बौद्ध धर्म (UPPCS) (Part-2)

Total Questions: 50

21. बौद्ध दर्शन के विशेषता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2023]

1. बौद्ध दर्शन का बीज गौतम बुद्ध की शिक्षाओं में ही मिलता है।

2. बुद्ध ने हमेशा दार्शनिक समस्याओं में उलझने के बजाय मानवीय कष्टों से मुक्ति के लिए नैतिक जीवन जीने पर जोर दिया।

उपर्युक्त में से कौन-सा कथन सही है?

Correct Answer: (c) 1 और 2 दोनों
Solution:बौद्ध दर्शन का बीज गौतम बुद्ध की शिक्षाओं में निहित है। महात्मा बुद्ध ने दुःख तथा उनके समाधान से संबंधित चार आर्य सत्य का प्रतिपादन किया था। इनके अनुसार, दुःख के मूल कारण अविद्या के विनाश का प्रमुख उपाय अष्टांगिक मार्ग हैं। इन्होंने हमेशा दार्शनिक समस्याओं में उलझने के बजाय मानवीय कष्टों से मुक्ति के लिए नैतिक जीवन जीने पर जोर दिया था। बुद्ध मानवता को मुक्ति की ओर ले जाना चाहते थे। इस प्रकार जनता तक अपनी शिक्षा का प्रसार करने के लिए पालि भाषा का उपयोग किया।

22. प्राचीन भारत के बौद्ध मठों में, पवरन नामक समारोह आयोजित किया जाता था, जो- [I.A.S. (Pre) 2002]

Correct Answer: (b) वर्षा ऋतु के दौरान मठों में प्रवास के समय भिक्षुओं द्वारा किए गए अपराधों की स्वीकारोक्ति का अवसर होता था।
Solution:वर्षा ऋतु के समय चार महीने बौद्ध भिक्षु बौद्ध महाविहारों में निवास करते थे। इस समय धर्म प्रचार का कार्य स्थगित रहता था। वर्षा ऋतु की समाप्ति पर जब पुनः धर्म प्रचार कार्य प्रारंभ होता था, तो बौद्ध भिक्षु पवरन नामक समारोह आयोजित करते थे, जिसमें पीछे किए गए कार्यों पर विचार करते हुए आगे की कार्ययोजना बनाई जाती थी। इसके अतिरिक्त भिक्षु इस समारोह में अपने द्वारा किए गए अपराधों को स्वीकार करते थे।

23. अशोकाराम विहार निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित था? [U.P.P.C.S. (Mains) 2015]

Correct Answer: (b) पाटलिपुत्र
Solution:प्रसिद्ध बौद्ध ग्रंथ महावंश के अनुसार, मौर्य शासक अशोक ने पाटलिपुत्र में अशोकाराम विहार को निर्मित करवाया था। इस विहार का निर्माण इंद्रगुप्त नामक थेर भिक्षु के निरीक्षण में हुआ था। तीसरी बौद्ध संगीति (सभा) भी अशोक के समय में हुई थी।

24. विश्व का सबसे ऊंचा कहा जाने वाला 'विश्व शांति स्तूप' बिहार में कहां है? [48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008]

Correct Answer: (c) राजगीर
Solution:विश्व का सबसे ऊंचा कहा जाने वाला 'विश्व शांति स्तूप' बिहार में राजगीर की पहाड़ियों (400 मीटर की ऊंचाई) पर स्थित है।

25. बुद्ध की 80 फुट बड़ी प्रतिमा जो बोधगया में है, निर्मित की गई थी- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1993]

Correct Answer: (a) जापानियों के द्वारा
Solution:बुद्ध की 80 फुट ऊंची बोधगया में स्थित प्रतिमा लाल ग्रेनाइट एवं बलुई पत्थरों से निर्मित है, जिसके निर्माण में 7 वर्ष का समय लगा। यह प्रतिमा जापान के दाईजोकियो संप्रदाय के सहयोग द्वारा निर्मित की गई थी।

26. सर्वप्रथम 'स्तूप' शब्द कहां मिलता है? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2015]

Correct Answer: (a) ऋग्वेद
Solution:सर्वप्रथम 'स्तूप' शब्द का वर्णन ऋग्वेद में प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त अथर्ववेद, वाजसनेयी संहिता, तैत्तिरीय ब्राह्मण संहिता, पंचविश ब्राह्मण आदि ग्रंथों से 'स्तूप' के संबंध में जानकारी मिलती है। स्तूप का शाब्दिक अर्थ है-'किसी वस्तु का ढेर'।

27. वह स्तूप-स्थल, जिसका संबंध भगवान बुद्ध के जीवन की किसी घटना से नहीं रहा है, वह है : [U.P.P.C.S. (Mains) 2011 & U.P.P.C.S. (Spl.) (Pre) 2008]

Correct Answer: (b) सांची
Solution:बोधगया का स्तूप-स्थल बुद्ध की ज्ञान प्राप्ति से, सारनाथ धर्मचक्रप्रवर्तन से तथा कुशीनगर या कुशीनारा बुद्ध की मृत्यु से संबंधित है, जबकि सांची बुद्ध के जीवन की किसी विशेष घटना से संबंधित नहीं है।

28. प्राचीन भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - [I.A.S. (Pre) 2023]

1. स्तूप की संकल्पना मूलतः बौद्ध संकल्पना है।

2. स्तूप आमतौर पर अवशेषों का निक्षेपागार होता था।

3. बौद्ध परंपरा में स्तूप एक संकल्प - अर्पित या स्मारक संरचना होती थी।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?

Correct Answer: (b) केवल दो
Solution:स्तूप की संकल्पना बौद्धों से पूर्व की है। स्तूप शब्द का उल्लेख ऋग्वेद, अथर्ववेद, वाजसनेयी संहिता, तैत्तिरीय संहिता आदि ग्रंथों में मिलता है। अतः कथन 1 सही नहीं है। स्तूप आमतौर पर अवशेषों का निक्षेपागार था, जिसमें मृतकों के अवशेष एवं राख को रखा जाता था। मोक्ष प्राप्ति के उद्देश्य से भगवान की पूजा करने की सामान्य जन की गहरी आस्था के परिणामस्वरूप स्तूप ने आगे चलकर अपना संकल्प अर्पित संरचना स्वरूप प्राप्त किया।

29. निम्नलिखित स्तूपों का सही तैथिक क्रम (कालानुक्रम) क्या है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2014]

Correct Answer: (e)none of these
Solution:भरहुत एवं सांची के स्तूप की स्थापना मौर्य शासक अशोक के शासनकाल में हुई थी। धमेख स्तूप की संरचना का निर्माण मूलतः अशोक के शासनकाल में हुआ, जिसे गुप्त काल (500 ई.) में प्रतिस्थापित कर वर्तमान स्तूप बना। अमरावती स्तूप का निर्माण सातवाहन काल के समय में हुआ था। अतः भरहुत, सांची एवं धमेख स्तूप के निर्माण क्रम निर्धारित करना संभव नहीं है।

30. अनात्मवाद सिद्धांत है- [Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2017]

Correct Answer: (c) बौद्ध दर्शन का
Solution:बौद्ध दर्शन में अनात्मवाद का सिद्धांत गौतम बुद्ध के प्रतीत्यसमुत्पाद के सिद्धांत से ही सिद्ध होता है। इसे नैरात्मवाद भी कहा जाता है। कुछ विचारकों के मतानुसार, अनात्मवाद का सिद्धांत केवल आत्मा पर लागू होता है। वस्तुतः इससे आत्मा और भौतिक जगत दोनों की ही व्याख्या होती है। जब गौतम बुद्ध 'सर्वं अनात्मकम्' कहते हैं, तो इसका अर्थ है कि किसी नित्य चेतन या जड़ तत्व का अस्तित्व नहीं है। न तो आत्मा नामक नित्य द्रव्य का अस्तित्व है और न भौतिक पदार्थ नामक जड़ द्रव्य का। द्रव्यता, एकता, तादात्म्य एवं नित्यता आदि कल्पना मात्र है।