यहाँ एक महत्वपूर्ण भाषाई अंतर को समझना आवश्यक है, क्योंकि बौद्ध धर्म में 'निर्वाण' और 'महापरिनिर्वाण' दो अलग-अलग घटनाओं को दर्शाते हैं:
• निर्वाण (Enlightenment): इसका अर्थ है 'परम ज्ञान' की प्राप्ति। यह बुद्ध को 35 वर्ष की आयु में बोधगया में निरंजना नदी के तट पर एक पीपल के वृक्ष (जिसे अब बोधि वृक्ष कहा जाता है) के नीचे प्राप्त हुआ था।
• महापरिनिर्वाण (Death): इसका अर्थ है संसार से अंतिम विदा। यह बुद्ध को 80 वर्ष की आयु में कुशीनगर में प्राप्त हुआ था।