मानव शारीरिकी एवं क्रिया विज्ञान (जीव विज्ञान)

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21. अनार, बैंगन, काला गाजर और लाल पत्तागोभी में फीनॉलीय समूह से संबंधित कौन-सा जल में घुलनशील वर्णक मौजूद होता है? [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) ऐंथोसाएनिन
Solution:
  • अनार, बैंगन, काला गाजर और लाल पत्तागोभी में फीनॉलीय समूह से संबंधित ऐंथोसाएनिन वर्णक उपस्थित होता है
  • जो जल में घुलनशील होता है। यह वर्णक कोशिका रस में उपस्थित होते है।
  • ऐंथोसाएनिन पौधों की कोशिकाओं के रिक्तिका में उपस्थित फ्लेवोनॉइड वर्णक होते हैं
  • जो नारंगी और लाल से बैंगनी एवं नीले रंग के रंगों की विस्तृत विविधता उत्पन्न करते हैं।
  • वर्णक की पहचान
    • एंथोसायनिन एक प्रकार का फ्लेवोनॉइड है जो पौधों में लाल, बैंगनी और नीले रंग प्रदान करता है।
    • यह पानी में आसानी से घुल जाता है और अम्लीय या क्षारीय पीएच पर अपना रंग बदल लेता है।
    • इन चारों खाद्य पदार्थों—अनार के बीजों, बैंगन के छिलके, काले गाजर की जड़ और लाल पत्तागोभी के पत्तों—में यह प्रमुख वर्णक पाया जाता है।
  • रासायनिक संरचना
    • एंथोसायनिन ग्लाइकोसाइड्स के रूप में होते हैं, जहां एंथोसायनिडिन (अग्लाइकॉन भाग) फेनोलिक संरचना वाला होता है
    • जिसमें कई हाइड्रॉक्सिल समूह जुड़े होते हैं। ये फ्लेवोनॉइड परिवार के अंतर्गत आते हैं
    • सायनिडिन, डेल्फिनिडिन, पेलार्गोनिडिन जैसे प्रकार इनमें शामिल हैं।
    • इनकी जल घुलनशीलता शुगर अणुओं के कारण होती है, जो इन्हें कोशिका द्रव्य में विलय योग्य बनाती है।
  • प्रत्येक खाद्य पदार्थ में उपस्थिति
    • अनार: इसके लाल-बैंगनी बीजों में सायनिडिन-3-ग्लूकोसाइड जैसे एंथोसायनिन प्रचुर मात्रा में होते हैं
    • जो फल को चमकीला रंग देते हैं।
    • बैंगन: काले या बैंगनी छिलके में नासुनिन नामक एंथोसायनिन पाया जाता है
    • जो एंटीऑक्सीडेंट गुण प्रदान करता है।
    • काला गाजर: इसकी गहरी बैंगनी जड़ में एंथोसायनिन कारोटीनॉइड्स के साथ मिलकर काला रंग बनाते हैं।
    • लाल पत्तागोभी: पत्तियों में उच्च सांद्रता वाले एंथोसायनिन पीएच संवेदी होते हैं, जो रस बनाने में उपयोगी हैं
  • गुण और स्वास्थ्य लाभ
    • एंथोसायनिन शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं जो फ्री रेडिकल्स को बेअसर करते हैं
    • सूजन कम करते हैं और हृदय स्वास्थ्य सुधारते हैं।
    • ये कैंसर-रोधी, मधुमेह नियंत्रक और दृष्टि संरक्षक गुणों के लिए जाने जाते हैं।
    • इनकी जैवउपलब्धता सीमित होती है, लेकिन नियमित सेवन से लाभ मिलता है।
  • अन्य वर्णकों से तुलना
    • फाइकोएरिथ्रिन (लाल शैवाल में), फाइकोबिलिन (सायनोबैक्टीरिया में) या बीटालेंस (चुकंदर में) भी जल घुलनशील हैं
    • लेकिन ये फेनोलिक नहीं होते। एंथोसायनिन विशेष रूप से इन चारों पौधों में फेनोलिक वर्णक के रूप में मौजूद रहता है।

22. राहुल बेरीबेरी (Beriberi) से पीड़ित है। उसे किसकी कमी है? [CHSL (T-I) 16 अगस्त, 2023 (IV-पाली), MTS (T-I) 10 मई, 2023 (III-पाली), JE सिविल परीक्षा 23 मार्च, 2021 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) विटामिन B1
Solution:
  • बेरी-बेरी रोग विटामिन B की कमी से होता है। इसके कारण व्यक्ति अत्यंत कमजोरी महसूस करता है।
  • इसके कारण मस्तिष्क, हृदय आदि की क्रिया शिथिल पड़ जाती है। तंत्रिका तंत्र कमजोर पड़ता है।
  • विटामिन B का रासायनिक नाम थायमीन (Thiamine) है। अनाज, फलियां, सोयाबीन आदि इसके प्रमुख स्रोत हैं।
  • थायमिन क्या है?
    • थायमिन, जिसे विटामिन B1 भी कहा जाता है, एक जल-घुलनशील विटामिन है
    • जो शरीर में ऊर्जा चयापचय, विशेष रूप से कार्बोहाइड्रेट्स के टूटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • यह थायमिन पाइरोफॉस्फेट (TPP) के रूप में कार्य करता है
    • जो कई एंजाइमों का कोएंजाइम होता है। कमी होने पर तंत्रिका तंत्र, हृदय और मांसपेशियां प्रभावित होती हैं।
  • बेरीबेरी के प्रकार
    • बेरीबेरी दो मुख्य प्रकारों में बांटा जाता है:
    • गीला बेरीबेरी: हृदय और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है
    • जिसमें पैरों में सूजन (एडीमा), तेज हृदय गति, सांस फूलना और हृदय विफलता शामिल है।
    • सूखा बेरीबेरी: तंत्रिका तंत्र पर केंद्रित, जिसमें मांसपेशियों की कमजोरी
    • पैरों में झुनझुनी, सुन्नता, चलने में कठिनाई और पक्षाघात हो सकता है।
  • कारण और जोखिम कारक
    • आहार संबंधी: सफेद चावल या परिष्कृत अनाजों पर निर्भरता, क्योंकि मिलिंग प्रक्रिया थायमिन नष्ट कर देती है।
    • अन्य कारक: शराब का अत्यधिक सेवन (जो थायमिन अवशोषण रोकता है)
    • दस्त, मूत्रवर्धक दवाएं, हाइपरथायरायडिज्म, गर्भावस्था या स्तनपान।
    • ऐतिहासिक रूप से, एशिया में चावल-आधारित आहार से प्रकोप हुआ
  • निदान और उपचार
    • निदान लक्षणों, आहार इतिहास और रक्त परीक्षण (थायमिन स्तर) से होता है।
    • उपचार थायमिन सप्लीमेंट्स (इंजेक्शन या गोली) से तुरंत शुरू होता है
    • जो लक्षणों को जल्दी उलट देता है। आहार में साबुत अनाज, दालें, नट्स, मीट और हरी सब्जियां शामिल करें।
    • रोकथाम के लिए संतुलित भोजन और सप्लीमेंट्स जरूरी।

23. सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में न मिलने से किस विटामिन की कमी हो जाती है? [MTS (T-I) 19 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) विटामिन D
Solution:
  • सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में न मिलने से विटामिन D की कमी हो जाती है।
  • इसकी कमी से हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं
  • बच्चों में रिकेट्स (Rickets) एवं वयस्कों में ओस्टियोमैलेसिया (Osteomalacia) नामक बीमारी हो जाती है।
  • विटामिन D का स्रोत सूर्य की किरणें हैं।
  • सूर्य की किरणों के द्वारा इस विटामिन का निर्माण हमारी त्वचा कोशिकाओं द्वारा किया जाता है
  • जो कि यहां से निर्मित होकर रुधिर में मुक्त हो जाता है।
  • विटामिन D का निर्माण प्रक्रिया
    • यह लीवर और किडनी में जाकर सक्रिय रूप 1,25-डाइहाइड्रॉक्सीविटामिन D बनता है
    • जो कैल्शियम अवशोषण को नियंत्रित करता है।
    • धूप की कमी वाले क्षेत्रों या室内 जीवनशैली से यह प्रक्रिया रुक जाती है जिससे कमी उत्पन्न होती है।
  • कमी के कारण और जोखिम कारक
    • शहरी जीवन, सनस्क्रीन का अधिक उपयोग, गहरे रंग की त्वचा, मोटापा या बुजुर्ग होना धूप के लाभ को कम करता है।
    • सर्दियों में या उच्च अक्षांशों पर UVB किरणें कम होती हैं, जिससे कमी बढ़ जाती है।
    • भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देशों में भी कार्यालय-केंद्रित जीवन से लाखों लोग प्रभावित होते हैं।
  • स्वास्थ्य प्रभाव
    • विटामिन D की कमी से रिकेट्स (बच्चों में), ऑस्टियोमलेशिया (वयस्कों में हड्डी कमजोरी), ऑस्टियोपोरोसिस, मांसपेशियों में दर्द, थकान, इम्यूनिटी कमजोर होना, डिप्रेशन और हृदय रोग का खतरा बढ़ता है।
    • यह कैल्शियम और फॉस्फोरस संतुलन बिगाड़ता है, जिससे हड्डियां भंगुर हो जाती हैं।
    • गंभीर मामलों में तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है।
  • कमी के लक्षण
    • लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना।
    • हड्डी या पीठ दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन।
    • बार-बार संक्रमण, बाल झड़ना या घाव भरने में देरी।
    • अवसाद, चिड़चिड़ापन या नींद की समस्या।
  • रोकथाम और उपाय
    • रोजाना सुबह 10-30 मिनट बाहों, चेहरा और पैरों को धूप दिखाएं
    • बिना सनस्क्रीन के। आहार में फैटी मछली, अंडे, दूध या फोर्टिफाइड भोजन लें।
    • कमी होने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लें, लेकिन अधिकता से बचें।
    • रक्त परीक्षण से 25(OH)D स्तर जांचें (आदर्श 30-100 ng/mL)।

24. निम्न में से कौन-सा विटामिन जल में विलेय है? [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (III-पाली), CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) विटामिन सी
Solution:
  • जल-घुलनशील विटामिन :
    • ये विटामिन पानी में घुल जाते हैं
    • शरीर में बड़ी मात्रा में जमा नहीं होते हैं। अतिरिक्त मात्रा मूत्र के माध्यम से उत्सर्जित हो जाती है
    • इसलिए इनकी नियमित आपूर्ति आवश्यक है।
    • इनमें सभी बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन (B1, B2, B3, B5, B6, B7, B9, B12) और विटामिन सी (Vitamin C) शामिल हैं।
  • जल में विलेय विटामिन
    • इन्हें शरीर लंबे समय तक संग्रहित नहीं कर पाता
    • इसलिए इन्हें आहार से नियमित रूप से प्राप्त करना जरूरी होता है।
    • इनकी कमी से बेरी-बरी, स्कर्वी, एनीमिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
  • वसा में विलेय विटामिन
    • विटामिन A (रेटिनॉल), D (कैल्सीफेरॉल), E (टोकोफेरॉल) और K (फाइलोक्विनोन) वसा में घुलनशील होते हैं।
    • ये लीवर और वसा ऊतकों में संग्रहित हो जाते हैं
    • इसलिए इनकी अधिकता से विषाक्तता का खतरा रहता है।
  • स्रोत और कार्य
    • विटामिन B1 (थायमिन): अनाज, दालें; ऊर्जा चयापचय में सहायक।
    • विटामिन C: नींबू, संतरा; घाव भरना, इम्यूनिटी बढ़ाना।
    • विटामिन B12: मांस, दूध; रक्त कोशिकाओं का निर्माण।

25. निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन आयरन के अवशोषण को प्रभावित करता है? [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) विटामिन सी
Solution:
  • विटामिन C पेट में आयरन की घुलनशीलता को बढ़ाकर एवं छोटी आंत में इसके अवशोषण को बढ़ाकर आयरन के अवशोषण को प्रभावित करता है।
  • यह विटामिन फेरिक आयरन को फेरस आयरन में परिवर्तित करने में सहायता करता है
  • जो आसानी से शरीर द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। यह विटामिन खट्टे फलों, कीवी, टमाटर व मिर्च में पाई जाती है।
  • विटामिन C की भूमिका
    • इससे आयरन की घुलनशीलता बढ़ती है और अवशोषण दर 2-3 गुना तक हो सकती है।
    • विटामिन C युक्त भोजन जैसे संतरा, स्ट्रॉबेरी, टमाटर या शिमला मिर्च को आयरन स्रोतों के साथ लेने से यह प्रभाव अधिक होता है।
  • अन्य विटामिन और आयरन
    • विटामिन A भंडारित आयरन को मुक्त करने में सहायक हो सकता है
    • जिससे कमी की स्थिति में अप्रत्यक्ष रूप से मदद मिलती है।
    • विटामिन B, D या K सीधे आयरन अवशोषण को प्रभावित नहीं करते।
    • विटामिन D कैल्शियम अवशोषण पर केंद्रित है, जबकि K रक्त संचारण से जुड़ा है।
  • अवशोषण बाधक कारक
    • कैल्शियम, टैनिन (चाय-कॉफी में), फाइटेट्स (साबुत अनाज, दालों में) आयरन अवशोषण को 50-90% तक कम कर देते हैं।
    • इनसे बचने के लिए आयरन युक्त भोजन को विटामिन C के साथ लें और चाय-कॉफी से 1-2 घंटे दूर रखें।
  • आयरन स्रोत और सुझाव
    • हीम आयरन (मांस, मछली से) स्वाभाविक रूप से बेहतर अवशोषित होता है
    • (15-35%), जबकि गैर-हीम (पालक, दालें) का केवल 2-20%।
    • आयरन की कमी से एनीमिया, थकान होती है; सप्लीमेंट खाली पेट विटामिन C जूस के साथ लें।
    • गर्भवती महिलाओं, शाकाहारियों को विशेष ध्यान देना चाहिए।

26. निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन सी का सबसे बड़ा स्रोत है? [MTS (T-I) 03 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) नींबू
Solution:
  • नींबू विटामिन C का सबसे बड़ा स्रोत है। यह जल में घुलनशील विटामिन है
  • इसकी कमी से स्कर्वी रोग हो जाता है। यह प्रमुख रूप से खट्टे फल; जैसे-नींबू, संतरा, कीवी आदि में पाया जाता है।
  • अन्य प्रमुख स्रोत
    • खट्टे फल: संतरा, नींबू और अंगूर विटामिन सी के लोकप्रिय स्रोत हैं, लेकिन अमरूद की तुलना में कम मात्रा देते हैं।
    • सब्जियां: शिमला मिर्च, ब्रोकोली और ब्रुसेल्स स्प्राउट्स उच्च मात्रा में विटामिन सी रखते हैं, खासकर कच्चे रूप में।
    • जामुन: स्ट्रॉबेरी और रसभरी अच्छे विकल्प हैं, लेकिन अमरूद से पीछे।
  • स्वास्थ्य लाभ
    • विटामिन सी इम्यूनिटी बढ़ाता है, कोलेजन बनाता है
    • एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है
    • आयरन अवशोषण में मदद करता है। इसकी कमी से स्कर्वी होता है।
  • सेवन टिप्स
    • ताजा और कच्चा खाएं क्योंकि गर्मी विटामिन सी नष्ट कर देती है। रोजाना 1-2 अमरूद या अमला पर्याप्त है।

27. निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन हमारी त्वचा और आंखों को स्वस्थ रखने में सहायता करता है? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) विटामिन A
Solution:
  • विटामिन A हमारी त्वचा और आंखों को स्वस्थ रखने में सहायता करता है।
  • इसके अतिरिक्त यह प्रतिरक्षा प्रणाली के नियमन में भी सहायता करता है।
  • यह आंख की रेटिना में रंगद्रव्य उत्पन्न करता है तथा अच्छी दृष्टि को बढ़ावा देता है
  • विशेषकर कम रोशनी में। यह वसा में घुलनशील विटामिन है।
  • विटामिन A की भूमिका
    • यह त्वचा के एपिडर्मिस को स्वस्थ रखता है तथा कोशिका पुनर्जनन को बढ़ावा देता है।
    • कमी से रतौंधी, सूखी आंखें (ज़ेरोफथाल्मिया) या त्वचा संक्रमण हो सकते हैं।
  • स्रोत और मात्रा
    • यकृत, तैलीय मछली, गाजर, शकरकंद, पालक जैसे पीले-नारंगी फल-सब्जियां विटामिन A के प्रमुख स्रोत हैं।
    • वयस्कों के लिए दैनिक आवश्यकता लगभग 700-900 माइक्रोग्राम है; अधिक मात्रा विषाक्त हो सकती है।
    • प्रोविटामिन A (बीटा-कैरोटीन) पौधों से आता है और सुरक्षित रूप से अवशोषित होता है।
  • अन्य सहायक विटामिन
    • विटामिन C आंखों को फ्री रेडिकल्स से बचाता है और मोतियाबिंद जोखिम कम करता है।
    • विटामिन E कोशिकाओं की रक्षा करता है तथा त्वचा के लिए लाभकारी है।
    • इनका संतुलित सेवन आंखों और त्वचा दोनों के लिए पूरक लाभ देता है।

28. बांझपन निम्नलिखित में से किस विटामिन की कमी से होता है? [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) E
Solution:
  • बांझपन विटामिन E की कमी से होता है।
  • इसकी कमी से शुक्राणु की गतिशीलता एवं अंडे के साथ एकरूप होने की क्षमता प्रभावित होती है।
  • इस विटामिन को सुंदरता का विटामिन भी कहा जाता है। विटामिन E वसा में घुलनशील विटामिन है
  • जो कि गेहूं के अंकुर के तेल में सबसे अधिक पाया जाता है।
  • विटामिन E की भूमिका
    • विटामिन E एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो प्रजनन कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाता है।
    • इसकी कमी से पुरुषों में स्पर्म की संख्या और गतिशीलता कम हो जाती है
    • जबकि महिलाओं में गर्भाशय में मायोमा बन सकता है, जो अंडे के प्रत्यारोपण को रोकता है।
    • अध्ययनों में पाया गया कि विटामिन E सप्लीमेंट लेने से प्रजनन क्षमता में सुधार होता है।
  • अन्य विटामिनों का प्रभाव
    • विटामिन A की कमी प्रजनन हार्मोन और शुक्राणु-ओवा स्वास्थ्य को प्रभावित कर बांझपन का कारण बनती है।
    • विटामिन D की कमी महिलाओं में गर्भधारण की संभावना घटाती है और पुरुषों में स्पर्म क्वालिटी खराब करती है।
    • विटामिन B12 और C की कमी भी हार्मोन असंतुलन और स्पर्म डैमेज से जुड़ी है।
  • स्रोत और रोकथाम
    • विटामिन E के स्रोतों में बादाम, सूरजमुखी के बीज, पालक और साबुत अनाज शामिल हैं।
    • संतुलित आहार, सूर्य स्नान और सप्लीमेंट्स से इन विटामिनों की पूर्ति करें, लेकिन डॉक्टर की सलाह लें।
    • बांझपन के लिए विटामिन टेस्ट करवाना उचित है।

29. निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन हमारी हड्डियों और दांतों के लिए कैल्शियम का उपयोग करने में हमारे शरीर की सहायता करता है? [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) विटामिन D
Solution:
  • विटामिन D हमारी हड्डियों एवं दांतों के लिए कैल्शियम का उपयोग करने में हमारे शरीर की सहायता करता है।
  • यह विटामिन कैल्शियम को अवशोषित करने में सहायता करता है
  • जो हड्डियों एवं दांतों के लिए मुख्य निर्माण खंड में से एक है। यह ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में सहायता करता है।
  • यह एक ऐसी बीमारी है जो हड्डियों को पतला एवं कमजोर करती है।
  • इस विटामिन का प्रमुख स्रोत है-तैलीय मछली, अंडे की जर्दी, रेड मीट आदि।
  • कैल्शियम अवशोषण की प्रक्रिया
    • शरीर भोजन से कैल्शियम लेता है, लेकिन विटामिन D की कमी होने
    • यह प्रभावी रूप से अवशोषित नहीं होता और मल के जरिए बाहर निकल जाता है।
    • विटामिन D रक्त में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करता है और हड्डियों में इसकी जमावट सुनिश्चित करता है
    • जबकि इसकी कमी से रिकेट्स (बच्चों में) या ऑस्टियोपोरोसिस (वयस्कों में) जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
  • स्रोत और कमी के प्रभाव
    • विटामिन D मुख्य रूप से सूर्य की किरणों से बनता है
    • साथ ही अंडे, मछली, दूध और संवर्धित खाद्य पदार्थों से प्राप्त होता है।
    • कमी होने पर हड्डियां भुरभुरी हो जाती हैं, फ्रैक्चर का खतरा बढ़ता है
    • दांत कमजोर पड़ते हैं, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों में।
  • अन्य विटामिन्स का योगदान
    • विटामिन K कैल्शियम को हड्डियों तक ले जाने में मदद करता है
    • जबकि विटामिन C कोलेजन बनाता है जो हड्डियों को मजबूती देता है
    • लेकिन कैल्शियम अवशोषण का प्राथमिक कार्य विटामिन D का ही है।
    • संतुलित आहार और सूर्य स्नान से इनकी पूर्ति जरूरी है।

30. पैराथाइरॉइड हॉर्मोन (parathyroid hormone) के अपर्याप्त स्तर के कारण रक्त में कैल्शियम की कमी निम्नलिखित में से किस स्थिति का कारण बनती है? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) अल्पकैल्शियमरक्तता
Solution:
  • पैराथाइरॉइड हॉर्मोन (parathyroid hormone) के अपर्याप्त स्तर के कारण रक्त में कैल्शियम की कमी के कारण अल्पकैल्शियमरक्तता (Hypocalcemia) की स्थिति बन जाती है।
  • शिशुओं में इस हॉर्मोन की कमी होने पर मस्तिष्क, हड्डियां व दांतों का विकास भली-भांति नहीं हो पाता है।
  • पैराथाइरॉइड हॉर्मोन का कार्य
    • किडनी में कैल्शियम के पुन:अवशोषण को बढ़ाता है
    • आंतों में विटामिन D सक्रिय करके कैल्शियम अवशोषण को प्रोत्साहित करता है।
    • इसकी कमी से हाइपोकैल्सीमिया (कम कैल्शियम) और हाइपरफॉस्फेटेमिया (अधिक फॉस्फोरस) होता है।
  • स्थिति के कारण और लक्षण
    • अपर्याप्त PTH आमतौर पर सर्जरी, ऑटोइम्यून विकार, या जेनेटिक कारणों से होता है
    • जिससे मांसपेशियों में ऐंठन, झुनझुनी, दौरे, थकान, और हृदय समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
    • बच्चों में विकास रुक सकता है, जबकि वयस्कों में कैटारेक्ट या किडनी स्टोन का खतरा बढ़ता है।
  • निदान और उपचार
    • निदान रक्त परीक्षण से PTH, कैल्शियम, और फॉस्फोरस स्तर जांचकर किया जाता है।
    • उपचार में कैल्शियम और विटामिन D सप्लीमेंट्स, कभी-कभी सिंथेटिक PTH इंजेक्शन शामिल होते हैं
    • ताकि स्तर सामान्य रहें और जटिलताएं टलें।
  • संबंधित जटिलताएं
    • लंबे समय तक अनुपचारित रहने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं
    • किडनी क्षतिग्रस्त होती है, और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं।
    • नियमित निगरानी और संतुलित आहार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।