प्रमुख व्यक्तित्व (खेल जगत)

Total Questions: 33

31. अक्टूबर 2022 में किस खिलाड़ी ने बंगलुरू में नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना पुराना 4.20 मीटर का पोल वॉल्ट राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर 4.21 मीटर का नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) रोजी मीना पॉलराज
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में रोजी मीना पॉलराज ने बंगलुरू में नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपना पुराना 4.20 मीटर का पोल वॉल्ट रिकॉर्ड तोड़कर 4.21 मीटर का नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया।
  • पूरा विवरण
    • रिकॉर्ड की कैसे बनी और महत्व: Rosy Meena Paulraj ने पहले के 4.20 मीटर रिकॉर्ड को अधिकारपूर्वक घटाया
    • जो कि पहले राष्ट्रीय रिकॉर्ड के तौर पर दर्ज था—और 4.21 मीटर तक पहुंचकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड का नया आयाम दिया।
    • इस प्रकार यह उनके द्वारा लगातार सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा था और भारतीय महिलाओं के पोल वॉल्ट के क्षेत्र में उनकी स्थिति को मजबूत करता है ।
    • संदर्भित स्रोतों के संकेत: भारतीय एथलेटिक्स में राष्ट्रीय रिकॉर्डों से जुड़ी सूचियाँ और खेल आयोजन के परिणामों में की 4.21 मीटर की उपलब्धि को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है।
    • कुछ स्रोतों में इसे 4.21 मीटर के रूप में मान्यता मिली है और यह रिकॉर्डिंग नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान हुई घटनाओं से जुड़ी है ।
    • अन्य प्रासंगिक जानकारी: भारतीय पोल वॉल्ट इतिहास में पहले 4.30 मीटर से ऊपर की छलांगें पुरुष वर्ग में भी रिकॉर्ड बनाती रही हैं
    • जबकि महिला वर्ग में 4.20–4.21 मीटर के आसपास के प्रदर्शन ऐतिहासिक मानक माने जाते रहे हैं।
    • Rosy Meena Paulraj के इस प्रदर्शन ने उस क्षेत्र में और अधिक प्रतिस्पर्धी परिणामों की उम्मीद बढ़ा दी है ।
    • नोट्स और स्पष्टता: कुछ सूचनाओं में पंक्तियाँ 4.21 मीटर को 4.21 के बराबर रिकॉर्ड के रूप में बताती हैं
    • हालाँकि आधिकारिक परिणामों के दस्तावेज़ी स्वरूप में इसे 4.21 मीटर के रूप में ही दर्ज किया गया है
    • यही न्यूनतम मानक है जिस पर रिकॉर्ड की पुष्टि होती है ।
    • संदिग्ध/विवादास्पद जानकारी से बचना: इससे पहले 4.20 मीटर रिकॉर्ड किन सालों में बना और किस एथलीट ने स्थापित किया
    • इन बिंदुओं के बारे में संक्षेप संदर्भ उपलब्ध हैं, पर यहाँ मुख्य तथ्य Rosy Meena Paulraj का 4.21 मीटर रिकॉर्ड ही है ।

32. भारतीय खिलाड़ी प्रवीण चित्रवेल (Praveen Chithravel), जो राष्ट्रमंडल खेलों 2022 में पदक जीतने से चूक गए थे, लेकिन जिन्होंने राष्ट्रीय इनडोर रिकॉर्ड के साथ एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर जोरदार वापसी की, निम्नलिखित में से किस खेल से संबंधित हैं? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) ट्रिपल जंप इनडोर
Solution:
  • भारतीय खिलाड़ी प्रवीण चित्रवेल ट्रिपल जंप इनडोर से संबंधित हैं।
  • विस्तार सहित उत्तर:
    • प्रवीण चित्रवेल भारतीय एथलीट हैं जो मुख्यतः ट्रिपल जंप इनडोर कार्यक्रम में प्रतिस्पर्धा करते हैं।
    • उन्होंने Commonwealth Games 2022 में पदक से चूकने के बाद Asian Championships में रजत पदक जीता और साथ में राष्ट्रीय इनडोर रिकॉर्ड भी दर्ज किया
    • जो ट्रिपल जंप इनडोर से जुड़ा महत्त्वपूर्ण रिकॉर्ड है .
    • ट्रिपल जंप इनडोर एक एथलेटिक्स कार्यक्रम है
    • जिसमें कूद के तीन चरण—होप, स्टेप, और जंप—का संयोजन होता है
    • प्रवीण के प्रमुख प्रदर्शन और राष्ट्रीय रिकॉर्ड इसी इवेंट से संबद्ध हैं .
    • इसकी पीछे का संदर्भ यह है कि Birmingham में हुए राष्ट्रमंडल खेलों 2022 में वह थोड़ा पीछे रह गए थे
    • एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक के साथ सुधार दिखाया, जो उनके करियर की बड़ी वापसी के रूप में देखी गई है .

33. निम्नलिखित में से किसने जून 2022 में एशियाई जूनियर्स व्यक्तिगत स्क्वैश चैंपियनशिप (Asian Juniors Individual Squash Championship) में गर्ल्स अंडर 15 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) अनाहत सिंह
Solution:
  • अनाहत सिंह ने जून, 2022 में एशियाई जूनियर्स व्यक्तिगत स्क्वैश चैंपियनशिप में गर्ल्स अंडर-15 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
  • अगस्त, 2023 में एशियाई जूनियर्स व्यक्तिगत चैंपियनशिप में अनाहत सिंह ने गर्ल्स अंडर-17 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है।
  • विस्तृत विवरण:
    • टूर्नामेंट का संदर्भ और वर्ग: एशियाई जूनियर इंडिविजुअल चैंपियनशिप हर साल एशिया के विभिन्न सदस्य देशों के युवा खिलाड़ियों के बीच आयोजित होता है
    • जिसमें Mädchen U-15 (Girls Under-15) एक प्रमुख आयु वर्ग है।
    • अनाहत सिंह ने 2022 की प्रतियोगिता में इस आयु-वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय स्क्वैश को गौरवान्वित किया.​
    • अनाहत सिंह की भूमिका और प्रभाव: अनाहत सिंह एक उभरते हुए भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी हैं
    • जिनकी सफलता से भारत में जूनियर स्तर पर स्क्वैश की विकास यात्रा को मजबूती मिली है।
    • उनकी जूनियर सफलता ने भारतीय महिला स्क्वैश टीम के लिए प्रेरणा और आगे के आयोजनों के लिए मार्ग प्रशस्त किया है.​
    • टूर्नामेंट का पार्श्व: एशियन जूनियर चैंपियनशिप में गर्ल्स अंडर-15 के अलावा अंडर-13, अंडर-17 आदि आयु-वर्गों में भी निरंतर प्रतिस्पर्धा होती है
    • इन पदकों से क्षेत्र के कई देशों के युवा खिलाड़ियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा का प्रदर्शन होता है.​
    • संदर्भित संकेतक: भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन में जूनियर स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना क्षेत्रीय शक्ति के तौर पर भारत की स्थिति को मजबूत करता है
    • भविष्य में वरिष्ठ स्तर पर सफलता के लिए संकेतक माना जाता है.​