Correct Answer: (d) फारसी
Solution:'तुज़्क-ए-जहांगीरी' (Tuzk-e-Jahangiri) मूल रूप से फारसी भाषा में लिखी गई थी। यह मुगल सम्राट जहांगीर की आत्मकथा है, जो उन्होंने स्वयं लिखी थी।
- यह कृति उनके शासनकाल की घटनाओं, उनके निजी जीवन, शिकार यात्राओं और उनके साम्राज्य के इतिहास और प्राकृतिक दुनिया के उनके अवलोकन का विवरण प्रदान करती है।
- यह मुगल बादशाह जहाँगीर (नूर-उद-दीन मुहम्मद जहाँगीर) की आत्मकथा है, जिसमें उन्होंने अपने शासनकाल (1605-1627) के इतिहास, राजनीति, कला, और उनके परिवार के बारे में विस्तार से लिखा है।
- यह पुस्तक उनके शासनकाल के मोहक और सजीव विवरण प्रदान करती है, जिसमें उन्होंने न केवल राजनीतिक घटनाओं का वर्णन किया, बल्कि अपनी रुचियों, जैसे कि पोर्ट्रेट पेंटिंग, और देश की सामाजिक-राजनीतिक स्थिति का भी उल्लेख किया है।
- फ़ारसी भाषा मुग़ल काल में शाही दरबार और प्रशासन की मानक भाषा थी,
- इसलिए इतिहासकारों, कवियों और बादशाहों की अधिकांश स्मृतियाँ और दस्तावेज़ इसी भाषा में लिखे जाते थे। 'तुज़्क-ए-जहांगीरी' का साहित्यिक महत्व इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह न केवल एक जीवनी है,
- बल्कि उस समय के सांस्कृतिक और राजनीतिक जीवन की महत्वपूर्ण झलक भी प्रदान करती है।
- जो मुग़लकालीन भारत की आधिकारिक और सांस्कृतिक भाषा थी.