Solution:प्रथम बौद्ध परिषद का आयोजन बुद्ध के महापरिनिर्वाण के कुछ ही सप्ताह बाद मगध सम्राट अजातशत्रु के संरक्षण में राजगृह की सप्तपर्णी गुफा में किया गया था। इस परिषद की अध्यक्षता बुद्ध के वरिष्ठ शिष्य महाकस्सप ने की थी। इस सभा का मुख्य उद्देश्य बुद्ध की शिक्षाओं को शुद्ध रूप में संरक्षित करना था, क्योंकि भिक्षुओं के बीच भविष्य में मतभेदों की आशंका थी। इसी परिषद के दौरान बुद्ध के दो प्रमुख शिष्यों, आनंद और उपालि ने क्रमशः बुद्ध के उपदेशों (सुत्त पिटक) और संघ के नियमों (विनय पिटक) का सस्वर पाठ किया, जिन्हें वहां उपस्थित 500 अर्हतों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
चारों बौद्ध परिषदों का संक्षिप्त विवरण:
| परिषद | समय | स्थान | अध्यक्ष | शासक |
| प्रथम | 483 ई.पू. | राजगृह | महाकस्सप | अजातशत्रु |
| द्वितीय | 383 ई.पू. | वैशाली | साबाकामी | कालाशोक |
| तृतीय | 250 ई.पू. | पाटलिपुत्र | मोगलिपुत्त तिस्स | अशोक |
| चतुर्थ | प्रथम शताब्दी | कुंडलवन (कश्मीर) | वसुमित्र | कनिष्क |