अबवाब नियमित भूमि करों के अतिरिक्त अस्थायी कर होते थे।
ये कर सरकार द्वारा परिस्थिति के अनुसार लगाए जाते थे।
मूल रूप से ये भूमि पर लगाया जाने वाला अतिरिक्त कर था।
टोडर मल ने भूमि कर की स्थापना के बाद अबवाब की व्यवस्था भी देखी।
नवाब काल में ज़मीनदारों पर अबवाब और अधिक लगाए गए, जो किसानों तक पहुंचते थे।