प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-I)

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31. अगस्त, 2021 में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा की गई घोषणा के अनुसार, 'समग्र शिक्षा योजना-2' की अवधि 1 अप्रैल, 2021 से कब तक है? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) 31 मार्च, 2026
Solution:
  • अगस्त, 2021 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा 'समग्र शिक्षा योजना-2.0' की घोषणा की गई, जिसकी अवधि 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 तक है।
  • वित्तीय प्रस्ताव: संशोधित योजना का कुल वित्तीय परिव्यय लगभग 2.94 लाख करोड़ रूपये था
  • जिसमें केंद्री हिस्सा लगभग 1.85 लाख करोड़ रूपये था
  • यह योजना शिक्षा को पूर्व-विद्यालय से लेकर उच्चतर स्तर तक एकीकृत रूप में संचालित करती है.
  • सफलता-आधार और उद्देश्य: योजना का उद्देश्य गुणवत्ता, समावेशी शिक्षा, वृहत्तर कौशल विकास और शिक्षा-तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना है
  • SDG-4 (Quality Education) के अनुरूप शिक्षा मिले.​​
  • संरचना और_IMPLEMENTATION: केंद्र-राज्य संयुक्त प्रावधानों और PAD/PAB जैसे संरचनात्मक निकायों के माध्यम से रणनीतिक निगरानी और कार्यान्वयन होता है
  • व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के फंडिंग सहयोग मंत्रालयों के बीच समन्वय से किया गया है.
  • नीचे संक्षेप में FAQs:
    • Q: 1 अप्रैल 2021 से कब तक? A: 31 मार्च 2026 (5 वर्ष की अवधि).
    • Q: कुल वित्तीय परिव्यय कितना था? A: लगभग 2.94 लाख करोड़ रुपये, केंद्रीय हिस्सा ~1.85 लाख करोड़ रुपये.
    • Q: किस नीति के अनुरूप है? A: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और SDG-4 के अनुरूप अद्यतन/उन्नयन किया गया है.​
    • ध्यान दें: उपरोक्त जानकारी अगस्त 2021 की कैबिनेट/ECC मंजूरी के सार्वजनिक आधिकारिक बयानों और प्रमुख समाचार कवरेज पर आधारित है।
    • यदि आप चाहیں तो मैं एक स्पष्ट, क्लीन लिस्ट के रूप में सभी महत्वपूर्ण तिथियाँ, निर्णय संबंधी बिंदु और वित्तीय वितरण एक तालिका में दे सकता/सकती हूँ
    • साथ ही प्रत्येक दावे के लिए संदर्भ भी दे दूँगा/दूँगी।

32. जवाहर रोजगार योजना किस पंचवर्षीय योजना में शुरू की गई थी? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) सातवीं
Solution:
  • भारत की सातवीं पंचवर्षीय योजना वर्ष 1985-90 की अवधि में जवाहर रोजगार योजना को शुरू किया गया। ध्यातव्य है।
  • कि इस योजना का नारा था-भोजन, काम और उत्पादकता। अप्रैल, 1999 में इस योजना का स्थान 'जवाहर ग्राम समृद्धि योजना' ने ले लिया।
  • जवाहर रोजगार योजना की शुरुआत
    •  यह योजना 1 अप्रैल 1989 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा लॉन्च की गई थी ।
  • योजना का उद्देश्य
    • इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को प्रति वर्ष 90-100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराना था।
    • योजना ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे जैसे सड़कें, स्कूल, अस्पताल और सिंचाई सुविधाओं के विकास पर जोर दिया ।
    • यह गरीबों, अनुसूचित जाति/जनजाति सदस्यों और बंधुआ मजदूरों को प्राथमिकता देती थी।
  • पृष्ठभूमि और गठन

    • JRY दो पूर्व योजनाओं - राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (NREP) और ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम (RLEGP) - के विलय से बनी।
    • सातवीं योजना के अंतिम वर्ष में इसे लागू किया गया
    • ग्रामीण बेरोजगारी कम हो और आत्मनिर्भरता बढ़े ।
    • केंद्र और राज्य सरकारें फंडिंग करती थीं, जबकि पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से कार्यान्वयन होता था।
  • प्रभाव और बाद की प्रगति
    • योजना ने करोड़ों ग्रामीणों को रोजगार दिया और गांवों का बुनियादी ढांचा मजबूत किया।
    • 1999 में इसका नाम बदलकर जवाहर ग्राम समृद्धि योजना कर दिया गया
    • बाद में 2006 में इसे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में समाहित कर लिया गया
    • यह भारत की ग्रामीण विकास यात्रा का महत्वपूर्ण चरण था।

33. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना भारत सरकार के किस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय
Solution:
  • वर्ष 2008 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) शुरू किया था।
  • इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करना है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के जरिए स्वरोजगार और रोजगार सृजन पर केंद्रित है
    • PMEGP को प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (REGP) के विलय से बनाया गया
    • गैर-कृषि क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं, पारंपरिक कारीगरों और उद्यमियों को वित्तीय सहायता मिले।
    • योजना के तहत बैंक ऋण पर सब्सिडी प्रदान कर उद्यम स्थापना को प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास को बल मिलता है।
  • कार्यान्वयन संरचना
    • राष्ट्रीय स्तर पर KVIC योजना का संचालन करता है
    • जबकि राज्य स्तर पर राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) और जिला उद्योग केंद्र (DIC) कार्यान्वयन में सहयोग करते हैं।
    • बैंक ऋण स्वीकृति और सब्सिडी वितरण में वित्तीय संस्थानों की प्रमुख भूमिका रहती है।
    • यह संरचना सुनिश्चित करती है कि ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में उद्यम स्थापना सुगम हो।
  • प्रमुख विशेषताएं और लाभ
    • परियोजना लागत: सामान्य श्रेणी के लिए अधिकतम 50 लाख रुपये (निर्माण क्षेत्र) और 20 लाख रुपये (सेवा क्षेत्र); विशेष श्रेणी के लिए दोगुना।
    • सब्सिडी दरें: ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य श्रेणी को 25-35% और विशेष श्रेणी (SC/ST/OBC आदि) को 25-35% तक मार्जिन मनी सब्सिडी।
    • लाभार्थी: 18 वर्ष से अधिक आयु के बेरोजगार युवा, जिनके पास न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हो; स्वयं का रोजगार न रखने वाले।
    • योजना उद्योग एवं सेवा क्षेत्रों तक सीमित है, कृषि गतिविधियों को शामिल नहीं करती।
    • यह नए उद्यमों पर फोकस रखती है, मौजूदा इकाइयों का विस्तार नहीं।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • PMEGP की शुरुआत अगस्त 2008 में हुई, जब MSME मंत्रालय ने पूर्व योजनाओं को एकीकृत किया।
    • तब से यह लाखों उद्यम स्थापित कर करोड़ों रोजगार सृजित कर चुकी है
    • विशेषकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हुए। 2025-26 तक योजना सक्रिय बनी हुई है
    • जिसमें डिजिटल पोर्टल (kviconline.gov.in) के जरिए ऑनलाइन आवेदन सुविधा उपलब्ध है।

34. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस शहर में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का शुभारंभ किया? [MTS (T-I) 08 जुलाई, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) वाराणसी
Solution:
  • 25 अक्टूबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का शुभारंभ किया।
  • यह देशभर में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सबसे बड़ी अखिल भारतीय योजनाओं में से एक है
  • जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त है।
  • इसका उद्देश्य प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों की क्षमता का विकास
  • वर्तमान राष्ट्रीय संस्थाओं को मजबूत बनाना, नए संस्थानों की स्थापना करना है
  • जिससे नई और उभरती बीमारियों का पता लगाया जा सके और उसका उपचार किया जा सके।
  • मिशन का उद्देश्य
    • आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM), जिसे पहले प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना कहा जाता था
    • देश भर में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 64,180 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है।
    • इसका मुख्य लक्ष्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, निदान, उपचार, रोग निगरानी और महामारी प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण खामियों को भरना है
    • भारत भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए आत्मनिर्भर बने।​
  • प्रमुख घटक
    • 10 उच्च प्राथमिकता वाले राज्यों में 17,788 ग्रामीण स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों (AB-HWC) और सभी राज्यों में 11,024 शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों का समर्थन।​​
    • सभी जिलों में एकीकृत जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित करना, विशेष रूप से 5 लाख से अधिक आबादी वाले जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक।
    • राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वास्थ्य संस्थान, 4 नए वायरोलॉजी संस्थान, 9 बायोसेफ्टी लेवल-3 प्रयोगशालाएं, 5 नए क्षेत्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, और IT-सक्षम रोग निगरानी नेटवर्क।​
    • 17 नए पब्लिक हेल्थ यूनिट्स का संचालन और 33 मौजूदा यूनिट्स को मजबूत करना, साथ ही प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करना।​
  • महत्वपूर्ण प्रभाव
    • यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त है और कोविड-19 जैसी महामारियों से सबक लेते हुए बनी है
    • जो बीमारी स्क्रीनिंग, निगरानी और अनुसंधान को बढ़ावा देगी।
    • प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गांव से राष्ट्रीय स्तर तक स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत करेगा
    • जिससे 2 करोड़ से अधिक गरीबों को पहले ही आयुष्मान भारत से लाभ मिल चुका है।

35. भारत सरकार ने वर्ष ....... में व्यापक परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू किया। [CGL (T-I) 05 दिसंबर, 2022 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) 1952
Solution:
  • भारत सरकार ने वर्ष 1952 में व्यापक परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू किया।
  • शुरुआत के बाद से परिवार नियोजन कार्यक्रम में नीतियों और वास्तविक कार्यक्रम के क्रियान्वयन के अनुसार परिवर्तन किया गया है।
  • वर्तमान में इस कार्यक्रम को केवल जनसंख्या स्थिरीकरण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पुनर्स्थापित किया गया है
  • अपितु यह कार्यक्रम प्रजनन स्वास्थ्य को बढ़ावा भी देता है तथा इसके साथ-साथ मातृ, शिशु एवं बाल मृत्यु दर और रोग दर को भी कम करता है।
  • कार्यक्रम का इतिहास
    •  1972 में इसे "व्यापक" रूप प्रदान किया गया, जिसमें नसबंदी, गर्भनिरोधक साधनों का वितरण और जागरूकता अभियान शामिल किए गए।
    • समय के साथ, 1970 के आपातकाल में जबरन नसबंदी विवादास्पद रही, लेकिन बाद में नीतियां स्वैच्छिक और प्रजनन स्वास्थ्य केंद्रित हो गईं।
  • उद्देश्य और विशेषताएं
    • कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य जनसंख्या वृद्धि नियंत्रित करना, मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करना और परिवार कल्याण सुनिश्चित करना था।
    • प्रमुख विशेषताओं में मुफ्त गर्भनिरोधक (कंडोम, गोलियां, आईयूडी), नसबंदी पर प्रोत्साहन राशि, और एएसएचए कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जागरूकता शामिल हैं।
    • 2000 की राष्ट्रीय जनसंख्या नीति ने इसे 2045 तक जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य से जोड़ा।
  • प्रमुख चरण और विकास
    • 1952-1970: प्रारंभिक चरण, क्लीनिक-आधारित सेवाएं।
    • 1972: व्यापक कार्यक्रम शुरू, राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार।​
    • 2005: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत एकीकरण।
    • 2025 तक: आरएमएनसीएच+एच (प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल स्वास्थ्य) के अंतर्गत डिजिटल ट्रैकिंग, हेल्पलाइन और एफपी2030 दृष्टिकोण।
  • वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
    • आज कार्यक्रम परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन है, जो टीएफआर (कुल प्रजनन दर) को 2.1 तक लाने पर केंद्रित है।
    • चुनौतियां जैसे अतृप्त गर्भनिरोधक जरूरतें और क्षेत्रीय असमानताएं बनी हुई हैं
    • लेकिन मिशन जैसे 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' (2025) ने इसे मजबूत किया।
    • सफलता से भारत की जनसंख्या वृद्धि दर घटी है, लेकिन सतत प्रयास आवश्यक हैं।​

36. काशी यात्रा योजना ....... की सरकार द्वारा शुरू की गई थी। [CGL (T-I) 13 दिसंबर, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) कर्नाटक
Solution:
  • जून, 2022 में कर्नाटक सरकार द्वारा काशी यात्रा योजना शुरू की गई थी।
  • इस योजना के अंतर्गत वाराणसी, उत्तर प्रदेश में काशी विश्वनाथ मंदिर की तीर्थयात्रा करने के इच्छुक लगभग 30,000 तीर्थयात्रियों में से प्रत्येक को 5,000 रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना का लाभ लेने हेतु आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक और कर्नाटक का मूल निवासी होना चाहिए।
  • योजना का उद्देश्य
    • कर्नाटक सरकार ने इस योजना के तहत कर्नाटक के निवासियों को वाराणसी की पवित्र यात्रा के लिए प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा।
    • योजना 2022-23 के बजट में प्रस्तावित हुई और जून 2022 के अंत में मंजूर की गई।
    • इसके माध्यम से लगभग 30,000 तीर्थयात्रियों को प्रत्येक को 5,000 रुपये की नकद सहायता दी जाती है।
  • पात्रता मानदंड
    • आवेदक कर्नाटक का मूल निवासी होना चाहिए, जिसका प्रमाण मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड या राशन कार्ड से देना होता है।
    • आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, साथ ही आयु प्रमाण पत्र जमा करना आवश्यक है।
    • योजना का लाभ जीवन में केवल एक बार ही लिया जा सकता है।​
  • आवेदन प्रक्रिया
    • योजना के लिए धार्मिक बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त को आवेदन जमा करना होता था।
    • जिन्होंने 1 अप्रैल से 30 जून 2022 तक यात्रा की, उन्हें दर्शन टिकट, प्रतीक्षा सूची या पूजा रसीद जैसे प्रमाण प्रस्तुत करने पड़ते थे।
    • बाद में, जुलाई 2022 में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई द्वारा एक वेबसाइट लॉन्च की गई, जिससे ऑनलाइन आवेदन संभव हुआ।
  • बजट और कार्यान्वयन
    • सरकार ने योजना के लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जो धार्मिक बंदोबस्ती विभाग द्वारा प्रबंधित होते हैं।
    • धार्मिक बंदोबस्ती, हज और वक्फ मंत्री शशिकला जोले ने इसके विवरण की घोषणा की।
    • यह योजना कर्नाटक के निवासियों के धार्मिक आस्थाओं को सम्मान देते हुए आर्थिक बोझ कम करने पर केंद्रित रही।

37. योजना, 'बाहिनी' का उद्देश्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाने वाली लड़कियों को मुफ्त और सुरक्षित सैनिटरी पैड तक 100 प्रतिशत पहुंच प्रदान करना है। यह योजना किस राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई है? [CGL (T-I) 02 दिसंबर, 2022 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) सिक्किम
Solution:
  • 'बाहिनी' (Baini) योजना सिक्किम राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई है।
  • इस योजना का उद्देश्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाने वाली लड़कियों को मुफ्त और सैनिटरी पैड तक 100 प्रतिशत पहुंच प्रदान करना है।
  • अन्य उद्देश्य विद्यालयों से लड़कियों की ड्रॉपआउट को रोकना और मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में जागरूकता बढ़ाना भी है।
  • नोट-प्रश्न में 'बाहिनी' शब्द का प्रयोग है, जबकि सिक्किम सरकार की वेबसाइट पर 'Baini' शब्द का प्रयोग है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली लड़कियों को मुफ्त और सुरक्षित सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने पर केंद्रित है
    • जिससे 100% पहुंच सुनिश्चित हो। मुख्य लक्ष्य स्कूलों में लड़कियों की ड्रॉपआउट दर को कम करना और मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
    • सिक्किम के 210 सरकारी स्कूलों में वेंडिंग मशीनें लगाकर कक्षा 9 और उससे ऊपर की लगभग 18,000 छात्राओं को लाभ मिलेगा।
  • कार्यान्वयन विवरण
    • सिक्किम सरकार ने इसे अपने वार्षिक बजट में घोषित किया
    • जहां राज्य के सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें स्थापित की जाएंगी।
    • योजना के तहत सुरक्षित निपटान तंत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा
    • लड़कियां स्कूल छोड़ने के बजाय पढ़ाई जारी रख सकें। यह कदम मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने में सहायक सिद्ध होगा।
  • सिक्किम का संदर्भ
    • सिक्किम पूर्वोत्तर भारत का एक छोटा राज्य है, जिसकी राजधानी गंगटोक है और वर्तमान में प्रेम सिंह तमांग मुख्यमंत्री हैं।
    • राज्य की भौगोलिक स्थिति भूटान, नेपाल और तिब्बत से सटी होने के कारण यहां स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
    • बाहिनी' के अलावा सिक्किम सरकार ने 'आमा' जैसी अन्य योजनाएं भी शुरू की हैं, जो महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देती हैं।
  • अन्य राज्यों की समान पहलें
    • कई अन्य राज्य सरकारें भी सैनिटरी पैड वितरण पर सक्रिय हैं
    • जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और केरल ने स्कूलों में वितरण कार्यक्रम चलाए।
    • बिहार में किशोरी स्वास्थ्य योजना के तहत 300 रुपये की सहायता दी जाती है
    • जबकि मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
    • हालांकि, 'बाहिनी' का स्पष्ट फोकस सिक्किम के सरकारी स्कूलों पर है।

38. 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' किस वर्ष आरंभ की गई थी ? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 2015 में
Solution:
  • वर्ष 2015 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना शुरू किया गया।
  • इस योजना का उद्देश्य देश के युवाओं को मुफ्त लघु अवधि का कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है।
  • योजना का प्रारंभ और पृष्ठभूमि
    •  जिसका उद्देश्य युवाओं को मुफ्त लघु अवधि के कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना और रोजगार योग्य बनाना है।
    • कौशल भारत मिशन के प्रमुख घटक के रूप में शुरू हुई PMKVY का लक्ष्य 2022 तक 40 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करना था।
    • योजना राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा संचालित होती है और विभिन्न चरणों में विस्तारित हुई।
  • चरणों का विवरण
    • PMKVY 1.0 2015 से 2016 तक चली, जिसमें प्रति प्रतिभागी ₹8,000 का मौद्रिक पुरस्कार दिया गया।
    • PMKVY 2.0 2016 में लॉन्च हुई, जो 2020 तक चली और 1 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा। PMKVY 3.0 2020 में शुरू हुई
    • जिसमें डिजिटल कौशल पर जोर दिया गया
    • जबकि PMKVY 4.0 2026 तक चलने वाला चरण नवीनतम है।
    • इन चरणों में कुल 1.63 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया।​
  • मुख्य उद्देश्य और लाभ
    • योजना का फोकस बेरोजगार युवाओं, दैनिक वेतनभोगियों और पहले से कुशल व्यक्तियों को मान्यता प्रदान करना है।
    • प्रशिक्षण के बाद प्रमाणन और ₹2,000-₹8,000 के पुरस्कार दिए जाते हैं
    • जिससे रोजगार क्षमता बढ़ती है। सरकार ने इसके लिए ₹120 बिलियन का बजट मंजूर किया
    • जो उद्योगों की मांग के अनुरूप 300+ जॉब रोल्स को कवर करता है।
  • उपलब्धियां और विस्तार
    • 2025 तक योजना ने 10 वर्ष पूरे कर लिए, जिसमें 18 लाख से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया।
    • यह पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं से जुड़कर शिल्पकारों को टूलकिट, ऋण और विपणन सहायता प्रदान करती है।
    • योजना ने स्वरोजगार और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा दिया, विशेषकर डिजिटल और उन्नत कौशलों में।​

39. भारत के बुनियादी ढांचे में क्रांति लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई परियोजना 'पीएम गति शक्ति' में कितने घटक शामिल हैं, जिन्हें इस परियोजना के इंजन कहा गया है? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) सात
Solution:
  • अक्टूबर, 2021 में भारत सरकार द्वारा पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान शुरू किया गया।
  • यह विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी बुनियादी ढांचा प्रदान करने हेतु शुरू किया गया।
  • ध्यातव्य है कि इस परियोजना को गतिमान रखने के 7 इंजन हैं- (1) रेलवे, (2) सड़कें, (3) बंदरगाह, (4) जलमार्ग, (5) हवाई अड्डा, (6) जन परिवहन तथा (7) रसद अवसंरचना।
  • मुख्य उत्तर
    • कितने इंजन: PM Gati Shakti के सात इंजन होते हैं
    • जिनमें रेलवे, सड़क, बंदरगाह, जलमार्ग, हवाई अड्डे, मास ट्रांसपोर्ट (Mass Transport) और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
    • प्रत्येक इंजन 해당 क्षेत्र में बहु-मॉडल कनेक्टिविटी और प्रभावी लॉजिस्टिक्स के लिए क्रियान्वयन को प्रेरित करता है।
  • इंजन-विस्तार
    • रेलवे: भारत की रेलवे नेटवर्क का विस्तार और समन्वित कॉरिडोर योजनाओं के साथ गति बढ़ाने पर केंद्रित है, ताकि माल एवं यात्रु परिवहन दोनों अधिक कुशल बनें।​
    • सड़क: राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और ग्रामीण सड़क परियोजनाओं के समन्वय से सड़क संपर्क और स्टार्ट-टअप लॉजिस्टिक्स आसान बनाना लक्ष्य है।​
    • बंदरगाह: समन्वित पोर्ट-घरेलू-आयात-निर्यात लॉजिस्टिक श्रृंखला को सुव्यवस्थित करना।​
    • जलमार्ग: आंतरिक जलमार्गों के उपयोग को बढ़ावा देकर परिवहन लागत कम करना और थ्रूपुट सुधारना।​
    • हवाई अड्डे: उन्नत व सुविधाजनक एअरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधा-युक्त मल्टी-मॉडल ट्रांज़िट लिंक स्थापित करना।​
    • मास ट्रांसपोर्ट: बड़े पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम (बस-रेड, मेट्रो आदि) के एकीकृत योजना और क्रियान्वयन को मजबूत करना।​
    • लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर: इन सभी इंजनों को एक साथ काम करते हुए एक समन्वित लॉजिस्टिक्स फ्रेमवर्क के भीतर संचालन को बेहतर बनाना।​
  • अन्य सहायक घटक
    • पूरक भूमिकाएं: ऊर्जा ट्रांसमिशन, IT एवं कम्युनिकेशन और सामाजिक बुनियादी सुविधाओं जैसी सहायक प्रणालियाँ इन इंजनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समर्थक के रूप में काम करती हैं।​
    • उद्देश्य और लाभ: एकीकृत योजना, लागत-क्षमत सुधार, समयबद्ध निष्पादन, और क्षेत्रीय-राष्ट्रीय आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसरों में वृद्धि को प्राथमिकता दी जाती है।
    • संस्थागत ढांचा: PMGS-NMP के साथ राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी शामिल किया गया है
    • परियोजनाओं की योजना, वित्तपोषण और प्रदर्शन में समन्वय बना रहे।​
  • महत्वपूर्ण बिंदु
    • लक्ष्य: बहु-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता के माध्यम से आर्थिक परिवर्तन और सुगम व्यावसायिक वातावरण बनाना।​
    • संदर्भ: PMGS-NMP का गठन 2021 में शुरू हुआ था और यह सात इंजनों पर आधारित एक व्यापक मास्टर प्लान है।

40. 2022 में सरकार द्वारा शुरू किए गए पोर्टल का नाम क्या है, जिसका उद्देश्य आवेदक के लिए ऋण आवेदन और संवितरण प्रक्रिया को आसान बनाना है? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) जन समर्थ
Solution:
  • वर्ष 2022 में भारत सरकार द्वारा जन समर्थ पोर्टल शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य आवेदक के लिए ऋण आवेदन और संवितरण प्रक्रिया को आसान बनाना है।
  • जन समर्थ पोर्टल का परिचय
    • नाम और उद्देश्य: जन समर्थ एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है
    • जिसका मुख्य लक्ष्य छोटे व्यवसायों, उद्यमियों और पात्र borrowers के लिए ऋण आवेदन, सत्यापन और वितरण प्रक्रियाओं को सरल बनाना है.
    • वित्तीय योजना जोड़ना: यह पोर्टल 13 सरकारी ऋण योजनाओं को एक जगह जोड़कर आवेदन प्रक्रियाओं को केंद्रीकृत करता है
    • आवेदक अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाएं.
    • क्रेडिट-आधारित चयन: आवेदक की क्रेडिट इतिहास, पुनर्भुगतान क्षमता आदि के आधार पर अनुकूलित ऋण विकल्प प्रस्तुत किए जाते हैं
    • जिससे चुने जाने की संभावना बढ़ती है.
  • कैसे काम करता है
    • पात्रता और आवेदन: जन समर्थ प्लेटफॉर्म पर पात्रता जाँच के साथ ऑनलाइन आवेदन संभव होता है और चयनित बैंक/ऋणदाता के पास आवेदन भेजा जाता है.
    • सत्यापन और वितरण: चैन-आफ-चैन्स के अनुसार सत्यापन, सैद्धांतिक मंजूरी और संवितरण की प्रक्रिया डिजिटल रूप से आगे बढ़ती है, जिससे देरी घटती है.
    • बैक-एंड एकीकरण: सीबीडीटी, जीएसटी, उद्यम, ऋण-प्रोसेसिंग से जुड़ी सूचनाओं के साथ पूरी प्रक्रिया सक्षम बनती है
    • उपयोगकर्ता को चरण-दर-चरण स्थिति दिखती है.
  • महत्वपूर्ण संदर्भ और उपलब्ध जानकारी के स्रोत
    • घोषणा/विस्तार: PIB/सरकारी कवरेज ने जन समर्थ पोर्टल के उद्देश्य और कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला है
    • जिसमें यह बताया गया कि यह एक एकीकृत प्लेटफॉर्म है जो ऋण आवेदन से लेकर वितरण तक के सभी चरणों को शामिल करेगा.
    • सरकारी और बैंक पन्ने: बैंक-ऑफ-बारोडा जैसे बैंकों ने भी जन समर्थ पोर्टल के बारे में विवरण साझा किए हैं
    • जिसमें कहा गया है कि यह 13 सरकारी ऋण योजनाओं को जोड़ता है और ऑनलाइन आवेदन की सुविधा देता है.
    • मीडिया कवरेज: नवीनतम समाचारों और प्रकाशनों में जन समर्थ के बारे में अपडेट और विभिन्न योजनाओं के साथ इसकी भूमिका की चर्चा मिलती है.
  • महत्वपूर्ण संकेत
    • यह पोर्टल मुख्यतः छोटे व्यवसायों, MSMEs, और उद्यमियों के लिए बनाया गया है
    • ऋण के आवेदन, सत्यापन और वितरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और फास्ट हो सके.
    • 2022 के शुरुआत में घोषित होने के बावजूद, समय के साथ पोर्टल के अंतर्गत शामिल योजनाओं और बैंकिंग पार्टनरशिप्स में बदलाव हो सकते हैं
    • आधिकारिक स्रोतों से नवीनतम जानकारी जाँचना उचित रहेगा.
  • यदि चाहें, इस विषय पर मैं:
    • जन समर्थ से जुड़ी 13 योजनाओं की सूची और प्रत्येक के लिए पात्रता मानदंड, आवश्यक दस्तावेज और लाभ बताकर एक संक्षिप्त गाइड बना सकता हूँ।
    • या उपयुक्त सरकारी पन्नों/प्रारंभिक नोटिस के लिंक के साथ एक संदर्भ-सम्बंधित चेकलिस्ट बनाकर दे सकता हूँ।
  • संदर्भ
    • जन समर्थ पोर्टल परिचय और उद्देश्य.
    • जन समर्थ पोर्टल के बारे में बैंक पन्ने/उद्धरण.
    • पोर्टल के विस्तृत काम करने के तरीके और लाभ