Correct Answer: (d) रामागुंडम फ्लोटिंग सौर परियोजना
Solution:- उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य-पॉवर @ 2047 देशभर में चल रहे आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में आयोजित किया गया था
- जो पिछले लगभग आठ वर्षों में विद्युत क्षेत्र में हुए परिवर्तन को देखता है।
- इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने विभिन्न हरित ऊर्जा परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया।
- जैसे-तेलंगाना में 100 मेगावॉट की रामागुंडम फ्लोटिंग सौर परियोजना (जो भारत की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर PV परियोजना है
- केरल में 92 मेगावॉट कायमकुलम फ्लोटिंग सौर परियोजना, राजस्थान में 735 मेगावॉट नोख सौर परियोजना
- लेह में ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजना और गुजरात में प्राकृतिक गैस के साथ कावास ग्रीन हाइड्रोजन सम्मिश्रण परियोजना।
- पहल का संदर्भ
- उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य-पॉवर @ 2047 आजादी का अमृत महोत्सव का हिस्सा था
- जो 25-30 जुलाई 2022 को देशभर में मनाया गया।
- इसका उद्देश्य 2047 तक 24x7 बिजली आपूर्ति, नवीकरणीय ऊर्जा वृद्धि, ग्रिड आधुनिकीकरण और ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करना है।
- इस कार्यक्रम के ग्रैंड फिनाले में प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई हरित ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।
- परियोजना का विवरण
- स्थान और क्षमता: रामागुंडम, तेलंगाना (पेद्दापल्ली जिले में NTPC रामागुंडम थर्मल स्टेशन के जलाशय पर); 100 MW क्षमता।
- विशेषताएं: तैरता सोलर प्लांट होने से भूमि की बचत होती है और जलाशय से पानी का वाष्पीकरण 70-80% तक कम होता है।
- इसमें हाई-एफिशिएंसी PV मॉड्यूल हैं जो पानी पर तैरते हैं।
- लागत और निर्माण: NTPC द्वारा विकसित, कुल हरित परियोजनाओं की लागत 5200 करोड़ रुपये से अधिक। इसमें स्वदेशी तकनीक का प्रमुख उपयोग।
- लाभ: सालाना 1.5 लाख टन कोयले की बचत, 2 लाख टन CO2 उत्सर्जन में कमी; तेलंगाना के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को बढ़ावा।
- उद्घाटन कार्यक्रम
- 30 जुलाई 2022 को ग्रैंड फिनाले में प्रधानमंत्री ने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया
- साथ ही केरल के 92 MW कायमकुलम फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भी।
- अन्य घोषणाओं में रेवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS, 3 लाख करोड़ रुपये), नेशनल सोलर रूफटॉप पोर्टल लॉन्च और NTPC की अन्य परियोजनाएं (जैसे राजस्थान का 735 MW नोख सोलर) शामिल रहीं। कार्यक्रम में लाभार्थियों से सीधा संवाद भी हुआ।
- महत्व और प्रभाव
- यह परियोजना भारत के 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य (2030 तक) की दिशा में मील का पत्थर है
- खासकर फ्लोटिंग सोलर तकनीक से जल संसाधनों का कुशल उपयोग। तेलंगाना पहले से सोलर-विंड में अग्रणी राज्य है
- यह प्रोजेक्ट DISCOMs की दक्षता बढ़ाने में सहायक।
- कुल मिलाकर, पहल ने पावर सेक्टर में पिछले 8 वर्षों की उपलब्धियों (जैसे 18,000 गांवों का विद्युतीकरण) को रेखांकित किया।