Correct Answer: (a) मंगल और बृहस्पति
Solution:- क्षुद्रग्रह पथरीले और धातुओं के ऐसे पिंड हैं, जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं।
- अधिकांश क्षुद्रग्रह बृहस्पति और मंगल के बीच की एक पट्टी में स्थित हैं।
- व्यापक विवरण
- स्थान और आकार: क्षुद्रग्रह पट्टी सूर्य के चारों ओर एक टोरेस (torus) आकार का क्षेत्र है
- जो मुख्यता मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच फैला है। यह क्षेत्र कई लाख से अरबों पिंडों को समेटे रहता है
- जो ठोस चट्टानी और धातु-युक्त अवयवों से बने होते हैं, और इनमें विविध आकार के पिंड शामिल होते हैं
- कभी-कभी छोटे चट्टान के टुकड़े भी मिलते हैं, तो कभी सेरेस जैसी बड़ी वस्तुएँ भी मिलती हैं।
- क्यों स्थापित है: प्रारम्भिक सौर मंडल के अवशेष होने के कारण यह पट्टी कभी ग्रह बनने में असफल रहे पिंडों का समूह माना जाता है।
- इनमें से कई पिंड असमान गुरुत्वीय प्रेरकों के कारण एक-दूसरे से टकराते-छिटकते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र का संरचनात्मक गठन बना रहा।
- प्रमुख पिंड और संरचना: क्षुद्रग्रह पट्टी के भीतर सेरेस, वेस्टा, पलास आदि प्रमुख पिंड बताए जाते है
- इनमें से सेरेस एक बौना ग्रह के रूप में वर्गीकृत हो चुका है, जबकि अन्य पिंड भी वैज्ञानिक अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- यह पिंड समूह मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच स्थित है और ग्रहों के बीच गैस-डायन-आवास से दूरी पर है।
- बाहरी बनाम आंतरिक भाग: आंतरिक भाग आम तौर पर मंगल के पास शुरू होकर मध्य भाग तक फैला है
- जबकि बाहरी भाग में बृहस्पति की gravitational resonances प्रभावी भूमिका निभाते हैं
- शोध में यह भी पाया गया है कि ग्रहीय गुरुत्वाकर्षण resonances के कारण पिंडों की वेग-धारा समय-समय पर बदलती रहती है।
- संदर्भित तथ्य और गलत धारणाएं: क्षुद्रग्रह पट्टी मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित है
- केवल उनके बीच के खाली स्थान में नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में है
- बृहस्पति का ग्रेट रेड स्पॉट और अन्य ग्रह-विशिष्ट विशेषताएं इस क्षेत्र के पिंडों के अध्ययन में सहायक नहीं बल्कि एक अतिरिक्त पृष्ठभूमि बनाते हैं।