भारत का भूगोल (रेलवे) भाग-IV

Total Questions: 50

31. ट्रिप्स (TRIPS) अनुबंध के माध्यम से जियोग्राफिक इंडिकेटर टैग के तहत टैग किया जाने वाला पहला भारतीय उत्पाद कौन-सा है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 05.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (2) दार्जिलिंग चाय
Solution:

G.I टैग या भौगोलिक संकेत टैग उन उत्पादों के लिए उपयोग किया जाने वाला एक संकेत या प्रमाणीकरण है, जिसमें कुछ विशिष्ट विशेषताएं होती हैं जो इसे अपने भौगोलिक मूल स्थान के कारण प्राप्त हुई हैं।
• भारत में, वस्तुओं का भौगोलिक संकेत (पंजीकरण व संरक्षण) अधिनियम 1999, GI टैग को नियंत्रित करता है।
• भारत में G.I टैग प्राप्त करने वाला पहला उत्पाद दार्जिलिंग चाय था।
• 42 GI टैग उत्पादों के साथ कर्नाटक भारत में प्रथम स्थान पर हैं।

32. कपास के रेशों को बीजों से अलग करने की प्रक्रिया को क्या कहा जाता है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 05.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (1) ओटाई (Ginning)
Solution:

कपास फाइबर बाह्य पौधे के बीज का फाइबर है जिसे कटाई की आवश्यकता होती है और फिर बीज से कपास को अलग किया जाता है।
• कपास के रेशे को बीजों से अलग करने की प्रक्रिया को जिनिंग (Ginning) कहते हैं।

33. भारत के इनमें से किस राज्य में यूरेनियम का सबसे बड़ा भंडार मौजूद है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 05.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (2) आंध्र प्रदेश
Solution:

भारत में यूरेनियम का सबसे बड़ा ज्ञात भंडार आंध्र प्रदेश के कडपा जिले के तुमलापल्ले में मौजूद है। इसे दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडार में से एक माना जाता है, जहाँ डेढ़ लाख टन से अधिक यूरेनियम होने की संभावना है। हालांकि, झारखंड का जादुगोड़ा भारत में यूरेनियम की सबसे पुरानी और प्रमुख खनन खदान है।

34. निम्नलिखित में से किसे वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) के लोगों में दर्शाया गया है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 05.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (1) विशालकाय पांडा (giant panda)
Solution:

WWF (वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर) का लोगो एक प्रतिष्ठित काला और सफेद पांडा है, जिसे 1961 में संस्था की स्थापना के समय लंदन चिड़ियाघर के 'ची-ची' पांडा से प्रेरित होकर बनाया गया था। इसे सर पीटर स्कॉट द्वारा डिजाइन किया गया था, जिसका उद्देश्य भाषा बाधाओं के बिना प्रकृति संरक्षण का एक सशक्त, अनुकूल और आसानी से पहचाने जाने वाला प्रतीक बनाना था।

35. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 'स्लैश एंड बर्न' कृषि को क्या कहा जाता है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 05.03.2021 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (4) डिपा (Dipa)
Solution:

स्लेश एंड बर्न कृषि (जंगल को काटकर कृषि करना) को फायर-फैलो कृषि के रूप में भी जाना जाता है जो एक खेती की तकनीक है जिसमें एक बैकवुड या जंगल में पौधों को काटकर एवं उसका उपयोग किया जाता है। काटे गए वन के स्थान पर कृषि कार्य किया जाता है। यह कृषि की नवीनतम तकनीक है। स्लेस एण्ड बर्न कृषि को भारत के अनेक राज्यों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है, जो इस प्रकार है-
• झूमिंगः असम, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड
• पामलूः मणिपुर
• दीपाः बस्तर (छत्तीसगढ़) और अंडमान -उच; निकोबार द्वीप समूह
• बेवर या दहियाः मध्य प्रदेश

36. चमड़ा/कोको का संबंध किस रंग क्रांति से था? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 09.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) भूरी
Solution:

भूरी क्रांति: चमड़ा/ कोको / गैर-पारंपरिक उत्पाद

भारत में प्रमुख क्रांतियों का विवरण:
• श्वेत क्रांति (1970 - ऑपरेशन फ्लड): डॉ. वर्गीज कुरियन के नेतृत्व में शुरू की गई, जिसने भारत को विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बनाया।
• नीली क्रांति: मत्स्य उत्पादन (मछली उत्पादन) को बढ़ावा देने के लिए, जिसके जनक अरुण कृष्णन हैं।
• पीली क्रांति: तिलहन (जैसे सरसों, सूरजमुखी) के उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए।
• लाल क्रांति: मांस और टमाटर के उत्पादन में वृद्धि के लिए, जिसके जनक विशाल तिवारी हैं।
• गुलाबी क्रांति: झींगा मछली (Prawn) और प्याज के उत्पादन के लिए, जिसके जनक दुर्गेश पटेल हैं।
• सुनहरी (गोल्डन) क्रांति: फल, शहद और बागवानी उत्पादों के उत्पादन में वृद्धि के लिए (1991-2003)।
• रजत क्रांति: अंडा उत्पादन।
• गोल क्रांति: आलू उत्पादन।
• कृष्ण (Black) क्रांति: पेट्रोलियम उत्पादन।
• इंद्रधनुषी क्रांति: कृषि के सभी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए।
• धूसर क्रांतिः उर्वरक

37. भारत के किस राज्य में सबसे पुराना और सबसे बड़ा तेल क्षेत्र मौजूद है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 09.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) असम
Solution:

भारत का सबसे पुराना तेल क्षेत्र और रिफाइनरी डिगबोई, असम में है, जहाँ 1889 में पहला व्यावसायिक तेल कुआँ (वेल नंबर 1) मिला और 1901 में एशिया की पहली तेल रिफाइनरी स्थापित हुई, जो आज भी दुनिया की सबसे पुरानी तेल रिफाइनरीज़ में से एक है और इसे भारतीय तेल उद्योग का 'गंगोत्री' कहा जाता है। यह असम के तिनसुकिया जिले में स्थित है।

38. भारत का राष्ट्रीय वृक्ष कौन-सा है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 13.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) बरगद
Solution:

भारतीय अंजीर का पेड़, जिसे बरगद का पेड़ (फिकस बेंगलेंसिस) भी कहा जाता है, भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है।
• यह वृक्ष अक्सर 'कल्प वृक्ष' या 'इच्छा पूर्ति के वृक्ष' का प्रतीक होता है क्योंकि इस वृक्ष की आयु लंबी होती है और इसमें महत्वपूर्ण औषधीय गुण पाए जाते हैं।

भारत के प्रमुख राष्ट्रीय प्रतीक हैं:
• राष्ट्रीय ध्वज: तिरंगा (केसरिया, सफेद, हरा) - लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 है।
• राष्ट्रीय प्रतीक (चिह्न): सारनाथ स्थित अशोक का सिंह स्तंभ।
• राष्ट्रगान: 'जन गण मन' (रवींद्रनाथ टैगोर)।
• राष्ट्रीय गीत: 'वन्दे मातरम्' (बंकिम चंद्र चटर्जी)।
• राष्ट्रीय पशु: बाघ।
• राष्ट्रीय पक्षी: मोर।
• राष्ट्रीय पुष्प: कमल।
• राष्ट्रीय फल: आम।
• राष्ट्रीय नदी: गंगा।
• राष्ट्रीय जलीय जीव: गंगा नदी की डॉल्फ़िन।
• राष्ट्रीय पंचांग: शक संवत।

39. भारत का पहला समुद्री उद्यान (Marine Park) कहाँ स्थित है? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 13.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) कच्छ की खाड़ी
Solution:

भारत का पहला समुद्री उद्यान (Marine Park) कच्छ की खाड़ी का समुद्री राष्ट्रीय उद्यान (Marine National Park, Gulf of Kutch) है, जो गुजरात के जामनगर में स्थित है। 1982 में स्थापित यह पार्क लगभग 163 वर्ग किलोमीटर में फैला है और 42 द्वीपों (सबसे प्रसिद्ध पिरोटन द्वीप) के साथ भारत के सबसे पहले समुद्री राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य का हिस्सा है।

40. इनमें से किस दशक में भारत की जनसंख्या वृद्धि, ऋणात्मक वृद्धि दर (negative growth rate) के रूप में दर्ज की गई थी? [RRB NTPC CBT-1 परीक्षा, 13.03.2021 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) 1911-1921
Solution:

भारत की जनसंख्या वृद्धि दर, 1911-1921 के दशक (1911-1921) के दौरान ऋणात्मक (Negative Growth Rate) दर्ज की गई थी। भारतीय जनसांख्यिकीय इतिहास में यह एकमात्र ऐसा समय था जब जनसंख्या में -0.31% की गिरावट देखी गई थी, जिसका प्रमुख कारण 1918 की इन्फ्लूएंजा महामारी, प्रथम विश्व युद्ध और भीषण अकाल थे।
• 1921 के पश्चात जनसंख्या वृद्धि सकारात्मक बनी हुई है।
• भारत के जनसांख्यिकीय इतिहास में, वर्ष 1921 को 'जनसांख्यिकीय विभाजन वर्ष' कहा जाता है।