प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-III)

Total Questions: 28

11. निम्नलिखित में से कौन-सा मंत्रालय 'इंदिरा आवास योजना' के संचालन के लिए जिम्मेदार था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 3 दिसंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) ग्रामीण विकास मंत्रालय
Solution:
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय 'इंदिरा आवास योजना' के संचालन के लिए जिम्मेदार मंत्रालय है।
  • इसे भारत में सातवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान प्रारंभ किया गया था।
  • योजना का इतिहास
    • इंदिरा आवास योजना की शुरुआत जून 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में हुई थी।
    • यह सातवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम (RLEGP) की उप-योजना के रूप में लॉन्च की गई।
    • 1989 में यह जवाहर रोजगार योजना का हिस्सा बनी और 2016 में इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) कर दिया गया।
  • उद्देश्य और लाभार्थी
    • योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण गरीबों, विशेषकर अनुसूचित जाति/जनजाति, मुक्त बंधुआ मजदूरों, गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना था।
    • बाद में गैर-SC/ST BPL परिवारों को भी शामिल किया गया, हालांकि उनकी हिस्सेदारी कुल फंड का 40% से अधिक नहीं होती।
    • शहीद सैनिकों की विधवाओं, विकलांगों (3% कोटा) और अर्द्धसैनिक बलों के परिवारों को भी प्राथमिकता मिली।
  • कार्यान्वयन और निगरानी
    • ग्रामीण विकास मंत्रालय ने योजना को जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर लागू किया। लाभार्थियों का चयन ग्राम सभाओं द्वारा होता था।
    • जुलाई 2010 में लॉन्च हुए 'आवास सॉफ्ट' सॉफ्टवेयर ने बेहतर प्रशासन, निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की।
    • निर्मित घर महिलाओं या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर आवंटित होते थे।
  • वित्तीय सहायता और उपलब्धियां
    • प्रति घर अनुदान राशि समय-समय पर बढ़ाई गई, जो ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों बेघर परिवारों को स्थायी आवास प्रदान करने में सहायक रही।
    • PMAY-G में 2016-2019 तक 1 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा गया।
    • मंत्रालय ने HUUDCO, NHB जैसी नोडल एजेंसियों के माध्यम से फंड वितरण किया।
  • अन्य मंत्रालयों से अंतर
    • श्रम और रोजगार, मानव संसाधन विकास या सामाजिक न्याय मंत्रालय इससे असंबंधित थे
    • ये क्रमशः रोजगार, शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर केंद्रित हैं।
    • ग्रामीण विकास मंत्रालय ही ग्रामीण आवास पर फोकस करता रहा।

12. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) किस वर्ष में शुरू की गई थी? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) 2016 में
Solution:
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना भारत सरकार की एक योजना है
  • जिसमें भ्रष्ट लोगों के बैंकों में जमा कराए जाने वाले काले धन को सरकार गरीबों के विकास में लगाएगी।
  • इसकी शुरुआत वर्ष 2016 में हुई। मार्च, 2020 में कोविड-19 के खिलाफ योजना का विस्तार करते हुए
  • 1.70 लाख करोड़ रुपये का एक व्यापक राहत पैकेज की घोषणा की गई।
  • वर्तमान में यह योजना दिसंबर, 2028 तक के लिए विस्तारित कर दी गई है।
  • योजना का इतिहास
    •  इसका प्रारंभिक कार्यकाल दिसंबर 2016 से मार्च 2017 तक था, जिसे बाद में जून और फिर नवंबर 2020 तक बढ़ाया गया।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित यह योजना नोटबंदी के बाद काले धन पर अंकुश लगाने के प्रयासों का हिस्सा बनी।
  • मुख्य उद्देश्य
    • योजना का प्राथमिक लक्ष्य अघोषित आय का खुलासा प्रोत्साहित करना था, ताकि कर चोरी रोकी जा सके और आय समानता बढ़े।
    • घोषणा करने वालों को बिना अभियोजन के छूट मिली, लेकिन कर, जुर्माना और अधिभार चुकाना पड़ा।
    • इससे प्राप्त धन का 25% प्रधानमंत्री गरीब कल्याण जमा योजना में ब्याज-मुक्त जमा किया गया, जो चार वर्षों के लिए लॉक रहा।
  • वित्तीय प्रावधान
    • अघोषित आय पर 30% कर, 10% जुर्माना, और 33% अधिभार (कुल लगभग 50%)।
    • 25% राशि गरीब कल्याण कोष में अनिवार्य जमा।
    • कोई कानूनी कार्रवाई या संपत्ति जब्ती नहीं, यदि पूर्ण अनुपालन हो।
    • यह संरचना कर चोरों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राजस्व बढ़ाने में सफल रही।
  • बाद के विस्तार और भ्रम
    • नोट: COVID-19 के दौरान मार्च 2020 में शुरू हुई "प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PM-GKAY)" एक अलग खाद्य सुरक्षा योजना है
    • जो मुफ्त राशन प्रदान करती है। मूल PMGKY इससे अलग है
    • हालांकि नाम समानता से भ्रम होता है। PM-GKAY को 2022-2023 तक बढ़ाया गया।
  • प्रभाव और उपलब्धियां
    • PMGKY ने अघोषित आय का करीब ₹1 लाख करोड़ से अधिक खुलासा कराया
    • जिससे सरकार को राजस्व मिला और पारदर्शिता बढ़ी।
    • यह वित्तीय समावेशन और काले धन उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था
    • हालांकि कुछ आलोचनाओं में इसकी सीमित अवधि को उठाया गया।​

13. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) भारत सरकार द्वारा किस वर्ष शुरू की गई थी? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 2015 में
Solution:
  • प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) मिशन 25 जून, 2015 को शुरू किया गया था।
  • इसका उद्देश्य वर्ष 2022 तक शहरी क्षेत्रों में सभी के लिए आवास उपलब्ध कराना है।
  • वर्तमान में इस योजना का विस्तार करते हुए दिसंबर, 2024 तक के लिए कर दिया गया है।
  • उद्देश्य
    • PMAY-U का मुख्य लक्ष्य 2022 तक सभी शहरी गरीबों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय समूह (LIG) और मध्यम आय समूह (MIG) के परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराना था
    • जब भारत स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे कर रहा था। योजना शहरी क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करने पर केंद्रित है
    • जिसमें स्लम निवासी भी शामिल हैं। यह "सबके लिए आवास" के विजन को साकार करने के लिए शुरू की गई।
  • घटक और संरचना
    • योजना के चार मुख्य वर्टिकल हैं:
    • लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण (BLC): व्यक्तिगत लाभार्थियों को सीधे केंद्रीय सहायता, जैसे EWS के लिए ₹1.5 लाख प्रति घर।
    • क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS): होम लोन पर ब्याज सब्सिडी, MIG-I के लिए ₹2.35 लाख तक।
    • वित्तीय सहायता के लिए किफायती आवास परियोजनाएं (AHP): निजी डेवलपर्स को प्रोत्साहन।
    • इन-सिटू स्लम पुनर्वास (ISSR): स्लम क्षेत्रों में ही पुनर्वास।
  • कार्यान्वयन चरण
    • फेज 1 (2015-2017): 100 शहर कवर।
    • फेज 2 (2017-2019): 200 अतिरिक्त शहर।
    • फेज 3 (2019-2022): शेष सभी शहर।
    • कुल 1.12 करोड़ घरों का लक्ष्य रखा गया, जिसमें से लाखों स्वीकृत और पूर्ण हो चुके हैं।
  • विस्तार और PMAY-U 2.0
    • मूल लक्ष्य 2022 के बाद भी योजना जारी रही। सितंबर 2024 में PMAY-U 2.0 शुरू हुई
    • जो 5 वर्षों में 1 करोड़ अतिरिक्त घर प्रदान करेगी
    • जिसमें निर्माण, क्रय या किराए पर सहायता शामिल है। 2025 तक 3.52 लाख से अधिक घर मंजूर हो चुके हैं।
  • प्रगति (जनवरी 2026 तक)
    • कुल 118.64 लाख घर स्वीकृत, 88 लाख से अधिक पूर्ण।
    • राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के माध्यम से केंद्रीय सहायता वितरित की जाती है।
    • यह योजना रियल एस्टेट कीमतों को किफायती बनाने में सहायक रही।​

14. निम्नलिखित में से किस मंत्रालय ने 'वेंचर पूंजी सहायता योजना' शुरू की है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 15 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
Solution:
  • 'कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय' ने वेंचर पूंजी सहायता योजना शुरू की है।
  • योजना का परिचय
    • यह योजना भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है
    • जो कृषि क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य कृषि उद्यमियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और अन्य कृषि-व्यवसाय इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करके व्यावसायिक परियोजनाओं की स्थापना में मदद करना है।
    • योजना लघु किसान कृषि-व्यवसाय संघ (SFAC) द्वारा कार्यान्वित की जाती है, जो मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है।
  • उद्देश्य और लाभ
    • योजना का फोकस कृषि-व्यवसाय परियोजनाओं के निर्माण को प्रोत्साहित करने पर है
    • जहां उद्यमियों को इक्विटी अनुदान या वेंचर कैपिटल के रूप में पूंजी उपलब्ध कराई जाती है।
    • यह कृषि क्षेत्र में नवाचार और बाजार-उन्मुख उद्यमिता को मजबूत करती है
    • जिससे किसानों की आय बढ़ाने और मूल्य श्रृंखलाओं के विकास में योगदान मिलता है।
    • योग्य परियोजनाओं को वित्तीय सहायता मिलने से छोटे किसान और स्टार्टअप्स को बड़े निवेशकों से जोड़ने में आसानी होती है।
  • कार्यान्वयन और पात्रता
    • SFAC योजना का क्रियान्वयन करता है, जो परियोजनाओं का मूल्यांकन करके वेंचर कैपिटल प्रदान करता है।
    • पात्रता में कृषि उद्यमी, FPO और कृषि-व्यवसाय परियोजनाएं शामिल हैं
    • जिनकी व्यावसायिक व्यवहार्यता सिद्ध हो।
    • मंत्रालय तेजी से कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए विभिन्न योजनाओं जैसे PMFBY और PMKSY के साथ इसे जोड़ता है।​
  • मंत्रालय की भूमिका
    • कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय राष्ट्रीय कृषि नीतियों का निर्माण और कार्यान्वयन करता है
    • जिसमें बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन शामिल हैं। यह योजना मंत्रालय की व्यापक रणनीति का हिस्सा है
    • जो SFAC के माध्यम से कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देती है।
    • SFAC किसानों को बाजारों से जोड़ने और मूल्य श्रृंखलाओं के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाता है।​

15. सामुदायिक विकास कार्यक्रम भारत में ....... पंचवर्षीय योजना के तहत था। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) पहली
Solution:
  • सामुदायिक विकास कार्यक्रम ग्रामीण लोगों के समग्र विकास के उद्देश्य से शुरू किया गया एक बहु-परियोजना कार्यक्रम था।
  • इसे 2 अक्टूबर, 1952 को शुरू किया गया था। इसे भारत में पहली पंचवर्षीय योजना के दौरान लागू किया गया था।
  • प्रारंभ और पृष्ठभूमि
    • जिसमें कृषि, सिंचाई, संचार और सामाजिक सेवाओं पर जोर दिया गया।
    • इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण लोगों को स्वावलंबी बनाना और उनकी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से जीवन स्तर में सुधार लाना था।
    • योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया।
  • उद्देश्य
    • कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल थे:
    • कृषि उत्पादकता बढ़ाना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और पशुपालन का विकास।
    • स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता सेवाओं का प्रसार, जैसे प्राथमिक स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पाइपलाइन जल आपूर्ति।
    • ग्रामीण कारीगरों के कौशल प्रशिक्षण, सड़कें, बाजार और सहकारी समितियों का निर्माण।
    • सामाजिक नेतृत्व का विकास और महिलाओं-युवाओं की भागीदारी बढ़ाना।
  • कार्यान्वयन संरचना
    • कार्यक्रम विकास खंडों (Community Development Blocks) के माध्यम से लागू किया गया
    • जहां प्रत्येक खंड में लगभग 100 गांव आते थे। ग्राम पंचायत, सहकारी समितियां और स्कूल इसकी आधारभूत संस्थाएं बनीं।
    • केंद्र और राज्य सरकारों ने व्यय का आधा-आधा भाग वहन किया। 1952 में 55 परियोजनाओं से शुरुआत हुई
    • जो पहली योजना के अंत तक पूरे देश में विस्तारित हो गईं।
    • प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से अधिकारी और कार्यकर्ताओं को तैयार किया गया।
  • पहली पंचवर्षीय योजना का संदर्भ
    • पहली योजना हरrod-Domar मॉडल पर आधारित थी, जो कृषि और सिंचाई पर केंद्रित रही।
    • इसमें भाखड़ा नांगल, हीराकुंड जैसी बहुउद्देशीय परियोजनाएं शामिल रहीं।
    • CDP ने इस योजना के ग्रामीण विकास लक्ष्यों को साकार करने में केंद्रीय भूमिका निभाई
    • जिससे खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा और आयात निर्भरता घटी।
  • उपलब्धियां और चुनौतियां
    • कार्यक्रम ने लाखों परिवारों को लाभ पहुंचाया, जैसे 600 निर्धन परिवारों को कृषि, कुटीर उद्योग और अन्य सेवाओं से जोड़ा गया।
    • हालांकि, नौकरशाही, अपर्याप्त फंडिंग और जन भागीदारी की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
    • बाद की योजनाओं (जैसे दूसरी योजना में औद्योगीकरण) ने इसे पूरक बनाया।
  • बाद का विकास
    • CDP ने बाद में एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP) जैसी योजनाओं की नींव रखी।
    • यह ग्रामीण निर्धनता उन्मूलन में पंचवर्षीय योजनाओं का प्रारंभिक प्रयास था।
    • आजादी के बाद के भारत में यह ग्रामीण आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना।

16. निम्नलिखित में से किस योजना का उद्देश्य देश के नागरिकों को उचित मूल्य पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना
Solution:
  • नवंबर, 2008 में सभी को सस्ती कीमतों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने 'जन औषधि योजना' शुरू की।
  • ब्रांडेड दवाओं के बराबर प्रभावकारिता और गुणवत्ता वाली सस्ती जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति को पुनर्जीवित करने के लिए
  • इस योजना को वर्ष 2015 में 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना' के रूप में पुनर्जीवित किया गया।
  • योजना का इतिहास
    • 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे "प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना" (PMBJP) के रूप में पुनः लॉन्च किया गया।
    • फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा संचालित यह पहल अब फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) के अधीन कार्यरत है।​
  • मुख्य उद्देश्य
    • PMBJP का प्राथमिक लक्ष्य सभी नागरिकों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं किफायती दामों पर उपलब्ध कराना है।
    • यह ब्रांडेड दवाओं के समकक्ष प्रभाव वाली दवाओं को प्रदान कर स्वास्थ्य व्यय को कम करती है
    • जिससे अब तक लगभग 38,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
    • योजना सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर देती है।
  • उपलब्ध दवाएं और उत्पाद
    • वर्तमान में योजना के तहत 2,110 से अधिक दवाएं और 315 सर्जिकल, चिकित्सा वस्तुएं उपलब्ध हैं
    • जिनमें हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, संक्रमण, एलर्जी, जठरांत्र संबंधी दवाएं तथा न्यूट्रास्युटिकल्स शामिल हैं।
    • 31 मार्च 2026 तक इसे 2,200 दवाओं और 320 उत्पादों तक विस्तारित करने का लक्ष्य है।
    • ये सभी उत्पाद WHO-GMP प्रमाणित आपूर्तिकर्ताओं से आते हैं और NABLI मान्यता प्राप्त लैबों में परीक्षण के बाद ही वितरित होते हैं।
  • जन औषधि केंद्र
    • देश भर में 10,000 से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK) स्थापित हैं
    • जो अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, कोल इंडिया जैसे परिसरों में उपलब्ध हैं।
    • ये केंद्र न केवल दवाएं बल्कि सर्जिकल उपकरण भी प्रदान करते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, कोल इंडिया लिमिटेड के साथ हालिया MoU से मजदूरों को सस्ती दवाएं मिल रही हैं।
  • गुणवत्ता नियंत्रण
    • दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त मानक अपनाए गए हैं:
    • केवल WHO-GMP प्रमाणित आपूर्तिकर्ताओं से खरीद।
    • प्रत्येक बैच का NABLI लैब में परीक्षण।
    • ब्रांडेड दवाओं के बराबर प्रभावशीलता।​
  • प्रभाव और उपलब्धियां
    • PMBJP ने स्वास्थ्य समानता को बढ़ावा दिया है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में।
    • यह भारत को जेनेरिक दवाओं का वैश्विक सप्लायर बनाने में योगदान दे रही है।
    • हर साल 7 मार्च को जनऔषधि दिवस मनाया जाता है ताकि जागरूकता बढ़े।
    • चुनौतियां जैसे डॉक्टरों का प्रतिरोध और कम जागरूकता के बावजूद, यह योजना सफलतापूर्वक विस्तार कर रही है।​​
  • भविष्य की योजनाएं
    • 2026 तक केंद्रों की संख्या बढ़ाने और उत्पाद श्रृंखला विस्तार के साथ, PMBJP स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति लाने वाली है।
    • राज्य सरकारों को भी जेनेरिक दवाओं को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है।
    • यह न केवल लागत बचत करती है बल्कि स्वस्थ भारत अभियान को मजबूत बनाती है।

17. 'राष्ट्रीय आयुष मिशन' को 31 मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया गया है। योजना कब शुरू की गई थी? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 2014
Solution:
  • राष्ट्रीय आयुष मिशन को सितंबर, 2014 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत आयुष विभाग द्वारा 12वीं योजना के दौरान राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के माध्यम से कार्यान्वयन के लिए शुरू किया गया।
  • सरकार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में 31 मार्च, 2026 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह मिशन आयुष (आयुर्वेद, योग-नेचरोपैथी, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) स्वास्थ्य सेवाओं को देशभर में किफायती, समान और सुलभ बनाने के लिए कार्यान्वित किया गया।
    • मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयुष सुविधाओं का विस्तार, गुणवत्ता नियंत्रण और एकीकरण है।
    • योजना 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आयुष विभाग द्वारा लॉन्च की गई थी।
  • प्रमुख घटक
    • आयुष सेवाएं: अस्पतालों, डिस्पेंसरी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर आयुष ओपीडी/आईपीडी सेवाएं शुरू करना, स्टाफ नियुक्ति और उपकरण प्रदान करना।
    • शैक्षिक संस्थान: आयुष कॉलेजों का उन्नयन, अंडरग्रेजुएट/पोस्टग्रेजुएट शिक्षा को मजबूत बनाना।
    • गुणवत्ता नियंत्रण: आयुष दवाओं के लिए क्वालिटी कंट्रोल लैब स्थापित करना और मानकों का पालन सुनिश्चित करना।
    • औषधीय पौधे: जड़ी-बूटियों की खेती, संरक्षण और आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना।
  • विस्तार और बजट
    • योजना को समय-समय पर बढ़ाया गया—2017 में 2020 तक, फिर 2021 से 31 मार्च 2026 तक 4607.30 करोड़ रुपये (केंद्र: 3000 करोड़, राज्य: 1607.30 करोड़) के व्यय के साथ।
    • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई 2021 में इसकी मंजूरी दी।
    • वर्तमान में यह सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है, जिसमें हरियाणा (जैसे कैथल क्षेत्र) भी शामिल है।
  • उपलब्धियां
    • NAM के तहत 10,000+ आयुष डिस्पेंसरी स्थापित, 400+ अस्पताल उन्नत, 50+ क्वालिटी लैब चालू।
    • कोविड-19 के दौरान आयुष के योगदान ने इसकी प्रासंगिकता बढ़ाई।
    • आयुष मंत्रालय अब इसे "आयुष फॉर ऑल" अभियान से जोड़ रहा है।​

18. उस योजना का नाम क्या है, जिसे वर्ष 2018 में पोषण अभियान के रूप में नया नाम दिया गया है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 21 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) राष्ट्रीय पोषण मिशन
Solution:
  • 8 मार्च, 2018 को सरकार द्वारा पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन) शुरू किया गया था।
  • इसका उद्देश्य स्टंटिंग, अल्पपोषण, एनीमिया तथा जन्म के समय वजन में कमी को क्रमशः 20%, 2%, 3% और 2% प्रतिवर्ष कम करना है।
  • लॉन्च और पृष्ठभूमि
    • यह योजना 8 मार्च 2018 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजस्थान के झुंझुनू से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई।
    • ICDS (1975 से चल रही) को मजबूत बनाने के लिए इसे नया रूप दिया गया
    • जिसमें पहले 1000 दिनों (गर्भावस्था से 2 वर्ष तक) पर फोकस बढ़ाया गया।
    • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय इसके नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
  • मुख्य उद्देश्य
    • स्टंटिंग (बौनापन) को 2% प्रतिवर्ष कम करना।
    • अंडरन्यूट्रिशन (कम वजन) में 2% कमी।
    • एनीमिया (बच्चों, किशोरियों, महिलाओं में) 3% कम।
    • लो बर्थ वेट 2% घटाना।​
    • यह 2022 तक कुपोषण मुक्त भारत का लक्ष्य रखती थी।​
  • लक्षित समूह
    • 0-6 वर्ष के बच्चे।
    • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली मांएं।
    • किशोरियां।
  • प्रमुख विशेषताएं
    • तकनीक आधारित: ICDS-CAS सॉफ्टवेयर से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, POSHAN ट्रैकर ऐप।
    • समुदाय भागीदारी: आंगनवाड़ी वर्कर्स, पोषण पखवाड़ा।
    • बहु-मंत्रालयी अभिसरण: स्वास्थ्य (एनएचएम), शिक्षा, स्वच्छता, ग्रामीण विकास के साथ समन्वय।​
    • जन आंदोलन: पोषण माह (सितंबर), एनीमिया मुक्त भारत।

19. शिक्षा के क्षेत्र में एक योजना 'समग्र शिक्षा', ....... से संबंधित पहले की योजनाओं को समाहित करती है। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 20 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) केवल सर्वशिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षा
Solution:
  • समग्र शिक्षा प्री-स्कूल से लेकर 12वीं कक्षा तक के स्कूली शिक्षा क्षेत्र के लिए एक व्यापक कार्यक्रम है।
  • इसमें सर्वशिक्षा अभियान (एस.एस.ए.), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आर.एम. एस.ए.) और शिक्षक शिक्षा (टी.ई.) तीन योजनाओं को शामिल किया गया है।
  • इसे वर्ष 2018 में प्रारंभ किया गया था।
  • योजना का परिचय
    • समग्र शिक्षा अभियान को 2018 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) द्वारा शुरू किया गया था
    • जिसमें प्रकाश जावड़ेकर ने लॉन्च किया। यह पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12 तक समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
    • योजना का विस्तार 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 तक किया गया है
    • जिसमें कुल 2,94,283.04 करोड़ रुपये का बजट है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 1,85,398.32 करोड़ रुपये है।
  • समाहित पूर्व योजनाएँ
    • यह योजना निम्नलिखित प्रमुख पूर्व योजनाओं को एकीकृत करती है:
    • सरवा शिक्षा अभियान (SSA): प्राथमिक शिक्षा पर फोकस वाली योजना, जो सार्वभौमिक शिक्षा सुनिश्चित करती थी।​
    • राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA): माध्यमिक स्तर की शिक्षा को मजबूत करने वाली।​
    • शिक्षक शिक्षा: शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर केंद्रित।​
    • ये योजनाएँ अब समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित होती हैं, जिससे प्रशासनिक लचीलापन और संसाधन उपयोग में सुधार हुआ है।​
  • प्रमुख उद्देश्य
    • योजना के मुख्य लक्ष्य सतत विकास लक्ष्यों (SDG 4) से जुड़े हैं:
    • सभी बच्चों को मुफ्त, समान और गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षा प्रदान करना (SDG 4.1)।​
    • लैंगिक और सामाजिक असमानताओं को समाप्त करना (SDG 4.5)।
    • शिक्षा में समावेशिता सुनिश्चित करना, विशेषकर SC/ST, अल्पसंख्यक, शहरी वंचित और प्रवासी बच्चों के लिए।​
  • कार्यान्वयन और विशेषताएँ
    • टीचर्स और टेक्नोलॉजी पर फोकस: शिक्षक प्रशिक्षण (SCERTs, DIETs को मजबूत करना), डिजिटल उपकरणों का उपयोग।
    • गुणवत्ता सुधार: पढ़े भारत बढ़े भारत, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, वार्षिक पुस्तकालय अनुदान।​
    • इक्विटी और इंक्लूजन: लड़कियों, दिव्यांग और दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों पर विशेष ध्यान।​
    • राज्य-स्तरीय लचीलापन: राज्य अपनी प्राथमिकताएँ तय कर सकते हैं।​
  • उपलब्धियाँ और अपडेट
    • समग्र शिक्षा 2.0 को नई शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप अपग्रेड किया गया है।
    • यह सुरक्षित 학습 वातावरण, न्यूनतम स्कूल मानक और लर्निंग आउटकम्स में सुधार पर जोर देती है।
    • योजना ने अंतरण दर बढ़ाने और ड्रॉपआउट कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

20. भारत में नियोजित आर्थिक विकास की शुरुआत से पहले, 1945 में निम्नलिखित में से कौन-सी योजना शुरू की गई थी? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 20 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) जन योजना
Solution:
  • भारत में नियोजित आर्थिक विकास की शुरुआत से पहले, वर्ष 1945 में जन योजना (The People's Plan) शुरू हुई थी।
  • मानवेंद्र नाथ रॉय ने वर्ष 1945 में जन योजना का मसौदा तैयार किया था।
  • पीपुल्स प्लान का पृष्ठभूमि
    • इसका मुख्य उद्देश्य औपनिवेशिक शोषण से मुक्ति के बाद उपभोक्ता-आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण करना था।
    • योजना मार्क्सवादी समाजवाद से प्रेरित थी, जिसमें प्राथमिकता बुनियादी आवश्यकताओं जैसे भोजन, कपड़ा और आवास को दी गई।​
    • यह योजना ब्रिटिश शासन के दौरान आर्थिक असमानता और गरीबी को दूर करने का प्रयास थी।
    • समिति के नेताओं ने तर्क दिया कि भारी उद्योगों के बजाय उपभोक्ता वस्तुओं पर जोर देकर रोजगार सृजन किया जाए।
    • कुल 10 वर्षीय योजना प्रस्तावित की गई, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख भूमिका पर बल दिया गया।​
  • अन्य समकालीन योजनाओं से तुलना
    • स्वतंत्रता पूर्व कई गैर-सरकारी योजनाएं प्रस्तुत हुईं, जो नियोजित विकास की नींव बनीं।
    • नीचे तालिका में 1945 के संदर्भ में प्रमुख योजनाओं की तुलना दी गई है:
    • पीपुल्स प्लान इनमें सबसे अधिक श्रमिक-केंद्रित थी, जबकि बॉम्बे योजना पूंजीपतियों की थी।
    • ये सभी योजनाएं योजना आयोग (1950) और प्रथम पंचवर्षीय योजना की प्रेरणा बनीं।​
  • योजना का प्रभाव और सीमाएं
    • पीपुल्स प्लान ने स्वतंत्र भारत की नीतियों को प्रभावित किया, खासकर भूमि सुधार और रोजगार सृजन में।
    • हालांकि, यह औपचारिक रूप से लागू नहीं हुई क्योंकि देश की आजादी 1947 में मिली और प्रथम योजना 1951 में शुरू हुई।
    • इसकी सीमाएं थीं—वित्तीय संसाधनों की कमी और राजनीतिक अस्थिरता।
    • फिर भी, इसने मिश्रित अर्थव्यवस्था के विचार को मजबूत किया, जहां सार्वजनिक और निजी क्षेत्र साथ काम करें।​
    • इन प्रारंभिक योजनाओं ने दिखाया कि भारत में आर्थिक नियोजन की जड़ें स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी थीं।
    • नेहरू मंत्रिमंडल की आर्थिक समिति (1947) ने इन्हें समाहित कर आधिकारिक नियोजन की दिशा तय की।​