प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-I)

Total Questions: 50

21. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना क्या है? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) एक ऋण योजना
Solution:
  • वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी।
  • यह एक ऋण योजना है, जिसके तहत तीन प्रकार के ऋण की व्यवस्था है।
  • उद्देश्य और सिद्धांत
    • उद्देश्य: आर्थिक रूप से कमजोर अथवा MSME से जुड़े छोटे व्यवसायों को formal वित्तीय व्यवस्था में लाकर उन्हें स्थायित्व और विस्तार के अवसर देना ।​
    • लक्षित समूह: गैर-कृषि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) और स्वरोजगार से जुड़े व्यक्ति/पार्टनरशिप/संस्थाएं
    • जिन्हें ऋण के जरिए व्यवसाय शुरू करना या विस्तार करना है ।​
    • मौलिक धारणा: बिना संपार्श्विक या कम पारंपरिक दस्तावेजों के साथ ऋण उपलब्ध कराने से वित्तीय समावेशन बढ़ेगा और रोजगार सृजन होगा ।​
  • ऋण का परमिट और प्रकार
    • ऋण सीमा: पीएमएमवाई के अंतर्गत सभी ऋण कैटेगरी 10 लाख रुपये तक के ऋण को शामिल करते हैं
    • जैसे तीन स्तरों में वर्गीकरण के साथ) ताकि छोटी-छोटी गतिविधियों से लेकर छोटे उद्योगों तक पूंजी उपलब्ध हो सके ।
    • सुरक्षा की आवश्यकता: मुद्रा ऋण के लिए आम तौर पर संपार्श्विक आवश्यक नहीं होता या न्यूनतम गारंटी की शर्तों के साथ होता है
    • अधिक से अधिक उद्यमी लाभ उठा सकें ।​
    • उद्देश्यगत उपयोग: ऋण का उपयोग विविध उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है
    • उत्पादन विस्तार, मशीनरी खरीद, गोदाम-प्रबंधन, कार्यशील पूंजी आदि ।​
  • पात्रता और दस्तावेज
    • पात्रता मानदंड: सूक्ष्म/लघु उद्यम या स्वरोजगार से जुड़े व्यवसाय, जिनके पास आय प्रमाण और पहचान/पता संबंधी मानक दस्तावेज हों।
    • आवेदनकर्ता की बिज़नेस प्लान और ऋण के उद्देश्य को स्पष्ट करना जरूरी हो सकता है ।
    • आवश्यक दस्तावेज: पहचान प्रमाण (आधार कार्ड/पासन कार्ड आदि), पते के प्रमाण, बिज़नेस प्लान/उद्देश्य का स्पष्ट विवरण, आय-वित्तीय रिकॉर्ड/ तुलनात्मक पन्ने (कम से कम कुछ मामलों में) आदि।
    • बैंक-विशिष्ट प्रक्रियाएं अलग हो सकती हैं, इसलिए आवेदन करते समय स्थानीय बैंक की गाइडेंस देखना उचित रहता है ।
  • प्रक्रिया और बैंकिंग भागीदारी
    • आवेदन प्रक्रिया: बैंक द्वारा ऋण आवेदन किया जाता है
    • जिसमें व्यवसाय योजना, उद्देश्य, भुगतान क्षमताओं आदि के डॉक्यूमेंटेशन की मांग हो सकती है
    • कई बैंकों में ऑनलाइन आवेदन और सरलीकृत प्रक्रिया उपलब्ध है ।​
  • लाभ और फायदे:
    • बिना संपार्श्विक ऋण सुविधा
    • प्रोसेसिंग शुल्क में कमी/न्यूनतम शुल्क
    • कई प्रकार के ऋण उपलब्ध: शिशु/ किशोर/ तरुण आदि मी-टियर वर्गीकरण के अनुसार
    • रोजगार सृजन और आय-स्थिरता में योगदान ।​
  • लाभार्थी के लाभ
    • वित्तीय समावेशन: बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से formal फाइनेंसिंग में एंट्री और नियमित भुगतान से क्रेडिट इतिहास बनना आसान होता है ।​
    • उद्यमशीलता प्रेरणा: ऋण से व्यवसाय शुरू करने या विस्तार से आय बढ़ाने के अवसर मिलते हैं, जिससे आर्थिक आत्मनिर्भरता संभव होती है ।​
    • सामाजिक-आर्थिक प्रभाव: छोटे उद्यमों के विकास से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में आय का सृजन होता है ।
  • उपलब्ध स्रोत और संदर्भ
    • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के बारे में आधिकारिक जानकारी और उद्देश्यों के विवरण के लिए प्रेस रिलीज और सरकारी स्रोत देखें (मुख्य बिंदुओं के साथ) ।​
    • पीएमएमवाई के अंतर्गत ऋण प्रकार, योग्यता और दस्तावेज़ संबंधी सामान्य विवरण के लिए मीडिया कवरेज और वित्तीय पन्ने भी उपयोगी होते हैं ।
    • बैंक-विशिष्ट पन्नों पर मोदी मुद्रा योजना के आवेदन-प्रक्रिया और लाभ-विशेषताएं बताई जाती हैं, जो व्यवहारिक मार्गदर्शन देते हैं ।​
  • यदि चाहें, विशिष्ट भागों के लिए मैं आपके लिए:
    • खुदाई के लिए एक स्टेप-बाय-स्टेप आवेदन चेकलिस्ट बनाकर दे सकता/सकती हूँ
    • आपके क्षेत्र (यमुनानगर, हरियाणा) में लागू बैंकिंग पार्टनर और उपलब्ध प्रक्रियाओं के बारे में स्थानीय जानकारी जुटाकर दे सकता/सकती हूँ
    • शिशु, किशोर, तरुण के अंतर्गत उपयुक्त वर्ग के बारे में आपके व्यवसाय योजना के अनुरूप सलाह दे सकता/सकती हूँ

22. हरियाणा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2022 पर महिला उद्यमियों को सहायता प्रदान करने के लिए ....... की घोषणा की। [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) मातृशक्ति उद्यमिता योजना
Solution:
  • 8 मार्च, 2022 को हरियाणा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला उद्यमियों को सहायता प्रदान करने के लिए 'मातृशक्ति उद्यमिता योजना' की घोषणा की।
  • इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
  • योजना का उद्देश्य
    • मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा अनावरण की गई यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखती है।
    • योजना के तहत 5 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है
    • वे विभिन्न क्षेत्रों में अपना व्यवसाय स्थापित कर सकें। इसके अलावा, वित्तीय संस्थानों से सॉफ्ट लोन प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जाती है
    • जो उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रमुख साधन है।
  • मुख्य विशेषताएं
    • लोन सुविधा: महिलाओं को उद्यम शुरू करने के लिए सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें ब्याज दरों में छूट और आसान शर्तें शामिल हैं।
    • लक्षित लाभार्थी: वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम वाली महिलाएं, विशेषकर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की उद्यमी महिलाएं।
    • समर्थन क्षेत्र: सभी प्रकार के व्यवसाय, ट्रेड और उद्यम शामिल, जैसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, खुदरा व्यापार आदि।
  • घोषणा का संदर्भ
    • 8 मार्च 2022 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसकी आधिकारिक घोषणा की गई।
    • इसी कार्यक्रम में "सुषमा स्वराज पुरस्कार" की भी घोषणा हुई, जिसमें 5 लाख रुपये नकद और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है
    • जो महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का अतिरिक्त प्रयास था।
    • यह पहल राज्य सरकार की महिलाओं के सशक्तिकरण नीति का हिस्सा है
    • जो कौशल विकास और वित्तीय समावेशन पर जोर देती है।
  • प्रभाव और महत्व
    • यह योजना महिला उद्यमियों के लिए फंडिंग अंतराल को पाटने और नीति समर्थन प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुई।
    • हरियाणा में महिला सशक्तिकरण के व्यापक प्रयासों का हिस्सा होने से यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान देती है।
    • राज्य सरकार ने बाद के वर्षों में भी ऐसी योजनाओं को विस्तार दिया
    • लेकिन 2022 की यह घोषणा मील का पत्थर साबित हुई।

23. अनुसूचित जाति के उन विद्यार्थियों के लिए 2022 में शुरू की गई योजना का नाम क्या है, जो अच्छे विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके ? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) श्रेष्ठ (SHRESHTA)
Solution:
  • जून, 2022 में भारत सरकार ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए श्रेष्ठ (SHRESHTA) योजना की शुरुआत की थी।
  • इस योजना का लक्ष्य अनुसूचित जाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास के अवसर प्रदान करना है।
  • श्रेष्ठ योजना (SHRESHTA Scheme)
    • जो अच्छे विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते।
    • इसका पूरा नाम "Scheme for Residential Education for Students in Targeted Areas" है
    • जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है।
    • यह योजना देश के शीर्ष निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं से नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करती है.
  • उद्देश्य
    • योजना का मुख्य लक्ष्य SC समुदाय के गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा देकर उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।
    • यह लंबे समय से चली आ रही शैक्षिक असमानताओं को दूर करने पर केंद्रित है
    • जहां SC विद्यार्थी अच्छे स्कूलों तक पहुंच से वंचित रहते हैं।
    • इससे प्रतिभाशाली बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए तैयार होते हैं.
  • पात्रता मानदंड
    • माता-पिता की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम हो।
    • कक्षा 8वीं या 10वीं उत्तीर्ण SC विद्यार्थी, जो मेधावी हों।
    • चयन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा से होता है।
    • यह योजना लक्षित क्षेत्रों (आदिवासी या गरीब बहुल इलाकों) के छात्रों को प्राथमिकता देती है.
  • प्रमुख प्रावधान

    • योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक पूर्ण आवासीय शिक्षा मुफ्त मिलती है
    • जिसमें ट्यूशन, हॉस्टल, भोजन और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। प्रति छात्र वार्षिक व्यय इस प्रकार है:
  • कार्यान्वयन और प्रभाव
    • केंद्र सरकार द्वारा 2021-22 में संशोधित और 2022 से पूर्ण रूप से लागू
    • यह योजना देशभर के 200+ शीर्ष स्कूलों से जुड़ी है। अब तक हजारों छात्र लाभान्वित हो चुके हैं
    • जिससे SC समुदाय में शिक्षा का स्तर ऊंचा हुआ है।
    • आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होता है, और राज्य स्तर पर प्रचार किया जाता है.

24. प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल सेवाओं पर ध्यान देने के साथ देशभर में स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शुरू की गई सबसे बड़ी अखिल भारतीय योजना निम्नलिखित में से कौन-सी है ? [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) PM-ABHIM
Solution:
  • वर्ष 2022 में भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) शुरू किया गया।
  • ध्यातव्य है कि यह मिशन प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक देखभाल सेवाओं पर ध्यान देने के साथ देशभर में स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया।
  • योजना का परिचय
    • PM-ABHIM को अक्टूबर 2021 में शुरू किया गया था, जो 2021-2026 की अवधि के लिए 64,180 करोड़ रुपये के बजट के साथ कार्यान्वित हो रही है।
    • यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और आयुष्मान भारत योजना के साथ एकीकृत है
    • जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है।
    • योजना महामारी जैसी आपात स्थितियों के लिए स्वास्थ्य प्रणाली को तैयार करने पर जोर देती है
    • जिसमें रोग निगरानी, स्वास्थ्य अनुसंधान और बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल है।
  • मुख्य उद्देश्य और घटक
    • योजना के प्रमुख घटक आयुष्मान भारत स्वास्थ्य एवं कल्याण मंदिरों (AB-HWCs), ब्लॉक स्तर की सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों, एकीकृत जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं तथा क्रिटिकल केयर अस्पताल ब्लॉकों की स्थापना और उन्नयन हैं।
    • प्राथमिक स्तर पर HWCs के माध्यम से व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान की जाती है
    • जबकि माध्यमिक और तृतीयक स्तर पर गहन देखभाल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
    • यह ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवा वितरण के अंतराल को पाटती है
    • विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सस्ती सेवाएं सुनिश्चित करती है।
  • उपलब्धियां और प्रगति
    • 2025 तक, योजना ने सभी जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया है
    • जिसमें हजारों HWCs स्थापित हो चुके हैं और निगरानी प्रणालियों को मजबूत किया गया है।
    • यह 2005 के बाद भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजना मानी जाती है
    • जो COVID-19 जैसी महामारियों से सबक लेते हुए लचीली प्रणाली का निर्माण कर रही है।
    • स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
  • अन्य योजनाओं से अंतर
    • आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) स्वास्थ्य बीमा पर केंद्रित है
    • जबकि PM-ABHIM विशेष रूप से भौतिक बुनियादी ढांचे पर फोकस करती है।
    • इसी तरह, प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (PMASBY) अनुसंधान और क्रिटिकल केयर पर जोर देती है
    • लेकिन PM-ABHIM का दायरा और बजट इसे सबसे बड़ी अखिल भारतीय योजना बनाता है।

25. निम्नलिखित में से कौन-सी भारत में सूक्ष्मवित्त (माइक्रोफाइनेंस) क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की पहल नहीं है? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) प्रधानमंत्री जन धन योजना
Solution:
  • 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' भारत में सूक्ष्मवित्त क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की पहल नहीं, बल्कि वित्तीय समावेशन की पहल है।
  • ध्यातव्य है कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना शुरू की गई थी
  • जो दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल है।
  • सूक्ष्मवित्त का परिचय
    • सूक्ष्मवित्त संस्थान (MFI) छोटे ऋण, बचत, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाएँ प्रदान करते हैं
    • वंचित और कमजोर समूह वित्तीय समावेशन से लाभ उठा सकें.
    • RBI NBFC-MFI को विनियमित करता है
    • संस्थागत स्थिरता, पारदर्शिता और उधारकर्ता सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
  • सरकार की प्रमुख पहलें
    • भारतीय सूक्ष्म वित्त इक्विटी फंड (IMEF): 2011-12 बजट में घोषणा और 100 करोड़ रुपये का प्रारम्भिक आवंटन ताकि माइक्रोफाइनेंशिंग संस्थानों को वित्तीय सहायता मिले और तरलता सुधारे.​
    • PMJDY, मुद्रा योजना (Credit-linked schemes) आदि वित्तीय समावेशन प्रयास: गरीबों के लिए बैंकिंग पहुँच और छोटे ऋण विकल्प बढ़ाने पर केंद्रित कार्यक्रम.​
    • सूक्ष्मवित्त संस्थानों (विकास और विनियमन) विधेयक MFI को विनियामक निरीक्षण/मान्यता देकर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नीति आधार (पूर्व-2020s में कई अध्ययन/प्रस्तावों में चर्चा).​
    • मालेगाम समिति के सुझाव और RBI के 2022 का ढांचा: MFI-ऋणदाताओं के वर्गीकरण और मानक प्रक्रियाओं को सुसंगत बनाने के लिए विनियामक सुधार.​
    • वित्तीय समावेशन कार्यक्रम: प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY), स्वनिधि योजना, SHG-बैंक लिंकेज आदि के माध्यम से outreach बढ़ाने की Government-led कोशिशें.​
  • संभावित भ्रम के स्रोत (क्यों कुछ विकल्प “नहीं” समझे जाते)
    • कभी-कभी लोग मान लेते हैं कि SMB/रिजनल लायंस या निजी वित्तीय संस्थान जो सरकार-प्रायोजित नहीं होते
    • वे सरकार की पहल नहीं माने जाते; पर वास्तविकता में कई सरकारी-नीतिगत पहलें निजी क्षेत्र के एमएफआई/बैंकिंग भागीदारी के साथ मिलकर चलती हैं
    • जैसे IMEF और RBI का विनियामक ढांचा।
    • कुछ व्यापक कार्यक्रमों की पहुँच क्षेत्रीय या समय-समय पर बदलती रहती है
    • जिससे यह स्पष्ट नहीं रहता कि वे सरकार की पहल हैं
    • नीतिगत परिवर्तनों के परिणामस्वरूप बने उप-उत्पाद हैं; इस प्रकार भ्रम पैदा हो सकता है।
  • निष्कर्ष
    • भारत में सूक्ष्मवित्त क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की पहल हेडलाइन के अनुसार व्यापक और विविध हैं
    • जैसे IMEF, PMJDY-मुद्रा-Micro/SHG-Linage कार्यक्रम, MFI विनियमन विधेयक, RBI के विनियामक ढांचे और 2022 के MFI ढांचे आदि।
    • इनमें से कुछ पहलें विरोधाभास के कारण कभी-कभी “नहीं” बताई जा सकती हैं, लेकिन वास्तविकता यह है
    • इन सभी गतिविधियों का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और सूक्ष्म उधारकर्ताओं के हितों की सुरक्षा करना है.
    • यदि चाहें, उससे संबंधित एक स्पष्ट बहु-चरणीय चेकलिस्ट बनाकर यह निर्धारित किया जा सकता है
    • किसी दिए गए विधायक/योजना या कार्यक्रम को सरकारी पहल माना जाएगा या नहीं—उदाहरण के तौर पर:
    • क्या इसका निर्माण/नियोजन सरकार द्वारा किया गया है? (हाँ/ना)
    • क्या यह RBI/सरकारी विभाग के अंतर्गत विनियामक या वित्तीय समन्वय से जुड़ा है? (हाँ/ना)
    • क्या इसका उद्देश्य वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों के अनुरूप है? (हाँ/ना)
    • कृपया बताएं कि आप कौन-सी विशेष पहल या नीति के बारे में अधिक विस्तृत विश्लेषण चाहते हैं
    • ताकि उसे स्पष्ट रूप से उद्धृत स्रोतों के साथ विस्तृत उत्तर दे सकूं।

26. भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन को कब मंजूरी दी गई थी? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 2013
Solution:
  • मई, 2013 में केंद्रीय कैबिनेट, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन को मंजूरी प्रदान की गई थी।
  • इस मिशन का उद्देश्य शहरी गरीबों को स्वास्थ्य देखभाल के लिए संसाधन की पहुंच मुहैया कराना था।
  • मिशन का पृष्ठभूमि
    • राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की अवधारणा 2012 में विकसित की गई थी
    • जब राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) को विस्तारित कर NHM के रूप में पुनर्गठित किया गया।
    • जिसके तहत शहरी गरीबों, झुग्गी-झोपड़ी निवासियों और प्रवासी मजदूरों पर विशेष फोकस किया गया।
    • हालांकि, इसका सक्रिय कार्यान्वयन 2015 से शुरू हुआ।
  • उद्देश्य और विशेषताएं
    • NUHM का मुख्य लक्ष्य शहरी आबादी को प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराना है
    • जिसमें शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) स्थापित करना शामिल है।
    • यह 50,000 से अधिक आबादी वाले 779 शहरों और कस्बों में लागू है
    • जो लगभग 7.75 करोड़ लोगों को कवर करता है।
    • मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ, सस्ता और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिया गया है।
  • कार्यान्वयन और विस्तार
    • तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने 2013 में इसकी औपचारिक शुरुआत की।
    • NUHM सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक समान रूप से लागू होता है।
    • हाल ही में, जनवरी 2025 में कैबिनेट ने NHM (जिसमें NUHM शामिल है
    • अगले 5 वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी, जो इसकी निरंतर प्रासंगिकता दर्शाता है।
  • महत्वपूर्ण उपलब्धियां
    • NHM के तहत कोविड-19 के दौरान 220 करोड़ वैक्सीन डोज दिए गए
    • जिसमें NUHM की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
    • यह मिशन शहरी स्वास्थ्य असमानताओं को कम करने में सहायक रहा है।​

27. 1 फरवरी, 2021 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि मिशन पोषण 2.0 के तहत ....... और ....... का विलय किया जाएगा। [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) पूरक पोषण कार्यक्रम; राष्ट्रीय पोषण मिशन
Solution:
  • 1 फरवरी, 2021 को केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिशन पोषण 2.0 के तहत 'पूरक पोषण कार्यक्रम' और 'पोषण अभियान' (राष्ट्रीय पोषण मिशन) का आपस में विलय किए जाने की घोषणा की।
  • इसका लक्ष्य देश के गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषण युक्त भोजन मुहैया कराना है, जिससे उन्हें कुपोषण से बचाया जा सके।
  • मिशन पोषण 2.0 का उद्देश्य
    • यह योजना कुपोषण को दूर करने और बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली माताओं की पोषण स्थिति में सुधार लाने के लिए शुरू की गई।
    • पोषण सामग्री, वितरण, पहुंच और परिणामों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
  • विलय के प्रमुख घटक
    • पूरक पोषण कार्यक्रम: आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण युक्त भोजन प्रदान करता है।\
    • पोषण अभियान : राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत कुपोषण कम करने के लिए जागरूकता और हस्तक्षेप पर केंद्रित।
  • कार्यान्वयन और बजट
    • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित, इसमें 112 एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स में विशेष फोकस है।
    • बजट 2021-22 में इसके लिए पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई
    • जो सतत विकास लक्ष्य-2 (शून्य भुखमरी) को समर्थन देता है।

28. फरवरी, 2022 में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने निम्नलिखित में से किस योजना के शुभारंभ की घोषणा की, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों को फसल बीमा पॉलिसी देने के लिए डोरस्टेप वितरण अभियान है? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) मेरी पॉलिसी मेरे हाथ
Solution:
  • फरवरी, 2022 में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने किसानों के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल बीमा पॉलिसी वितरण अभियान 'मेरी पॉलिसी, मेरे हाथ' की घोषणा की।
  • इस अभियान का उद्देश्य किसानों तक फसल बीमा पॉलिसी की सुविधा सुनिश्चित करना है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह पहल किसानों को उनकी बीमा पॉलिसी घर-घर पहुंचाने पर केंद्रित थी, ताकि उन्हें बैंक या कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
    • PMFBY के 6 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू हुई यह ड्राइव पारदर्शिता बढ़ाने और किसानों का विश्वास मजबूत करने का प्रयास था।
    • 4 फरवरी 2022 तक PMFBY के तहत 36 करोड़ से अधिक किसानों को कवर किया जा चुका था और 1.07 लाख करोड़ रुपये के दावे निपटाए गए थे।​
  • PMFBY का संक्षिप्त परिचय
    • PMFBY को 2016 में लॉन्च किया गया, जो प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और अन्य जोखिमों से फसल नुकसान की भरपाई करता है।
    • किसानों को न्यूनतम प्रीमियम (खरीफ के लिए 2%, रबी के लिए 1.5%, बागवानी के लिए 5%) देना होता है
    • शेष सरकार वहन करती है। योजना का संचालन कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा होता है।
  • अभियान की विशेषताएं
    • डोरस्टेप डिलीवरी: पॉलिसी सीधे किसान के हाथ में पहुंचाई जाती है।
    • डिजिटल एकीकरण: डीबीटी और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से ट्रैकिंग।
    • लक्ष्य: खरीफ सीजन में बड़े पैमाने पर वितरण, जागरूकता अभियान के साथ।

29. किस राज्य सरकार ने मार्च, 2022 में 'कौशल्या मातृत्व योजना' शुरू की थी ? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) छत्तीसगढ़
Solution:
  • मार्च, 2022 में छत्तीसगढ़ की सरकार ने 'कौशल्या मातृत्व योजना' शुरू की थी।
  • इस योजना के तहत द्वितीय पुत्री के जन्म पर महिला हितग्राहियों को एक मुश्त 5 हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है।
  • योजना का शुभारंभ
    • इस योजना का औपचारिक उद्घाटन 7 मार्च 2022 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के बीटीआई ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया।
    • उन्होंने पांच लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से 5,000 रुपये के चेक सौंपे।
    • योजना का नाम रामायण की पात्र कौशल्या (भगवान राम की माता) से प्रेरित है, जो मातृत्व और कौशल का प्रतीक है।
  • मुख्य उद्देश्य
    • योजना का प्रमुख लक्ष्य दूसरी संतान के रूप में बेटी के जन्म पर मां को वित्तीय सहायता प्रदान करना है
    • बेटियों के पालन-पोषण, पोषण और शिक्षा में कोई कमी न रहे। यह कन्या भ्रूण हत्या और लिंगानुपात असंतुलन को कम करने में मदद करती है।
    • इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
  • लाभ और प्रावधान
    • दूसरी बेटी के जन्म पर मां को एकमुश्त 5,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
    • यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से बैंक खाते में हस्तांतरित होती है।
    • योजना 1 जनवरी 2022 से प्रभावी हो गई थी, लेकिन मार्च में बड़े पैमाने पर लॉन्च हुई।
    • लाभार्थी राज्य की गर्भवती महिलाएं हैं, विशेष रूप से ग्रामीण और कम आय वर्ग की।
  • कार्यान्वयन विभाग
    • महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा योजना का संचालन किया जाता है।
    • आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण और लाभ वितरण होता है।
    • सरकार ने कन्या विवाह योजना और अन्य महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों के साथ इसे जोड़ा है।​
  • प्रभाव और महत्व
    • यह योजना सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देती है और बेटियों के प्रति सामाजिक सोच बदलने का प्रयास करती है।
    • 2022 के बाद से हजारों महिलाओं को लाभ मिल चुका है, जो राज्य के लिंगानुपात सुधार में सहायक सिद्ध हो रही है।​

30. प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन, ने 2022 में कार्यान्वयन के कितने वर्ष पूरे किए? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 8 वर्ष
Solution:
  • वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री जन धन योजना, जो कि वित्तीय समावेशन हेतु राष्ट्रीय मिशन है
  • अपने कार्यान्वयन के आठ वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे। 28 अगस्त, 2024 को इस योजना के 10 वर्ष पूरे हो जाएंगे।
  • गौरतलब है कि 28 अगस्त, 2014 को प्रधानमंत्री जन धन योजना शुरू की गई थी, जबकि इस योजना हेतु घोषणा 15 अगस्त, 2014 को की गई थी
  • योजना का परिचय
    • PMJDY भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है
    • जिसका उद्देश्य देश के हर परिवार, विशेषकर गरीब और वंचित वर्गों को बैंकिंग सेवाओं, ऋण, बीमा और पेंशन जैसी वित्तीय सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करना है।
    • यह योजना बुनियादी बचत बैंक खाते (BSBDA) खोलने, रुपे डेबिट कार्ड जारी करने और ओवरड्राफ्ट सुविधा जैसे लाभ देती है।
  • प्रमुख उपलब्धियां (2022 तक)
    • खातों की संख्या: 2022 तक लगभग 48 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए
    • जिनमें ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 66% और महिलाओं के नाम पर 55% खाते थे।
    • जमा राशि: औसत खाता शेष 2022 में बढ़कर करीब ₹2,500 प्रति खाता हो गया, जो योजना की शुरुआत में बहुत कम था।
    • डिजिटल लेनदेन: रुपे कार्ड और UPI के माध्यम से लेनदेन में भारी वृद्धि हुई
    • 2016-17 में 978 करोड़ से बढ़कर 2021-22 में 7,195 करोड़ डिजिटल लेनदेन दर्ज किए गए।
  • वित्तीय समावेशन पर प्रभाव
    • यह योजना जन धन-आधार-मोबाइल (JAM) त्रयी का आधार बनी
    • जिससे 327 सरकारी योजनाओं के तहत प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) संभव हुआ।
    • कोविड-19 के दौरान 206 करोड़ लाभार्थियों को ₹500 प्रति माह का अनग्रह भुगतान इसी के जरिए पहुंचा। इससे लीकेज रुका और वित्तीय साक्षरता बढ़ी।
  • आगे की प्रगति
    • 2022 के बाद योजना ने और गति पकड़ी—2023 में 9 वर्ष पूरे करने पर 53 करोड़ खाते और 2025 में 11 वर्ष पर 56 करोड़ से अधिक खाते खुले।
    • महिलाओं की भागीदारी 55.6% से ऊपर पहुंची।