Solution:चंद्रगुप्त द्वितीय के नौ रत्नों में अमरसिहः धनवंतरि; घटकर्पर; कालिदास; क्षपणकः संक; वराहमिहिर; वररुचि एवं वेतालभट्ट थे।
• ये सभी विद्वान, कवि, ज्योतिषी और चिकित्सक थे जिन्होंने उनके दरबार में साहित्य, खगोल विज्ञान और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में योगदान दिया, जिससे उनके शासनकाल को 'स्वर्ण युग' कहा जाता है।
• वराहमिहिर उज्जैन के निवासी थे, जिन्होंने तीन महत्वपूर्ण पुस्तकें पचसिद्धांतिका, बृहत संहिता एवं बृहत जातक की रचना की।