भौतिक विभाजन (भारत का भूगोल) (भाग-II)

Total Questions: 29

21. निम्नलिखित में से कौन-सा भारतीय राज्य प्रायद्वीपीय पठार का एक भाग नहीं है? [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) पंजाब
Solution:
  • प्रायद्वीपीय पठार में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल सहित कई भारतीय राज्यों के भाग शामिल हैं।
  • हालांकि पंजाब प्रायद्वीपीय पठार का भाग नहीं है।
  • यह मुख्य रूप से दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों को कवर करता है
  • लेकिन केरल इसका हिस्सा नहीं माना जाता क्योंकि केरल पश्चिमी घाट की तीव्र ढलानों और तटीय मैदानों वाला क्षेत्र है।​
  • प्रायद्वीपीय पठार की सीमाएँ
    • प्रायद्वीपीय पठार की उत्तरी सीमा अरावली, विंध्य, सतपुड़ा, महादेव और मैकाल पहाड़ियों से बनी है
    • पूर्व में पूर्वी घाट तथा पश्चिम में पश्चिमी घाट इसकी सीमाएँ हैं।
    • इसकी औसत ऊँचाई 600-900 मीटर है और यह प्राचीन आग्नेय चट्टानों से निर्मित है
    • जिसमें बेसाल्टिक लावा प्रवाह प्रमुख हैं।
    • चौड़ाई गुजरात से पश्चिम बंगाल तक लगभग 1400 किमी और लंबाई 1700 किमी है।​
  • शामिल प्रमुख राज्य
    • दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान (मालवा पठार), मध्य प्रदेश (मालवा, बुंदेलखंड), छत्तीसगढ़ (बघेलखंड, छोटानागपुर का हिस्सा)।​
    • झारखंड (छोटानागपुर पठार), ओडिशा (दंडकारण्य), महाराष्ट्र (दक्कन पठार), गुजरात (काठियावाड़ का हिस्सा)।​​
    • कर्नाटक (मैसूर पठार), आंध्र प्रदेश और तेलंगाना (तेलंगाना पठार), तमिलनाडु (दक्षिणी पठार)।​
  • कौन-सा राज्य हिस्सा नहीं?
    • केरल प्रायद्वीपीय पठार का भाग नहीं है क्योंकि यह पश्चिमी घाट के पाद (तटीय भाग) पर स्थित है
    • जहाँ ऊँचाई कम (नीलगिरि पहाड़ियाँ सीमांत हैं) और यह पठार के बजाय तटीय मैदान व घाटों का विस्तार है।
    • अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड हिस्सा या पंजाब/हरियाणा (इनडो-गंगा मैदान) भी बाहर हैं
    • लेकिन प्रश्न के संदर्भ में केरल प्रमुख उदाहरण है।​

22. भारत के प्रायद्वीपीय पठार के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही है? [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

I. मध्य उच्चभूमि - नर्मदा नदी के दक्षिण में

II. दक्कन का पठार-नर्मदा नदी के उत्तर में

Correct Answer: (c) न तो I और न ही II
Solution:
  • मध्य उच्चभूमि-प्रायद्वीपीय क्षेत्र का वह भाग जो नर्मदा नदी के उत्तर में पड़ता है
  • मालवा के पठार के एक बड़े हिस्से पर फैला है। इसे मध्य उच्च भूमि भी कहा जाता है।
  • जबकि दक्कन का पठार नर्मदा नदी के दक्षिण में स्थित है।
  • दक्कन का पठार: यह प्रायद्वीपीय पठार का सबसे बड़ा भाग है
  • नर्मदा नदी के उत्तर/पूर्वी क्षेत्रों से लेकर कर्नाटक-केरल से गुजरते हुए दक्षिणी भारत तक फैला है।
  • यह भारतीय प्रायद्वीपीय पठार के दो प्रमुख भूभागों में से एक है
  • जहां बंजर रेखाओं के साथ उन्नत ढाल पश्चिम से पूर्व की ओर है।
  • यह जानकारी कई मानक भूगोल स्रोतों में मिलती है ।​
  • प्रायद्वीपीय पठार की भूगोलिक संरचना (महत्वपूर्ण बिंदु)
    • निर्माण और गठन: यह भूखंड गोंडwana लैंड के टूटने के बाद बनने वाले भू-आकृतिक चरण का एक प्रमुख भाग माना जाता है
    • जिसमें पुराने प्राचीन क्रिस्टलीय, आग्नेय और कायांतरित चट्टानों का समष्टि समावेश है।
    • यह पृथ्वी की सबसे पुरानी भू-आकृतियों में से एक है, और इसमें दो प्रमुख भाग माने जाते हैं
    • मध्य उच्चभूमि (Central Highlands) और दक्षिण पठार (Deccan Plateau) ।​
    • ऊँचाई और विस्तार: औसत ऊँचाई लगभग 600–900 मीटर रहती है और पश्चिम से पूर्व की ओर ढाल तेज़ी से कम होती है।
    • यह क्षेत्र लगभग 16 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है
    • मुख्यतः मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पाया जाता है ।​
    • जल विभाजन: नदियाँ जैसे नर्मदा, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी पठार से होकर घाटियाँ बनाती हैं
    • जिससे पठार का भूभाग आकार लेता है और घाटों/उपत्यकों की शृंखला बनती है ।​
    • भौगोलिक विभाजन: पठार का प्रमुख विभाजन मालवा के पठार/मध्य उच्चभूमि और दक्कन का पठार के रूप में किया जाता है
    • पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट इसके किनारे हैं और पठार के ढाल के कारण उपजाऊ कृषि-भूमियाँ बनती हैं ।​
  • कुछ अन्य प्रस्तुतियाँ और संदर्भ (संदर्भ-समर्थन)
    • एक सामान्य उच्चारण के अनुसार भारत का प्रायद्वीपीय पठार एक त्रिभुजाकार/अनियमित त्रिभुजाकार क्षेत्र है
    • जिसका विस्तार उत्तर-पश्चिम में अरावली से शुरू होकर दक्षिण-पूर्व की ओर राजमहल और अन्य पहाड़ियों से जुड़ता है
    • इसकी औसत ऊँचाई 600–900 मीटर के आसपास मानी जाती है ।​
    • कुछ शिक्षण स्रोत इसे केन्द्रीय उच्चभूमि (Central Highlands) और दक्कन पठार (Deccan Plateau) के रूप में स्पष्ट करते हैं
    • नर्मदा नदी के आसपास की अवधारणा को इन भागों के साथ जोड़ते हैं ।​

23. निम्नलिखित में से कौन मालवा पठार की महत्वपूर्ण नदी नहीं है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) महानदी नदी
Solution:
  • चंबल, केन, बेतवा मालवा पठार की महत्वपूर्ण नदियां हैं। महानदी इस पठार की महत्वपूर्ण नदी नहीं है।
  • नर्मदा नदी प्रायद्वीपीय भारत को दो भागों में विभाजित करती है, उत्तर में मालवा पठार या मध्य उच्च भूमि और दक्षिण में दक्कन का पठार।
  • विस्तृत उत्तर
    • मालवा पठार की भौगोलिक स्थिति: यह पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में विस्तृत एक ऊँचा-झीलदार पठार है
    • जिसकी जलधारा मुख्य रूप से पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित होती है।
    • इस क्षेत्र की जल-स्रोत और नदियाँ इसके आधारभूत बनावट और जल-चक्र को स्पष्ट रूप से निर्धारित करती हैं।
    • हालिया स्रोतों के अनुसार, मालवा पठार की प्रमुख नदियाँ चंबल, पार्वती, शिप्रा, काली सिंध, बेतवा आदि हैं
    • जो इस पठार से निकलकर बाद में बड़े नदियों में मिलती हैं। महानदी इस क्षेत्र की प्रमुख नदी नहीं मानी जाती
    • यह नदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा के क्षेत्र से गुजरती है और मालवा पठार से निकलती नहीं है।
    • इसलिए प्रश्न के विकल्पों में से महानदी ही मालवा पठार की “महत्वपूर्ण नदी नहीं” है ।​
  • अन्य प्रमुख नदियाँ और उनका महत्व:
    • चंबल: मालवा पठार से निकलकर ग्वालियर-झांसी क्षेत्र के रास्ते उत्तर भारत में प्रवेश करती है
    • क्षेत्र की जल-उत्पादन और कृषि के लिए अहम है ।​
    • शिप्रा: पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरती है और अहम जल-स्रोत मानी जाती है ।​
    • पार्वती: उत्तर-पश्चिमी मालवा पठार के भीतर से निकलती है
    • उत्तर भारत की कई सिंचाई नदियों के भाग के रूप में काम करती है ।​
    • काली सिंध (काली सिंध/काली सिंध नदी): पठार पर स्थित, क्षेत्र की एक प्रमुख नदी है ।​
    • बेतवा: बुलंद हिस्सों से होकर बुंदेलखंड में प्रवेश करती है
    • नाग-नदियों के साथ जुड़ती है; मालवा पठार के पूर्व हिस्सों से गुजरती है ।​
  • क्यों महानदी मालवा पठार की नदी नहीं है:
    • महानदी छत्तीसगढ़-ओडिशा क्षेत्र में बहती है और इसका स्रोत रायगढ़ जिले के आसपास माना जाता है
    • जबकि मालवा पठार पश्चिमी मध्य प्रदेश-राजस्थान क्षेत्र के भीतर स्थित है।
    • इसलिए यह नदी मालवा पठार के अंतर्गत नहीं आती और यहाँ की प्रमुख नदियों में इसे शामिल नहीं किया जाता।
    • इस तथ्य की पुष्टि विभिन्न शिक्षण資्रोतों में मिलती है कि महानदी मालवा पठार की प्रमुख नदियाँ नहीं है ।​
  • संक्षिप्त निष्कर्ष
    • मालवा पठार की प्रमुख नदी नहीं होने के नाते आप जिस विकल्प की तलाश कर रहे हैं
    • वह महानदी है; अन्य विकल्प—चंबल, पार्वती, शिप्रा, काली सिंध आदि—इस पठार की महत्वपूर्ण नदियाँ मानी जाती हैं ।​

24. उस भौगोलिक विशेषता का क्या नाम है जो भारत और श्रीलंका के बीच सीमा का कार्य करती है? [MTS (T-I) 12 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) पाक जलडमरूमध्य
Solution:
  • पाक जलडमरूमध्य भारत और श्रीलंका के बीच सीमा का कार्य करती है।
  • जिब्राल्टर जलडमरूमध्य स्पेन (यूरोप) को मोरक्को (अफ्रीका) से अलग करता है और यह भूमध्य सागर को अटलांटिक महासागर से जोड़ता है।
  • भौगोलिक पृष्ठभूमि
    •  यह क्षेत्र भारतीय-श्रीलंका जल-संधि के प्रमुख भागों में से एक है ।​
    • मन्नार की खाड़ी (Mannar Bay) और मन्नार द्वीप: श्रीलंका के पश्चिमी भाग से गुजरने वाला यह खाड़ी क्षेत्र भी भारत से श्रीलंका के बीच की द्वीप-सीमा के निकट भाग में आता है। यह खाड़ी पाक जलडमरूमध्य के साथ मिलकर क्षेत्रीय जल-सीमा को परिभाषित करता है ।​
    • ऐतिहासिक/राजनयिक सन्दर्भ: पाकिस्तान जलडमरूमध्य और मन्नार की खाड़ी के संयोजन से अक्सर “भारत-श्रीलंका सीमा” के भौगोलिक संदर्भ बनते हैं
    • इन जलसंधियों के कारण दोनों देश एक-दूसरे से सीमापार नौवहन में निकट रहते हैं ।​
  • धार्मिक, राजनीतिक और प्रशासनिक आयाम
    • ऐतिहासिक सीमा-विवाद: कुछ स्रोत और स्थानीय विवरण कच्चे तौर पर कॅचचथेवु (Katchatheevu) द्वीप जैसे मुद्दों पर विवाद दर्शाते हैं
    • हालांकि वास्तविक भूमि-सीमा पर भारतीय सरकार की आधिकारिक दावेदारी स्पष्ट नहीं है
    • द्वीपीय क्षेत्र के जल-सीमा के कारण भाष्य और राजनयिक चर्चाएँ चलती रहती हैं ।​
    • भू-आकृति बनाम मानचित्र: आधुनिक मानचित्र में श्रीलंका का समावेशन भारतीय जल-सीमाओं के कारण दिख spesso किया जाता है
    • क्योंकि पाक जलडमरूमध्य की मौजूदगी और धनुषकोडि से श्रीलंका तक की दूरी मौजूदा समुद्री नियमों के अनुसार साझा मानचित्रण की वजह बनती है।​
  • महत्वपूर्ण नोट्स
    • पाकिस्तान जलडमरूमध्य और मन्नार की खाड़ी, साथ ही धनुषकोडी-समुद्री दूरी
    • इन सबकी संयुक्त स्थिति भारत और श्रीलंका के बीच भू-सीमा के रूप में वर्णित है
    • यह क्षेत्र द्वीप-राज्य के बीच जल-सीमा सीमाओं में भूमिका निभाता है ।​
    • जलडमरूमध्य के कारण पाक जलडमरूमध्य, मन्नार की खाड़ी और उनके जुड़े द्वीप (पाम्बन/रॉमसेतु- सम्बद्ध विचार) भूभागीय संबंधों को आकार देते हैं
    • वास्तविक भूमि-सीमा पर आधिकारिक दावे राजनीतिक स्तर पर सीमित होते हैं

25. निम्नलिखित में से कौन-सा पश्चिमी तट बंदरगाह का उदाहरण है? [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) मुंबई बंदरगाह
Solution:
  • तूतीकोरिन बंदरगाह (वी.ओ. चिदम्बरनार) तमिलनाडु में पूर्वी तट पर स्थित है। पारादीप बंदरगाह ओडिशा राज्य में स्थित है।
  • विशाखापत्तनम बंदरगाह आंध्र प्रदेश के पूर्वी तट पर स्थित है। मुंबई बंदरगाह पश्चिमी तट पर स्थित है।
  • विस्तार से समझाते हुए:
    • पश्चिमी तट का भौगोलिक संदर्भ: भारत का पश्चिमी तट अरब सागर के साथ फैला हुआ है
    • गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक तथा केरल जैसे राज्यों के तटीय क्षेत्र को परस्पर जोड़ता है।
    • इस क्षेत्र में कई बड़े और गहरे पानी वाले बंदरगाह हैं
    • जो देश के अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में काम करते हैं.​
    • कांडला बंदरगाह का महत्व: कांडला बंदरगाह गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है
    • यह पश्चिमी तट का प्रमुख बंदरगाह माना जाता है।
    • यह भारतीय आयात-निर्यात के वितरण में एक महत्वपूर्ण ट्रांज़िट एवं लॉजिस्टिक केंद्र है
    • कांडला ने ऐतिहासिक रूप से कराची बंदरगाह की जगह ली है, जिससे पश्चिमी तट की रणनीतिक महत्ता बढ़ी है.​
    • पश्चिमी तट के अन्य प्रमुख बंदरगाह: भारत के पश्चिमी तट पर मुंबई, न्यू मंगलोर (न्यू मैंगलोर), मुरमुगाओ, कोचीन (कोच्चि), नवशेवा (JNPT के साथ) आदि भी स्थित हैं, जो व्यापक समुद्री व्यापार को संभालते हैं।
    • ये सभी मिलकर पश्चिमी तट को देश की समुद्री वाणिज्य का प्रमुख मार्ग बनाते हैं.​
    • अन्य संदर्भ और तुलना: पूर्वी तट पर चेन्नई, विशाखापत्तनम, कोलकाता आदि प्रमुख होते हैं
    • लेकिन प्रश्न specifically पश्चिमी तट के एक उदाहरण के बारे में है, इसलिए उत्तर कांडला होता है।
    • पश्चिमी और पूर्वी तट के बीच गहराई, मौसम की स्थितियाँ और पोर्ट ट्रस्ट का प्रशासनिक ढांचा भी भिन्न होता है
    • जो इन बंदरगाहों के चयन और परियोजनाओं को प्रभावित करता है.​

26. मुंबई से गोवा के बीच भारत के पश्चिमी तट के विस्तार को ....... के रूप में जाना जाता है। [MTS (T-I) 06 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) कोंकण तट
Solution:
  • मुंबई से गोवा के बीच भारत के पश्चिमी तट के विस्तार को कोंकण तट तथा मंगलुरु से कन्याकुमारी के बीच भारत के पश्चिमी तट के विस्तार को मालाबार तट के नाम से जाना जाता है।
  • कोरोमंडल तट का विस्तार आंध्र प्रदेश के फॉल्स डीबी बिंदु से तमिलनाडु के केप कॉमोरिन तक है।
  • कोंकण तट की परिभाषा
    • यह पश्चिमी घाट के पूर्वी किनारे और अरब सागर के बीच स्थित संकरी तटीय मैदानी पट्टी को दर्शाता है
    • जहां ऊंची चट्टानें, छोटे-छोटे खाड़ी और उपजाऊ मैदान प्रमुख विशेषताएं हैं।
    • यह क्षेत्र लगभग 720 किलोमीटर लंबा है
    • महाराष्ट्र के रत्नागिरि, सिंधुदुर्ग जिलों तथा गोवा को शामिल करता है।​
  • भौगोलिक विशेषताएं
    • कोंकण तट पर समुद्र तट ऊंचे और चट्टानी हैं, जो लहरों के कारण कटावग्रस्त हैं
    • यहां ज्वारनदमुखी नदियां जैसे वरदा, कोडावली प्रवाहित होती हैं।
    • यह क्षेत्र वर्षा ऋतु में भारी वर्षा प्राप्त करता है
    • जिससे हरे-भरे पहाड़, नारियल के बागान और मछली पालन उद्योग फलते-फूलते हैं।
    • पश्चिमी तट के अन्य भागों से भिन्न, कोंकण अपेक्षाकृत संकरा है
    • पश्चिमी घाट के निकट होने से भूस्खलन तथा बाढ़ की संभावना रहती है।​
  • ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
    • कोंकण तट प्राचीन काल से व्यापारिक केंद्र रहा है, जहां चालुक्य, राष्ट्रकूट और बाद में पुर्तगाली प्रभाव दिखता है।
    • गोवा के चर्च, महाराष्ट्र के किले (जैसे विजयदुर्ग) और स्थानीय मंदिर इसकी सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।
    • आज यह पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, जहां अनजुना, अर्का, मुरुदेश्वर जैसे समुद्र तट लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।​

27. निम्नलिखित में से कौन-सा पूर्वी तट बंदरगाह का एक उदाहरण है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) चेन्नई बंदरगाह
Solution:
  • चेन्नई सबसे प्राचीन बंदरगाहों में से एक है
  • जो भारत के पूर्वी तट पर स्थित है। यह सभी मौसमों के लिए उपयुक्त बंदरगाह है।
  • चेन्नई पोर्ट बंगाल की खाड़ी में सबसे बड़ा और भारत का दूसरा सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है। अतः विकल्प (a) सही उत्तर है।
  • पूर्वी तट के प्रमुख बंदरगाहों पर विस्तृत विवरण
    • यह मद्रास बंदरगाह के नाम से जाना जाता था और ईस्टर्न कोस्ट के विशिष्ट व्यापार-निष्पादन के लिए संचालित होता है।
    • चेन्नई बंदरगाह के मुख्य कंटेनर टर्मिनल और मल्टी-पर्पस ऑटोमोबाइल निर्यात सुविधाएं इसे एक रणनीतिक जल-मार्ग बनाती हैं.​
    • विशाखापत्तनम बंदरगाह (आंध्र प्रदेश): बंगाल की खाड़ी में स्थित एक गहरा प्राकृतिक बंदरगाह है
    • जो तेल, कार्गो और कॉन्टेनर शिपिंग के लिए महत्त्वपूर्ण है.​
    • पारादीप बंदरगाह (ओडिशा): एक प्राकृतिक बंदरगाह है
    • जो दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ व्यापार के लिए महत्त्वपूर्ण है.​
    • हल्दिया बंदरगाह (पश्चिम बंगाल): हल्दिया हुगली नदी पर स्थित एक प्रमुख नदी-युक्त बंदरगाह है
    • कोलकाता के साथ मिलकर पूर्वी तट के व्यावसायिक केंद्र के रूप में काम करता है.​
    • कोलकाता बंदरगाह (पश्चिम बंगाल): हुगली नदी पर स्थित एक प्रमुख बंदरगाह; बंगाल की खाड़ी के साथ पूर्वी तट के बड़े सेल-ट्रेड के लिए उपयोगी है
    • तूतीकोरिन, एन्नोर, और कोचीन (चेन्नई के बाहर अन्य पूर्वी तट पोर्ट्स): ये सभी पूर्वी तट पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों के समूह का हिस्सा हैं
    • क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में योगदान देते हैं.​
  • नोट्स और संदर्भ
    • पूर्वी तट के बंदरगाहों की सूची और उनके स्थान भारत के पूर्वी क्षेत्र में दर्शाती है
    • जिनमें चेन्नई, विशाखापट्टनम, पारादीप, हल्दिया/कोलकाता आदि प्रमुख हैं.​
    • पश्चिमी तट के प्रमुख बंदरगाहों से भ्रम से बचने के लिए ध्यान दें
    • कांडला (पश्चिमी तट) जैसे बंदरगाह पूर्वी तट से अलग स्थित हैं.​

28. कौन-सा जल निकाय उत्तर में अंडमान और दक्षिण में निकोबार को अलग करता है? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) दस डिग्री चैनल
Solution:
  • दस डिग्री चैनल उत्तर में लघु अंडमान और दक्षिण में कार निकोबार को अलग करता है।
  • आठ डिग्री चैनल मिनिकॉय (लक्षद्वीप) और मालदीव को अलग करता है। नौ डिग्री चैनल मिनिकॉय और शेष लक्षद्वीप को अलग करता है।
  • भौगोलिक स्थिति
    • यह जल निकाय बंगाल की खाड़ी में लगभग 10° उत्तरी अक्षांश पर स्थित है
    • जो लिटिल अंडमान द्वीप और कार निकोबार द्वीप के बीच फैला हुआ है।
    • इसकी लंबाई उत्तर-दक्षिण दिशा में करीब 150 किलोमीटर और पूर्व-पश्चिम में 10 किलोमीटर है
    • जबकि न्यूनतम गहराई 7.3 मीटर बताई जाती है।​
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं
    • नामकरण: इसका नाम 10° अक्षांश से पड़ा, जो इसे आसानी से पहचानने योग्य बनाता है।
    • नौवहन: यह चैनल जहाजों के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो अंडमान सागर को निकोबार क्षेत्र से जोड़ता है।
    • भौगोलिक विभाजन: अंडमान (उत्तर) में 204 द्वीप और निकोबार (दक्षिण) में 19 द्वीप हैं
    • जो प्रशासनिक रूप से एक ही संघ राज्य क्षेत्र में हैं लेकिन इस चैनल से अलग हैं।​
  • अन्य संबंधित जल निकाय
    • 8° चैनल: मिनिकॉय और मालदीव द्वीपों को अलग करता है।
    • 9° चैनल: लक्षद्वीप के मुख्य द्वीपों से मिनिकॉय को अलग करता है।
    • ग्रेट चैनल: ग्रेट निकोबार और सुमात्रा के बीच स्थित है।​
  • ऐतिहासिक एवं रणनीतिक महत्व
    • अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह भारत की सामरिक सीमा पर हैं
    • दस डिग्री चैनल दक्षिण-पूर्व एशिया से संपर्क का प्रमुख द्वार है।
    • यह चैनल जैव विविधता से भरपूर है तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।​

29. निम्नलिखित में से कौन-सा भारत के पूर्वी तट (या उसके भाग) का क्षेत्रीय नाम नहीं है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) मालाबार तट
Solution:
  • पश्चिमी घाट के दक्षिणी भाग को मालाबार क्षेत्र या मालाबार तट कहा जाता है।
  • कोरोमंडल तट तथा उत्तरी सरकार तट तथा उत्कल तट पूर्वी तट के भाग हैं।
  • पूरा विवरण:
    • भारत के पूर्वी तट के क्षेत्रीय नामों में उत्कल तट (ओडिशा के समीप), कोरोमंडल तट (आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच भाग), और पायन घाट जैसी नामावलियाँ शामिल हैं।
    • इन नामों का संबंध बंगाल की खाड़ी के किनारे पड़ते भूभागों से है
    • वे पूर्वी तट की जलમ preview और भूगोलिक संरचना को दर्शाते हैं
    • इसके विपरीत, मालाबार तट पश्चिमी तट का एक प्रमुख खंड है
    • जो केरल के साथ-साथ महाराष्ट्र/गोवा के क्षेत्र से गुजरते हुए अरब सागर से युग्मित है
    • यह पूर्वी तट का हिस्सा नहीं है।
    • इस प्रकार मालाबार तट दक्षिण-पश्चिमी भारत में स्थित एक तटीय क्षेत्र है, न कि पूर्वी तट का भाग ।​​
  • व्याख्या और संदर्भ
    • पूर्वी तट के नामों की सूची: उत्कल तट (ओडिशा), कोरोमंडल तट/पायन घाट (आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु क्षेत्रों) आदि
    • जो बंगाल की खाड़ी के किनारे फैले भूभागों को दर्शाते हैं ।
    • साथ ही तटीय डेल्टा और नदियों द्वारा निर्मित भू-रचना इस हिस्से की विशेषताएँ बनाती है, जैसे गोदावरी, कृष्णा, जेसी आदि नदियाँ ।
    • मालाबार तट पश्चिमी तट का भाग है और केरल से प्रारम्भ होकर गोवा-महाराष्ट्र तक फैला है, और यह अरब सागर के तट से जुड़ा है ।​