महान्यायवादी, महाधिवक्ता और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (भाग- 2)(भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन)

Total Questions: 29

21. नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की छुट्टी मंजूर करने या नामंजूर करने की शक्ति निहित होगी- [M.P.P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (b) राष्ट्रपति में
Solution:संविधान के अनुच्छेद 148(3) के अनुसार, नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक का वेतन और सेवा की अन्य शर्तें ऐसी होगी, जो संसद विधि द्वारा अवधारित करे। तदनुसार संसद द्वारा बनाए गए नियंत्रक- महालेखापरीक्षक (कर्तव्य, शक्तियां तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1971 (1976 में यथासंशोधित) की धारा 5 के खंड (2) के तहत नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक को ऐसे नियमों के अनुसार छुट्टी मंजूर की जा सकेगी, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा के किसी सदस्य को तत्समय लागू हैं। साथ ही इसी धारा के खंड (3) के अंतर्गत नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की छुट्टी मंजूर करने या नामंजूर करने या उसे मंजूर की गई छुट्टी को प्रतिसंहृत या कम करने की शक्ति राष्ट्रपति में निहित है।

22. किस वर्ष में एकाउंटिंग को ऑडिटिंग (लेखा परीक्षा) से अलग किया गया तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का कार्य केवल सरकारी लेखा तक सीमित रह गया? [U.P. P.C.S. (Pre) 2019]

Correct Answer: (c) 1976
Solution:नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (कर्तव्य, शक्तियां तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1971 में वर्ष 1976 में संशोधन कर केंद्र सरकार के स्तर पर एकाउंटिंग को ऑडिटिंग से पृथक किया गया तथा नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) का कार्य केवल केंद्र सरकार के लेखा की लेखा परीक्षा (ऑडिटिंग) तक ही सीमित रह गया। वर्ष 1976 से केंद्र में लेखांकन (एकाउंटिंग) का कार्य विभिन्न केंद्रीय विभागों द्वारा स्वयं भारतीय नागरिक लेखा सेवा (इंडियन सिविल एकाउंट्स सर्विस) की सहायता से किया जाता है। हालांकि भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अभी भी राज्यों के स्तर पर उपर्युक्त दोनों ही दायित्वों (एकाउंटिंग और ऑडिटिंग) का निर्वहन करता है।

23. 1971 का संशोधन (महालेखा नियंत्रक के कर्तव्य, शक्तियों और सेवा स्थिति) अधिनियम लेखांकन और लेखा परीक्षण को पृथक करता है और सी.ए.जी. को लेखों की तैयारी के उत्तरदायित्व से मुक्ति देता है। यह संशोधन किया गया : [U.P. P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004]

Correct Answer: (b) 1976 में
Solution:नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (कर्तव्य, शक्तियां तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1971 में वर्ष 1976 में संशोधन कर केंद्र सरकार के स्तर पर एकाउंटिंग को ऑडिटिंग से पृथक किया गया तथा नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) का कार्य केवल केंद्र सरकार के लेखा की लेखा परीक्षा (ऑडिटिंग) तक ही सीमित रह गया। वर्ष 1976 से केंद्र में लेखांकन (एकाउंटिंग) का कार्य विभिन्न केंद्रीय विभागों द्वारा स्वयं भारतीय नागरिक लेखा सेवा (इंडियन सिविल एकाउंट्स सर्विस) की सहायता से किया जाता है। हालांकि भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अभी भी राज्यों के स्तर पर उपर्युक्त दोनों ही दायित्वों (एकाउंटिंग और ऑडिटिंग) का निर्वहन करता है।

24. राज्यों के वित्तीय लेखों का परीक्षण करता है - [U.P.P.C.S. (Mains) 2003]

Correct Answer: (d) उपरोक्त में से कोई नहीं
Solution:केंद्र के साथ-साथ राज्यों के वित्तीय लेखों की संवीक्षा का कार्य भी भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक द्वारा ही किया जाता है।

25. लोक निधि का अभिभावक किसे कहा जाता है? [U.P. P.C.S. (Mains) 2008]

Correct Answer: (b) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
Solution:भारतीय संविधान के तहत नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक संघ एवं राज्यों की लोक निधियों से सभी व्ययों की लेखा परीक्षा करता है, अतः उसे 'लोक निधि का अभिभावक' कहा जाता है।

26. भारत के सी.ए.जी. (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) कार्य करते हैं- [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2007]

Correct Answer: (b) लोक-वित्त संरक्षक के रूप में
Solution:संविधान सभा में डॉ. अम्बेडकर ने कहा था कि "नियंत्रक महालेखा परीक्षक भारत के संविधान के अधीन सर्वाधिक महत्व का अधिकारी होगा।" वह सार्वजनिक धन का संरक्षक होगा और उसका यह कर्तव्य होगा कि वह यह देखे कि भारत की या किसी राज्य की संचित निधि में से समुचित विधानमंडल के प्राधिकार के बिना एक पैसा भी खर्च नहीं किया जाए।

27. गिरीश चंद्र मुर्मू बने हैं भारत के [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2020]

Correct Answer: (c) 14वें नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
Solution:भारतीय संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। अगस्त, 2020 में गिरीश चंद्र मुर्मू भारत के 14वें नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक बने। उन्होंने इस पद पर राजीव महर्षि का स्थान लिया। गिरीश चंद्र मुर्मू इससे पूर्व 31 अक्टूबर, 2019 को जम्मू और कश्मीर संघ राज्यक्षेत्र के पहले उप-राज्यपाल बने थे।

28. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : [U.P.P.C.S. (Mains) 2005]

सूची-I (अधिकारी)सूची-II (संस्थान)
A. भारत का उपराष्ट्रपति1. लोक लेखा समिति
B. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक2. लोक सभा की बैठक
C. भारत का महाधिवक्ता3. राज्य सभा
D. भारत का महान्यायवादी 4. उच्चतम न्यायालय

5. लोक उपक्रम समिति

 

(A)

(B)

(C)

(D)

(a)

3

1

4

2

(b)

2

3

1

4

(c)

4

2

3

1

(d)

1

4

2

3

Correct Answer: (a) A-3, B-1, C-4, D-2
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है :
सूची-I (अधिकारी)सूची-II (संस्थान)
भारत का उपराष्ट्रपतिराज्य सभा
भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षकलोक लेखा समिति
भारत का महाधिवक्ता (महान्यायवादी)उच्चतम न्यायालय
भारत का महान्यायवादीलोक सभा की बैठक

भारत का महाधिवक्ता (महान्यायवादी) उच्चतम न्यायालय लोक सभा की बैठक भारत का महान्यायवादी नोट: प्रश्न में 'भारत का महाधिवक्ता' उल्लिखित है, जो कि गलत है। महाधिवक्ता (Advocate General) को राज्य स्तर पर नियुक्त किया जाता है, जबकि संघ स्तर पर महान्यायवादी (Attorney General) की नियुक्ति होती है।

29. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गलत है? लोक वित्त सरकार के वित्तीय क्रियाकलापों का अध्ययन है। इसके अंतर्गत आते हैं- [U.P.P.C.S. (Mains) 2014]

Correct Answer: (d) व्यावसायिक बैंकों के कार्य निष्पादन
Solution:लोक वित्त (Public Finance) सरकार के वित्तीय क्रियाकलापों का अध्ययन है, इसके अंतर्गत सार्वजनिक व्यय, लोक राजस्व, सार्वजनिक ऋण, वित्तीय प्रशासन आदि आते हैं। लोक वित्त का संबंध व्यावसायिक बैंकों के कार्य निष्पादन से नहीं है