Correct Answer: (c) कैप्टन अभिलाषा बराक
Solution:- कैप्टन अभिलाषा बराक मई, 2022 में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आर्मी विमानन दल में लड़ाकू वायुयान चालक के रूप में शामिल होने वाली प्रथम महिला अधिकारी हैं।
- कैप्टन अभिलाषा बराक ने अपना एक वर्ष का प्रशिक्षण नासिक में सेना के कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल से पूरा किया था।
- व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
- कैप्टन अभिलाषा बराक हरियाणा के पंचकूला की रहने वाली हैं। उनके पिता कर्नल एस. ओम सिंह (रिटायर्ड) हैं
- जो 8 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री में सेवा दे चुके हैं।
- अभिलाषा ने सितंबर 2018 में आर्मी एयर डिफेंस कोर (Army Air Defence Corps) में कमीशन प्राप्त किया था।
- प्रशिक्षण और उपलब्धि
- उन्होंने नासिक (महाराष्ट्र) स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (Combat Army Aviation Training School) में छह महीने का कॉम्बैट आर्मी एविएशन कोर्स सफलतापूर्वक पूरा किया।
- 25 मई 2022 को आयोजित विदाई समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल एके सूरी (महानिदेशक और कर्नल कमांडेंट, आर्मी एविएशन) ने उन्हें 36 अन्य आर्मी पायलटों के साथ 'विंग्स' (पंख प्रमाण-पत्र) प्रदान किए।
- इससे पहले आर्मी एविएशन में महिलाएं केवल एटीसी (Air Traffic Control) या ग्राउंड ड्यूटी पर तैनात होती थीं
- यह पहला मौका था जब महिला अधिकारियों को लड़ाकू हेलिकॉप्टर पायलट बनने का अवसर मिला।
- चयन प्रक्रिया
- आर्मी ने हेलिकॉप्टर पायलट ट्रेनिंग के लिए 15 महिला अधिकारियों के आवेदन लिए
- जिनमें से केवल दो का चयन हुआ—इनमें कैप्टन अभिलाषा प्रमुख थीं।
- यह उपलब्धि भारतीय सेना की महिलाओं को युद्धक भूमिकाओं में सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम थी।
- आर्मी एविएशन कोर का संक्षिप्त इतिहास
- आर्मी एविएशन कोर की स्थापना 1986 में हुई थी, जिसमें आर्टिलरी और अन्य आर्म्स के अधिकारी-जवान शामिल होते हैं।
- इसने 1987 के ऑपरेशन पवन (श्रीलंका में तमिल टाइगर्स के खिलाफ) और 1999 के कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- कैप्टन अभिलाषा की सफलता ने इस कोर को लैंगिक समावेशिता प्रदान की।