाख रुपये तक - स्थापित व्यवसाय विस्तार के लिए।
    • तरुण: 5,00,001 से 10 लाख रुपये तक - उन्नत विकास के लिए।
    • ये श्रेणियां उद्यम की विकास अवस्था पर आधारित हैं।
  • कार्यान्वयन
    • योजना को वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), लघु वित्त बैंक, MFIs, NBFCs और कोऑपरेटिव बैंक लागू करते हैं।
    • MUDRA लिमिटेड (प्रधानमंत्री सूक्ष्म इकाइयों विकास एवं रिफाइनेंस एजेंसी) पुनर्वित्त प्रदान करती है।
    • आवेदन बैंक शाखाओं, वेबसाइट (mudra.org.in) या मोबाइल ऐप से किया जा सकता है।
  • योग्यता और दस्तावेज़
    • कोई भी गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि सूक्ष्म/लघु उद्यम जैसे किराना स्टोर, सैलून, रिक्शा, टेलरिंग आदि पात्र हैं।
    • आवश्यक दस्तावेज: आधार, PAN, बैंक स्टेटमेंट, व्यवसाय प्रमाण (फोटो/लाइसेंस), आय प्रमाण।
    • कोई न्यूनतम क्रेडिट स्कोर जरूरी नहीं, लेकिन व्यवसाय योजना जरूरी।
  • उपलब्धि और अपडेट
    • 2025 तक योजना ने करोड़ों ऋण वितरित किए, विशेषकर महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में।
    • 2024-25 बजट में ऋण सीमा 20 लाख रुपये बढ़ाई गई।
    • 2025 में इसके 10 वर्ष पूरे होने पर PIB ने इसके प्रभाव की सराहना की।
  • लाभ
    • ब्याज दरें 7-12% प्रतिवर्ष (बैंक पर निर्भर)।
    • 3-5 वर्ष चुकौती अवधि।
    • डिजिटल ट्रैकिंग पोर्टल से पारदर्शिता। यह योजना आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करती है।

46. प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (PMRPY) की शुरुआत किस वर्ष की गई थी? [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 2016
Solution:
  • 'प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना' (PMRPY) की घोषणा वर्ष 2016-17 के बजट में की गई थी।
  • इस योजना का उद्देश्य रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।
  • यह योजना श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही है, जो कि अगस्त, 2016 से शुरू है।
  • योजना का उद्देश्य
    • PMRPY का मुख्य लक्ष्य नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है ताकि वे बेरोजगार युवाओं को नौकरी दे सकें।
    • सरकार नए कर्मचारियों के लिए तीन वर्षों तक कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में नियोक्ता का पूरा 12% योगदान वहन करती है।
    • यह योजना विशेष रूप से 15,000 रुपये मासिक वेतन वाले अकुशल या अर्ध-कुशल कर्मचारियों पर लागू होती है।
  • घोषणा और प्रारंभ
    • योजना की घोषणा 2016-17 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा की गई।
    • इसका औपचारिक प्रारंभ अगस्त 2016 में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने किया
    • हालांकि कुछ स्रोतों में कार्यान्वयन अप्रैल 2018 से उल्लेखित है।
    • यह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से पंजीकृत प्रतिष्ठानों के लिए उपलब्ध है।
  • पात्रता मानदंड
    • नियोक्ता: EPFO में पंजीकृत प्रतिष्ठान, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में नए कर्मचारी नहीं जोड़े हों।
    • कर्मचारी: 15,000 रुपये तक मासिक वेतन, बेरोजगार रह चुके हों (पिछले 3 वर्षों से EPF में योगदान न दिया हो)।
    • लाभ: सरकार नियोक्ता के EPF/EPS योगदान का 100% वहन करती है, तीन वर्षों के लिए।
  • योजना के लाभ
    • यह योजना औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देती है और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है।
    • नियोक्ताओं के लिए वित्तीय बोझ कम होने से रोजगार सृजन बढ़ता है, जो आर्थिक विकास में सहायक है।
    • 2024 तक यह योजना जारी है और श्रम बाजार पर सकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
  • अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
    • PMRPY को प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) से अलग रखें, जो 1993 में स्वरोजगार के लिए शुरू हुई थी।
    • पंजीकरण EPFO पोर्टल पर ऑनलाइन होता है।
    • योजना बेरोजगारी कम करने और कार्यबल को औपचारिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

47. राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (National Social Assistance Programme-NSAP) भारत सरकार के किस मंत्रालय द्वारा संचालित एक कल्याणकारी कार्यक्रम है? [MTS (T-I) 12 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) ग्रामीण विकास मंत्रालय
Solution:
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) वर्ष 1995 में भारत सरकार के MoRD (ग्रामीण विकास मंत्रालय) की केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में लांच किया गया था।
  • यह सामाजिक पेंशन के रूप में बुजुर्गों, विधवाओं और विकलांग व्यक्तियों तथा मुख्य कमाने वाले की मृत्यु पर शोक संतप्त परिवारों को (BPL व्यक्तियों को) वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
  • कार्यक्रम का परिचय
    •  जो राज्य को बेरोजगारी, वृद्धावस्था, बीमारी और अक्षमता के मामलों में सार्वजनिक सहायता प्रदान करने का निर्देश देता है।
    • कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू होता है
    • गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले वृद्धजनों, विधवाओं, विकलांगों और अन्य जरूरतमंदों को सामाजिक पेंशन के रूप में सहायता देता है।
  • प्रशासनिक ढांचा
    • NSAP का संचालन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) द्वारा किया जाता है।
    • यह मंत्रालय योजना के लिए पूर्ण रूप से वित्त पोषण करता है तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से इसका क्रियान्वयन होता है।
    • जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर स्थानीय प्रशासन इसकी निगरानी करता है
    • जबकि लाभार्थी डेटा NSAP डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होता है।
    • आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (ABPS) को अपनाकर पारदर्शिता बढ़ाई गई है।
  • NSAP के अंतर्गत योजनाएं
    • वर्तमान में NSAP के तहत निम्नलिखित पांच प्रमुख उप-योजनाएं संचालित हैं:
    • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS): 60 वर्ष से अधिक उम्र के BPL वृद्धजनों को मासिक पेंशन।​
    • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS): BPL विधवाओं को सहायता।​
    • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना (IGNDPS): 80% से अधिक विकलांगता वाले BPL व्यक्तियों के लिए।​
    • राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS): BPL परिवार के मुख्य कमाने वाले की मृत्यु पर एकमुश्त सहायता (₹20,000)।​
    • अन्नपूर्णा योजना (Annapurna): वृद्धजनों को मासिक 10 किलो अनाज।​
    • ये योजनाएं 'कोर ऑफ कोर' स्कीमों में शामिल हैं, जिसके तहत केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय आवंटन बढ़ाया जा रहा है।
    • उदाहरणस्वरूप, 2018-19 में ₹9,975 करोड़ आवंटित किए गए थे।​
  • लाभार्थी और पात्रता
    • लाभार्थी मुख्य रूप से BPL श्रेणी के होते हैं:
    • वृद्धजन: 60+ वर्ष।
    • विधवाएं: BPL परिवार से।
    • विकलांग: 80% विकलांगता प्रमाणित।
    • परिवार: मुख्य कमाने वाले की मृत्यु पर।
    • आवेदन संबंधित जिला सर्कल कार्यालय या पंचायत में दस्तावेजों (आधार, BPL कार्ड, आयु प्रमाण) के साथ किया जाता है।
    • वेबसाइट nsap.nic.in पर लाभार्थी स्थिति जांच सकते हैं।
  • हालिया विकास और चुनौतियां
    • योजना में डिजिटलीकरण से पारदर्शिता बढ़ी है, जैसे आधार लिंकिंग (173 लाख लाभार्थियों तक)।
    • हालांकि, कुछ राज्यों में विलंब और कवरेज की कमी की शिकायतें रही हैं। 2016 से इसे कोर योजना बनाया गया
    • जिससे बजट वृद्धि हुई। 2025 तक यह गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

48. दिसंबर, 2022 में भारत सरकार ने गृह प्रवेश योजना (Grih Pravesh scheme) की शुरुआत की। इस योजना का लक्ष्य ....... क्षेत्रों के निवासियों को लाभ प्रदान करना था। [MTS (T-I) 12 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) ग्रामीण और शहरी दोनों
Solution:
  • प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों के लिए गृह प्रवेश योजना की शुरुआत दिसंबर, 2022 में त्रिपुरा में किया।
  • इसका उद्देश्य स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे करने पर वर्ष 2022 तक शहरी क्षेत्रों में सभी के लिए आवास के लक्ष्य को प्राप्त करना था।
  • योजना का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
    • गृह प्रवेश योजना का प्राथमिक लक्ष्य देश के ग्रामीण (PMAY-G) और शहरी (PMAY-U) दोनों क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय समूह (LIG) और मध्य आय समूह (MIG) के लोगों को पक्के घर उपलब्ध कराना है।
    • दिसंबर 2022 में लॉन्च होने के बाद, यह योजना PMAY के तहत लक्ष्य प्राप्ति को गति देने के लिए शुरू की गई
    • जिसमें 2024 तक "सबका घर" का सपना साकार करने पर जोर दिया गया।
    • योजना के तहत लाभार्थियों को सब्सिडी, ऋण और अनुदान के माध्यम से सहायता मिलती है
    • जिससे वे अपनी रहने की स्थिति सुधार सकें।
    • यह ग्रामीण विकास मंत्रालय (PMAY-G) और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (PMAY-U) द्वारा संचालित है।​
  • प्रमुख विशेषताएं
    • लाभार्थी चयन: Socio-Economic Caste Census (SECC) 2011 डेटा के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है
    • विशेषकर BPL परिवारों, विधवाओं, विकलांगों और SC/ST वर्ग को।​
    • सहायता राशि: ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1.2 लाख से ₹2.5 लाख तक (घर के प्रकार पर निर्भर), शहरी में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) के तहत ब्याज सब्सिडी।​
    • तकनीकी एकीकरण: Awaas+ ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन, निगरानी और भुगतान। आधार लिंकिंग अनिवार्य है।​
    • लक्ष्य: 2024 तक 2.95 करोड़ अतिरिक्त घरों का निर्माण, जिसमें ग्रामीण में 2.17 करोड़ और शहरी में बाकी।​
  • कार्यान्वयन प्रक्रिया
    • आवेदन स्थानीय पंचायत, नगर निगम या pmaymis.gov.in/pmay-urban.gov.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है।
    • दस्तावेज जैसे आधार, बैंक विवरण, आय प्रमाण आवश्यक हैं। निर्माण की प्रगति Geo-tagging के जरिए ट्रैक होती है।
    • योजना में स्वच्छ भारत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन से समन्वय है।​
  • उपलब्धियां और चुनौतियां
    • 2023 तक लाखों घर पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन कोविड, सामग्री लागत वृद्धि जैसी चुनौतियां रहीं।
    • सरकार ने 2024 में विस्तार किया। हरियाणा के कैथल जैसे क्षेत्रों में यह योजना प्रभावी रूप से चल रही है।
    • यह गरीबी उन्मूलन और आवास अधिकार को मजबूत करने वाली योजना है।​

49. पथ या सड़क विक्रेताओं (Street vendors) के वित्तीय समावेशन के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई योजना का नाम क्या है, जिसकी वर्षगांठ का समारोह 9 जुलाई से 31 जुलाई, 2022 तक आयोजित किया गया था? [MTS (T-I) 12 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) पीएम स्वनिधि योजना
Solution:
  • PM स्वनिधि योजना 1 जून, 2020 को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा लांच किया गया था।
  • इस योजना का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडरों को अपनी आजीविका फिर से शुरू करने के लिए किफायती कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करना है
  • जो कि कोविड-19 लॉकडाउन के कारण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए हैं।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना कोविड-19 महामारी से प्रभावित शहरी सड़क विक्रेताओं को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करके उनके व्यवसाय को पुनः शुरू करने में सहायता करती है।
    • मुख्य लक्ष्य स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ना, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना तथा नियमित भुगतान के लिए ब्याज सब्सिडी देना है।
    • योजना के तहत 50 लाख से अधिक विक्रेताओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया, जिसमें महिलाओं का विशेष ध्यान है।
  • ऋण संरचना एवं विशेषताएं
    • डिजिटल भुगतान (UPI/रुपे) पर प्रति वर्ष ₹1,200 तक का कैशबैक मिलता है।
    • कोई जमानत या कोलैटरल की आवश्यकता नहीं; ऋण 49 बैंकों (आरबीआई, एनबीएफसी) के माध्यम से ई-केेवाईसी से दिए जाते हैं।
    • योजना को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाया गया है, जिसमें ₹7,332 करोड़ का प्रावधान है।​​
  • वर्षगांठ समारोह (2022)
    • पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 9 जुलाई से 31 जुलाई 2022 तक "पीएम स्वनिधि से समृद्धि" अभियान चला।
    • इसमें ऋण मेला, जागरूकता शिविर, डिजिटल लेनदेन कार्यशालाएं तथा शिकायत निवारण कैंप आयोजित हुए।
    • तब तक 42 लाख ऋण (₹5,150 करोड़) वितरित हो चुके थे, जो 2,000+ शहरों के विक्रेताओं को लाभान्वित कर चुके थे।
    • 127 शहरी क्षेत्रों में सघनता बढ़ाने पर जोर दिया गया।​
  • पात्रता एवं कार्यान्वयन
    • विक्रेता 24 मार्च 2020 या उसके पहले शहरी क्षेत्र (नगर निगम/नोटिफाइड टाउन) में सक्रिय हों।
    • न्यूनतम आयु 18 वर्ष; स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत टाउन वेंडिंग कमिटी द्वारा प्रमाणित।
    • आवेदन पोर्टल pmsvanidhi.mohua.gov.in पर आधार/ई-केेवाईसी से; न्यूनतम दस्तावेज।
    • अभी तक 82 लाख+ ऋण (₹12,651 करोड़) स्वीकृत, 90% से अधिक रिकवरी दर।
    • योजना अन्य स्कीमों (पीएमजेजेबीवाई, स्वास्थ्य बीमा) से लिंक है।
  • प्रभाव एवं उपलब्धियां
    • जनवरी 2026 तक योजना ने लाखों विक्रेताओं (55% महिलाएं) को सशक्त बनाया, डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया।
    • इसे पीएम एक्सीलेंस अवॉर्ड 2023 तथा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवॉर्ड 2022 मिले।
    • विस्तार में ऋण सीमा बढ़ाई गई, जो आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनी।​

50. उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य-पॉवर @ 2047 (Ujjwal Bharat Ujjwal Bhavishya-Power @ 2047) के अंतर्गत, प्रधानमंत्री ने तेलंगाना में निम्नलिखित में से किस 100 मेगावॉट सौर परियोजना का उ‌द्घाटन किया? [MTS (T-I) 06 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) रामागुंडम फ्लोटिंग सौर परियोजना
Solution:
  • उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य-पॉवर @ 2047 देशभर में चल रहे आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में आयोजित किया गया था
  • जो पिछले लगभग आठ वर्षों में विद्युत क्षेत्र में हुए परिवर्तन को देखता है।
  • इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने विभिन्न हरित ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया।
  • जैसे-तेलंगाना में 100 मेगावॉट की रामागुंडम फ्लोटिंग सौर परियोजना (जो भारत की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर PV परियोजना है
  • केरल में 92 मेगावॉट कायमकुलम फ्लोटिंग सौर परियोजना, राजस्थान में 735 मेगावॉट नोख सौर परियोजना
  • लेह में ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजना और गुजरात में प्राकृतिक गैस के साथ कावास ग्रीन हाइड्रोजन सम्मिश्रण परियोजना।
  • पहल का संदर्भ
    • उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य-पॉवर @ 2047 आजादी का अमृत महोत्सव का हिस्सा था
    • जो 25-30 जुलाई 2022 को देशभर में मनाया गया।
    • इसका उद्देश्य 2047 तक 24x7 बिजली आपूर्ति, नवीकरणीय ऊर्जा वृद्धि, ग्रिड आधुनिकीकरण और ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करना है।
    • इस कार्यक्रम के ग्रैंड फिनाले में प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई हरित ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।​
  • परियोजना का विवरण
    • स्थान और क्षमता: रामागुंडम, तेलंगाना (पेद्दापल्ली जिले में NTPC रामागुंडम थर्मल स्टेशन के जलाशय पर); 100 MW क्षमता।
    • विशेषताएं: तैरता सोलर प्लांट होने से भूमि की बचत होती है और जलाशय से पानी का वाष्पीकरण 70-80% तक कम होता है।
    • इसमें हाई-एफिशिएंसी PV मॉड्यूल हैं जो पानी पर तैरते हैं।
    • लागत और निर्माण: NTPC द्वारा विकसित, कुल हरित परियोजनाओं की लागत 5200 करोड़ रुपये से अधिक। इसमें स्वदेशी तकनीक का प्रमुख उपयोग।​​
    • लाभ: सालाना 1.5 लाख टन कोयले की बचत, 2 लाख टन CO2 उत्सर्जन में कमी; तेलंगाना के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को बढ़ावा।​
  • उद्घाटन कार्यक्रम
    • 30 जुलाई 2022 को ग्रैंड फिनाले में प्रधानमंत्री ने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया
    • साथ ही केरल के 92 MW कायमकुलम फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भी।
    • अन्य घोषणाओं में रेवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS, 3 लाख करोड़ रुपये), नेशनल सोलर रूफटॉप पोर्टल लॉन्च और NTPC की अन्य परियोजनाएं (जैसे राजस्थान का 735 MW नोख सोलर) शामिल रहीं। कार्यक्रम में लाभार्थियों से सीधा संवाद भी हुआ।​​
  • महत्व और प्रभाव
    • यह परियोजना भारत के 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य (2030 तक) की दिशा में मील का पत्थर है
    • खासकर फ्लोटिंग सोलर तकनीक से जल संसाधनों का कुशल उपयोग। तेलंगाना पहले से सोलर-विंड में अग्रणी राज्य है
    • यह प्रोजेक्ट DISCOMs की दक्षता बढ़ाने में सहायक।
    • कुल मिलाकर, पहल ने पावर सेक्टर में पिछले 8 वर्षों की उपलब्धियों (जैसे 18,000 गांवों का विद्युतीकरण) को रेखांकित किया।​​