Solution:भारत में नियंत्रक महालेखा परीक्षक सार्वजनिक धन की प्राप्ति और निर्गम पर नियंत्रण का कार्य नहीं करता है, बल्कि इसकी लेखा परीक्षा करता है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के निम्नलिखित कर्तव्य हैं-(1) वह केंद्र तथा राज्य सरकारों के राजस्व से भारत के अंदर तथा बाहर किए गए व्ययों एवं लेन-देन की लेखा परीक्षा करता है।
(2) वह व्यापारिक, निर्माण संबंधी लाभ तथा हानि के लेखों की लेखा परीक्षा करता है।
(3) वह भंडारगृहों की लेखा परीक्षा करता है।
(4) राष्ट्रपति के आदेश पर वह स्थानीय निकायों की लेखा परीक्षा करता है।
(5) वह सरकारी कंपनियों एवं निगमों के लेखा परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अपने नाम के अनुरूप भारत के वित्त पर नियंत्रक का कार्य न करके, केवल उसकी परीक्षा का कार्य करता है। जबकि ब्रिटेन का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक दोनों प्रकार के अधिकार रखता है।