Solution:अवतल लेंस या उत्तल दर्पण का आवर्धन संदैव धनात्मक होता है क्योंकि वे हमेशा आभासी और सीधा प्रतिबिंब बनाते हैं।
• उत्तल लेंस या अवतल दर्पण के लिए यह ऋणात्मक या धनात्मक हो सकता है।
• उत्तल लेंस द्वारा प्रतिबिम्ब का आवर्धन केवल तभी धनात्मक होता है जब वस्तु को केन्द्र बिन्दु (F) और प्रकाशिक केंद्र के बीच रखा जाता है।
• उत्तल लेंस एक ऐसा लेंस होता है जो बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है और प्रकाश की समानांतर किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित (अभिसरित) करता है।
उत्तल लेंस का उपयोग आवर्धक लेंस, दूरबीन और सूक्ष्मदर्शी जैसे प्रकाशिक यंत्रों में होता है।
• अवतल दर्पण एक ऐसा दर्पण होता है जिसकी परावर्तक सतह अंदर की ओर मुड़ी हुई (धँसी हुई) होती है। यह एक अभिसारी दर्पण है
अवतल दर्पण वस्तु की स्थिति के आधार पर अलग-अलग प्रकार के प्रतिबिंब (वास्तविक/आभासी, बड़े/छोटे, सीधे/उल्टे) बना सकता है।