प्राचीन भारत का इतिहास (रेलवे) भाग-I

Total Questions: 50

31. अशोक का सिंह स्तंभ कहाँ स्थित है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) सारनाथ
Solution:

अशोक का सिंह स्तंभ (Lion Capital of Ashoka) सारनाथ, उत्तर प्रदेश में स्थित है, जो भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है, जिसमें चार सिंह पीठ से पीठ सटाकर बैठे हैं, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है।
• इसका आधार (अबेस) उल्टे कमल पर टिका है, जिस पर धर्म चक्र (अशोक चक्र) और विभिन्न पशु (हाथी, घोड़ा, बैल, सिंह) बने हैं
• मूल स्तंभ सारनाथ संग्रहालय में है और इसका शीर्ष भाग (सिंहचतुर्मुख) भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में अपनाया गया है, जिसमें सत्यमेव जयते भी अंकित है। 
• यह तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में अशोक द्वारा उस स्थान को चिह्नित करने के लिए बनाया गया था जहां बुद्ध ने     पहली बार अपना धर्मोपदेश दिया था।

32. महाबलीपुरम में प्रसिद्ध समुद्र तट का निर्माण किसने किया था? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) नरसिंहवर्मन II
Solution:

पल्लव शासक नरसिंहवर्मन-II ने महाबलीपुरम या मामल्लापुरम में समुद्रतट का निर्माण करवाया था।
• महाबलीपुरम के प्रसिद्ध शोर मंदिर (तट मंदिर) का निर्माण पल्लव राजा नरसिंहवर्मन द्वितीय (राजसिंह) ने 8वीं शताब्दी ईस्वी में करवाया था, जो ग्रेनाइट पत्थरों से बना दक्षिण भारत के सबसे पुराने संरचनात्मक मंदिरों में से एक है और पल्लव वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है, हालांकि इस शहर और अन्य चट्टानों से तराशे गए स्मारकों की नींव पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने रखी थी।

33. खजुराहो में कंदरिया महादेव मंदिर भगवान ...... को समर्पित है। [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) शंकर
Solution:

खजुराहो में सबसे बड़ा और सबसे अलंकृत मदिर कंदरिया महादेव है, जो भगवान शंकर को समर्पित है।

• चंदेल वंश के शासनकाल के दौरान लगभग 1050 ईस्वी में निर्मित यह मंदिर अपनी जटिल नक्काशी और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं, जिनमें आध्यात्मिक शिक्षाएं, शाही जुलूस और यहां तक ​​कि कामुक कला भी शामिल है। इसकी स्थापत्य कला, जटिल नक्काशी और धार्मिक महत्व इसे और भी खास बनाते हैं।

34. निम्नलिखित में से किस राजवंश ने वेसर शैली के मंदिर वास्तुकला की शुरुआत की? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (2) चालुक्य
Solution:

चालुक्य शासकों के शासनकाल के दौरान मंदिर स्थापत्य की वेसर शैली का उदय हुआ।
• इस प्रवृत्ति की शुरुआत बादामी के चालुक्यों (500-753AD) ने की थी, जिन्होंने इस शैली में मंदिरों का निर्माण किया था जो अनिवार्य रूप से नागर और द्रविड़ शैलियों का मिश्रण था।
• इस शैली को बाद में मान्यखेता के राष्ट्रकूटों (Rashtrakutas) और होयसलों (Hoysalas) ने आगे बढ़ाया और विकसित किया।
• यह शैली नागर (उत्तर भारतीय) और द्रविड़ (दक्षिण भारतीय) शैलियों का मिश्रण है, जिसमें तारा-आकार की भू-योजनाएँ, जटिल नक्काशी और लघु शिखरों वाले बहुमंजिला विमान (टावर) होते हैं।

35. पाल साम्राज्य का संस्थापक कौन था? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (4) गोपाल
Solution:

पाल वंश का संस्थापक गोपाल था। उसने 750 ई. में पाल राजवंश की स्थापना की।
• उसके उत्तराधिकारी, धर्मपाल (शासनकाल 770-810) ने राज्य का बहुत विस्तार किया और कुछ समय के लिए कन्नौज पर अपना प्रभुत्व स्थापित किया।

36. मिलिंदपन्हों पाठ किससे संबंधित है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (1) बौद्ध धर्म
Solution:

मिलिंदपन्हा एक बौद्ध ग्रंथ है जो लगभग 100 ईसा पूर्व और 200 ईस्वी के बीच का है। इसमें भारतीय बौद्ध ऋषि नागसेन और दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व के भारत-ग्रीक राजा मेनंदर प्रथम (पाली: मिलिंद) के बीच हुए संवाद का वर्णन है ।
• यह दूसरी से पहली शताब्दी ईसा पूर्व में लिखा गया है जो शुरू में संस्कृत में लिखा गया है।
• यह 1954 (रंगून में आयोजित) में छठी बौद्ध परिषद में प्रकाशित हुआ था।

37. पशुपति की आकृति किस काल में मिली है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (4) हड़प्पा संस्कृति
Solution:

हड़प्पा धर्म में एक पुरुष-देवता 'शिव पशुपति' की पूजा बहुत लोकप्रिय थी।
• पशुपति की आकृति सिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 3300-1300 ईसा पूर्व) काल में मिली है, विशेष रूप से मोहनजो-दारो से प्राप्त एक सील (मुहर) पर, जिसे प्रोटो-शिव (आदि-शिव) का प्रारंभिक रूप माना जाता है और यह लगभग 2500 ईसा पूर्व की है। इस मुहर पर एक योगी जैसी आकृति को जानवरों से घिरा हुआ दिखाया गया है, जो इस प्राचीन सभ्यता की कला और धार्मिक विश्वासों को दर्शाती है।

38. निम्नलिखित में से किसने पाटलिपुत्र की नींव रखा थी? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (2) उदयन
Solution:

पाटलिपुत्र (वर्तमान पटना) की नींव मगध के राजा उदयन (Udayin) ने सोन और गंगा नदियों के संगम पर रखी थी और बाद में इसे अपनी राजधानी बनाया, हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार इसके शुरुआती किलेबंदी का श्रेय उनके पिता अजातशत्रु को दिया जाता है, जिन्होंने इसे रणनीतिक रूप से स्थापित किया था।
• साम्राज्य के केन्द्र में होने के कारण उन्होंने अपनी राजधानी को राजगृह से पाटलिपुत्र स्थानांतरित कर दिया।
• यह मौर्य और गुप्त साम्राज्यों सहित कई शक्तिशाली साम्राज्यों की राजधानी बना और प्राचीन भारत के सबसे बड़े शहरों में से एक बन गया।

39. निम्नलिखित में से अंतिम मौर्य राजा कौन था? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (1) बृहद्रथ
Solution:

बृहद्रथ मौर्य साम्राज्य का अंतिम शासक था।
• उन्होंने 187 से 184 ईसा पूर्व तक शासन किया।
• उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने एक सैन्य परेड के दौरान उसकी हत्या कर दी, जिससे मौर्य वंश का पतन हो गया और शुंग वंश की नींव पड़ी।

40. सिकंदर ने भारत पर किस वर्ष आक्रमण किया था? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (1) 326 ईसा पूर्व
Solution:

326 ईसा पूर्व में सिकंदर ने सिंधु नदी को पार किया और भारत पर आक्रमण कर वह तक्षशिला की ओर आगे बढ़ा।
• फिर उसने झेलम और चिनाब नदियों के बीच के स्थित राज्य के शासक पोरस को चुनौती दी।
• सिकंदर एवं पोरस के मध्य 326 ई. पू. में झेलम नदी (या वितस्ता नदी) के तट पर वितस्ता का युद्ध का युद्ध हुआ, जिसे हाईडेस्पीज का युद्ध की कहा जाता है। इस युद्ध में सिकंदर विजयी रहा।