भारतीय दर्शन का विकास

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11. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन करें? []

 (सूची (1))  (सूची (II))
A. ज्ञान मार्ग  1. निष्काम कर्म
B. भक्ति मार्ग 2. सच्ची भक्ति
C. कर्म मार्ग 3. परम सत्य

 

A B C
(a) 1 2 3
(b) 3 2 1
(c) 3 1 2
(d) 2 1 3
Correct Answer: (b)
Note:

ज्ञान मार्ग  -  परम सत्य का ज्ञान प्राप्त करके मोक्ष प्राप्त करना

भक्ति मार्ग  -  सच्ची भक्ति द्वारा ईश्वर का सानिध्य प्राप्त करना।

कर्म मार्ग - निष्काम कर्म अर्थात फल प्राप्ति की परवाह किए बिना अपने कर्तव्यों का पालन करना।

 

12. निम्नलिखित में से भारतीय दर्शन की कितनी पद्धतियां हैं? []

Correct Answer: (c) छः
Note:

भारतीय दर्शन की छः पद्धतियां हैं। ये वैशेषिक, न्याय, सांख्य, योग, पूर्व मीमांसा और वेदांत या उत्तर मीमांसा के नाम से जाने जाते हैं।

 

13. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- []

1. पूर्व मीमांसा का प्रतिपादन महर्षि ने किया था।

2. उत्तर मीमांसा का प्रतिपादन महर्षि जैमिनी ने किया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सत्य हैं?

 

Correct Answer: (d) न तो 1 न ही 2
Note:

पूर्व मीमांसा का प्रतिपादन महर्षि जैमिनी ने किया था, इस प्रकार कथन 1 असत्य है। तथा उत्तर मीमांसा (वेदांत) का प्रतिपादन (महर्षि व्यास) बादरायण द्वारा किया गया था।

 

14. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिए। []

(सूची (1))  (सूची (II))
A. वैशेषिक 1. महर्षि गौतम
B. न्याय 2. महर्षि कणाद
C. सांख्य 3. महर्षि पतंजलि
D. योग 4. महर्षि कपिल

 

(A)

(B)

(C)

(D)

(a)

2

3

4

1

(b)

2

1

4

3

(c)

1

2

3

4

(d)

4

2

1

3

Correct Answer: (b)
Note:
(दर्शन की शाखाएं) (संबंधित ऋषि)
वैशेषिक महर्षि कणाद
न्याय महर्षि गौतम
सांख्य महर्षि कपिल
योग महर्षि पतंजलि

15. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय दर्शन सर्वाधिक प्राचीन है? []

Correct Answer: (a) सांख्य
Note:

सांख्य की उत्पत्ति संख्या शब्द से हुई है यह भारत के सभी दर्शन में सबसे प्राचीन दर्शन है।

 

16. सांख्य दर्शन में जगत की सृष्टि का कारण किसे बताया गया है? []

Correct Answer: (c) (a) और (b) दोनों
Note:

सांख्य दर्शन के अनुसार, जगत का क्रमिक विकास ईश्वर के कारण नही होता है, बल्कि जगत के सहज स्वरूप के कारण होता है। चौथी सदी में प्रकृति के अलावा एक उपादान पुरुष सांख्य दर्शन में जुड़ा दोनों को सृष्टि का कारण माना गया।

 

17. निम्नलिखित में से सांख्य दर्शन के कौन-से सैद्धांतिक गुण है? []

Correct Answer: (d) उपर्युक्त सभी
Note:

सांख्य दर्शन के अनुसार प्रत्येक प्राणी में पाए जाने वाले तीन गुण हैं, सत्य, रजस और तमो गुण। प्रारंभ में ये तीनों गुण हर प्राणी में संतुलित मात्रा में होते हैं, लेकिन ज्यों-ज्यों प्राणी विकसित होता है, इन तीनों गुण में कोई एक गुण अधिक प्रबल हो जाता है।

 

18. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- []

1. मोक्ष, यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति से हो सकती है।

2. सांख्य दर्शन अपने आरंभ में भौतिकवादी था, फिर आध्यात्मिकता की ओर मुड़ गया।

उपर्युक्त कथन में से कौन-सा/से सांख्य दर्शन के संबंध में सत्य है?

 

Correct Answer: (c) 1 और 2 दोनों
Note:

सांख्य दर्शन आरंभ में भौतिकवादी था, परंतु बाद में यह आध्यात्मिकता की ओर मुड़ गया, मोक्ष प्राप्ति के बाद जीवन में दुखों से छुटकारा प्राप्त हो जाता है; अर्थात मोक्ष, यथार्थ ज्ञान की प्राप्ति से हो सकता है।

 

19. निम्नलिखित में से योग दर्शन में किसे सर्वोपरि रखा गया है? []

Correct Answer: (d) (a) और (b) दोनों
Note:

भारतीय दर्शनों में संभवतः योग से ही संसार के सबसे अधिक लोग परिचित हैं, इस प्रणाली में आत्म-नियंत्रण और आत्म-यातना को सर्वोपरि माना जाता है।

 

20. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए- []

1. योग दर्शन के अनुसार 'मोक्ष' ध्यान और शारीरिक साधना से मिलती है।

2. ज्ञानेद्रियों और कर्मेन्द्रियों का निग्रह, योग मार्ग का मूलाधार है।

उपर्युक्त कथनों में कौन-सा/से सत्य है?

 

Correct Answer: (c) दोनों 1 और 2
Note:

योग दर्शन के अनुसार 'मोक्ष' ध्यान और शारीरिक साधना से मिलती है। ज्ञानेद्रियों और कर्मेन्द्रियों का निग्रह, योगमार्ग का मूलाधार है। अतः इस प्रकार दोनों कथन सत्य हैं।