प्राचीन भारत का इतिहास (रेलवे) भाग-II

Total Questions: 46

11. महान साहित्यिक कृति 'मृच्छकटिक' का लेखक कौन है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 30.12.2020 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) शूद्रक
Solution:

मृच्छकटिका (द क्ले कोर्ट) एक संस्कृत नाटक है, जिसे शूद्रक ने ईसा पूर्व दूसरी सदी में लिखा था।
• इसमें चारुदत्त नाम के एक युवक का एक धनी दरबारी वसतसेना के प्रति उसके प्रेम के विषय में उल्लेख है।

12. निम्नलिखित में से कौन चंद्रगुप्त द्वितीय के नौ रत्नों में से एक है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 07.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (4) वराहमिहिर (Varahamihira)
Solution:

चंद्रगुप्त द्वितीय के नौ रत्नों में अमरसिहः धनवंतरि; घटकर्पर; कालिदास; क्षपणकः संक; वराहमिहिर; वररुचि एवं वेतालभट्ट थे।
• ये सभी विद्वान, कवि, ज्योतिषी और चिकित्सक थे जिन्होंने उनके दरबार में साहित्य, खगोल विज्ञान और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में योगदान दिया, जिससे उनके शासनकाल को 'स्वर्ण युग' कहा जाता है।
• वराहमिहिर उज्जैन के निवासी थे, जिन्होंने तीन महत्वपूर्ण पुस्तकें पचसिद्धांतिका, बृहत संहिता एवं बृहत जातक की रचना की।

13. अशोक के प्राचीनतम प्राप्त अभिलेख निम्न में से किस लिपि में लिखे गए हैं? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 07.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (4) ब्राह्मी
Solution:

भारत में पाए जाने वाले सबसे पहले गूढ़ पुरालेख ब्राह्मी लिपि में है, जो तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के अशोक के शिलालेख हैं।
• भारत के मध्य-पूर्वी भाग में पाए गए उनके (अशोक) शिलालेख ब्राह्मी लिपि का उपयोग करते हुए मगधी प्राकृत में लिखे गए थे, जबकि प्राकृत में खरोष्ठी लिपि का उपयोग करते हुए ग्रीक एवं अरमाइक लिपि का उत्तर पश्चिम में उपयोग किया गया था।
• इन शिलालेखों को ब्रिटिश पुरातत्वविद् और इतिहासकार जेम्स प्रिंसेप ने 1837 ई. में पढ़ा था।

14. चंद्रगुप्त प्रथम के बाद गुप्त साम्राज्य की बागडोर किसने संभाली ? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 25.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) समुद्र गुप्त
Solution:

गुप्त साम्राज्य (लगभग 320-550 ईस्वी) प्राचीन भारत का एक प्रमुख राजवंश था, जिसे कला, साहित्य, विज्ञान और गणित में अभूतपूर्व प्रगति के कारण "स्वर्ण युग" कहा जाता है। श्रीगुप्त द्वारा स्थापित इस वंश को चन्द्रगुप्त प्रथम ने साम्राज्य बनाया, जबकि समुद्रगुप्त (भारत का नेपोलियन) और चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) ने इसका विस्तार किया। इस काल में प्रशासनिक विकेंद्रीकरण, स्वर्ण मुद्राएँ (दीनार) और हिंदू धर्म का पुनरुत्थान हुआ।
• समुद्रगुप्त (शासनकाल 335-380 ई.) चंद्रगुप्त प्रथम और कुमारदेवी का पुत्र था। वह 335 ई. में मौर्य साम्राज्य गद्दी पर बैठा।
• पश्चिमी विद्वान उसकी तुलना नेपोलियन से करते हैं एवं व्यापक सैन्य विजय के कारण उसे भारतीय नेपोलियन भी कहते हैं।
• उसके दरबारी कवि और मत्री हरिसेन ने इलाहाबाद स्तंभ या प्रयाग प्रशस्ति शिलालेख की रचना की।

15. चौबीसवें जैन तीर्थंकर का नाम क्या था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 25.01.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) महावीर
Solution:

जैन धर्म में तीर्थंकर ऐसे आध्यात्मिक शिक्षक होते हैं जो जन्म और मृत्यु के चक्र (संसार) से मुक्ति पाकर, दूसरों को भी उस मार्ग पर चलने का रास्ता दिखाते हैं; वर्तमान कालचक्र में 24 तीर्थंकर हुए हैं, जिनमें प्रथम ऋषभदेव (आदिनाथ) और अंतिम भगवान महावीर हैं, और प्रत्येक तीर्थंकर का अपना एक विशेष चिन्ह (जैसे ऋषभदेव का बैल, महावीर का सिंह) होता है। ये 'जिन' (विजेता) कहलाते हैं, जिन्होंने सभी सांसारिक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त कर 'केवलज्ञान' (परम ज्ञान) प्राप्त किया है।
• भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें एवं अंतिम तीर्थंकर थे। उनका जन्म 599 ईसा पूर्व में हुआ था।
• रानी त्रिशला ने गर्भ धारण करने के पश्चात (भगवान महावीर के संदर्भ में) चौदह स्वपन (कुछ लोग सोलह सपने मानते हैं।) देखा।

16. 'मुद्राराक्षस' (Mudrarakshasa) नाटक किसने लिखा था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा 27.01.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (4) विशाखदत्त
Solution:

मुद्राराक्षस संस्कृत भाषा का एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक नाटक है, जिसे विशाखदत्त ने लिखा है और यह चाणक्य की राजनीतिक कुशलता, चंद्रगुप्त मौर्य के राज्यारोहण और नंद वंश के पतन के बाद उनकी सत्ता को स्थापित करने की कहानी पर आधारित है, जिसमें मुख्य पात्र चाणक्य और राक्षस हैं, और 'मुद्रा' (अंगूठी) इस कथानक का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह नाटक चौथी शताब्दी के आस-पास का माना जाता है और इसमें स्त्रियों की भूमिका कम होती है, जो इसे एक अद्वितीय राजनीतिक नाटक बनाती है।

17. कालिदास द्वारा लिखे गए नाटक 'अभिज्ञान शाकुंतलम' (Abhijnana Shakun-talam) में शंकुतला का पुत्र कौन था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 03.02.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) भरत
Solution:

अभिज्ञान शाकुन्तलम् संस्कृत के महान कवि कालिदास द्वारा रचित एक विश्व-प्रसिद्ध नाटक है, जो राजा दुष्यंत और शकुंतला की प्रेम कहानी, विवाह, विरह और पुनर्मिलन का मार्मिक वर्णन करता है, जिसमें एक अंगूठी (अभिज्ञान) उनके पुनर्मिलन का साधन बनती है, और यह भारतीय साहित्य की सबसे उत्कृष्ट कृतियों में से एक मानी जाती है, जिसका अनुवाद कई भाषाओं में हुआ है।
• दुष्यंत और शकुतला का भरत नाम का एक पुत्र था जो बाद में भारत के सम्राट बना।

18. पुरातात्विक स्थल 'सुरकोटडा (Surkotada)' किस राज्य में स्थित है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 03.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) गुजरात
Solution:

सुरकोटडा गुजरात के भुज जिले के उत्तर पूर्व में 3.5 एकड़ में फैला एक छोटा सा पुरातत्व स्थल है जो रोपर से लगभग 50 किलोमीटर दूर है।
• इसकी खोज और उत्खनन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) के श्री जगत पति जोशी ने 1964-1968 में की थी।

19. अशोक, तर्कसिद्ध रूप से प्रारंभिक भारत के सबसे प्रसिद्ध शासक थे, जिसने कलिंग पर विजय प्राप्त की। वे ....... के पोते थे। [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 13.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) चंद्रगुप्त मौर्य
Solution:

सम्राट अशोक मौर्य भारतीय इतिहास के सबसे महान शासक थे, जिन्होंने कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के बाद हिंसा त्यागकर बौद्ध धर्म अपनाया और 'धम्म' का प्रसार किया। उन्होंने शिलालेखों के माध्यम से शासन किया।
• अशोक मौर्य वंश के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य के पौत्र थे।
• उन्होंने 268 से 232 ईसा पूर्व तक पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया था।

20. 'सत्यमेव जयते' उद्धरण भारत के राष्ट्रीय प्रतीक पर देवनागरी लिपि में अंकित है। यह उद्धरण कहाँ से लिया गया है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 13.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) मुण्डकोपनिषद
Solution:

'सत्यमेव जयते' भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है, जिसका अर्थ है "सत्य की ही जीत होती है"।
• यह प्राचीन हिंदू ग्रंथ मुण्डक उपनिषद से लिया गया है।
• यह वाक्य भारत के राष्ट्रीय प्रतीक (सारनाथ का अशोक सिंह स्तंभ) के नीचे देवनागरी लिपि में अंकित है।
• इसे 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया था।