प्रमुख व्यक्तित्व (परम्परागत सामान्य ज्ञान) भाग-II

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21. निम्नलिखित में से किस शख्सियत को समकालीन नृत्य (contemporary dance) में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया? [CHSL (T-I) 10 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) भूषण लखंदरी
Solution:
  • प्रसिद्ध भारतीय फिल्म कोरियोग्राफर भूषण लखंदरी को समकालीन नृत्य में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया।
  • भूषण लकन्द्री को मिला पुरस्कार
    • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2020 समकालीन नृत्य (contemporary dance) श्रेणी में भूषण लकन्द्री को उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।
    • वे एक प्रमुख भारतीय कोरियोग्राफर हैं, जिन्होंने बॉलीवुड फिल्मों और मंचीय प्रस्तुतियों दोनों में महत्वपूर्ण कार्य किया है।
  • भूषण लकन्द्री का परिचय
    • भूषण लकन्द्री का जन्म 11 दिसंबर को हुआ था और वे समकालीन नृत्य के क्षेत्र में अपनी अनोखी शैली के लिए जाने जाते हैं।
    • उन्होंने हेमा मालिनी अभिनीत "डिवाइन राधा" और "गंगा: ए डांस बैले" जैसे प्रसिद्ध नाटकों की कोरियोग्राफी की
    • जो भारतीय नृत्य को आधुनिक रूप प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुए।
    • उनका कार्य न केवल बॉलीवुड तक सीमित रहा
    • बल्कि उन्होंने पारंपरिक तत्वों को समकालीन अभिव्यक्ति के साथ जोड़कर नृत्य जगत को नई दिशा दी।
  • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के बारे में
    • संगीत नाटक अकादमी भारत की राष्ट्रीय अकादमी है, जो संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान वाले कलाकारों को सम्मानित करती है।
    • यह पुरस्कार 1953 में स्थापित अकादमी द्वारा दिया जाता है, जो परंपरागत कलाओं के संरक्षण और प्रचार के लिए कार्यरत है।
    • 2020 के पुरस्कारों की घोषणा बाद में 2021-2022 के साथ संयुक्त रूप से की गई थी, जिसमें समकालीन नृत्य के लिए भूषण लकन्द्री का चयन हुआ।
  • पुरस्कार का महत्व
    • यह पुरस्कार भूषण लकन्द्री के कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करता है
    • जो समकालीन नृत्य को शास्त्रीय रूपों के साथ जोड़ने में उनके प्रयासों को दर्शाता है।
    • अकादमी के पुरस्कार कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भारतीय प्रदर्शन कला की विविधता को संरक्षित रखने में मदद करते हैं।
    • भूषण का योगदान नृत्य को वैश्विक मंच पर ले जाने में भी उल्लेखनीय रहा है।

22. रवींद्र संगीत (Rabindra Sangeet) का संबंध निम्नलिखित में से किससे है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) रबींद्रनाथ टैगोर
Solution:
  • रबींद्र संगीत की एक शैली है, जिसकी उत्पत्ति तत्कालीन बंगाल में हुई थी और यह मुख्यतः रबींद्रनाथ टैगोर जी के कार्यों से जुड़ी है।
  • रबींद्र संगीत का पश्चिम बंगाल तथा बांग्लादेश में महत्वपूर्ण सांस्कृतिक प्रभाव रहा है।
  • इसे प्रायः सामाजिक समारोहों और सांस्कृतिक समारोहों में आयोजित किया जाता है।
  • उत्पत्ति और इतिहास
    • उन्होंने लगभग 2,000 से अधिक गीत रचे, जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, कर्नाटक संगीत, पश्चिमी धुनों और बंगाली लोक संगीत के मिश्रण से बने हैं।
    • यह शैली टैगोर के साहित्यिक कार्यों जैसे गीतांजलि से निकली और बंगाल की सांस्कृतिक क्रांती का प्रतीक बनी।
    • टैगोर ने कुछ नए ताल भी बनाए, जो पारंपरिक तालों की सीमाओं को पार करते थे।
  • विशेषताएँ
    • रवींद्र संगीत की खासियत इसकी काव्यात्मकता, मधुर धुनें और भावनात्मक गहराई है। इसमें हारमोनियम, तबला जैसे वाद्ययंत्रों का उपयोग होता है
    • गीत प्रकृति, भक्ति, प्रेम, देशभक्ति जैसे विविध विषयों पर आधारित होते हैं। यह ठुमरी शैली से प्रभावित है
    • लेकिन अलंकारों का सीमित प्रयोग और सहज भाव व्यक्त करता है। टैगोर के गीतों में ब्राह्मो भक्ति से लेकर कामुक रस तक की विविधता मिलती है।
    • यह नृत्य प्रदर्शन कोलकाता में रवींद्र संगीत के साथ दिखाता है, जो इसकी जीवंत परंपरा को दर्शाता है।​
  • सांस्कृतिक महत्व
    • रवींद्र संगीत बंगाल की पहचान है और सामाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गाया जाता है।
    • स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तियों ने भी इसे सराहा और इसमें रचना की।
    • यह बंगाली लोकाचार की नींव है, जो 500 वर्षों के सांस्कृतिक मन्थन का परिणाम माना जाता है।
  • अन्य से भ्रम
    • कई बार इसे रवींद्र जैन (हिंदी फिल्म संगीतकार) या रवि शंकर (सितार वादक) से जोड़ने की भूल होती है, लेकिन इसका सीधा संबंध रवींद्रनाथ टैगोर से ही है।
    • यह तस्वीर टैगोर को उनके नाटक वाल्मीकि प्रतीभा में दिखाती है, जो रवींद्र संगीत की प्रारंभिक प्रस्तुतियों का उदाहरण है।​

23. 2022 में, पूर्व सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ....... को नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (NDIAC) के अध्यक्ष के रूप नियुक्त किया गया। [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) हेमंत गुप्ता
Solution:
  • वर्ष 2022 में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हेमंत गुप्ता को नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (New Delhi International Arbitration Centre - NDIAC) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • नियुक्ति का विवरण
    • वे 14 अक्टूबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त हुए थे।
    • इस नियुक्ति के साथ गणेश चंद्रू और अनंत विजय पल्ली को आंशिक समय के सदस्य के रूप में भी चुना गया।
  • पृष्ठभूमि और योग्यता
    • न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जज के रूप में कार्य किया, फिर 2018 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
    • वे कर्नाटक हाईकोर्ट के हिजाब प्रतिबंध मामले सहित कई महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल रहे।
    • NDIAC अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका मध्यस्थता को मजबूत बनाने पर केंद्रित है।
  • NDIAC का महत्व
    • NDIAC एक स्वतंत्र संस्था है जो संस्थागत मध्यस्थता को बढ़ावा देती है, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विवादों के निपटारे के लिए।
    • यह नई दिल्ली में स्थित है और मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।
    • यह नियुक्ति भारत में मध्यस्थता प्रक्रिया को कुशल बनाने की दिशा में कदम है।

24. निम्नलिखित में से किस नेता को 13वें संसद रत्न पुरस्कारों के दौरान 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' मिला? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) टी. के. रंगराजन
Solution:
  • वर्ष 2023 के 13वें संसद रत्न पुरस्कार के लिए दो बार तमिलनाडु से राज्य सभा के सांसद रह चुके भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआई-एम) के वरिष्ठ नेता टी.के. रंगराजन को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • संसद रत्न पुरस्कारों की स्थापना डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसदों को सम्मानित करने के लिए की गई थी।
  • पुरस्कार का विवरण
    • 13वें संसद रत्न पुरस्कार 2023 के लिए फरवरी 2023 में घोषित किए गए थे।
    • इनमें 13 सांसदों, 2 संसदीय समितियों और 1 लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड शामिल थे।
    • टी. के. रंगराजन, जो सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हैं, को उनके लंबे संसदीय योगदान के लिए यह सम्मान मिला।
  • टी. के. रंगराजन का परिचय
    • टी. के. रंगराजन तमिलनाडु से हैं और 1970 के दशक से राजनीति में सक्रिय रहे।
    • उन्होंने 2004-2010 तक राज्यसभा और 2014-2019 तक लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रमुख सदस्य हैं।
  • चयन प्रक्रिया
    • पुरस्कारों का चयन केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की अध्यक्षता वाली जूरी ने किया
    • जिसमें पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस. वाई. कृष्णमूर्ति सह-अध्यक्ष थे। जूरी में सांसद और नागरिक समाज के सदस्य शामिल थे।
    • यह पुरस्कार संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन, प्रश्न, बहस और विधेयकों पर आधारित होता है।​
  • अन्य विजेता
    • लोकसभा से: अमोल कोल्हे, डॉ. सुकांत मजूमदार आदि।
    • राज्यसभा से: जॉन ब्रिटास, मनोज झा।
    • समिति पुरस्कार: जयंत सिन्हा (वित्त समिति), वी. विजयसाई रेड्डी (परिवहन समिति)।
  • पुरस्कार का महत्व
    • संसद रत्न पुरस्कार डॉ. कलाम के सुझाव पर शुरू हुए
    • जो संसद में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को प्रोत्साहित करते हैं।
    • यह टी. के. रंगराजन जैसे सेवानिवृत्त सांसदों के जीवनभर के योगदान को मान्यता देता है।

25. निम्नलिखित में से किस भारतीय संगीतकार ने वर्ष 2023 में ग्रैमी पुरस्कार (Grammy award) जीता? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) रिकी केज
Solution:
  • भारतीय-अमेरिकी संगीतकार एवं पर्यावरणविद रिकी केज ने वर्ष 2023 में ग्रैमी पुरस्कार जीता है।
  • रिकी केज ने यह पुरस्कार कुल तीन बार जीता है।
  • ग्रैमी पुरस्कार संयुक्त राज्य अमेरिका स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ रिकॉर्डिंग आर्ट्स एंड साइंसेज द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • रिकी केज का परिचय
    • रिकी केज अमेरिका में जन्मे हैं लेकिन लंबे समय से बेंगलुरु में रहते हैं
    • भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर ले जाने के लिए जाने जाते हैं। वे न्यू एज म्यूजिक के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं
    • जहां वे प्रकृति, आध्यात्मिकता और पर्यावरण जैसे विषयों पर संगीत रचते हैं।
    • उनके संगीत में भारतीय शास्त्रीय संगीत के तत्वों का मिश्रण होता है, जो उन्हें अनूठा बनाता है।
  • पुरस्कार की विस्तृत जानकारी
    • 'डिवाइन टाइड्स' एक 9 गानों वाला सहयोगी एल्बम है, जिसमें स्टीवर्ट कोपलैंड सहित कई कलाकारों ने योगदान दिया।
    • यह एल्बम जीवन के संतुलन और पर्यावरणीय जागरूकता पर केंद्रित है
    • जो आधुनिक ऑडियो तकनीक के साथ रिकॉर्ड किया गया।
    • ग्रैमी समारोह 5 फरवरी 2023 को लॉस एंजिल्स में हुआ, जहां रिकी ने यह पुरस्कार जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
  • रिकी केज के पिछले ग्रैमी पुरस्कार
    • 2015: पहला ग्रैमी एल्बम 'विंड्स ऑफ संसार' के लिए 'बेस्ट न्यू एज एल्बम' श्रेणी में।​
    • 2022: दूसरा ग्रैमी उसी श्रेणी में, फिर से स्टीवर्ट कोपलैंड के सहयोग से।​
    • 2023: तीसरा पुरस्कार 'डिवाइन टाइड्स' के लिए, जो उनके करियर का एक और मील का पत्थर है।​
  • पुरस्कार समर्पण और प्रतिक्रिया
    • पुरस्कार मिलने पर रिकी केज ने ट्विटर पर तस्वीरें साझा कीं और इसे भारत को समर्पित किया।
    • उन्होंने लिखा, "मैंने अभी-अभी अपना तीसरा ग्रैमी अवॉर्ड जीता है। मैं बहुत आभारी हूँ।
    • यह पुरस्कार भारत को समर्पित करता हूं।
    • इस जीत ने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, हालांकि अन्य भारतीय कलाकारों को उस वर्ष नामांकन नहीं मिला।

26. अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित डॉ. अजमेर सिंह का संबंध किस खेल से है? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) एथलेटिक्स
Solution:
  • अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित डॉ. अजमेर सिंह एक भारतीय एथलीट थे। इनका संबंध एथलेटिक्स से था।
  • डॉ. अजमेर सिंह का जन्म पंजाब के संगरूर जिले में हुआ था। अजमेर सिंह ने वर्ष 1964 में आयोजित टोक्यो ओलंपिक में भाग लिया था।
  • उपलब्धियां
    • खासकर ट्रैक इवेंट्स में। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया, जो भारत का दूसरा सर्वोच्च खेल सम्मान है
    • उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। वे पंजाब से थे और राष्ट्रीय स्तर पर कई रिकॉर्ड स्थापित किए।
  • खेल पृष्ठभूमि
    • एथलेटिक्स में उनकी विशेषज्ञता स्प्रिंटिंग पर केंद्रित थी, जिसमें 100 मीटर, 200 मीटर जैसी दौड़ें शामिल हैं।
    • उन्होंने एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके प्रयासों ने युवा एथलीटों को प्रेरित किया।
  • पुरस्कार का महत्व
    • अर्जुन पुरस्कार 1961 से दिया जा रहा है, जो महाभारत के योद्धा अर्जुन के नाम पर है।
    • डॉ. अजमेर सिंह जैसे खिलाड़ी इसकी गरिमा बढ़ाते हैं।
    • एथलेटिक्स में पहले विजेता गुरबचन सिंह रंधवा थे, लेकिन डॉ. सिंह की उपलब्धियां अलग स्तर की हैं।
  • अन्य संदर्भ
    • ध्यान दें कि अजमेर सिंह चोपड़ा नामक एक अन्य खिलाड़ी बास्केटबॉल से जुड़े हैं
    • जिन्हें 1982 में पुरस्कार मिला। लेकिन डॉ. अजमेर सिंह स्पष्ट रूप से एथलेटिक्स से हैं। यह भ्रम अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में आता है।

27. भारतीय संगीत के निम्नलिखित दिग्गजों में से किसे भारत रत्न से सम्मानित किया गया है? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) लता मंगेशकर
Solution:
  • दिए गए विकल्पों में से प्रसिद्ध भारतीय पार्श्वगायिका लता मंगेशकर को वर्ष 2001 में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
  • लता मंगेशकर का जन्म मध्य प्रदेश के इन्दौर जिले में हुआ था।
  • एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी
    • एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी कर्नाटक संगीत की प्रख्यात गायिका थीं, जिन्हें 1998 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
    • वे संगीत क्षेत्र में यह पुरस्कार पाने वाली पहली हस्ती थीं और उन्हें "गीतों की रानी" कहा जाता था।
    • उनका जन्म 1916 में मदुरै में हुआ और उन्होंने 1966 में संयुक्त राष्ट्र में प्रदर्शन कर भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच दिया।
  • पंडित रवि शंकर
    • सितार वादन के जादूगर पंडित रवि शंकर को 1999 में भारत रत्न मिला। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को पश्चिमी दुनिया में लोकप्रिय बनाया
    • विशेषकर द वूडस्टॉक जैसे आयोजनों से। उनके योगदान ने सितार को वैश्विक पहचान दी।
  • उस्ताद बिस्मिल्लाह खान
    • शहनाई के नवाब उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को 2001 में यह सम्मान प्राप्त हुआ।
    • उन्होंने शहनाई को शास्त्रीय वाद्य का दर्जा दिलाया और स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर अपनी कला से देश को गौरवान्वित किया।
  • लता मंगेशकर
    • पार्श्व गायन की स्वर कोकिला लता मंगेशकर को 2001 में भारत रत्न से नवाजा गया।
    • उन्होंने हिंदी सिनेमा सहित भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, हजारों गीत गाए।
  • अन्य सम्मानित संगीतकार
    • पंडित भीमसेन जोशी को 2008 में किराना घराने के हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन के लिए भारत रत्न मिला।​​
    • भूपेन हजारिका को 2019 में असमिया लोक संगीत और सिनेमा के योगदान के लिए सम्मानित किया गया।​
  • भारत रत्न का महत्व
    • भारत रत्न 1954 में स्थापित भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है
    • जो कला, संगीत जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है।
    • इन संगीत दिग्गजों ने भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा को समृद्ध किया
    • इसे वैश्विक पटल पर स्थापित किया। संगीत के क्षेत्र में कुल छह कलाकारों को यह सम्मान मिल चुका है।​

28. श्री जतिन गोस्वामी को ....... में उनके योगदान के लिए कई सम्मान प्राप्त हुए। [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) सत्रिया नृत्य
Solution:
  • जतिन गोस्वामी एक प्रसिद्ध भारतीय नर्तक और कोरियोग्राफर हैं।
  • जतिन गोस्वामी को सत्रिया नृत्य में उनके योगदान के लिए कई सम्मान प्रदान किए गए हैं।
  • वर्ष 2008 में इन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। जतिन गोस्वामी का जन्म पूर्वोत्तर के भारतीय राज्य असम के गोलघाट जिले में हुआ था।
  • प्रमुख सम्मान
    • श्री गोस्वामी को सत्रिया नृत्य के संरक्षण, विकास और प्रचार के लिए निम्नलिखित प्रमुख पुरस्कार मिले:
    • पद्म भूषण (2025): गणतंत्र दिवस 2025 पर भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे गए। यह उनके सत्रिया नृत्य के क्षेत्र में दशकों लंबे योगदान का सम्मान है।
    • पद्म श्री (2008): भारत सरकार द्वारा चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, सत्रिया नृत्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए।
    • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (2004): राष्ट्रीय स्तर का यह सम्मान उनके नृत्य साधना को मान्यता देता है।
    • राष्ट्रीय कालिदास सम्मान (2017): सत्रिया नृत्य शैली में महत्वपूर्ण योगदान के लिए।
    • शिल्पी दिवस पुरस्कार (1994): असम सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा।
    • संगीत ज्योति पुरस्कार (2004): नृत्य क्षेत्र में विशेष मान्यता।​
    • असम नाट्य सम्मेलन पुरस्कार (1997): स्थानीय स्तर पर उनके कार्य की सराहना।​
    • अन्य: असम सत्र महासभा द्वारा शिरोमणि, भारतीयम सम्मान (सांस्कृतिक केंद्र द्वारा)।​
    • ये सम्मान उनके द्वारा स्थापित "आलोक शिल्पी संघ" और "प्रागज्योति कला परिषद" जैसे संस्थानों के माध्यम से सत्रिया नृत्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों को दर्शाते हैं।
  • सत्रिया नृत्य में योगदान
    • सत्रिया नृत्य असम की वैष्णव भक्ति परंपरा से जुड़ा शास्त्रीय नृत्य है, जिसे श्री गोस्वामी ने मंदिरों से बाहर लाकर रंगमंचीय रूप प्रदान किया।
    • उन्होंने जटिल हस्तमुद्राओं, भावाभिनय और कथानक प्रस्तुतियों के माध्यम से इसे समृद्ध किया। उनके नेतृत्व में सत्रिया अकादमी ने सैकड़ों शिष्यों को प्रशिक्षित किया
    • जिससे यह नृत्य वैश्विक पटल पर पहुंचा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी उनके पद्म भूषण पुरस्कार पर बधाई दी, जो उनके योगदान की व्यापक स्वीकृति दर्शाता है।
  • विरासत और प्रभाव
    • 92 वर्ष की आयु में भी सक्रिय श्री गोस्वामी की विरासत असम की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग है।
    • उनके प्रयासों से सत्रिया को भारत के आठ शास्त्रीय नृत्यों में मान्यता मिली।
    • पद्म पुरस्कारों के अलावा, वे असम की अन्य हस्तियों जैसे अनिल कुमार बोरो, गीता उपाध्याय आदि के साथ 2025 में सम्मानित हुए, जो असम की कला-परंपरा की समृद्धि को रेखांकित करता है।

29. वर्ष 1930 में किस भारतीय को भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) सी.वी. रमन
Solution:
  • सर चंद्रशेखर वेंकट रमन (सी.वी. रमन) एक प्रसिद्ध भारतीय भौतिक वैज्ञानिक थे।
  • वर्ष 1930 में सी.वी. रमन को भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • सी.वी. रमन का जन्म ब्रिटिश भारत के मद्रास प्रेसीडेंसी (अब तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु) में हुआ था।
  • रमन का प्रारंभिक जीवन
    • सी.वी.रमन का जन्म 7 नवंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के निकट तिरुवाइक्कावल में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
    • उनके पिता चंद्रशेखर अय्यर एक शिक्षक थे, जिन्होंने उन्हें गणित और भौतिकी में प्रारंभिक शिक्षा दी।
    • रमन ने मद्रास विश्वविद्यालय से स्नातक किया और मात्र 16 वर्ष की आयु में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हो गए।
    • उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय में एमए किया और बाद में भारतीय वित्त सेवा में शामिल हो गए, लेकिन शोध के प्रति उनका जुनून उन्हें विज्ञान की ओर ले गया।
  • प्रमुख खोज: रमन प्रभाव
    • रमन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार "प्रकाश के प्रकीर्णन पर उनके कार्य और रमन प्रभाव की खोज" के लिए मिला।
    • 1928 में, उन्होंने देखा कि जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम (जैसे पानी या हीरा) से गुजरता है
    • तो प्रकीर्णित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन होता है, जो माध्यम के अणुओं की कंपन ऊर्जा से जुड़ा होता है।
    • इस घटना को रमन प्रकीर्णन या रमन प्रभाव कहा जाता है। यह खोज प्रकाशिकी और आणविक भौतिकी में क्रांति लाई
    • क्योंकि इससे अणुओं की संरचना का अध्ययन बिना नमूने को नष्ट किए संभव हो गया।
    • 28 फरवरी 1928 को इसकी घोषणा हुई, जिसे भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • नोबेल पुरस्कार का विवरण
    • 1930 में स्टॉकहोम में नोबेल पुरस्कार समारोह में रमन को सम्मानित किया गया। वे पहले भारतीय थे
    • जिन्हें विज्ञान का नोबेल मिला (रवींद्रनाथ टैगोर को 1913 में साहित्य का मिला था)।
    • पुरस्कार उद्धरण में स्पष्ट रूप से "प्रकाश के प्रकीर्णन" का उल्लेख था।
    • उस समय ब्रिटिश शासन के बावजूद, रमन ने स्वदेशी उपकरणों से प्रयोग किए
    • जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण था। इस उपलब्धि ने भारतीय वैज्ञानिकों को प्रेरित किया।
  • बाद का जीवन और योगदान
    • नोबेल के बाद रमन ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बैंगलोर के निदेशक के रूप में कार्य किया और रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना 1948 में की।
    • उन्होंने ध्वनि, प्रकाश और हीरे की संरचना पर कई कार्य किए। उन्हें भारत रत्न (1954), नाइटहुड और अन्य पुरस्कार मिले।
    • उनका निधन 21 नवंबर 1970 को बैंगलोर में हुआ। रमन ने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए व्याख्यान दिए और युवाओं को प्रोत्साहित किया।
  • महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ
    • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस: उनकी खोज की स्मृति में 28 फरवरी को मनाया जाता है।​
    • एशिया का पहला विज्ञानी नोबेल विजेता: इससे पूर्व कोई एशियाई नहीं जीता था।​
    • अन्य पुरस्कार: मैटटुकी मेडल, ह्यूजेस मेडल, लेनिन शांति पुरस्कार।​

30. वो कौन-सा सफल भारतीय उद्योगपति था/है, जिसने रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थापना की थी? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) धीरूभाई अंबानी
Solution:
  • प्रसिद्ध भारतीय उद्योगपति धीरूभाई अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थापना की थी।
  • धीरूभाई अंबानी का जन्म जूनागढ़ (वर्तमान गुजरात) में एक सामान्य परिवार में हुआ था।
  • वर्ष 2016 में उनके योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
  • प्रारंभिक जीवन
    • उनकी शिक्षा सिर्फ 10वीं कक्षा तक सीमित रही, क्योंकि पारिवारिक आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें कम उम्र में ही घर की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।
    • 17 साल की उम्र में वे यमन (अब यमन) चले गए, जहां उन्होंने एक पेट्रोल पंप पर मात्र 300 रुपये मासिक वेतन पर नौकरी शुरू की और बाद में मैनेजर बन गए।
    • 1954 में भारत लौटने पर उनके पास सिर्फ 500 रुपये थे, लेकिन व्यापार की गहरी समझ उनके साथ थी।
  • रिलायंस की स्थापना
    • 1958 में मुंबई में धीरूभाई ने चंपकलाल दमानी के साथ साझेदारी में रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन की शुरुआत की
    • जो मसालों के व्यापार से शुरू हुई। 1965 में विचारधारा के मतभेद के कारण साझेदारी टूट गई
    • धीरूभाई ने अकेले ही पॉलिएस्टर यार्न का कारोबार संभाला। 1966 में उन्होंने विमल ब्रांड लॉन्च किया
    • जो भारत का पहला प्रमुख टेक्सटाइल ब्रांड बना और देशव्यापी रिटेल चेन की शुरुआत हुई।
    • 1977 में रिलायंस को पब्लिक कंपनी बनाया गया, जो उस समय का सबसे बड़ा IPO था।
  • विकास और विस्तार
    • 1970 के दशक तक रिलायंस का टर्नओवर 70 करोड़ रुपये पहुंच गया था। धीरूभाई ने बैकवर्ड इंटीग्रेशन की रणनीति अपनाई
    • जिसमें कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक का नियंत्रण किया गया। 1980 के दशक में टेक्सटाइल से पेट्रोकेमिकल्स में प्रवेश किया
    • 1991-92 में गुजरात में पहला पेट्रोकेमिकल प्लांट स्थापित हुआ। 1990 के दशक में जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी लगाई गई।
    • उनकी जोखिम लेने की क्षमता और लाखों छोटे निवेशकों को शेयर बाजार से जोड़ने की रणनीति ने रिलायंस को भारत की पहली फॉर्च्यून 500 कंपनी बनाया।
  • विवाद और चुनौतियां
    • धीरूभाई पर शेयर बाजार में हेराफेरी, टैक्स चोरी और क्रोनी कैपिटलिज्म के आरोप लगे, लेकिन वे हमेशा इनका सामना करते रहे।
    • उनकी AGM मुंबई के स्टेडियमों में रॉकस्टार जैसे आयोजन होते थे, जो लाखों शेयरधारकों को आकर्षित करते थे।
  • निधन और विरासत
    • 6 जुलाई 2002 को स्ट्रोक से उनका निधन हो गया। 2016 में उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।
    • आज रिलायंस, जो पेट्रोकेमिकल्स, टेलीकॉम (जियो), रिटेल और ग्रीन एनर्जी में फैला है
    • उनके बेटे मुकेश अंबानी के नेतृत्व में भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी है।
    • धीरूभाई का जीवन संघर्ष, नवाचार और लाखों भारतीयों को धनवान बनाने का प्रतीक है।