प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-I)

Total Questions: 50

41. बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने के उद्देश्य से, 29 जुलाई, 2021 को भारत सरकार ने ....... के विद्यार्थियों के लिए एक प्री-स्कूल तैयारी कार्यक्रम, विद्या प्रवेश का शुभारंभ किया। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) पहली कक्षा
Solution:
  • 29 जुलाई, 2021 को भारत सरकार ने पहली कक्षा के छात्रों के लिए एक प्री-स्कूल तैयारी प्रोग्राम विद्या प्रवेश का शुभारंभ किया।
  • ध्यातव्य है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना है।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य
    • विद्या प्रवेश का मुख्य लक्ष्य कक्षा 1 में प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों, विशेष रूप से विविध पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना है।
    • यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों पर आधारित है
    • निपुण भारत मिशन—फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (FLN) का अभिन्न अंग है।
    • कार्यक्रम प्री-लिटरेसी, प्री-न्यूमरेसी, संज्ञानात्मक, सामाजिक-भावनात्मक और मोटर स्किल्स विकसित करने पर केंद्रित है
    • बच्चे सहज रूप से कक्षा 1 की पढ़ाई में शामिल हो सकें।
  • प्रमुख विशेषताएं
    • अवधि और संरचना: 12 सप्ताह का प्ले-बेस्ड मॉड्यूल, जिसमें दैनिक गतिविधियां, गाने, कहानियां, खेल और हाथों से काम करने वाली क्रियाएं शामिल हैं।
    • NCERT द्वारा विकसित यह मॉड्यूल स्कूलों को दिशानिर्देश प्रदान करता है।
    • लक्षित समूह: कक्षा 1 में नवप्रवेशी बच्चे, जिनकी उम्र सामान्यतः 5-6 वर्ष होती है।
    • यह आंगनवाड़ी, बाल वाटिका या घर से सीधे स्कूल आने वाले बच्चों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
    • कार्यान्वयन: स्कूल सत्र शुरू होने पर पहले 3 महीनों तक चलाया जाता है।
    • शिक्षकों को अभिभावकों के साथ अभिमुखीकरण बैठकें करनी होती हैं और बच्चों की प्रगति का मूल्यांकन करना होता है।​
  • कार्यान्वयन और प्रभाव
    • NCERT ने इसकी गाइडलाइंस जारी कीं, जो सभी राज्यों में लागू होती हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग इसे स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम के रूप में चला रहा है
    • जहां अप्रैल से अगस्त तक गतिविधियां आयोजित होती हैं। दिल्ली में इसे विद्यारंभ नाम से लागू किया गया।
    • कार्यक्रम ने बच्चों के स्कूल में अनुकूलन को सुगम बनाया है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में शिक्षक प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई गई है।
  • लाभ और महत्व
    • यह कार्यक्रम बच्चों को झिझक मुक्त होकर पढ़ाई शुरू करने में मदद करता है
    • जिससे ड्रॉपआउट दर कम होती है। NEP 2020 के अनुरूप, यह समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देता है
    • फाउंडेशनल लर्निंग को मजबूत बनाता है। 2024-25 सत्र में भी इसे जारी रखा गया है, जो इसके दीर्घकालिक प्रभाव को दर्शाता है।​​

42. स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा शुरू किया गया 'पढ़े भारत' गठन अभियान, 1 जनवरी, 2022 को ....... दिनों की अवधि के लिए शुरू किए गए आनंददायक शिक्षण के अनुभव के लिए बच्चों को पढ़ने के लिए समर्थन और प्रोत्साहित करने के लिए है। [CHSL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) 100
Solution:
  • 1 जनवरी, 2022 को 'पढ़े भारत' गठन अभियान को स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा शुरू किया गया।
  • ध्यातव्य है कि इस अभियान की अवधि 100 दिन थी।
  • यह अभियान आनंददायक शिक्षण के अनुभव के लिए बच्चों को पढ़ने के लिए समर्थन और प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किया गया।
  • अभियान का प्रारंभ
    •  बालवाटिका से कक्षा 8 तक के सभी बच्चों को इसमें शामिल किया गया।
    • मुख्य लक्ष्य रचनात्मकता, महत्वपूर्ण चिंतन, शब्दावली विकास और मौखिक-लिखित अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना था।
  • उद्देश्य और विशेषताएं
    • अभियान का फोकस बच्चों को उनके परिवेश और वास्तविक जीवन से जोड़ते हुए पढ़ाई को मनोरंजक बनाना था
    • आजीवन पढ़ने का आनंद बना रहे। प्रति सप्ताह एक सरल, आनंददायक क्रियाकलाप डिजाइन किया गया
    • जो घरेलू संसाधनों से पूरा हो सके। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप था
    • जिसमें स्थानीय/मातृभाषा में पठन संस्कृति को प्रोत्साहन दिया गया।
  • हितधारकों की भूमिका
    • बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों, समुदाय और शैक्षिक प्रशासकों समेत सभी स्तरों पर भागीदारी सुनिश्चित की गई।
    • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को साप्ताहिक कैलेंडर सहित विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए।
    • स्कूल बंद होने पर भी माता-पिता या भाई-बहनों की मदद से क्रियाकलाप पूरे हो सकते थे।
  • व्यापक प्रभाव
    • यह अभियान 'निपुण भारत' जैसे बाद के मिशनों का आधार बना, जो बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता पर केंद्रित है।
    • अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (21 फरवरी) को भी इसमें एकीकृत किया गया
    • स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा मिले। कुल मिलाकर, यह सीखने के स्तर में सुधार के लिए एक रणनीतिक कदम साबित हुआ।

43. 'स्वच्छ भारत मिशन' का संबंध किस सार्वजनिक हस्ती से है? [CHSL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) महात्मा गांधी
Solution:
  • 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन देशभर में व्यापक तौर पर राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में शुरू किया गया था।
  • ध्यातव्य है कि इस मिशन का संबंध राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से है। इस योजना का उद्देश्य स्वच्छ और खुले में शौच मुक्त भारत का निर्माण करना है।
  • हस्तियों के साथ जुड़ाव के कई प्रमुख आयाम
    • प्रचारक राजदूत: SBM के प्रचार के लिए प्रधानमंत्रि ने 2014 में कई नामों की घोषणा की
    • जिन्हें “स्वच्छ भारत राजदूत” के रूप में चुना गया था ताकि वे आम लोगों में स्वच्छता के संदेश को फैलाएं।
    • इनमें सचिन तेंदुलकर, प्रियंका चोपड़ा, अनिल अंबानी, बाबा रामदेव, सलमान खान, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, कैलाश खेर आदि शामिल थे।
  • संक्षिप्त पृष्ठभूमि
    • आरम्भ और नेतृत्व: SBM 2014 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लॉन्च हुआ
    • उन्होंने स्वयं सफाई के प्रतीकात्मक कार्यों में भाग लेकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
    • इससे जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक ठोस राजनीतिक और सामाजिक समर्थन मिला।​
    • उद्देश्य और परिदृश्य: अभियान का मुख्य लक्ष्य भारत के शहरी ग्रामीण क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों
    • गलियों और बुनियादी अवसंरचना के स्वच्छ वातावरण को सुनिश्चित करना था
    • स्वस्थ जीवन शैली और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार हो।
  • महत्वपूर्ण धारणा
    • SBM का एक बड़ा प्रभाव यह रहा कि एक सरकारी पहल कैसे समाज-स्तर पर तेज़ी से फैलने वाले व्यवहार परिवर्तन को प्रेरित कर सकती है
    • विशेषकर बच्चों, शिक्षकों, खिलाड़ियों, कलाकारों और व्यवसायिक नेताओं की भागीदारी से।
  • जरूरी नोट
    • SBM के राजदूतों और प्रचार-उत्साह के बारे में अधिक गहराई से पढ़ना चाहें
    • तो आधिकारिक स्रोतों और विश्वसनीय सारांशों में विस्तृत सूची, तिथियाँ और पात्रों के योगदान मिलेंगे।
    • यदि चाहें, SBM के राजदूतों की पूरी सूची, उनके क्षेत्र (खेल, बॉलीवुड, टीवी, आदि) और उनके प्रचार के प्रमुख गतिविधि-उत्पाद कैसे रहे
    • इन सभी बातों को एक साफ-सुथरे तालिका के रूप में प्रस्तुत कर सकता हूँ।

44. भारत सरकार ने जुलाई, 2021 में नेशनल इनीशिएटिव फॉर प्रॉफिऐसी इन रीडिंग विद् अंडरस्टैंडिंग एंड न्युमरेसी (निपुण भारत-NIPUN Bharat) का शुभारंभ किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि देश का हर बच्चा कक्षा ....... की समाप्ति तक अनिवार्य रूप से आधारभूत साक्षरता और गणनाएं प्राप्त कर ले। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 3
Solution:
  • जुलाई, 2021 में भारत सरकार ने बेहतर समझ और संख्यात्मक ज्ञान के साथ पढ़ाई में प्रवीणता के लिए राष्ट्रीय पहल-निपुण भारत मिशन की शुरुआत की।
  • इस मिशन का लक्ष्य है-3 से 9 वर्ष तक की आयु के देश के प्रत्येक बच्चे को कक्षा 3 की समाप्ति तक अनिवार्य रूप से आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक गणनाएं करने में मदद करना।
  • निपुण भारत का पृष्ठभूमि
    • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप शुरू किया गया यह मिशन, 3 से 9 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों की सीखने की आवश्यकताओं पर केंद्रित है।
    • इसे 5 जुलाई 2021 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने लॉन्च किया।
    • मिशन का लक्ष्य 2026-27 तक सभी बच्चों को ग्रेड 3 तक मूलभूत साक्षरता और संख्यागणना (FLN) में निपुण बनाना है
    • जो देश की शिक्षा प्रणाली की सर्वोच्च प्राथमिकता है।​
  • उद्देश्य और लक्ष्य
    • आधारभूत कौशल विकास: बच्चे सरल वाक्यों को समझकर पढ़ सकें, लिख सकें और बुनियादी गणितीय संक्रियाएं (जोड़, घटाव आदि) कर सकें।
    • समावेशी शिक्षा: प्री-स्कूल से कक्षा 3 तक (आंगनवाड़ी, बालवाटिका सहित) सभी बच्चों को कवर करना, विशेषकर वंचित वर्गों को।
    • शिक्षक क्षमता निर्माण: NISHTHA के तहत 25 लाख शिक्षकों को FLN पर प्रशिक्षण देना।
    • संसाधन विकास: उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण सामग्री, डिजिटल टूल्स और प्रगति ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करना।
  • कार्यान्वयन संरचना
    • यह मिशन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा संचालित है और समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत आता है।
    • पांच स्तरीय तंत्र स्थापित किया गया: राष्ट्रीय, राज्य, जिला, ब्लॉक और स्कूल स्तर पर।
    • 2021-22 में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को FLN हस्तक्षेपों के लिए 2,688.18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
    • NCERT द्वारा विशेष FLN पैकेज विकसित किया जा रहा है।
  • प्रमुख विशेषताएं
    • लचीलापन: राज्य-विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलन।
    • ट्रैकिंग: प्रत्येक बच्चे की प्रगति का डिजिटल अनुशरण (NIPUN Portal के माध्यम से)।
    • सहयोग: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, अभिभावक और समुदाय की भागीदारी।
    • फंडिंग: केंद्र प्रायोजित योजना के तहत वित्त पोषण।
  • उपलब्धियां और प्रभाव (2026 तक)
    • 2021 से अब तक (जनवरी 2026), लाखों शिक्षकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है और FLN स्तरों में सुधार दर्ज किया गया।
    • यह मिशन 21वीं सदी के कौशलों के लिए आधार तैयार कर रहा है, जिससे उच्च कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित होगा।
    • सफलता शिक्षकों पर निर्भर है, इसलिए निरंतर क्षमता निर्माण पर जोर दिया जा रहा।​

45. 7 अक्टूबर, 2021 को भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण रेल खंडों में क्षमता की कमी की समस्या का एक बहुत प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए ....... नाम की दो लंबी दूरी की मालगाड़ियों का शुभारंभ और संचालन किया। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) त्रिशूल और गरुड़
Solution:
  • 7 अक्टूबर, 2021 को भारतीय रेलवे द्वारा महत्वपूर्ण रेल खंडों में क्षमता की
  • कमी की समस्या का एक बहुत प्रभावी समाधान प्रदान करने के लिए त्रिशूल तथा गरुण नामक दो लंबी दूरी की मालगाड़ियों का शुभारंभ एवं संचालन किया गया।
  • प्रश्न का सीधा उत्तर
    • 7 अक्टूबर 2021 को भारतीय रेलवे ने महत्वपूर्ण रेल खंडों में क्षमता की कमी की समस्या को दूर करने के लिए दो लंबी दूरी की मालगाड़ियों ‘त्रिशूल’ और ‘गरुड़’ का शुभारंभ और संचालन किया।
    • इन्हें दक्षिण मध्य रेलवे ज़ोन पर पहली बार लंबी दूरी की मालगाड़ियों के रूप में चलाया गया।
  • त्रिशूल और गरुड़ क्या हैं?
    • ये लंबी दूरी की मालगाड़ियाँ (long haul freight trains) हैं, जिनकी रचना सामान्य मालगाड़ियों से कहीं अधिक लंबी होती है।
    • इन ट्रेनों में कई मालगाड़ियों को जोड़कर एक साथ चलाया जाता है, जिससे एक ही पथ (path) पर अधिक माल एक बार में ले जाया जा सकता है।
  • इन्हें कहाँ और कैसे चलाया गया?
    • त्रिशूल: यह दक्षिण मध्य रेलवे की पहली लंबी दूरी की रेल थी, जिसमें लगभग तीन मालगाड़ियाँ जोड़कर कुल 177 वैगन लगाए गए।
    • यह 7 अक्टूबर 2021 को विजयवाड़ा मंडल के कोंडापल्ली स्टेशन से पूर्वी तट रेलवे के खुर्दा मंडल की दिशा में रवाना की गई।
    • गरुड़: इसके बाद 8 अक्टूबर 2021 को गुंतकल मंडल के रायचूर से सिकंदराबाद मंडल के मनुगुरु तक इसी प्रकार की एक अन्य लंबी दूरी की मालगाड़ी चलाई गई
    • जिसका नाम गरुड़ रखा गया।​
  • इन ट्रेनों में क्या लोड किया जाता है?
    • दोनों लंबी दूरी की मालगाड़ियों में मुख्य रूप से ताप विद्युत (थर्मल पावर) स्टेशनों के लिए कोयला ढोने के लिए खुले वैगन (open wagons) लगाए गए।
    • इन ट्रेनों के माध्यम से बड़ी मात्रा में कोयला एक ही बार में दूर तक पहुँचाया जा सकता है
    • जिससे ऊर्जा संयंत्रों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होती है।​
  • लंबी दूरी की मालगाड़ियों के प्रमुख लाभ
    • एक ही पथ पर अधिक माल ढुलाई होने से भीड़भाड़ वाले सेक्शनों में पथ की बचत होती है और लाइन क्षमता का बेहतर उपयोग होता है।
    • लंबी दूरी में लगातार चलने के कारण यात्रा समय कम होता है और परिचालन अधिक कुशल बनता है।​
    • कई अलग‑अलग मालगाड़ियाँ चलाने की बजाय एक लंबी ट्रेन चलने से क्रू (चालक दल) की बचत और परिचालन लागत में कमी होती है।​
    • इससे महत्वपूर्ण सेक्शनों में क्षमता की कमी की समस्या का व्यावहारिक और प्रभावी समाधान मिलता है तथा माल ग्राहकों को बेहतर सेवा दी जा सकती है।

46. पीएम दक्ष योजना (PM DAKSH Yojana) के तहत प्रति प्रशिक्षु कितना वेतन मुआवजा प्रदान किया जाता है? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) 3000 रु.
Solution:
  • वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने पीएम दक्ष योजना लांच किया।
  • यह योजना देश के युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करने हेतु शुरू की गई।
  • ध्यातव्य है कि इस योजना के तहत प्रति प्रशिक्षु को 3000 रुपये का वेतन मुआवजा प्रदान किया जाता है।
  • PM DAKSH क्या है
    • PM DAKSH (Pradhan Mantri Dakshta Aur Kushalta Sampann Hitgrahi) योजना भारत सरकार की एक कौशल विकास पहल है
    • जिसका उद्देश्य वंचित समुदायों के युवाओं को अल्पकालिक/दीर्घकालिक प्रशिक्षण, अप-स्किलिंग और उद्यमिता के अवसर पहुंचाना है
    • यह योजना विभिन्न प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है.
  • प्रमुख उप-योजनाएं और लाभ
    • रीस्किलिंग/अपस्किलिंग (reskilling/upskilling): चयनित लाभार्थियों की उपस्थिति 80% या अधिक रहने पर प्रति प्रशिक्षु 3000 रुपये वेतन मुआवजा दिया
    • सामान्य प्रावधान है; इस राशि के कुछ हिस्से पीएम दक्ष के तहत और कुछ सामान्य लागत मानदंड के अनुसार खर्च होते हैं.
    • दीर्घकालीन/अल्पकालिक प्रशिक्षण: 80% उपस्थिति वाले प्रशिक्षुओं को प्रति माह 1000 से 1500 रुपये तक स्टाइपेंड मिल सकता है
    • जिस पर आवेदन-पृष्ठों में 1000–1500 грн की रेंज बार-बार बताई गई है.
    • अन्य प्रशिक्षण मॉड्यूल: उद्यमिता विकास कार्यक्रम और दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं
    • छात्रों को रोजगार योग्य कौशल मिले और प्लेसमेंट के अवसर बढ़ें.​
    • रीस्किलिंग/अपस्किलिंग के लिए: लगभग 3000 रुपये प्रति प्रशिक्षु (प्रतिमाह)
    • जिसमें 2500 रुपये पीएम दक्ष योजना के अंतर्गत और 500 रुपये सामान्य लागत मानदंड के अनुसार होते हैं.
    • अल्पकालिक/दीर्घकालिक प्रशिक्षण के लिए: 80% या अधिक उपस्थिति पर प्रति प्रशिक्षु 1000–1500 रुपये प्रति माह स्टाइपेंड (स्थिति/केंद्र के अनुसार भिन्न हो सकता है).​
    • सरकारी दायरे के भीतर, Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से धनराशि ट्रांसफर की जाती है
    • लाभार्थियों को प्रमाणन/प्रमाण पत्र भी प्राप्त होता है ताकि प्लेसमेंट के अवसर बढ़ सके.
  • ध्यान देने योग्य बातें
    • योजना की वास्तविक पेंशन/मुआवजे की रकम योजना के वर्तमान मार्गदर्शिकाओं
    • राज्य/जिला स्तर के निर्देशों और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित होती है
    • इसलिए हिस्सा-हिस्सा रकम क्षेत्र/आयु/लाभार्थी समूह के अनुसार थोड़ा फर्क कर सकती है.
    • कुछ स्रोत एक्सपोर्ट-रिपोर्टिंग में 1000–1500 और 3000 रुपये की अलग-अलग वैरिएशन बताते हैं
    • नवीनतम आधिकारिक पोस्टर/सूचना पन्नों से ताजा मानदंड 확인 करना उचित है.
  • आगे कैसे सत्यापित करें
    • आधिकारिक PM DAKSH पोर्टल और संबंधित NSFDCS/DoSE (डोस्क) पन्नों पर प्रकट FAQ, पात्रता
    • भुगतान मुआवजे के नवीनतम मानदंड देखें; साथ ही राज्य/जिला कौशल विकास केन्द्रों से संपर्क कर स्थानीय प्रावधानों की पुष्टि करें.
  • उपयोगी नोट
    • यदि चाही जाए, तो मैं अब नवीनतम आधिकारिक पन्नों के excerpts/उद्धरण सीधे उद्धृत करके एक विस्तृत, पंक्तिबद्ध breakdown बना सकता हूँ
    • जिसमें हर धारणा के साथ स्पष्ट स्रोत संकेत होंगे।

47. मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के अनुसार निम्न में से कौन-सी एक सही पात्रता नहीं है? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) सालाना पारिवारिक आय 4.50 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
Solution:
  • जनवरी, 2023 में मध्य प्रदेश की सरकार ने मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के शुभारंभ की घोषणा की।
  • इस योजना का उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सतत सुधार एवं परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करना है।
  • इस योजना के अंतर्गत ऐसी महिलाएं अपात्र होंगी
  • जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक होगी।
  • योजना का संक्षिप्त परिचय
    • मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
    • पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000-1500 रुपये (वर्तमान में 1250 रुपये) की सहायता दी जाती है।
    • यह योजना मुख्य रूप से विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाओं के लिए है
    • लेकिन पात्रता की शर्तें पूरी न करने पर लाभ से वंचित कर दिया जाता है.
  • मुख्य पात्रता मानदंड
    • मध्य प्रदेश की स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
    • आवेदन वर्ष की 1 जनवरी को आयु 21 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
    • परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
    • विवाहित महिलाएँ, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाएँ पात्र हैं ।
  • अपात्रता के प्रमुख कारण
    • योजना में अपात्रता के मानदंड स्पष्ट हैं, जो अक्सर भ्रम पैदा करते हैं:
    • परिवार की स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक होना।
    • परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता होना।
    • परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी (नियमित/संविदा) में होना या पेंशन प्राप्त करना।
    • परिवार के पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि, चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर除外) या अन्य महँगी संपत्ति होना।
    • परिवार में सांसद, विधायक, या निर्वाचित जनप्रतिनिधि (पंच/उपसरपंच除外) होना ।
    • इनमें से "परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी होना" अपात्रता का सबसे आम कारण है
    • क्योंकि सरकारी सेवा या पेंशन योजना के लाभ से वंचित करती है ।
  • भ्रमित करने वाली धारणाएँ और स्पष्टीकरण
    • कई लोग सोचते हैं कि सरकारी कर्मचारी की पत्नी योजना का लाभ ले सकती है
    • लेकिन आधिकारिक दिशानिर्देशों में यह स्पष्ट रूप से निषिद्ध है।
    • इसी तरह, आयकर दाता या उच्च आय वाले परिवारों को भी बाहर रखा गया है।
    • यदि परिवार में कोई सदस्य अन्य सरकारी योजनाओं (जैसे संबल या पेंशन) का लाभ ले रहा है
    • तो भी अपात्रता लागू हो सकती है। अपात्र लाभार्थियों के नाम समय-समय पर लिस्ट से हटाए जाते हैं ।​
  • सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया
    • पात्रता की जाँच आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर आधार कार्ड, समग्र आईडी और बैंक विवरण से की जाती है।
    • अपात्र पाए जाने पर नाम कट सकता है।
    • नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक साइट या जिला कलेक्टर कार्यालय से संपर्क करें ।

48. प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) का निम्नलिखित में से किस उपलब्धि के कारण गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ था? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) एक सप्ताह में सबसे ज्यादा बैंक खाते खोलने के लिए
Solution:
  • अगस्त, 2014 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) का शुभारंभ किया गया।
  • ध्यातव्य है कि इस योजना के तहत एक सप्ताह में सबसे ज्यादा बैंक खाता खोले गए
  • जिसके कारण इस योजना को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया। गौरतलब है
  • इस योजना का उद्देश्य देश के सभी परिवारों को वित्तीय समावेशन और बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना है।
  • गिनीज रिकॉर्ड वाली मुख्य उपलब्धि
    • गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार “वित्तीय समावेशन अभियान” के एक भाग के रूप में एक सप्ताह में सबसे अधिक बैंक खाते खोले जाने का रिकॉर्ड भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग ने बनाया।
    • 23 से 29 अगस्त 2014 के बीच 18,096,130 (लगभग 1.8 करोड़) बैंक खाते खोले गए
    • जिसे आधिकारिक रूप से विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी गई।
    • यही वह उपलब्धि है जिसकी वजह से प्रधानमंत्री जन धन योजना का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।
  • संदर्भ के रूप में अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
    • योजना की शुरुआत 28 अगस्त 2014 को वित्तीय समावेशन (financial inclusion) के बड़े अभियान के रूप में की गई थी
    • हर परिवार को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जा सके।
    • इस अभियान के पहले ही चरण में करोड़ों लोगों के खाते खुलने से यह दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजनाओं में से एक मानी जाने लगी।
    • इस प्रकार बहुविकल्पीय प्रश्नों में सही विकल्प वह होगा, जिसमें “एक सप्ताह के भीतर सर्वाधिक बैंक खाते खोले जाने की उपलब्धि” का उल्लेख हो।

49. निम्नलिखित में से कौन-सी सरकारी योजना भारत में गरीब परिवारों को सहायिकीयुक्त (Subsidised) दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराती है? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
Solution:
  • वर्ष 2020 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का शुभारंभ किया गया था। गौरतलब है
  • यह योजना देश में गरीब परिवारों को सहायिकीयुक्त दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराती है।
  • उद्देश्य: NFSA के अंतर्गत गरीबों के लिए खाद्यान्न के बोझ को कम करना और व्यापक कवरेज को सुनिश्चित करना।
  • कवरage और कार्यान्वयन: 1 जनवरी 2023 से 1 वर्ष की अवधि के लिए अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवारों और PHH लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना; मुफ्त चावल/गेहूं का वितरण।
  • वित्त पोषण और वितरण: केंद्र सरकार खाद्य सब्सिडी वहन कर राज्यों के भंडार/डीसीपी के माध्यम से वितरण सुनिश्चित करता है
  • एफसीआई और राज्य एजेंसियाँ मिलकर धान, गेहूं, मोटे अनाज आदि की आपूर्ति करते हैं।
  • NFSA (2013) और AAY/PHH के प्रावधान
    • NFSA के तहत प्रत्येक परिवार को माह के खाद्यान्न के एक निश्चित कोटे से लाभ मिलता है
    • AAY में विशेष रूप से सबसे गरीब परिवारों को लक्षित किया गया है
    • PHH में सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के अनुसार पहचान की गई कमजोर आबादी शामिल होती है।
    • सामान्य वितरण: गेहूं/चावल के लिए निर्धारित सस्ते दामों पर उपभोक्ता स्तर पर बिक्री, कुछ मात्रा मुफ्त या सब्सिडी के साथ प्रदान होती है
    • PHH के अंतर्गत प्रति माह सदस्य/परिवार के लिए निर्धारित खाद्यान्न मात्रा निर्धारित होती है।​
  • फायदे और उद्देश्य
    • खाद्यान्न सुरक्षा: भूखों के बीच खाद्यान्न सुरक्षा की गारंटी बढ़ती है; गरीबी-रेखा के अनुसार गरीब परिवारों तक पोषणयुक्त खाद्यान्न पहुंचता है।
    • पोषण प्रभाव: फोर्टिफाइड चावल/अन्य पोषण-उन्मुख उपायों के साथ पोषण प्रभाव बढ़ाने की योजना भी लक्षित है (PM पोषण, आईसीडीएस आदि के साथ)।​
  • न्यायोचित लाभार्थी और पात्रता
    • अंत्योदय अन्न योजना (AAY): NFSA के तहत सबसे गरीब परिवारों को प्राथमिकता; प्रति परिवार माह में निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न (फोर्टिफाइड चावल आदि) मिलता है।
    • PHH: सामाजिक-आर्थिक मानदंडों के अनुसार राज्यों द्वारा पहचानी गई कमजोर आबादी; परिवार के सदस्यों को माह के खाद्यान्न का लाभ दिलाया जाता है।​
  • महत्वपूर्ण नोट
    • वास्तविक लाभ क्षेत्र/राज्य के अनुसार भिन्न हो सकता है
    • कुछ समयावधि में PMGKAY जैसी अतिरिक्त योजनाएं भी आईं और कुछ अवसरों पर मुफ्त राशन की मात्रा बढ़ाई गई।
    • स्थिति के लिए राज्य वितरित खाद्य सुरक्षा कार्यालय या आधिकारिक पन्ने देखें।

50. निम्नलिखित में से कौन-सा घटक नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (New India Literacy Programme) से संबंधित नहीं है? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (e) इनमें से कोई नहीं
Solution:
  • भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक पांच वर्ष की अवधि हेतु 'नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' शुरू किया है
  • जिसके मुख्यतः पांच घटक हैं- (1) मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान, (2) महत्वपूर्ण जीवन कौशल, (3) व्यावसायिक कौशल विकास, (4) बुनियादी शिक्षा तथा (5) शिक्षा जारी रखना।
  • सार कथन
    • NILP के प्रमुख घटक:Foundational Literacy and Numeracy; Critical Life Skills; Vocational Skills Development; Basic Education; Continuing Education. इनमें Foundational Literacy and Numeracy और Continuing Education साक्षरता और जीवन कौशलों पर केंद्रित रहने वाले सरकारी मॉडल के साथ मानकीकृत प्रयास हैं।
  • कौन-सा घटक NILP से संबंधित नहीं है?
    • Vocational Skills Development (व्यावसायिक कौशल) NILP का एक महत्वपूर्ण घटक है
    • यह योजना के अनुसार निरंतर अधिगम और स्थानीय रोजगार के लिए नए साक्षरों के कौशल निर्माण पर केंद्रित है। अतः यह NILP से संबंधित है।
    • Basic Education (बुनियादी शिक्षा) NILP के भीतर शामिल है
    • इसमें preliminaries से लेकर secondary level तक की शिक्षा या समकक्ष उपलब्ध कराई जाने की योजना है। यह NILP का एक प्रमुख चरण है।
    • Continuing Education (शिक्षा जारी रखना) NILP के अंतर्गत एक संरचित घटक है जो जीवन-भर शिक्षा के अवसर प्रदान करता है; यह भी NILP से संबंधित है।​
    • Foundational Literacy and Numeracy (मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान) NILP का आधार बनाता है
    • गैर-साक्षरों को मूल साक्षरता-गणितीय कौशल प्रदान करने की दिशा में काम करता है। यह NILP का केंद्रीय घटक है।
    • Critical Life Skills (महत्वपूर्ण जीवन कौशल) NILP का एक अन्य प्रमुख घटक है
    • जिसमें वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, कानूनी साक्षरता, स्वास्थ्य देखभाल और जागरूकता, बाल देखभाल और शिक्षा आदि को शामिल किया गया है।
    • यह NILP से अत्यंत संबंधित है।
  • संभावित भ्रम की वजह
    • कुछ स्रोतों में NILP के साथ Vocational Skills Development को एक साथ वर्णित किया गया है
    • यह NILP के तत्वों में समेकित रूप से शामिल है, इसलिए इसे NILP के अनुरूप माना जाना चाहिए।​
    • कुछ हिंदी-स्रोत या अपडेट्स में NILP के घटकों की भाषा-वार विविधताएँ दिखती हैं, परंतु मुख्य पांच घटक ऊपर बताए गए रूप में স্বीकৃত हैं।