महान्यायवादी, महाधिवक्ता और नियंत्रक महालेखापरीक्षक

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11. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद का संबंध भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक की संपरीक्षा प्रतिवेदन से है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) 151
Solution:
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 151 का संबंध भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के संपरीक्षा प्रतिवेदन से है।
  • भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा संघ के लेखाओं संबंधी प्रतिवेदन को राष्ट्रपति के समक्ष तथा राज्य के लेखाओं संबंधी प्रतिवेदन को राज्य के राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है
  • अनुच्छेद 151 का मूल पाठ
    • अनुच्छेद 151 के खंड (1) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि CAG के संघ के लेखाओं संबंधी प्रतिवेदनों को राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा
    • जो इन्हें संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाएंगे। इसी प्रकार, खंड (2) राज्य स्तर पर लागू होता है
    • जहां CAG की राज्य लेखाओं संबंधी रिपोर्टें राज्यपाल को सौंपी जाती हैं, जो उन्हें राज्य विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत करते हैं।
    • यह प्रावधान CAG की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है और संसदीय निगरानी को मजबूत बनाता है।​
  • CAG से जुड़े अन्य अनुच्छेद
    • CAG का कार्यालय अनुच्छेद 148 द्वारा स्थापित किया गया है, जो इसकी नियुक्ति, पदावधि और हटाने की प्रक्रिया (सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान) को परिभाषित करता है।
    • अनुच्छेद 149 CAG के कर्तव्यों और शक्तियों को विस्तार से बताता है
    • जबकि अनुच्छेद 150 लेखों के स्वरूप को राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित करने की व्यवस्था करता है।
    • हालांकि, संपरीक्षा प्रतिवेदनों की प्रस्तुति विशेष रूप से अनुच्छेद 151 से जुड़ी है।​
  • महत्वपूर्ण प्रक्रिया और भूमिका
    • CAG की रिपोर्टें संसद या विधानमंडल में रखे जाने के बाद लोक लेखा समिति (PAC) द्वारा जांच की जाती हैं
    • जो अनियमितताओं पर चर्चा करती हैं। यह व्यवस्था लोकतंत्र में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करती है
    • क्योंकि CAG सार्वजनिक धन का संरक्षक माना जाता है। अनुच्छेद 151 के बिना ये प्रतिवेदन विधायी प्रक्रिया से अलग-थलग रह जाते।​
  • व्यावहारिक उदाहरण
    • उदाहरणस्वरूप, CAG की वार्षिक रिपोर्टें जैसे संघीय वित्तीय लेखा-परीक्षा या राज्य-विशिष्ट ऑडिट राष्ट्रपति/राज्यपाल के माध्यम से संसद/विधानसभा में प्रस्तुत होती हैं
    • जिससे नीतिगत सुधार होते हैं। यह प्रणाली ब्रिटिश Auditor General मॉडल से प्रेरित है और भारतीय संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है।​