प्राचीन भारत का इतिहास (Part-I)

Total Questions: 61

31. बिंदुसार के शासनकाल में अशोक ने अवंति महाजनपद जीतकर मौर्य साम्राज्य में मिला लिया था। इसका उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2020]

Correct Answer: (a) बुद्ध घोष की सामंत पासादिका
Solution:बुद्ध घोष की सामंत पासादिका में अशोक को अंवति का वायसराय नियुक्त किए जाने का उल्लेख मिलता है। बिंदुसार के शासनकाल में अशोक ने अवंति महाजनपद जीतकर मौर्य साम्राज्य में मिला लिया था। दिव्यावदान से भी ज्ञात होता है कि बिंदुसार के शासनकाल में अशोक अवंति (उज्जयिनी) का उपराजा (वायसराय) था। बुद्धकाल में अवंति महाजनपद भारत के 16 महाजनपदों में से एक था। यह महाजनपद मालवा क्षेत्र में अवस्थित था। इसके दो भाग थे-उत्तरी अवंति जिसकी राजधानी उज्जयिनी, तथा दक्षिणी अवंति जिसकी राजधानी माहिष्मती थी।

32. शकों पर विजयोपरांत चंद्रगुप्त द्वितीय ने निम्न में से किस धातु के सिक्के प्रचलित किए? [M.P. P.C.S. (Pre) 2023]

Correct Answer: (b) चांदी
Solution:शकों पर विजय के उपरांत चंद्रगुप्त द्वितीय ने शकों के अनुकरण पर पहली बार रजत (चांदी) मुद्राओं को प्रचलित किया था। इन मुद्राओं का वजन सामान्यतः 30 से 33 ग्रेन तक होता था।

33. सेल्यूकस, जिनको अलेक्जेंडर द्वारा सिंध एवं अफगानिस्तान का प्रशासक नियुक्त किया गया था, को किस भारतीय राजा ने हराया था? [M.P.P.C.S. (Pre) 2008]

Correct Answer: (d) चंद्रगुप्त
Solution:मौर्य वंश के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य ने सिकंदर के साम्राज्य के पूर्वी भाग के शासक सेल्यूकस की आक्रमणकारी सेना को 305 ई. पू. में परास्त किया था।

34. सांची का स्तूप किसने बनवाया था? [M.P.P.C.S. (Pre) 2006, 1995, 2012]

Correct Answer: (d) अशोक
Solution:स्तूप स्थापत्य कला के दृष्टिकोण से सांची के स्तूप को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। सांची, म.प्र. के रायसेन जिले में स्थित है। सांची के स्तूप का निर्माण अशोक ने कराया था। इस स्तूप का आरंभिक काल तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व था। अतः विकल्प (d) सही उत्तर है। जबकि भरहुत का स्तूप म.प्र. के सतना जिले में स्थित है। सांची के स्तूप की खोज जनरल टेलर ने की थी। अमरावती का स्तूप आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले में कृष्णा नदी के दाहिने तट पर स्थित है। कर्नल कॉलिन मैकेंजी ने 1797 ई. में इस स्तूप का पता लगाया था। सारनाथ का धमेख स्तूप गुप्तकालीन है, जो बिना आधार के समतल भूमि पर बनाया गया है।

35. विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सांची का प्राचीन नाम यह भी था- [M.P.P.C.S. (Pre) 2020]

Correct Answer: (a) काकणाम
Solution:विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सांची मध्य प्रदेश के रायसेन जिला में स्थित है। यहां पर पर्वत के ऊपर कई स्तूपों का निर्माण किया गया है। इस कारण इसे महावंश में 'चेतिय गिरि' भी कहा गया है। चौथी सदी के गुप्त लेख में इसका नाम काकणाम (काकनाड) महाविहार मिलता है। यहां पर कुल 3 स्तूप हैं। स्तूप संख्या 1 प्रधान स्तूप है। स्तूप संख्या 2 में अशोक के धम्म महामात्रों के अवशेष तथा स्तूप संख्या 3 में सारिपुत्र तथा मौद्गलायन के भस्मपात्र उपलब्ध हुए हैं। इन स्तूपों का निर्माण अशोक के द्वारा कराया गया था, जबकि शुंग काल में इस अर्द्धवृत्ताकार स्मारक को प्रस्तर से आच्छादित किया गया।

36. अभिलेखों में किस शासक का उल्लेख 'पियदस्सी' एवं 'देवानामपिय' के रूप में किया गया है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2015]

Correct Answer: (b) अशोक
Solution:अशोक के अभिलेखों में सामान्यतः उसे देवानांपिय, देवानांपियदसि (देवताओं का प्रिय अथवा देखने में सुंदर-देवनाम् प्रियदर्शी) तथा राजा आदि की उपाधियों से संबोधित किया गया है। पुराणों में उसे 'अशोकवर्द्धन' कहा गया है।

37. 'इंडिका' का लेखक कौन था? [M.P.P.C.S. (Pre) 2015]

Correct Answer: (d) मेगस्थनीज
Solution:मेगस्थनीज की पुस्तक 'इंडिका' में पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन का वर्णन मिलता है। इसके अनुसार, पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन विभिन्न समितियों के 30 सदस्यों द्वारा होता था। इनकी कुल 6 समितियां होती थीं तथा प्रत्येक समिति में 5 सदस्य होते थे। छठी समिति का कार्य बिक्री कर वसूल करना था। विक्रय कर मूल्य का दसवें भाग के रूप में वसूल किया जाता था। करों की चोरी करने वालों को मृत्युदण्ड दिया जाता था।

38. मालव संवत इस नाम से भी जाना जाता है- [M.P.P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (b) कृत संवत
Solution:विक्रम संवत के दो अन्य नाम मिलते हैं- कृत संवत तथा मालव संवत।

इस संवत के प्रवर्तक के विषय में गहरा मतभेद है। जैन ग्रंथ इसे मालवा के शासक विक्रमादित्य से संबंधित करते हैं, जिसने 57 ईसा पूर्व में शकों को पराजित करने के उपलक्ष्य में इसे प्रवर्तित किया था। उसका शासन सतयुग के समान सुख एवं समृद्धि से भरा हुआ था। इस संवत को कृत (सतयुग) संवत भी कहा जाता है।

39. कालिदास किसके शासनकाल में थे? [M.P.P.C.S. (Pre) 1990]

Correct Answer: (d) चंद्रगुप्त II
Solution:चंद्रगुप्त द्वितीय गुप्तकालीन महान शासक थे, जिनकी उपाधि विक्रमादित्य थी। इनके नवरत्नों की प्रसिद्धि सर्वकालिक रही है। नवरत्नों में सर्वोत्कृष्ट महाकवि कालिदास थे, जबकि क्षपणक रत्न फलित ज्योतिषी (Astrologer) थे।

40. गुप्त संवत की स्थापना किसने की? [M.P.P.C.S. (Pre) 1991]

Correct Answer: (a) चंद्रगुप्त 1
Solution:गुप्त संवत का प्रवर्तक चंद्रगुप्त प्रथम था।