मिश्र धातुएं (रसायन विज्ञान)

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1. निम्नलिखित में से कौन-सी मिश्र धातु सोने और चांदी का एक संयोजन है? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) एलेक्ट्रम
Solution:
  • एलेक्ट्रम मिश्र धातु सोने और चांदी का एक संयोजन है। इसमें आंशिक मात्रा में तांबा या अन्य धातुएं हैं।
  • अधिकांश प्राकृतिक एलेक्ट्रम में तांबा, लोहा, पैलेडियम और बिस्मथ आदि अन्य धातुएं भी होती हैं।
  • इलेक्ट्रम क्या है?
    • साथ ही कभी-कभी तांबा या अन्य धातुओं की थोड़ी मात्रा होती है।
    • यह प्राचीन काल से जाना जाता है और इसका रंग सोने-चांदी अनुपात पर निर्भर करता है
    • जो हल्के पीले से चमकीले पीले तक हो सकता है।
    • इसे कभी-कभी "हरा सोना" भी कहा जाता है जब इसमें तांबा मिला हो।
  • ऐतिहासिक महत्व
    • प्राचीन मिस्र में तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व से इलेक्ट्रम का उपयोग सिक्कों, आभूषणों और पिरामिडों के शीर्ष पर चमकीली परत के रूप में होता था।
    • लिडिया साम्राज्य (आधुनिक तुर्की) में पहली बार इससे सिक्के ढाले गए, जो दुनिया के सबसे पुराने सिक्के माने जाते हैं।
    • यह मिश्र धातु प्राकृतिक रूप से सोने के अयस्कों में पाई जाती है और आसानी से अलग नहीं होती।
  • अन्य मिश्र धातुओं से तुलना
    • सोने की अन्य मिश्र धातुएं जैसे रोज़ गोल्ड (सोना + तांबा), व्हाइट गोल्ड (सोना + निकल/पैलेडियम) या टम्बागा (सोना + तांबा) चांदी पर आधारित नहीं होतीं।
    • इलेक्ट्रम ही सोने-चांदी का विशिष्ट प्राकृतिक संयोजन है
    • जबकि कृत्रिम गहने मिश्र धातुओं में 18K सोने में चांदी कभी-कभी मिलाई जाती है
    • लेकिन मुख्य रूप से तांबा या जस्ता प्रमुख होते हैं।
    • कांस्य (तांबा + टिन) या कॉन्स्टेंटन (तांबा + निकल) जैसे विकल्प पूरी तरह भिन्न हैं।
  • गुण और उपयोग
    • इलेक्ट्रम नरम, चमकीला और संक्षारण प्रतिरोधी होता है
    • जो इसे आभूषण और सिक्कों के लिए आदर्श बनाता है।
    • आधुनिक समय में इसका उपयोग कम है
    • लेकिन जियोलॉजिकल अध्ययन और कला संरक्षण में महत्वपूर्ण है।
    • कभी-कभी वर्मील नाम से भी जाना जाता है, जो समान संरचना वाला एक अन्य रूप है।

2. कौन-सा S-ब्लॉक तत्व एक चांदी के समान सफेद धातु है जिसका उपयोग जाइरोस्कोप, कमानी, विद्युत संपर्क, स्पॉट- वेल्डिंग इलेक्ट्रोड और गैर-स्पार्किंग उपकरण बनाने के लिए तांबे या निकेल के मिश्र धातु में किया जाता है? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) बेरिलियम
Solution:
  • बेरीलियम s-ब्लॉक का तत्व है। यह चांदी के समान सफेद धातु है
  • जिसका उपयोग जाइरोस्कोप, कमानी, विद्युत संपर्क, स्पॉट-वेल्डिंग इलेक्ट्रोड और गैर-स्पार्किंग उपकरण बनाने के लिए तांबे या निकेल के मिश्र धातु बनाने में किया जाता है।
  • बेरिलियम की पहचान
    • बेरिलियम आवर्त सारणी के s-ब्लॉक का पहला तत्व (समूह 2, काल 2) है
    • जो चांदी-सफेद चमकदार धातु के रूप में प्रकट होता है।
    • इसकी घनत्व बहुत कम (1.85 g/cm³) है, जो इसे हल्का बनाता है
    • यह मजबूत, कठोर तथा गैर-चुंबकीय होता है। शुद्ध रूप में यह नाजुक होता है
    • लेकिन मिश्र धातुओं में असाधारण गुण प्रदर्शित करता है।
  • भौतिक और रासायनिक गुण
    • बेरिलियम का गलनांक 1287°C और क्वथनांक 2470°C है
    • जो इसे उच्च तापमान अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त बनाता है।
    • यह संक्षारण प्रतिरोधी है, X-किरणों को अच्छी तरह अवशोषित करता है
    • विद्युत चालकता अच्छी रखता है। रासायनिक रूप से यह निष्क्रिय होता है
    • लेकिन हवा में पतली ऑक्साइड परत बना लेता है।
    • यह गैर-स्पार्किंग है, अर्थात् आघात पर चिंगारी नहीं उत्पन्न करता।
  • उपयोग और मिश्र धातुएं
    • तांबे के साथ बेरिलियम कांस्य (BeCu) मिश्र धातु (लगभग 2% बेरिलियम) जाइरोस्कोप, कमानी (स्प्रिंग्स), विद्युत संपर्क (इलेक्ट्रिकल कनेक्टर्स)
    • स्पॉट-वेल्डिंग इलेक्ट्रोड तथा गैर-स्पार्किंग उपकरण (हैमर, स्क्रूड्राइवर आदि) बनाने के लिए प्रयुक्त होती है।
    • निकल के साथ बेरिलियम मिश्र धातु (NiBe) उच्च शक्ति वाले भागों में काम आती है।
    • ये मिश्र धातुएं उच्च यांत्रिक शक्ति, थकान प्रतिरोध (फैटिग्यू रेसिस्टेंस), और विद्युत चालकता प्रदान करती हैं।
  • ऐतिहासिक और व्यावसायिक महत्व
    • बेरिलियम की खोज 1798 में हुई, लेकिन आधुनिक उपयोग द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एयरोस्पेस और परमाणु उद्योग में बढ़ा।
    • आज यह एयरोस्पेस (सैटेलाइट फ्रेम), रक्षा (मिसाइल गाइडेंस), और इलेक्ट्रॉनिक्स में आवश्यक है।
    • हालांकि, इसका धूल विषाक्त है
    • इसलिए सावधानीपूर्वक हैंडलिंग जरूरी है।
    • वैश्विक उत्पादन सीमित है, मुख्यतः अमेरिका और चीन से।