Solution:उत्प्लावकता (Buoyancy) (जिसे उत्प्लावक बल के रुप में भी जाना जाता है) एक ऐसी वस्तु पर लगाया गया बल है जो पूर्ण रुप से या आंशिक रुप से एक तरल पदार्थ में डूबा होता है। यह पहले आर्किमिडीज द्वारा बताया गया था, जिन्होंने कहा था कि ऊपर की ओर लगने वाला बल जो एक तरल पदार्थ में डूबा हुआ वस्तु पर डाला जाता है, चाहे वह पूरी तरह या आशिक रुप से जलमग्न हो, उस तरल पदार्थ के वजन के बराबर होता है जो वस्तु द्वारा विस्थापित किया जाता है, एवं वस्तु के ऊपर की दिशा में कार्य करता है।
• ब्लेस पास्कल: इन्होंने पास्कल का नियम दिया, जो कहता है कि किसी बंद तरल पर लगाया गया दबाव सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है (दबाव की SI इकाई इनके नाम पर 'पास्कल' है)।
• चार्ल्स अगस्टिन डी कूलम्ब: इन्होंने कूलम्ब का नियम प्रतिपादित किया, जो दो आवेशित कणों के बीच लगने वाले आकर्षण या प्रतिकर्षण बल की व्याख्या करता है (विद्युत आवेश की SI इकाई 'कूलम्ब' है)।
• आइजैक न्यूटन: इन्होंने गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम और गति के तीन नियम दिए, जिन्होंने आधुनिक भौतिकी की नींव रखी (बल की SI इकाई इनके नाम पर 'न्यूटन' है)।