पहला आक्रमण 1001 में हुआ, जिसमें सीमावर्ती शहरों पर हमला किया गया।
दूसरे अभियान में जयपाल की राजधानी वैहिंद (पेशावर) पर कब्जा किया गया।
महमूद ने पंजाब, मुल्तान, कन्नौज, मथुरा, कश्मीर सहित कई जगहों पर आक्रमण किए।
उनका सबसे प्रसिद्ध, 16वां आक्रमण 1025 में गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर था, जहां उन्होंने मंदिर को लूटा और बड़ी मात्रा में धन-संपदा प्राप्त की।
भारत पर इनके आक्रमणों का उद्देश्य अधिकतर संपत्ति लूटना और क्षेत्रीय प्रभुत्व स्थापित करना था।
यह आक्रमण भारत के मध्यकालीन इतिहास में महत्वपूर्ण थे और इनसे उस समय के राजवंशों को काफी हानि हुई थी। महमूद गजनवी गजनी के शासक थे और सूबुक्तगीन के पुत्र थे। उनका आक्रमण पहली बार भारत के सीमावर्ती भागों से शुरू हुआ और बाद में उन्होंने गहरे भारत में भी कई जगहों पर आक्रमण किया