महासागरीय धाराएं (विश्व का भूगोल)

Total Questions: 13

11. निम्नलिखित में से कौन-सा महासागर विश्व में सबसे छोटा है? [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) आर्कटिक महासागर
Solution:
  • आर्कटिक महासागर विश्व में सबसे छोटा महासागर है। वहीं प्रशांत महासागर विश्व में सबसे बड़ा महासागर है।
  • विस्तृत उत्तर
    • परिभाषा और आकार: महासागरों की मात्रा चयनित करने पर आर्कटिक महासागर सबसे छोटा माना जाता है
    • जिसका क्षेत्रफल लगभग 14 मिलियन वर्ग किलोमीटर के आसपास होता है
    • यह अन्य चार बड़े महासागरों—प्रशांत, अँट्लांटिक, हिंद महासागर और दक्षिणी महासागर—की तुलना में सबसे कम विशाल है.​
    • भौगोलिक स्थिति: आर्कटिक महासागर उत्तर ध्रुव के पास स्थित है
    • इसे बेरिंग जलडमरुमध्य (प्रशांत से जुड़ना) तथा चुकची/बैरेंट्स जैसी मत्स्य प्रणालियों के रूप में सीमाएं साझा करती है.​
    • गहराई और जलवायु: यह महासागर गहरे से गहरा नहीं माना जाता और लगभग सभी वर्ष बर्फ से ढका रहता है
    • जिससे जल-विसर्जन और जलवायु पर प्रभाव कम-जोखिम नहीं होता
    • साथ ही यह साइबेरिया/यूरेशिया और उत्तरी अमेरिका के नज़दीकी हिस्सों से घिरा है.​
    • महत्व: आर्कटिक की भूमिका वैश्विक जल चक्र, समुद्री जीवन के लिए विशिष्ट आहार-आपूर्ति और वैश्विक तापमान नियंत्रण में अहम है
    • भले ही क्षेत्रफल छोटा हो.​
  • संदर्भित तथ्य
    • विश्व के पाँच महासागरों में सबसे छोटा आकार: आर्कटिक महासागर ~14 मिलियन वर्ग किलोमीटर.​
    • आर्कटिक महासागर की भौगोलिक सीमा और पड़ोसी जलडमुर्ध्यों के बारे में जानकारी.​
    • अन्य स्रोतों में भी यही निष्कर्षRepeatedly मिलता है कि आर्कटिक सबसे छोटा है.​

12. प्रीत एक ऐसे महासागर के बारे में लिखती है जो उत्तरी अमेरिका को यूरोप से अलग करता है। यह कौन-सा महासागर है? [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) अटलांटिक महासागर
Solution:
  • अटलांटिक महासागर उत्तरी अमेरिका महाद्वीप को यूरोप महाद्वीप से अलग करता है।
  • प्रशांत महासागर उत्तरी अमेरिका महाद्वीप और एशिया महाद्वीप को पृथक करता है।
  • महासागर का नाम और संदर्भ
    • प्रीत एक ऐसे महासागर के बारे में लिखती है जो उत्तरी अमेरिका को यूरोप से अलग करता है
    • वह महासागर अटलांटिक महासागर है। यह उत्तर और दक्षिण अमेरिका को यूरोप/आफ्रीका के बीच में विभाजित करता है
    • यह दोनों महाद्वीपों के बीच पानी का सबसे बड़ा मार्ग है
    • यूरोप, अफ्रीका के पूर्वी किनारों तथा अमेरिका के पूरबी तटों के बीच स्थित है.​
  • महासागर के भू-गोलिक गुण
    • आकार और स्थान: अटलांटिक महासागर पृथ्वी के महाद्वीपीय धुरी पर स्थित है
    • पश्चिम में अमेरिका के पूर्वी तट से पूर्व में यूरोप और अफ्रीका के पश्चिमी भागों तक फैला है.​
    • संकीर्ण जलडमरूमध्ये: भूमध्यरेखा के पास अटलांटिक एक बड़ा समुद्री क्षेत्र है
    • जो उत्तरी अटलांटिक, मध्य अटलांटिक और दक्षिणी अटलांटिक में विभाजित होता है
    • यह पश्चिम को पनामा नहर के माध्यम से दक्षिण अमेरिका से जोड़ता है, जबकि पूर्व में यूरोप/अफ्रीका से जुड़ता है.​
  • चयन के कारण (महत्वपूर्ण बिंदु)
    • दूरी और व्यापार मार्ग: अटलांटिक महासागर संसार के प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक है
    • जो उत्तरी अमेरिका और यूरोप/अफ्रीका के बीच बड़ा व्यापार/यातायात मार्ग प्रदान करता है.​
    • भूगोलिक एकता: यह महासागर अमरीका–यूरोप-आफ्रीका के बीच द्वीपों और खाड़ी-समुद्री क्षेत्रों के साथ एकीकृत जलमार्ग की भूमिका निभाता है
    • जिससे इतिहास, समुद्री जलवायुविज्ञान और आर्थिक संबंधों पर गहरा प्रभाव पड़ा है.​
  • संदर्भित तथ्य (เพิ่มเติม विवरण)
    • अटलांटिक महासागर का आकार, गहराई और महत्त्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र: यह दूसरा सबसे बड़ा महासागर है
    • इसका गहराई स्तर अनुमानित रूप से बड़ी गहराई को समाहित करता है, जो वैश्विक जल-आयाम पर प्रभाव डालता है.​
    • उत्तरी अमेरिका–यूरोप के बीच दूरी और जलपथों के इतिहास में इसका प्रमुख योगदान रहा है
    • विशेषकर खोजी यात्राओं, द्वंद्वयुद्ध-era व्यापार और आधुनिक वैश्विक व्यापार के संदर्भ में.​

13. निश्चित दिशा में महासागरीय सतह पर नियमित रूप से बहने वाली जल की धाराएं ....... कहलाती हैं। [MTS (T-I) 11 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) महासागरीय धाराएं
Solution:
  • निश्चित दिशा में महासागरीय सतह पर नियमित रूप से बहने वाली जल की धाराएं महासागरीय धाराएं कहलाती हैं।
  • सूर्य एवं चंद्रमा के आकर्षण शक्तियों के कारण समुद्र के जल के सामान्य स्तर से ऊपर उठने को ज्वार तथा समुद्र के जल के सामान्य स्तर से नीचे गिरने को भाटा कहते हैं।
  • चक्रवात सामान्यतः निम्न दाब के केंद्र होते हैं, जिनके चारों ओर संकेंद्रीय सम वायुदाब रेखाएं विस्तृत होती हैं।
  • चक्रवात में वायु प्रवाह की दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में वामावर्त तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणावर्त होती है।
  • महासागरीय धाराओं की परिचय
    • परिभाषा: महासागर के सतह पर निरंतर और पूर्वानुमानित ढंग से फैली हुई जल धारा जो एक निश्चित दिशा में बड़े क्षेत्र में बहती है।
    • चालकों के गुण: धाराओं की दिशा और गति पवन, जल घनत्व पृथ्वी के घूर्णन (कोरोलीस प्रभाव) और भू-आकृति (कंटीनेंटल शेल्फ, द्वीप–रेखा) द्वारा नियंत्रित होती हैं।
    • महत्व: जलवायुीय वितरण, गर्मी का स्थानांतरण, मौसम-जलवायु के चक्र (जैसे समुद्री ऊष्मा का वैश्विक प्रवाह) और समुद्री जीवन के प्रवास में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं।
  • धाराओं के प्रकार
    • गर्म धाराएँ: भूमध्यरेखा से ध्रुवों की ओर प्रवाह करती हैं
    • सामान्यतः ऊष्मा को ऊत्तर और दक्षिण के क्षेत्रों तक फैलाती हैं (उदा. गल्फ स्ट्रीम एक प्रसिद्ध गर्म धारा है).​
    • ठंडी धाराएँ: ध्रुवीय क्षेत्रों से उष्ण कटिबंधों की ओर प्रवाह करती हैं
    • जल ठंडा रहता है और ऊर्जा का वितरण ठंडे क्षेत्र से गर्म क्षेत्र की ओर होता है (उदा. क्यूरोशियो धारा जापान के पास, लेब्राडोर धारा आदि).​
  • उच्च-स्तरीय उदाहरण
    • अटलांटिक महासागर: गल्फ स्ट्रीम जैसी गर्म धाराओं से यूरोप के पश्चिमी तट तक ऊष्मा पहुँचती है
    • कनाडा के लगभग उत्तरी सड़कों पर लेब्राडोर जैसी ठंडी धाराओं का प्रभाव भी दिखाई देता है.​
    • प्रशांत महासागर: क्यूरोशियो जैसी गर्म धाराओं और अलास्का धारा जैसी ठंडी धाराओं का संयोजन विशाल जलवायु प्रणालियों को प्रभावित करता है.​
    • अफ्रीकी और अष्ट्रेलियाई क्षेत्र: मोज़ाम्बिक धाराओं जैसी क्षेत्रीय धाराओं के माध्यम से स्थानीय जलवायु और समुद्री जीवन पर प्रभाव पड़ता है.​
  • महासागरीय धाराओं के प्रभाव
    • जलवायु और मौसम: ऊष्मा का वैश्विक वितरण, ध्रुवीय ठंड को Tropics में पहुँचाने और भूमंडलीय ऊर्जा संतुलन में योगदान.​
    • समुद्री जीवन: जलस्तर, तापमान, घनत्व के परिवर्तन के कारण प्रवास और पालतन (habitat) उपलब्धता पर असर.​
    • मानव गतिविधियाँ: मत्स्य पालन, जहाजरानी मार्ग और मौसम पूर्वानुमान में धाराओं के अभिन्न संबंध को मान्यता प्राप्त है.​
  • संक्षिप्त सार
    • महासागरीय धाराएँ सतही जल का नियमित, दिशा-निर्दिष्ट प्रवाह हैं
    • जिनकी चालना पवन, तापमान- salinity, पृथ्वी-घूर्णन आदि से संचालित होती है।
    • इन्हें दो मुख्य प्रकारों में बाँटा जाता है: गर्म धाराएँ और ठंडी धाराएँ, जिनकी दिशा सामान्यतः भूमध्यरेखा के निकट से ध्रुवों की ओर या इसके विपरीत हो सकती है।
    • इनके प्रभाव विश्व के जलवायु, मौसम, समुद्री जीवन और मानवीय गतिविधियों पर गहन रूप से पड़ते हैं।
  • उद्धरण
    • महासागरीय धाराएँ क्या हैं और उनका सामान्य परिचय: Drishti IAS और Testbook के हिंदी संसाधन.​
    • गर्म और ठंडी धाराओं के उदाहरण और विशिष्ट धाराएँ: Drishti IAS, Testbook, और अन्य पदों पर वर्णन.​
    • धाराओं के वैश्विक प्रभाव और भूमिका: Testbook और दूसरे शैक्षणिक संसाधन.​