बौद्ध धर्म (UPPCS) Part-2

Total Questions: 50

11. गौतम बुद्ध के बारे में निम्न में से क्या सत्य है? [U.P.P.C.S. (Pre) 1992]

1. वे कर्म में विश्वास करते थे।
2. आत्मा का शरीर में परिवर्तन मानते थे।
3. निर्वाण प्राप्ति में विश्वास करते थे।
4. ईश्वर की सत्ता में विश्वास करते थे।
निम्न कूटों में से सही उत्तर चुनिए-

Correct Answer: (e) (a&c)
Solution:

महात्मा बुद्ध कर्म सिद्धांत में विश्वास करते थे। वे आत्मा में विश्वास न करते हुए भी पुनर्जन्म में विश्वास करते थे। बुद्ध के अनुसार, चेतना (कर्मफल) का पुनर्जन्म होता है। वे निर्वाण प्राप्ति में भी विश्वास करते थे, किंतु ईश्वर की सत्ता में वे विश्वास नहीं करते थे। अतः कथन (1) और (3) सही हैं, जो किसी विकल्प में नहीं है।

12. बौद्ध संघ में भिक्षुणी के रूप में स्त्रियों के प्रवेश की अनुमति बुद्ध द्वारा दी गई थी- [U.P.P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (b) वैशाली में
Solution:

बौद्ध संघ में स्त्रियों के प्रवेश की अनुमति गौतम बुद्ध द्वारा वैशाली में दी गई थी। शुरुआत में बुद्ध महिलाओं को संघ में शामिल करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन उनके प्रिय शिष्य आनंद के विशेष आग्रह और उनकी माता (विमाता) महाप्रजापति गौतमी की अटूट श्रद्धा को देखते हुए उन्होंने इसकी अनुमति प्रदान की।

बुद्ध के जीवन के प्रमुख निर्णय और स्थान:
घटनास्थान
प्रथम उपदेशसारनाथ
महिलाओं का संघ में प्रवेशवैशाली
सर्वाधिक उपदेशश्रावस्ती
अंतिम उपदेशकुशीनगर (सुभद्र को)

13. 'त्रिपिटक' क्या है? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2003 & U.P. Lower Sub. (Pre) 2004]

Correct Answer: (d) बुद्ध के उपदेशों का संग्रह
Solution:

'त्रिपिटक' बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और प्राचीन धर्मग्रंथ हैं। 'त्रिपिटक' शब्द का शाब्दिक अर्थ है 'तीन टोकरियाँ' (Tri = तीन, Pitaka = टोकरी)। बुद्ध की मृत्यु के बाद उनके उपदेशों को संकलित करने के लिए तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया, जिन्हें सामूहिक रूप से 'त्रिपिटक' कहा जाता है। ये ग्रंथ मुख्य रूप से पाली भाषा में लिखे गए हैं।

त्रिपिटक की मुख्य विशेषताएं:
विशेषताविवरण
भाषामुख्य रूप से पाली (जनसाधारण की भाषा)।
संकलनबुद्ध के परिनिर्वाण के बाद विभिन्न बौद्ध संगीतियों में।
महत्वयह बौद्ध धर्म का आधार स्तंभ है, जैसे वेद या कुरान अन्य धर्मों के लिए हैं।

14. 'त्रिपिटक' ग्रंथ किस धर्म से संबंधित है? [R.A.S./R.T.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (b) बौद्ध धर्म
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

15. त्रिपिटक किसकी धार्मिक पुस्तक है? [63rd B.P.S.C. (Pre) Exam. 2017]

Correct Answer: (d) बौद्ध
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

16. त्रिपिटक निम्नलिखित में से किससे संबंधित है? [M.P. P.C.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (b) बौद्धों से
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

17. 'यमक' बुद्ध 'पिटक' से संबंधित है- [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (c) अभिधम्म
Solution:

'यमक' बौद्ध धर्म के अभिधम्म पिटक से संबंधित है। अभिधम्म पिटक, त्रिपिटक का तीसरा भाग है जिसमें बुद्ध के उपदेशों की दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक व्याख्या की गई है। 'यमक' इसी पिटक के अंतर्गत आने वाले सात ग्रंथों में से छठा ग्रंथ है।

अभिधम्म पिटक में 'यमक' के अलावा अन्य महत्वपूर्ण ग्रंथ भी शामिल हैं:
• धम्मसंगणि: मानसिक अवस्थाओं का वर्गीकरण।
• विभंग: अठारह विभिन्न विषयों का विश्लेषण।
• धातुकथा: तत्वों (Elements) की चर्चा।
• पुग्गलपञ्ञत्ति: व्यक्तियों के प्रकारों का वर्णन।
• कथावत्थु: अन्य संप्रदायों के मतों का खंडन (मोगलिपुत्त तिस्स द्वारा रचित)।
• यमक: तार्किक युग्मों या जोड़ों का विश्लेषण।
• पट्ठान: कारणों और संबंधों का विस्तृत विवरण (यह सबसे कठिन ग्रंथ माना जाता है)।

18. निम्नलिखित में से किस बौद्ध ग्रंथ में संघ जीवन के नियम प्राप्त होते हैं? [U.P.P.C.S. (Pre) 1996]

Correct Answer: (b) विनय पिटक
Solution:

बौद्ध संघ के जीवन, अनुशासन और भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए निर्धारित नियम 'विनय पिटक' (Vinaya Pitaka) में प्राप्त होते हैं। त्रिपिटक के तीन भागों में से 'विनय पिटक' वह ग्रंथ है जो पूरी तरह से बौद्ध मठों (संघ) के आंतरिक प्रबंधन और नैतिक आचरण पर केंद्रित है।

त्रिपिटक के अन्य ग्रंथों से तुलना:

बौद्ध धर्म के अध्ययन के लिए इन तीनों का अंतर समझना आवश्यक है:

ग्रंथ (पिटक)मुख्य विषयकिसके लिए?
विनय पिटकसंघ के नियम और अनुशासनभिक्षुओं और भिक्षुणियों के लिए।
सुत्त पिटकबुद्ध के धार्मिक उपदेश और संवादआम जनता और शिष्यों के लिए।
अभिधम्म पिटकबुद्ध की शिक्षाओं की दार्शनिक व्याख्याविद्वानों और दार्शनिकों के लिए।

19. निम्न में से किस बौद्ध साहित्य में महात्मा बुद्ध के 'नैतिक एवं सिद्धांत' संबंधित प्रवचन संकलित हैं? [M.P.P.C.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (d) सुत्त पिटक
Solution:
महात्मा बुद्ध के 'नैतिक एवं सिद्धांत' से संबंधित प्रवचन सुत्त पिटक (Sutta Pitaka) में संकलित हैं। त्रिपिटक के तीन भागों में से 'सुत्त पिटक' को बौद्ध धर्म का 'धर्मोपदेश का भंडार' कहा जाता है। इसमें बुद्ध के उन उपदेशों का संग्रह है जो उन्होंने आम जनता और अपने शिष्यों को सरल भाषा में समझाए थे।
त्रिपिटकों के बीच अंतर (त्वरित संदर्भ):
बौद्ध साहित्यविषय-वस्तुमुख्य फोकस
सुत्त पिटकनैतिक एवं सिद्धांत संबंधित प्रवचनधर्म और दर्शन की सरल व्याख्या।
विनय पिटकसंघ के नियम और अनुशासनभिक्षुओं के आचरण के लिए नियम।
अभिधम्म पिटकदार्शनिक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषणधर्म की उच्च स्तरीय व्याख्या।

20. बौद्ध धर्म में 'त्रिरत्न' का क्या अभिप्राय है? [U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2017]

Correct Answer: (b) बुद्ध, धम्म, संघ
Solution:

बौद्ध धर्म में 'त्रिरत्न' (Three Jewels) का अर्थ उन तीन आधारभूत स्तंभों से है, जिन पर पूरा बौद्ध धर्म टिका हुआ है। किसी भी व्यक्ति के बौद्ध बनने के लिए इन तीन रत्नों की शरण में जाना अनिवार्य माना जाता है।

ये तीन रत्न निम्नलिखित हैं:
1. बुद्ध (The Buddha)
यह पहला रत्न है। यह उस 'जागृत' या 'प्रबुद्ध' अवस्था का प्रतीक है जिसे सिद्धार्थ गौतम ने प्राप्त किया था। यह मनुष्य की उस क्षमता को दर्शाता है जिसके द्वारा वह अज्ञानता के अंधकार से बाहर निकलकर परम सत्य को जान सकता है।

2. धम्म (The Dhamma)
यह दूसरा रत्न है। इसका अर्थ है बुद्ध द्वारा दी गई 'शिक्षाएं' या 'सिद्धांत'। इसमें चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग और नैतिकता के नियम शामिल हैं। यह वह मार्ग है जो व्यक्ति को निर्वाण (मुक्ति) की ओर ले जाता है।
3. संघ (The Sangha)
यह तीसरा रत्न है। इसका अर्थ है 'भिक्षुओं और भिक्षुणियों का समुदाय'। संघ उन लोगों का समूह है जो बुद्ध की शिक्षाओं का पालन करते हैं और उन्हें समाज में फैलाते हैं। यह आध्यात्मिक प्रगति के लिए एक सहायक वातावरण प्रदान करता है।