Correct Answer: (a) भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट
Solution:- हिमालय पर्वत श्रृंखला का निर्माण यूरेशियन प्लेट और भारतीय प्लेट के टकराव से हुआ है।
- जिन स्थलों पर दो प्लेटें आपस में टकराती हैं, वहां इतना अधिक दबाव पैदा होता है
- उससे सतह पर विशाल सिलवटें पड़ जाती हैं, जिनसे ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं का निर्माण होता है।
- यह प्रक्रिया प्लेट टेक्टोनिक्स सिद्धांत पर आधारित है
- जो लगभग 50-70 मिलियन वर्ष पूर्व शुरू हुई और आज भी जारी है।
- निर्माण प्रक्रिया
- भारतीय प्लेट अफ्रीकी प्लेट से अलग होकर उत्तर की ओर तेजी से बढ़ी, जिससे टेथिस महासागर बंद हो गया।
- टकराव के दौरान समुद्री तलछट संपीड़ित होकर ऊपर उठी, जिससे फोल्ड पर्वत बने; माउंट एवरेस्ट जैसी चोटियाँ इसी प्राचीन समुद्री चूना पत्थर से बनी हैं।
- यह संवहनीय सीमा पर हो रहा निरंतर दबाव हिमालय को प्रतिवर्ष कुछ मिलीमीटर ऊँचा कर रहा है।
- चरणबद्ध विकास
- हिमालय का निर्माण छह चरणों में हुआ:
- चरण 1: 100 मिलियन वर्ष पूर्व टेथिस सागर का अवसादन।
- चरण 2: 71 मिलियन वर्ष पूर्व प्लेटों का प्रारंभिक टकराव।
- मध्य चरण: तलछट की ऊँचाई बढ़ना और प्रमुख शिखरों का उदय।
- अंतिम चरण: शिवालिक का निर्माण हिमालयी नदियों के अवसाद से।
- भूगर्भीय विशेषताएँ
- इस टकराव से मुख्य सीमा फॉल्ट (MBF) और मुख्य केंद्रीय फॉल्ट (MCF) जैसे दोष रेखाएँ बनीं, जो भूकंपों का कारण हैं।
- तिब्बती पठार यूरेशियन प्लेट के ऊपर उठने से बना, जबकि गंगा मैदान हिमालयी अपरदन से। हिमालय युवा फोल्ड पर्वत है
- जिसमें अपरदन, हिमनदी क्षरण और भूकंपीय गतिविधियाँ निरंतर आकार बदल रही हैं।