बौद्ध धर्म (UPPCS) (Part-2)

Total Questions: 50

41. देश में निम्न में से किसने मूर्ति पूजा की नींव रखी थी? [U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2008]

Correct Answer: (b) बौद्ध धर्म ने
Solution:उपर्युक्त में से सर्वप्रथम मूर्ति पूजा की नींव बौद्धों के द्वारा रखी गई। महायानियों ने सर्वप्रथम बुद्ध की प्रतिमा स्थापित करके पूजा आरंभ की।

42. गांधार शैली की मूर्ति कला में बुद्ध के सारनाथ में हुए प्रथम धर्मोपदेश से संबद्ध प्रवचन मुद्रा का नाम है- [I.A.S. (Pre) 1994]

Correct Answer: (c) धर्मचक्र
Solution:गांधार कला की उत्पत्ति का स्रोत एशिया माइनर तथा हैलेनिस्टिक कला थी। इस शैली की कला का प्रमुख विषय महात्मा बुद्ध का जीवन चरित है। इसके अंतर्गत बुद्ध की धर्मचक्र मुद्रा, ध्यान मुद्रा, अभय मुद्रा और वरद मुद्रा आदि मूर्तियों का निर्माण किया गया है।

43. बुद्ध की खड़ी प्रतिमा निम्न में से किस काल में बनाई गई? [U.P.P.C.S. (Pre) 1992]

Correct Answer: (b) कुषाण काल
Solution:कुषाण काल में ही गांधार एवं मथुरा कला शैली के तहत बुद्ध एवं बोधिसत्वों की बहुसंख्यक मूर्तियों का (बैठी एवं खड़ी स्थिति में) निर्माण हुआ। वी.एस. अग्रवाल के मतानुसार, सर्वप्रथम मथुरा में ही बुद्ध मूर्तियों के विवरण के अनुसार बुद्ध की प्रथम प्रतिमा कौशाम्बी में बनी थी, परंतु अनेक विद्वान महात्मा बुद्ध की प्रथम प्रतिमा के निर्माण का श्रेय गांधार कला को देते हैं। अतः निश्चित तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि बुद्ध की प्रथम प्रतिमा कहां बनी।

44. बुद्ध की प्राचीनतम प्रतिमा किस शैली में प्राप्त होती है? [66th B.P.S.C. Re-Exam 2020]

Correct Answer: (e) उपर्युक्त में से कोई नहीं / उपर्युक्त में से एक से अधिक
Solution:कुषाण काल में ही गांधार एवं मथुरा कला शैली के तहत बुद्ध एवं बोधिसत्वों की बहुसंख्यक मूर्तियों का (बैठी एवं खड़ी स्थिति में) निर्माण हुआ। वी.एस. अग्रवाल के मतानुसार, सर्वप्रथम मथुरा में ही बुद्ध मूर्तियों के विवरण के अनुसार बुद्ध की प्रथम प्रतिमा कौशाम्बी में बनी थी, परंतु अनेक विद्वान महात्मा बुद्ध की प्रथम प्रतिमा के निर्माण का श्रेय गांधार कला को देते हैं। अतः निश्चित तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि बुद्ध की प्रथम प्रतिमा कहां बनी।

45. भगवान बुद्ध की प्रतिमा कभी-कभी एक हस्त मुद्रा युक्त दिखाई गई है, जिसे 'भूमिस्पर्श मुद्रा' कहा जाता है। यह किसका प्रतीक है? [I.A.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (b) मार के प्रलोभनों के बावजूद अपनी शुचिता और शुद्धता का साक्षी होने के लिए बुद्ध का धरती का आह्वान ।
Solution:बुद्ध की 'भूमिस्पर्श मुद्रा' से तात्पर्य अपने तप की शुचिता और निरंतरता को बनाए रखने से है। बुद्ध की 'भूमिस्पर्श मुद्रा' मार (कामदेव) के प्रलोभनों के बावजूद अपनी शुचिता और शुद्धता का साक्षी होने के लिए बुद्ध का धरती का आह्वान को प्रदर्शित करती है।

46. भूमिस्पर्श मुद्रा की सारनाथ बुद्ध मूर्ति संबंधित है- [U.P.P.C.S.(Mains)2009]

Correct Answer: (d) गुप्त काल से
Solution:भूमिस्पर्श मुद्रा की सारनाथ की बुद्ध मूर्ति गुप्त काल से संबंधित है। इसकी आध्यात्मिक अभिव्यक्ति, गंभीर मुस्कान एवं शांत ध्यानमग्न मुद्रा भारतीय कला की सर्वोच्च सफलता का प्रदर्शन करती है।

47. सारनाथ की भूमि स्पर्श मुद्रा वाली बुद्ध प्रतिमा कालांकित है- [U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl.) (Pre) 2010 & U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl.) (Mains) 2010]

Correct Answer: (b) गुप्त काल से
Solution:भूमिस्पर्श मुद्रा की सारनाथ की बुद्ध मूर्ति गुप्त काल से संबंधित है। इसकी आध्यात्मिक अभिव्यक्ति, गंभीर मुस्कान एवं शांत ध्यानमग्न मुद्रा भारतीय कला की सर्वोच्च सफलता का प्रदर्शन करती है।

48. भारत के सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए- [I.A.S. (Pre) 2020]

1. परिव्राजक  -  परित्यागी व भ्रमणकारी

2. श्रमण  -  उच्च पद प्राप्त पुजारी

3. उपासक  -  बौद्ध धर्म का साधारण अनुगामी

उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?

Correct Answer: (b) केवल 1 और 3
Solution:सही सुमेलन है-

परिव्राजक -परित्यागी व भ्रमणकारी

श्रमण - भिक्षु/साधु

उपासक - बौद्ध धर्म का साधारण अनुगामी

49. निम्नलिखित में से कौन-से शासक ने बौद्धमत के विस्तार में योगदान नहीं दिया? [Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2018]

Correct Answer: (d) पुष्यमित्र शुंग
Solution:अशोक, कनिष्क और हर्षवर्धन ने बौद्ध धर्म के विकास में योगदान दिया, जबकि शुंग वंश के संस्थापक पुष्यमित्र शुंग ने मगध साम्राज्य पर अधिकार जमाकर जहां एक ओर यवनों के आक्रमण से देश की रक्षा की, वहीं दूसरी ओर देश में शांति और व्यवस्था की स्थापना कर वैदिक धर्म एवं आदर्शों की, जो अशोक के शासनकाल में उपेक्षित हो गए थे, पुनः प्रतिष्ठा की। इसी कारण उसका काल वैदिक प्रतिक्रिया अथवा वैदिक पुनर्जागरण का काल भी कहा जाता है।

50. निम्नलिखित वक्तव्यों पर विचार करें और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनें- [U.P.P.C.S. (Spl.) (Pre) 2004]

कथन (A): कुशीनगर मल्ल गणराज्य की राजधानी थी।

कारण (R) : महात्मा बुद्ध का महापरिनिर्वाण कुशीनगर में हुआ था।

कूट-

Correct Answer: (b) दोनों (A) और (R) सही हैं; परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
Solution:बौद्ध ग्रंथ अंगुत्तर निकाय में वर्णित षोडश महाजनपदों में से 'मल्ल' एक महाजनपद था। यह एक संघ राज्य था, जिसमें पावा (फाजिलनगर) या पावा (उस्मानपुर) तथा कुशीनारा (कसया) मल्ल गणराज्य की जुड़वां राजधानी थीं। महात्मा बुद्ध को महापरिनिर्वाण कुशीनगर में प्राप्त हुआ। अतः दोनों कथन सही हैं; किंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।