Solution:आचार्य वसुबंधु ने चौथी या पांचवीं शताब्दी में संस्कृत में अभिधर्मकोश (अभिधर्मकोशभाष्य) की रचना की, जिसमें लगभग 600 श्लोकों (कारिकाओं) के माध्यम से सर्वास्तिवाद और वैभाषिक दर्शन का व्यवस्थित सार प्रस्तुत किया गया है। यह ग्रंथ बौद्ध मनोविज्ञान, ब्रह्मांड विज्ञान, और धर्मों (अस्तित्व के तत्वों) का विश्लेषण करता है।
• प्राचीन बौद्ध ग्रंथ मुख्य रूप से त्रिपिटक (विनय, सुत्त, अभिधम्म) हैं, जो पाली भाषा में संकलित बुद्ध के उपदेशों का सबसे पुराना संग्रह है। इन्हें 25 ईसा पूर्व श्रीलंका में लिपिबद्ध किया गया था। इसके अलावा, महायान सूत्र, अवदान साहित्य और गांधारी ग्रंथ भी महत्वपूर्ण हैं। ये ग्रंथ बौद्ध दर्शन और भिक्षु अनुशासन का आधार हैं।