प्राचीन साहित्य एवं साहित्यकार (UPPCS) Part-1

Total Questions: 50

11. उत्तरी भारतीय शास्त्रीय संगीत का 'बाइबल ग्रंथ' संबंधित है- [U.P.B.E.O. (Pre) 2019]

Correct Answer: (a) नाट्यशास्त्र से
Solution:भारतीय शास्त्रीय संगीत का 'बाइबल ग्रंथ' नाट्यशास्त्र को कहते हैं।

12. सुमेलित कीजिए- [U.P.P.C.S. (Pre) 1992]

Column 1 (Column A)Column 2 (Column B)
A. पाणिनि1. कामसूत्र
B. वात्स्यायन2. राजतरंगिणी
C. चाणक्य3. अष्टाध्यायी
D. कल्हण4. अर्थशास्त्र
Correct Answer: (a) A-3, B-1, C-4, D-2
Solution:'अष्टाध्यायी' के रचयिता व्याकरणाचार्य पाणिनि थे, अष्टाध्यायी उनकी प्रसिद्ध कृति है। 'कामसूत्र' के लेखक वात्स्यायन थे। चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री चाणक्य ने राजनीतिशास्त्र पर प्रसिद्ध ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' की रचना की। कल्हण ने 'राजतरंगिणी' में कश्मीर का इतिहास लिखा।

13. कल्हण की पुस्तक का नाम क्या है? [53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011]

Correct Answer: (d) राजतरंगिणी
Solution:'अष्टाध्यायी' के रचयिता व्याकरणाचार्य पाणिनि थे, अष्टाध्यायी उनकी प्रसिद्ध कृति है। 'कामसूत्र' के लेखक वात्स्यायन थे। चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री चाणक्य ने राजनीतिशास्त्र पर प्रसिद्ध ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' की रचना की। कल्हण ने 'राजतरंगिणी' में कश्मीर का इतिहास लिखा।

14. कल्हण द्वारा रचित राजतरंगिणी निम्नलिखित में से किससे संबंधित है? [M.P. P.C.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (c) कश्मीर के इतिहास से
Solution:'अष्टाध्यायी' के रचयिता व्याकरणाचार्य पाणिनि थे, अष्टाध्यायी उनकी प्रसिद्ध कृति है। 'कामसूत्र' के लेखक वात्स्यायन थे। चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री चाणक्य ने राजनीतिशास्त्र पर प्रसिद्ध ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' की रचना की। कल्हण ने 'राजतरंगिणी' में कश्मीर का इतिहास लिखा।

15. 'अष्टाध्यायी' किसके द्वारा लिखी गई है? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2011 & U.P.P.S.C. (GIC) 2010]

Correct Answer: (b) पाणिनि
Solution:'अष्टाध्यायी' के रचयिता व्याकरणाचार्य पाणिनि थे, अष्टाध्यायी उनकी प्रसिद्ध कृति है। 'कामसूत्र' के लेखक वात्स्यायन थे। चंद्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री चाणक्य ने राजनीतिशास्त्र पर प्रसिद्ध ग्रंथ 'अर्थशास्त्र' की रचना की। कल्हण ने 'राजतरंगिणी' में कश्मीर का इतिहास लिखा।

16. कल्हण की 'राजतरंगिणी' की तरह एक इतिहास की पुस्तक 'गौडवाहो' लिखी थी- [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (b) वाक्पति द्वारा
Solution:कल्हण की 'राजतरंगिणी' की तरह एक इतिहास की पुस्तक 'गौडवहो' की रचना 'वाक्पति' ने की थी। यह पुस्तक 8वीं सदी में प्राकृत भाषा में लिखित है। यह एक ऐतिहासिक काव्य है, जिसमें कन्नौज के शासक 'यशोवर्मन' के चरित्र का वर्णन किया गया है।

17. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए : [U.P.P.C.S. (Mains) 2006]

सूची-I (लेखक)सूची-II (रचनाए)
A. भारवि1. कर्पूरमंजरी
B. हर्ष2. किरातार्जुनीयम्
C. कालिदास3. मालविकाग्निमित्रम्
D. राजशेखर4. नागानंद

कूट :

ABCD
(a)1234
(b)3421
(c)2143
(d)2431
Correct Answer: (d)
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है :
Column 1 (लेखक)Column 2 (रचनाएं)
भारविकिरातार्जुनीयम्
हर्षनागानंद
कालिदासमालविकाग्निमित्रम्
राजशेखरकर्पूरमंजरी

18. 'किरातार्जुनीय' पुस्तक किसने लिखा था? [67th B.P.S.C. (Pre) 2022]

Correct Answer: (d) भारवि
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है :
Column 1 (लेखक)Column 2 (रचनाएं)
भारविकिरातार्जुनीयम्
हर्षनागानंद
कालिदासमालविकाग्निमित्रम्
राजशेखरकर्पूरमंजरी

19. संस्कृत की निम्नलिखित में से कौन-सी रचनाओं ने महाभारत से अपना कथासूत्र लिया है? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए- [R.A.S./R.T.S (Pre) 2016]

(i) नैषधीयचरित

(ii) किरातार्जुनीयम्

(iii) शिशुपालवध

(iv) दशकुमारचरित

कूट :

Correct Answer: (d) (i), (ii) और (iii)
Solution:भारवि द्वारा रचित रचना 'किरातार्जुनीयम्' महाकाव्य है, जिसकी कथावस्तु महाभारत से ली गई है। इसमें अर्जुन तथा 'किरात' वेशधारी शिव के बीच युद्ध का वर्णन है। नैषधीयचरित महाकाव्य श्री हर्ष की कीर्ति का स्थायी स्मारक है, इसमें 22 सर्ग हैं। महाभारत का 'नलोपाख्यान' इस महाकाव्य का मूल आधार है। शिशुपालवध महाकवि माघ द्वारा रचित संस्कृत महाकाव्य है। इसमें कृष्ण द्वारा शिशुपाल के वध की कथा का वर्णन है, जो महाभारत से ली गई है। किरातार्जुनीयम्, शिशुपालवधम् और नैषधीयचरितम् 'बृहत्त्रयी' कहलाते हैं।

20. सूची-1 को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए हुए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए- [I.A.S. (Pre) 1996]

Column 1 (सूची-I)Column 2 (सूची-II)
A. विशाखदत्त1. चिकित्सा
B. वाराहमिहिर2. नाटक
C. चरक3. खगोल विज्ञान
D. ब्रह्मगुप्त4. गणित
Correct Answer: (c) A-2, B-3, C-1, D-4
Solution:'विशाखदत्त' नाटककार थे, मुद्राराक्षस इनकी प्रसिद्ध रचना है। इनके देवीचंद्रगुप्तम नाटक से रामगुप्त की ऐतिहासिकता पर प्रकाश पड़ता है। 'वाराहमिहिर' गुप्तयुगीन खगोलशास्त्री थे। बृहज्जातक, पंचसिद्धांतिका, वृहत्संहिता आदि इनके प्रमुख ग्रंथ हैं। 'चरक' कनिष्क के दरबार में राजवैद्य थे, चरक संहिता (चिकित्सा संबंधी शास्त्र) इनकी प्रसिद्ध कृति है। ब्रह्मगुप्त प्रसिद्ध गणितज्ञ थे, इन्होंने 'ब्रह्मस्फुट सिद्धांत' एवं 'खण्डखाद्यक' की रचना की है।