Correct Answer: (a) जिस स्थान पर गर्म एवं शीत जलधाराएं मिलती हैं, वह स्थान विश्वभर में सर्वोत्तम मत्स्ययन क्षेत्र माना जाता है।
Solution:- महासागरीय धाराएं निश्चित दिशाओं में समुद्र की सतह पर निरंतर बहने वाली जल की धाराएं हैं।
- महासागरीय धाराएं गर्म या ठंडी हो सकती हैं। जिस स्थान पर गर्म एवं शीत जलधाराएं मिलती हैं
- यह स्थान विश्वभर में सर्वोत्तम मत्स्यन क्षेत्र माना जाता है।
- लेब्राडोर धारा अटलांटिक महासागर में बहने वाली एक ठंडी महासागरीय धारा है।
- सामान्यतः गर्म धाराएं भूमध्य रेखा से और ध्रुवों की ओर प्रवाहित होती हैं।
- ठंडी धाराएं ध्रुवीय या उच्च अक्षांशों से निम्न अक्षांशों की ओर प्रवाहित होती हैं।
- धाराओं की परिभाषा और प्रकार
- इनके दो प्रमुख प्रकार होते हैं: गर्म धाराएं और ठंडी धाराएं।
- गर्म धाराएं भूमध्यरेखा के निकट उत्पन्न होकर ध्रुवों की ओर प्रवाहित होती हैं
- ठंडी धाराएं ध्रुवीय या उच्च अक्षांशों से उष्णकटिबंधीय या निम्न अक्षांशों की ओर जाती हैं ।
- सम्विशेष परावर्तन के आधार पर प्रतिविषुवतीय धाराओं (जो उत्तर-झुकाव के विपरीत पश्चिम से पूर्व बहती हैं)
- अन्य क्षेत्रीय धाराओं (जैसे ACC) भी मौजूद हैं ।
- धाराओं के उत्पत्ति के कारण
- धाराओं की उत्पत्ति अनेक कारकों से होती है
- जिनमें पृथ्वी के घूर्णन के कारण लगने वाला प्रभाव (कोरियोली प्रभाव) और जल के तापमान-घनत्व में भिन्नता शामिल है इससे विषुवत रेखा पर गर्म जल का प्रवाह और ठंडे जल का प्रवाह बनते हैं ।
- जल का तापमान, घनत्व तथा सतह के ऊपर-नीचे के स्तर पर दबाव-निर्भर बदलाव धाराओं के दिशा-निर्णय में मुख्य भूमिका निभाते हैं
- उच्च घनत्व वाला जल नीचे की ओर और कम घनत्त्व वाला ऊपर की ओर गतिशील रहता है।
- यह ऊर्ध्वाधर आंदोलन (अपवेलिंग/डाउनवेलिंग) के साथ मिलकर धाराओं के निर्माण में योगदान देता है ।
- प्रमुख धाराओं के उदाहरण और प्रभाव
- गाल्फ स्ट्रीम जैसी गर्म धाराएं भूमध्यरेखा के समीप बनकर ध्रुवों की ओर बढ़ती हैं
- जिससे उन क्षेत्रों का जलज विषमतापूर्ण नमी और तापमान प्रभावित होता है ।
- लेब्राडोर धाराएं ठंडी जलधाराएं हैं जो उष्णकटिबंधीय या निम्न अक्षांशों की ओर बहती हैं
- इसके कारण उन क्षेत्रों के जलवायु और समुद्री जीव विविधता पर प्रभाव पड़ता है ।
- अंटार्कटिक सर्कम्पोलर करंट (ACC) दक्षिण ध्रुव के चारों ओर पश्चिम से पूर्व की दिशा में बहने वाली एक प्रमुख ठंडी-घनत्व धार है ।
- जलवायु और जैव-विविधता पर प्रभाव
- धाराओं के कारण तापमान वितरण में व्यवस्थित बदलाव होते हैं
- जिससे समुद्री जीवों के प्रवास के मार्ग, मछली पकड़ने के मैदान और मौसम-जलवायु में स्थायित्व बनता है या अस्थिरता बढ़ती है ।
- गर्म धाराओं के मार्ग से तापमान बढ़ता है और स्थानीय जलवायु के साथ उपयुक्त पोषक तत्वों की उपलब्धता बदलती है
- जो जीवों के जीवनचक्र को प्रभावित कर सकती है ।
- शिक्षण या परीक्षा के संदर्भ में सामान्य त्रुटियाँ
- अक्सर धाराओं को सिर्फ “जल का बड़ा प्रवाह” समझ लिया जाता है; सही समझ तब आती है
- जब यह देखा जाए कि धाराएं जल का सतही बनाम गहराई-आधारित प्रवाह भी हो सकता है
- इनका निर्माण कई बार विभिन्न कारकों के संयुक्त प्रभाव से होता है ।
- गर्म और ठंडी धाराओं के सामान्य मार्ग अक्सर भूगोल के अनुसार बताये जाते हैं
- परंतु वास्तविक दुनिया में धाराओं की दिशा-प्रवाह अस्थिर और मौसमी परिवर्तन के कारण बदलती रहती है।
- इसलिए दिए गए सामान्य नियमों को संदिग्ध परिस्थितियों में क्रॉस-चेक करना चाहिए ।
- क्या सही कथन है? (क्लियर निष्कर्ष)
- महासागरीय धाराएं सतह या नीचे के जल-स्तर में एक निर्धारित दिशा में नियमित प्रवाह बनाती हैं
- जिनमें गर्म धाराएं भूमध्यरेखा के पास बनकर ध्रुवों की ओर बढ़ती हैं
- ठंडी धाराएं ध्रुवीय/उच्च अक्षांशों से उष्णकटिबंधीय की ओर जाती हैं
- इन धाराओं के उत्पत्ति के पीछे घूर्णन (कोरियोली प्रभाव) और ताप-घनत्व के अंतर जैसे कारक प्रमुख भूमिका निभाते हैं ।
- उदाहरण स्वरूप, गल्फ स्ट्रीम एक गर्म धारा है जो भूमध्यरेखा के निकट बनकर उत्तरी अटलांटिक में तापमान बढ़ाती है
- लेब्राडोर औरACC जैसी धाराएं ठंडी धाराओं के प्रमुख उदाहरण हैं जिनके मार्ग जलवायु और समुद्री जीवन को प्रभावित करते हैं ।
- महत्वपूर्ण स्रोत (उद्धरण)
- महासागरीय धाराएं, उत्पत्ति, प्रकार और प्रभाव: Drishti IAS हिंदी लेख, महासागरीय धाराएं और प्रभाव, Drishti IAS समकक्ष सामग्री में धाराओं के प्रकार और प्रतिविषुवतीय धाराओं का उल्लेख भी मिलता है ।
- गर्म-ठंडी धाराओं के सामान्य विवरण और उदाहरण: पन्ने और अन्य हिंदी स्रोतों में Gulf Stream, Labrador Current, ACC आदि के बारे में जानकारी मिलती है ।
- सामान्य परिभाषा और धाराओं का भूगणितीय वितरण: Wikipedia (हिंदी), और अन्य शैक्षिक संसाधनों में धाराओं की परिभाषा और प्रकार का सारांश मिलता है ।