प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-I)

Total Questions: 50

11. मित्र (MITRA) योजना की घोषणा पहली बार वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में किस क्षेत्र में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए की गई थी? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) वस्त्र उद्योग
Solution:
  • केंद्रीय बजट वर्ष 2021-22 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के वस्त्र उद्योग को विश्व में प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु मित्र (MITRA) योजना की घोषणा की थी।
  • ध्यातव्य है कि MITRA का तात्पर्य है-Mega Integrated Textile Regional and Apparel.
  • मित्र (MITRA) योजना का क्षेत्र
    • मित्र (MITRA) योजना की घोषणा पहली बार 2021-22 के केंद्रीय बजट में कपड़ा क्षेत्र में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा स्थापित करने के लिए की गई थी.
  • योजना की घोषणा और उद्देश्य
    • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के केंद्रीय बजट में इस योजना का उल्लेख किया
    • जिसका पूरा नाम मेगा इन्वेस्टमेंट टेक्सटाइल्स पार्क्स (Mega Investment Textiles Parks) है।
    • इसका मुख्य लक्ष्य कपड़ा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना, रोजगार सृजन करना और निर्यात क्षमता बढ़ाना है।
    • योजना के तहत तीन वर्षों में सात एकीकृत टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया
    • जो अत्याधुनिक तकनीक, डिजाइन विकास, परीक्षण, अनुसंधान, भंडारण जैसी सुविधाओं से लैस होंगे.
  • कार्यान्वयन और वित्तीय प्रावधान
    • यह योजना केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और उद्योग के बीच सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित है।
    • कुल बजट 4,445 करोड़ रुपये का है
    • जिसमें प्रत्येक पार्क के लिए सामान्य बुनियादी ढांचे पर केंद्र का योगदान ग्रीनफील्ड पार्कों के लिए 500 करोड़ रुपये और ब्राउनफील्ड के लिए 200 करोड़ रुपये तक है।
    • इससे अनुमानित 7 लाख प्रत्यक्ष और 14 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, साथ ही 70,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होगा.
  • प्रगति और प्रभाव
    • अक्टूबर 2021 में कैबिनेट ने योजना को मंजूरी दी, और अब तक तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पार्कों का चयन हो चुका है।
    • यह 'आत्मनिर्भर भारत' और '5F' (फार्म टू फाइबर) विजन का हिस्सा है
    • जो लॉजिस्टिक्स लागत घटाकर और पूरी मूल्य श्रृंखला को एकीकृत करके कपड़ा निर्यात को बढ़ावा देगा।
    • योजना से भारतीय कपड़ा उद्योग को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थान मिलेगा.

12. वर्ष 2015 में भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए अमृत-AMRUT (अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन) मिशन का प्राथमिकता क्षेत्र क्या है? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) सीवरेज के बाद जलापूर्ति
Solution:
  • जून, 2015 में भारत सरकार द्वारा कायाकल्प और शहरी परिवर्तन हेतु अमृत (AMRUT: Atal Mission for Reju- venation and Urban Transformation) योजना शुरू किया गया था
  • जिसका उद्देश्य पानी की आपूर्ति, सीवरेज तथा सेप्टेज प्रबंधन, शहरी परिवहन, पार्क आदि जैसे बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है।
  • मिशन का परिचय और लक्ष्य
    • AMRUT 2015 में शुरू किया गया एक केंद्र-सार्वजनिक भागीदारी आधारित पहल है
    • जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को तेज़ी से बढ़ाना है
    • नागरिकों को साफ पानी, कुशल सीवरेज नेटवर्क, सुरक्षित ड्रेनेज, हरित क्षेत्र, और सुविधाजनक गैर-मोटर चालित परिवहन जैसी सुविधाएं मिलें.​
  • प्राथमिकता क्षेत्र (core focus areas)
    • जल आपूर्ति: हर घर तक पाइप्ड जल कनेक्शन और विश्वसनीय जल सेवा पहुंच sift करना मुख्य लक्ष्य है
    • यह जल सुरक्षा और पानी के स्थायी स्रोतों के विकास पर केंद्रित है.​
    • सीवरेज और सीवरेज-मैनेजमेंट: शहरी सीवरेज नेटवर्क और सीवेज का सुव्यवस्थित निपटान मॉडर्न बनाना और मल-निकासी के बेहतर समाधान स्थापित करना के अंग हैं.
    • जल निकासी और ड्रेनेज: वर्षा जल निकासी की व्यवस्था मजबूत बनाना ताकि बाढ़/जलजमाव कम हो और शहरों का पर्यावरण बेहतर बने.​
    • हरित स्थान और पार्क: शहरों में आधिकारिक हरित क्षेत्र, पार्क और खुले स्थानों का विकास, जो गर्मी दबाव और शहरी प्लेरिंग को संतुलित करें.​
    • गैर-मोटर चालित परिवहन (NMT): पथ-चिह्नित सड़कों, साइकिल-वे, पैदल मार्ग आदि विकसित कर प्रदुषण कम करना और गतिशीलता को बढ़ावा देना.​
  • 2.0/नवीनीकरण के पहलू
    • 2021 में AMRUT को Revise/2.0 के रूप में अद्यतन किया गया
    • पानी की सुरक्षा, जल कनेक्शन के सार्वभौमिक कवरेज (घर-घर नल कनेक्शन), और सामुदायिक सुधारों पर अधिक बल दिया जा सके.​
  • कवरेज और प्रभाव
    • शुरू में 500 शहरों और कस्बों को शामिल किया गया था
    • जिनमें शहरी आबादी का बड़ा हिस्सा शामिल था; उद्देश्य था
    • इन शहरों में बुनियादी ढांचे का фундамент मजबूत किया जाए ताकि जीवन की गुणवत्ता समग्र रूप से सुधरे.​
    • AMRUT की योजनाओं के अंतर्गत शहरी सुधारों के लिए भी एकीकृत किए गए ताकि शहर-स्तरीय प्रशासन और योजना-कार्यान्वयन सक्षम हो सके.​
  • तुलनात्मक संकेत
    • JNNURM के उत्तराधिकारी के रूप में ने पहले से अधिक स्पष्ट जल सुरक्षा और -केन्द्रित कवरेज पर केंद्रित किया है, साथ ही पर भी जोर बढ़ाया गया है.
  • उपभोक्ता-उन्मुख उदाहरण
    • कुछ प्रमुख शहरों में नल-कनेक्शन का विस्तार और सीवरेज क्षमता वृद्धि के प्रयास किये गए
    • शहरी निवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके.​
  • महत्वपूर्ण नोट्स
    • AMRUT 2015 में शुरू हुआ और 2021 में अपडेट किया गया; यह 60% से अधिक शहरी आबादी को कवर करने वाला व्यापक कार्यक्रम रहा है.
    • प्रमुख स्रोतों के अनुसार AMRUT के मूल उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं के साथ जल सुरक्षा और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार है.​

13. किस राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2022 में फसल बीमा पोर्टल 'मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना' की शुरुआत की गई? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) हरियाणा
Solution:
  • हरियाणा राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2022 में फसल बीमा पोर्टल मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना' लांच किया गया
  • जिसके माध्यम से किसान फसल बीमा से संबंधित शिकायतों को दर्ज कर सकते हैं।
  • ध्यातव्य है कि 'मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ प्रीमीयम राशि 2.5 प्रतिशत, सब्जियों मसालों के लिए 750 रु. प्रति एकड़ व फलों के लिए 1,000 रु. प्रति एकड़ देना होगा।
  • सब्जियों और मसालों के लिए न्यूनतम मुआवजा राशि प्रति एकड़ 15000 रु. व अधिकतम 30,000 रु
  • फलों के लिए न्यूनतम मुआवजा राशि 20000 रु. व अधिकतम 40000 रु. होगी।
  • योजना का उद्देश्य
    • योजना का मुख्य लक्ष्य बागवानी किसानों को प्राकृतिक आपदाओं
    • जैसे ओलावृष्टि, असमान्य वर्षा, तूफान, सूखा, बाढ़, पाला और फसल रोगों से होने वाले नुकसान की भरपाई प्रदान करना है।
    • इससे उच्च जोखिम वाली सब्जी, फल और मसाला फसलों की खेती को प्रोत्साहन मिलता है, जिससे किसानों की आय स्थिर रह सके।​
  • कवरेज और फसलें
    • इसके अंतर्गत 21 फसलें शामिल हैं: 14 सब्जियां, 2 मसाले (जैसे अदरक, हल्दी) और 5 फल।
    • कुछ स्रोतों में संख्या में मामूली भिन्नता दिखती है, जैसे बाद में 23 सब्जियां और 21 फल जोड़े गए।
    • केवल 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर पंजीकृत किसान ही लाभ ले सकते हैं।​
  • बीमा राशि और प्रीमियम
    • सब्जियों व मसालों के लिए प्रति एकड़ 30,000 रुपये और फलों के लिए 40,000 रुपये का बीमा कवर उपलब्ध है।
    • किसान का योगदान केवल 2.5% है: सब्जी/मसाला पर 750 रुपये तथा फल पर 1,000 रुपये प्रति एकड़।
    • नुकसान के आधार पर 25%, 50%, 75% या 100% मुआवजा सर्वेक्षण द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • पंजीकरण और निगरानी
    • किसान mbby.hortharyana.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
    • योजना की निगरानी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राज्य और जिला स्तरीय समितियां करती हैं
    • जो विवादों का भी समाधान करती हैं। यह वैकल्पिक योजना है, जो PMFBY से अलग बागवानी फसलों पर केंद्रित है।

14. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना ....... के आयु वर्ग के भारतीय नागरिकों के लिए है। [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 18 से 50 वर्ष
Solution:
  • 9 मई, 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से तीन योजनाएं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना
  • अटल पेंशन योजना तथा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना लांच की गई।
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 18 से 50 वर्ष आयु के खाताधारक व्यक्ति पात्र हैं।
  • कवर और प्रीमियम
    • बीमित राशि: 2 लाख रुपये तक जीवन बीमा सुरक्षा
    • वर्षीक Premium: लगभग 330 रुपये (शासन के अनुसार सामान्य वर्ष)
    • प्रीमियम बैंक खाते या डाकघर से ऑटो डेबिट के माध्यम से कटता है
    • पॉलिसी अवधि: 1 वर्ष, जिसे हर साल नवीनीकृत किया जाता है
  • कवरेज का प्रकार
    • PMJJBY एक επέिर्य जीवन बीमा योजना है जो बीमित व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में नामित लाभार्थियों को 2 लाख रुपये दावा भुगतान करती है
    • मृत्यु के कारण कोई भी हो सकता है (स्वैच्छिक या अस्वस्थ autos, आदि), बस पात्र आयु और पॉलिसी की शर्तें पूरी हों
  • कैसे नामांकन करें
    • नामांकन बैंक शाखा, डाकघर या संबद्ध ISA/PSB के माध्यम से किया जा सकता है
    • उचित केवाईसी और आधार/पहचान विवरण के साथ आवेदन करना होता है
    • प्रीमियम ऑटो डेबिट के रूप में देय होता है
  • लाभ और सीमाएं
    • लाभ: परिवार के लिए वित्तीय सुरक्षा; दुर्घटना/चाहे किसी भी कारण मृत्यु पर 2 लाख रुपये का कवरेज
    • सीमाएं: यह एक आवश्यक और सस्ते बीमा कवरेज के रूप में है
    • जो केवल 2 लाख रुपये तक का सुरक्षा देता है; जीवन बिमा की व्यापक कवरेज नहीं है
    • किसी भी समय योजना बंद नहीं होती, प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण संभव है
  • आवश्यक दस्तावेज
    • पहचान प्रमाण (Aadhaar या अन्य मान्य पहचान)
    • आयु सत्यापन
    • बैंक खाता विवरण (ऑटो डेबिट के लिए)
  • दावा प्रक्रिया
    • बीमा कंपनी/बैंक द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार मृत्यु के प्रमाण, पॉलिसी डॉक्यूमेंट, और अन्य आवश्यक दस्‍तावेज जमा करके दावा किया जाता है
    • दावे की राशि सीधे नामित बैंक खाते में जमा हो जाती है
  • समकालीन स्थिति और सुझाव
    • PMJJBY की तुलना में अन्य सुरक्षा योजनाएं भी उपलब्ध हैं, जैसे PM-SYB (प्रधान सुरक्षा बीमा योजना) दुर्घटना कवरेज के लिए
    • PMJJBY की प्रीमियम/कवर के साथ-साथ आपके परिवार की जरूरतों के हिसाब से चयन करें
    • पॉलिसी खरीदते समय वार्षिक आयु सीमा, नवीनीकरण और कवर राशि जैसी शर्तें ध्यान से पढ़ें

15. ट्रांसजेंडर समुदाय और भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों के कल्याण के उपायों के लिए, वर्ष 2022 में शुरू की गई योजना का नाम क्या है? [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) SMILE (स्माइल)
Solution:
  • फरवरी, 2022 में भारत सरकार द्वारा स्माइल अर्थात 'आजीविका और उद्यम के लिए वंचित व्यक्तियों की सहायता' योजना को शुरू किया गया
  • जिसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय और भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों का कल्याण करना है।
  • योजना का लॉन्च और पृष्ठभूमि
    • योजना की शुरुआत 12 फरवरी 2022 को हुई
    • जो पहले से चल रही केंद्रीय क्षेत्र योजना (भीख मांगने वालों के पुनर्वास के लिए) और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए व्यापक पुनर्वास योजना को एकीकृत करती है
    • 2021-22 से 2025-26 तक इसके लिए 365 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है
    • यह भिक्षावृत्ति को कम करने और ट्रांसजेंडरों को गरिमापूर्ण जीवन देने पर केंद्रित है, खासकर तीर्थस्थलों जैसे मथुरा-वृंदावन में ।
  • प्रमुख घटक
    • SMILE के दो मुख्य उप-घटक हैं:
    • ट्रांसजेंडर पुनर्वास: छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण, चिकित्सा सहायता (लिंग-पुनर्निर्माण सर्जरी सहित PM-JAY के साथ अभिसरण), कानूनी मदद, गरिमा गृह (आवास, भोजन, वस्त्र, मनोरंजन) और प्रत्येक राज्य में ट्रांसजेंडर सुरक्षा प्रकोष्ठ ।​
    • भीख मांगने वालों का पुनर्वास: सर्वेक्षण, बचाव, आश्रय गृह, परामर्श, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, आजीविका सृजन और आर्थिक सहायता।
    • मौजूदा आश्रय गृहों का उपयोग किया जाता है ।
    • राष्ट्रीय पोर्टल और हेल्पलाइन इन समस्याओं के लिए जानकारी और समाधान प्रदान करते हैं ।​
  • कार्यान्वयन प्रक्रिया
    • चिह्नीकरण: एनजीओ, प्रशासन और स्थानीय सर्वेक्षण से लोगों की पहचान, विशेषकर तीर्थ स्थलों पर ।​
    • सुविधाएं: सुरक्षित आश्रय, स्वास्थ्य परामर्श, कौशल प्रशिक्षण (जैसे स्टार्टअप शुरू करना), रोजगार अवसर ।​​
    • NGO की भूमिका: विभाग एनजीओ के माध्यम से कार्य करता है, जिससे स्थायी समाधान सुनिश्चित होता है ।​
    • यह योजना भेदभाव, बेरोजगारी और सामाजिक बहिष्कार जैसी समस्याओं का समाधान करती है ।​
  • लाभ और प्रभाव
    • ट्रांसजेंडरों के लिए: कार्यस्थल भेदभाव कम, अनौपचारिक रोजगार (भीख/यौन कार्य) से मुक्ति, सशक्तीकरण ।
    • भीख मांगने वालों के लिए: सड़क से स्टार्टअप तक की कहानियां, जैसे मथुरा में लोग अब आत्मनिर्भर हो रहे हैं ।​
    • कुल प्रभाव: लाखों लोगों को मुख्यधारा में लाने का लक्ष्य, जिसमें चिकित्सा, शिक्षा और उद्यमिता शामिल ।
    • योजना ने भिक्षावृत्ति पर निर्भर लोगों को व्यवसाय की ओर मोड़ा है ।​
  • चुनौतियां और सुझाव
    • हालांकि सफल, चुनौतियां जैसे अपर्याप्त जागरूकता और कार्यान्वयन में देरी बनी हुई हैं।
    • राज्य स्तर पर कल्याण बोर्ड गठन और अधिक फंडिंग से सुधार संभव है ।
    • पात्र व्यक्ति राष्ट्रीय पोर्टल या हेल्पलाइन से संपर्क कर लाभ ले सकते हैं
    • यह योजना ट्रांसजेंडर अधिकारों को मजबूत करने का रोडमैप है 。

16. ट्रांसजेंडर (विपरीतलिंगी) समुदाय और भीख मांगने वाले लोगों के कल्याण और पुनर्वास के लिए फरवरी, 2022 में कौन-सी योजना शुरू की गई थी? [MTS (T-I) 07 जुलाई, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) स्माइल (SMILE) योजना
Solution:
  • फरवरी, 2022 में भारत सरकार द्वारा स्माइल (SMILE : Support for Marginalized Individuals for livelihood and Enterprise) अर्थात 'आजीविका और उद्यम के लिए वंचित व्यक्तियों की सहायता' योजना को शुरू किया गया
  • जिसका उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय और भीख मांगने के कार्य में लगे व्यक्तियों का कल्याण करना है।
  • लॉन्च विवरण
    •  इसका औपचारिक शुभारंभ 12 फरवरी 2022 को नई दिल्ली के डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हुआ।
    • केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इसका उद्घाटन किया।
    • 2021-22 से 2025-26 तक की अवधि के लिए कुल 365 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • उप-योजनाएं
  • SMILE दो मुख्य उप-योजनाओं पर आधारित है:
    • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण के लिए व्यापक पुनर्वास योजना: इसमें पहचान पत्र
    • आवास, चिकित्सा सहायता, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, मनो-सामाजिक समर्थन, काउंसलिंग और स्वरोजगार के अवसर शामिल हैं।
    • भीख मांगने वाले व्यक्तियों का व्यापक पुनर्वास: सर्वेक्षण, लामबंदी, बचाव, आश्रय गृह, चिकित्सा, मनोरंजन, शिक्षा (विशेषकर बच्चों के लिए), व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्वरोजगार पर फोकस।
    • ये उप-योजनाएं कानूनी सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करती हैं।
  • प्रमुख घटक और सेवाएं
    • ट्रांसजेंडर ID कार्ड।
    • स्किल डेवलपमेंट और स्वरोजगार प्रशिक्षण।
    • आवास, चिकित्सा और काउंसलिंग।
    • राष्ट्रीय पोर्टल और हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता।
  • भीख मांगने वालों के लिए:
    • सर्वेक्षण और पहचान।
    • आश्रय गृहों में आउटरीच और लामबंदी।
    • शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास।
    • स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण।
  • कार्यान्वयन और प्रभाव
    • कार्यान्वयन राज्य सरकारों, एनजीओ और कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा किया जाता है
    • जिसमें मौजूदा आश्रय गृहों का उपयोग होता है। योजना विकसित भारत के समावेशी समाज के लक्ष्य को मजबूत करती है।
    • 2024 तक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मुख्यधारा में लाने पर प्रगति दर्ज की गई है

17. 2022-23 से 2025-26 तक चार वर्ष की अवधि के लिए पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास परियोजनाओं को निधि देने के लिए शुरू की गई योजना का नाम क्या है? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) PM-DevINE
Solution:
  • 12 अक्टूबर, 2022 को उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल (पीएम-डिवाइन) योजना वर्ष 2022-23 से 2025- 26 तक 4 साल की अवधि के लिए 6,600 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ अनुमोदित किया गया
  • जिसका लक्ष्य पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास करना है।
  • योजना का नाम और उद्देश्य
    • PM-DIVINE (Prime Minister’s Development Initiative for North East) योजना एक केंद्रीय सरकारी योजना है
    • जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना, सामाजिक विकास परियोजनाओं का समर्थन करना
    • युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार-आधारित गतिविधियों को सक्षम करना, और क्षेत्रीय विकास disparities को कम करना है.
    • यह 2022-23 से 2025-26 तक वित्त आयोग के शेष चार वर्षों के दौरान संचालित की गई एक राशि-आधारित योजना है
    • इसमें कुल परिव्यय लगभग 6,600 करोड़ रुपये घोषित किया गया था.​
  • वित्तीय ढांचा और क्रियान्वयन
    • PM-DIVINE को 6,600 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ घोषित किया गया था
    • यह पूर्वोत्तर परिषद अथवा केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों के माध्यम से डोनर मिनिस्ट्री द्वारा लागू की जाती है.​
    • योजना के अंतर्गत बड़े आकार की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तथा सामाजिक विकास के कार्यक्रम शुरू किए जाते हैं
    • टिकाऊ परिणाम मिल सकें और समय-मूल्य जोखिम कम किया जा सके (EPС-आधारित कार्यान्वयन के प्रावधान).​
  • संदर्भित चार सालों का समय-सीमा
    • शुरूआत: 2022-23
    • समाप्ति: 2025-26
    • यह अवधि 15वें वित्त आयोग की शेष अवधि के भीतर आनी वाली निधि और परियोजनाओं के लिए निर्धारित की गई थी.​
  • प्रमुख उद्देश्य और कार्य क्षेत्र
    • बुनियादी ढांचे के वित्त पोषण के साथ जुड़ी योजनाओं के साथ जोड़कर क्षेत्रीय अवसरों की पहचान करना और उसे क्रियान्वित करना।
    • सामाजिक विकास परियोजनाओं का समर्थन, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, आवास आदि के क्षेत्र, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार-उन्मुख गतिविधियों को बढ़ावा देना।
    • युवाओं और महिलाओं के लिए आजीविका-संबंधी कार्यक्रमों को सक्षम बनाना ताकि क्षेत्र के आर्थिक-समाजिक मानक में सुधार हो सके.
  • अतिरिक्त संदर्भ
    • पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए PM-DIVINE के दिशानिर्देश और विस्तार अगस्त 2023 में जारी किए गए थे
    • वित्तीय योजना, परियोजनाओं के चयन और निगरानी-रखरखाव के स्पष्ट मानदंड स्थापित हों.​
    • 2024-25 और उससे आगे की स्थिति में PM-DIVINE के साथ एनईएसआईडीएस आदि
    • अन्य योजनाओं के साथ समन्वय और परियोजनाओं के अनुमोदन प्रक्रियाओं की जानकारी भी उपलब्ध है
    • जो कि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रयुक्त होती हैं.
  • तुलना अगर ज़रूरत हो
    • PM-DIVINE एकीकृत योजना है जो पूर्वोत्तर के लिए बड़े आकार की परियोजनाओं पर फोकस करती है
    • जबकि अन्य योजनाएं (जैसे NESID, अन्य NDA/NE states schemes) अधिक छोटे-आकार की या अलग-उद्देश्यीय परियोजनाओं के लिए होती हैं
    • PM-DIVINE का उद्देश्य इन योजनाओं के साथ पूरक होकर समन्वय बनाना है ताकि टिकाऊ परिणाम मिलें.

18. पीएम-डिवाइन (PM-DevINE) ....... भारत के लिए प्रधानमंत्री की विकास पहल है। [MTS (T-I) 12 जुलाई, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) उत्तर-पूर्व
Solution:
  • 12 अक्टूबर, 2022 को उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री विकास पहल (पीएम-डिवाइन) योजना वर्ष 2022-23 से 2025- 26 तक 4 साल की अवधि के लिए 6,600 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ अनुमोदित किया गया
  • जिसका लक्ष्य पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास करना है।
  • योजना का परिचय
    •  इसका कुल वित्तीय आवंटन 2022-23 से 2025-26 तक 6600 करोड़ रुपये है
    • जो पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
    • पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) इसकी निगरानी और कार्यान्वयन करता है।
  • मुख्य उद्देश्य
    • पूर्वोत्तर क्षेत्र (अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा) में बुनियादी ढांचे, सामाजिक विकास और आजीविका के क्षेत्रों में विकासात्मक अंतराल को भरना।
    • युवाओं और महिलाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजन, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर।
    • मौजूदा केंद्रीय या राज्य योजनाओं का पूरक बनना, न कि उनका स्थान लेना।
  • प्रमुख विशेषताएं
    • 100% केंद्रीय वित्त पोषण: राज्य सरकारों पर कोई वित्तीय बोझ नहीं।
    • परियोजना चयन: राज्य सरकारों, NEC और केंद्रीय मंत्रालयों के परामर्श से क्षेत्र-विशिष्ट आवश्यकताओं के आधार पर।
    • कार्यान्वयन मोड: इंजीनियरिंग-प्रोक्योरमेंट-कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड का उपयोग तेजी से कार्यान्वयन के लिए।
    • सभी 8 उत्तर-पूर्वी राज्य कवर।
  • स्वीकृत परियोजनाएं और उपलब्धियां
    • योजना के तहत अब तक 35-36 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, जिनकी कुल लागत 4857-4927 करोड़ रुपये है। इनमें शामिल हैं:
    • बुनियादी ढांचा: 2806.65 करोड़ रुपये की 17 परियोजनाएं जैसे सड़कें, पुल, शहरी सुविधाएं (नई सड़कों से गांव जुड़े, यात्रा समय कम हुआ)।
    • सामाजिक विकास: कैंसर देखभाल केंद्र, विश्वविद्यालय उन्नयन, विकिरण ऑन्कोलॉजी सुविधाएं।
    • पर्यटन और आजीविका: मेघालय में सोहरा पर्यटन परियोजना (650 करोड़+ निवेश, DoNER से 221 करोड़), इको-पार्क, जलप्रपात संवर्धन।
    • अन्य: पेयजल प्रणाली, स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्वास्थ्य और सड़क परियोजनाएं।
  • वर्तमान स्थिति (जनवरी 2026 तक)
    • अक्टूबर 2022 से नवंबर 2025 तक विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाएं चल रही हैं।
    • राइजिंग नॉर्थ ईस्ट समिट जैसे आयोजनों में प्रगति पर चर्चा हुई।
    • योजना पूर्वोत्तर को भारत की विकास गाथा में अग्रणी बनाने पर केंद्रित है।

19. शहरी भारत में ढांचागत कमियों के निराकरण के लिए 2005 में शुरू किए गए प्रमुख कार्यक्रम का नाम क्या है? [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन
Solution:
  • वर्ष 2005 में भारत सरकार द्वारा जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन शुरू किया गया
  • जिसका उद्देश्य शहरी भारत में बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार करना था। इस योजना को वर्ष 2014 में बंद कर दिया गया।
  • परिचय
    • निष्कर्ष: 2005 में शुरू हुआ यह कार्यक्रम शहरी बुनियादी ढांचे, शासन-व्यवस्था और सेवाओं के बड़े पैमाने पर परिवर्तन के लिए स्थापित किया गया था
    • शहरों को आर्थिक रूप से उत्पादक, कुशल और नागरिक-अनुकूल बनाया जा सके.​
    • समग्र उद्देश्य: चयनित शहरों में पानी, सीवरेज, पेयजल, सफाई, अवसंरचना, परिवहन और नगर-निगमन जैसी सेवाओं के सुधार के साथ नगरपालिकाओं की क्षमताओं और शासन-व्यवस्था को मजबूत करना.​
  • मुख्य विशेषताएं
  • वित्त पोषण एवं संरचना:
    • केंद्र-राज्य साझेदारी के ढांचे के अंतर्गत फंडिंग दिया गया, ताकि बड़े-शहरों के साथ-साथ कुछ टियर-II शहरों में भी बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण हो सके.​
  • फोकस शहर-वार:
    • 10 लाख या अधिक आबादी वाले शहरों पर प्राथमिकता, साथ ही geselectित शहरों के समूह (UA) और कुछ टियर-II शहरों में भी योजना को लागू किया गया.​
  • प्रमुख घटक:
    • शहरी बुनियादी ढांचे की योजनाओं के साथ-साथ शासन-प्रबंधन सुधार, नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और नगरीय आजीविका को बेहतर बनाने पर जोर था.​
  • प्रभाव और आलोचनात्मक दृष्टिकोण
  • प्रभाव:
    • शहरी नवाचार और बुनियादी सेवाओं में क्रमिक सुधार के लिए एक मजबूत ढांचा बना, जिससे शहरों में जीवन स्तर बेहतर बनाने के प्रयास चले.​
  • आलोचनाएं:
    • पुनर्वास के मुद्दे, धन के कुशल उपयोग और ऊपर से नीचे के नियोजन के कुछ मुद्दे सामने आए, जिससे कार्यान्वयन में चुनौतियाँ भी दिखीं.​
  • संबंधित संदर्भ और आधुनिक संदर्भ
    • 2015 के बाद अत: प्रमुख शहरी बुनियादी ढांचे कार्यक्रमों में अमृत (कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन) और स्मार्ट सिटीज मिशन जैसे योजनाएं उभरीं, जोJnNURM के बाद के चरणों के रूप में देखी जाती हैं, परJnNURM 2005 की स्थापित नींव का हिस्सा रहा है.
  • महत्वपूर्ण नोट:
    • शहरी भारत के संदर्भ में 2005 में शुरू किया गया प्रमुख कार्यक्रमJnNURM है
    • जिसे सामान्यतः शहरी बुनियादी ढांचा-विकास और शहरी शासन-व्यवस्था के सुधार के लिए जाना जाता है.​
    • इसके बाद के प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम Amrit, Smart Cities आदि भी इसी क्रम में आए और शहरी सुधारों के संपूर्ण परिदृश्य को विस्तृत किया.

20. प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना की घोषणा किस वर्ष के केंद्रीय बजट में की गई थी? [CGL (T-I) 19 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) 2021-22
Solution:
  • केंद्रीय बजट 2021-22 में प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना की घोषणा की गई।
  • इस योजना का उद्देश्य देश के सुदूर हिस्सों में देखभाल स्वास्थ्य प्रणालियों की क्षमता विकसित करना है।
  • घोषणा का वर्ष और संदर्भ
    • यह योजना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2021 को पेश किए गए 2021-22 के केंद्रीय बजट में घोषित की गई।
    • कोविड-19 महामारी के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया
    • जो 2020-21 बजट के अनुमानों से 137% अधिक आवंटन (2,23,846 करोड़ रुपये) के साथ आया।​
  • योजना का बजट और अवधि
    • योजना के लिए कुल 64,180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया
    • जिसे अगले 6 वर्षों (2021-22 से 2026-27 तक) में खर्च करने की योजना है।
    • यह राशि स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त बनाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने और नई बीमारियों से निपटने के लिए उपयोग की जाती है।
  • प्रमुख घटक
    • मिशन पोषण 2.0: पोषण अभियान और अतिरिक्त पोषण कार्यक्रम का विलय, विशेष रूप से 112 आकांक्षी जिलों में।​
    • वेलनेस सेंटर्स: 70,000 ग्रामीण वेलनेस सेंटर्स को क्रिटिकल केयर ब्लॉकों से जोड़ना।​
    • क्रिटिकल केयर और बुनियादी ढांचा: 60 नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन, और शहरी स्वास्थ्य मिशन का विस्तार।​​
  • उद्देश्य और प्रभाव
    • योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण-शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को आत्मनिर्भर बनाना
    • सस्ती चिकित्सा पहुंच सुनिश्चित करना और वैश्विक चुनौतियों से निपटना है।
    • यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पूरक बनाती है
    • स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना (2.87 लाख करोड़) के साथ जुड़ती है।