Correct Answer: (c) बौद्ध दर्शन का
Solution:बौद्ध दर्शन में अनात्मवाद का सिद्धांत गौतम बुद्ध के प्रतीत्यसमुत्पाद के सिद्धांत से ही सिद्ध होता है। इसे नैरात्मवाद भी कहा जाता है। कुछ विचारकों के मतानुसार, अनात्मवाद का सिद्धांत केवल आत्मा पर लागू होता है। वस्तुतः इससे आत्मा और भौतिक जगत दोनों की ही व्याख्या होती है। जब गौतम बुद्ध 'सर्वं अनात्मकम्' कहते हैं, तो इसका अर्थ है कि किसी नित्य चेतन या जड़ तत्व का अस्तित्व नहीं है। न तो आत्मा नामक नित्य द्रव्य का अस्तित्व है और न भौतिक पदार्थ नामक जड़ द्रव्य का। द्रव्यता, एकता, तादात्म्य एवं नित्यता आदि कल्पना मात्र है।