Solution:अशोक के शिलालेख (लगभग 33) प्राकृत भाषा (ब्राह्मी/खरोष्ठी लिपि) में उत्कीर्ण सम्राट अशोक (268-232 ईसा पूर्व) द्वारा जारी प्रमुख प्रशासनिक और धम्म संबंधी संदेश हैं। ये शिलालेख अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल और भारत में फैले हैं, जो धम्म, जन कल्याण और कलिंग युद्ध की जानकारी देते हैं। जेम्स प्रिंसेप ने 1837 में सर्वप्रथम ब्राह्मी लिपि को पढ़ा।
• तेरहवां शिलालेख अशोक के एक आक्रामक एवं हिंसक योद्धा से एक महान प्रेमी एवं शांति के उपदेशक के रूप में परिवर्तन का वर्णन करता है।
• यह कलिंग युद्ध के अंत में जारी किया गया था।
• कलिंग युद्ध का प्रत्यक्ष एवं तत्काल प्रभाव अशोक का बौद्ध धर्म में परिवर्तन था।
• अशोक के अभिलेखों की खोज सर्वप्रथम 1750 में टिफेनथेलर ने की थी।
• उत्तर-पश्चिम भारत के शिलालेखों में खरोष्ठी लिपि का उपयोग किया गया।
• अफ़गानिस्तान में अरामी और ग्रीक लिपि का उपयोग किया गया।
• अशोक का सबसे बड़ा शिलालेख 13वां शिलालेख (इसमें कलिंग युद्ध का वर्णन है) है।
• कलिंग युद्ध 261 ईसा पूर्व (राज्याभिषेक के 8वें वर्ष) हुआ था।
• अशोक के 11वां, 12वां और 13वां शिलालेख में 'धम्म' की परिभाषा दी गई है।
• सारनाथ का सिंह स्तंभ सम्राट अशोक ने बनवाया।
• भाब्रू शिलालेख (लघु शिलालेख) शिलालेख में अशोक ने स्वयं को 'प्रियदर्शी' कहा है।
प्रमुख शिलालेखों का विवरण:
• शिलालेख 1: पशु बलि पर प्रतिबंध।
• शिलालेख 2: चिकित्सा सेवा (मनुष्य और पशु)।
• शिलालेख 13: कलिंग युद्ध।
• शिलालेख 14: शिलालेखों को जनहित में स्थापित करना।