प्राचीन भारत का इतिहास (Part-I)

Total Questions: 61

11. सिंधु सभ्यता से प्राप्त मुद्राओं में से कौन-से वृक्ष की आकृति मिलती है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (b) पीपल
Solution:सिंधु सभ्यता काल में सर्वाधिक मुहरें सेलखड़ी की बनी हैं। इसके अतिरिक्त कांचली मिट्टी, चर्ट, गोमेद आदि की बनी मुहरें भी हैं। अधिकांश मुहरें वर्गाकार या चौकोर हैं, किंतु कुछ मुहरें घनाकार, गोलाकार अथवा बेलनाकार भी हैं। सिंधु सभ्यता से प्राप्त मुहरों में पीपल वृक्ष की आकृति मिलती है।

12. सुमेलित कीजिए- [M.P.P.C.S. (Pre) 1999]

सूची-Iसूची-II
A. अर्चवेद1. ईश्वर महिला
B. यजुर्वेद2. दलितान विधि
C. सामवेद3. औषधियों से संबंधित
D. अथर्ववेद4. संगीत

कूट:

ABCD
(a)3124
(b)1234
(c)2341
(d)3412
Correct Answer: (a)
Solution:अथर्ववेद ओषधियों से संबंधित है। ऋग्वेद में ईश्वर महिमा (देवताओं की स्तुति), यजुर्वेद में कर्मकांड (बलिदान विधि) एवं सामवेद में संगीत का विस्तृत उल्लेख है।

13. निम्नलिखित में से कौन-सा ब्राह्मण ग्रंथ ऋग्वेद से संबंधित है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2017]

Correct Answer: (a) ऐतरेय ब्राह्मण
Solution:ब्राह्मण ग्रंथ यज्ञों तथा उनके अनुष्ठान के विधि-विधानों के संबंध में जानकारी देते हैं। ऐतरेय ब्राह्मण तथा कौषीतकि ब्राह्मण ऋग्वेद से, पंचविश या ताण्ड्य ब्राह्मण तथा जैमिनीय ब्राह्मण सामवेद से, शतपथ ब्राह्मण यजुर्वेद से, जबकि गोपथ ब्राह्मण अथर्ववेद से संबंधित है।

14. ऋग्वैदिक 'पणि' किस वर्ग के नागरिक थे? [M.P.P.C.S. (Pre) 2019]

Correct Answer: (d) व्यापारी
Solution:ऋग्वैदिक काल में व्यापार-वाणिज्य प्रधानतः 'पणि' लोग करते थे। ऋग्वेद में 'पणि' शब्द का उल्लेख कई स्थानों पर हुआ है। पणि ऋण देते थे तथा ब्याज बहुत अधिक लेते थे। उन्हें 'बेकनाट' (सूदखोर) कहा गया है।

15. 'सत्यमेव जयते' शब्द कहां से लिया गया है? [M.P.P.C.S. (Pre) 1992, 1994]

Correct Answer: (d) मुंडक उपनिषद
Solution:'सत्यमेव जयते' शब्द मुंडकोपनिषद से लिया गया है, जिसका अर्थ है-'सत्य की ही विजय होती है।' यह भारत के राजचिह्न पर भी अंकित है।

16. संस्कारों की कुल संख्या कितनी है?

Correct Answer: (d) 16
Solution:'संस्कार' का शाब्दिक अर्थ है-परिष्कार, शुद्धता अथवा पवित्रता। गौतम धर्मसूत्र में इसकी संख्या चालीस (40) मिलती है। मनु ने गर्भाधान से मृत्यु-पर्यंत तेरह संस्कारों का उल्लेख किया है। बाद की स्मृतियों में इनकी संख्या को सोलह (16) स्वीकार किया गया। आज यही सर्वप्रचलित है।

17. गौतम बुद्ध का जन्म कब हुआ था ? [M.P.P.C.S. (Spl.) (Pre) 2004]

Correct Answer: (a) 563 ई. पू.
Solution:गौतम बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के निकट लुम्बिनी में 563 ई. पू. में हुआ था। उनके पिता शुद्धोधन शाक्यगण के प्रधान थे तथा माता माया देवी कोलिय गणराज्य (कोलिय वंश) की कन्या थीं। 29 वर्ष की अवस्था में उन्होंने गृह त्याग दिया, जिसे बौद्ध ग्रंथों में 'महाभिनिष्क्रमण' की संज्ञा दी गई।

18. बुद्ध का जन्म हुआ था- [M.P.P.C.S. (Pre) 1992]

Correct Answer: (b) लुम्बिनी
Solution:गौतम बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के निकट लुम्बिनी में 563 ई. पू. में हुआ था। उनके पिता शुद्धोधन शाक्यगण के प्रधान थे तथा माता माया देवी कोलिय गणराज्य (कोलिय वंश) की कन्या थीं। 29 वर्ष की अवस्था में उन्होंने गृह त्याग दिया, जिसे बौद्ध ग्रंथों में 'महाभिनिष्क्रमण' की संज्ञा दी गई।

19. गौतम बुद्ध ने किस स्थान पर निर्वाण प्राप्त किया?

Correct Answer: (e) बोधगया
Solution:बौद्ध धर्म में सांसारिक दुःखों तथा जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति को ही निर्वाण माना गया है। बुद्ध को निर्वाण ज्ञान प्राप्ति के साथ ही बोधगया में प्राप्त हुआ था।

20. महात्मा बुद्ध ने अपना पहला 'धर्मचक्रप्रवर्तन' किस स्थान पर दिया था? [M.P.P.C.S. (Pre) 1991, 1999]

Correct Answer: (b) सारनाथ में
Solution:ज्ञान प्राप्ति के पश्चात गौतम बुद्ध ने अपने मत का प्रचार प्रारंभ किया। उरुवेला से वे सबसे पहले ऋषिपत्तन (वर्तमान में वाराणसी के सारनाथ के निकट स्थित) आए। यहां उन्होंने पांच ब्राह्मण संन्यासियों को पहला उपदेश दिया। इस प्रथम उपदेश को 'धर्मचक्रप्रवर्तन' कहा जाता है।