Correct Answer: (a) दार्जिलिंग और सिक्किम हिमालय
Solution:- हिमालय के दार्जिलिंग और सिक्किम भाग में इसकी दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी कंचनजंगा स्थित है।
- कंचनजंगा की ऊंचाई लगभग 8598 मी. है। वर्ष 2016 में यूनेस्को द्वारा कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान को मिश्रित वर्ग के अंतर्गत विश्व धरोहर स्थल के रूप में संरक्षित किया गया।
- हिमालय का कौन‑सा भाग?
- कंचनजंगा “पूर्वी हिमालय” (Eastern Himalaya) में स्थित है, जो हिमालय पर्वत तंत्र का पूर्वी भाग माना जाता है।
- यह क्षेत्र तमूर नदी (पश्चिम) और तीस्ता नदी (पूर्व) के बीच फैले ऊँचे पर्वतीय भाग “कंचनजंगा हिमाल” के रूप में जाना जाता है
- जो पूर्वी हिमालय की ही एक उप‑श्रृंखला है।
- भौगोलिक स्थिति और ऊँचाई
- कंचनजंगा की ऊँचाई लगभग 8,586 मीटर (28,169 फीट) है
- जिससे यह विश्व की तीसरी और हिमालय की दूसरी सबसे ऊँची चोटी बनती है।
- यह दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) से लगभग 74 किमी उत्तर‑पश्चिमोत्तर दिशा में, सिक्किम और पूर्वी नेपाल की सीमा पर, ग्रेट हिमालय रेंज का हिस्सा बनकर स्थित है।
- किस राज्य / क्षेत्र में स्थित?
- राजनीतिक दृष्टि से कंचनजंगा भारत के सिक्किम राज्य और नेपाल की सीमा पर स्थित है और भारत की सबसे ऊँची पर्वत चोटी मानी जाती है।
- भारत की तरफ से यह सिक्किम के उत्तरी भाग से दिखाई देती है
- जबकि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग और आसपास के क्षेत्रों से भी साफ मौसम में इसका अत्यंत भव्य दृश्य मिलता है।
- पर्वत संरचना और हिमनद
- कंचनजंगा शिखर‑समूह (मासिफ) का आकार एक विशालकाय सलीब (क्रॉस) जैसा माना जाता है
- जिसकी भुजाएँ उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम की ओर फैली हैं।
- इन भुजाओं से चार प्रमुख हिमनद बहते हैं – ज़ेमू (पूर्वोत्तर), तलुंग (दक्षिण‑पूर्व), यालुंग (दक्षिण‑पश्चिम) और कंचनजंगा ग्लेशियर (उत्तर‑पश्चिम), जो पूर्वी हिमालय की हिमनदीय प्रणाली को समृद्ध करते हैं।
- धार्मिक‑सांस्कृतिक महत्व
- कंचनजंगा” नाम तिब्बती मूल के शब्द से निकला है, जिसका अर्थ लगभग “बर्फ के पाँच खजाने” या “बर्फ के पाँच भंडार” जैसा माना जाता है
- जो इसकी पाँच प्रमुख चोटियों की ओर संकेत करता है।
- स्थानीय समुदायों, विशेषकर सिक्किम और पूर्वी नेपाल के निवासियों के लिए कंचनजंगा एक पवित्र पर्वत है
- इसलिए इसकी चोटी पर चढ़ाई के संदर्भ में भी कई सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यताएँ जुड़ी हुई हैं।