Correct Answer: (b) द्रव्य निकालने में लेनदेन की लागत
Solution:- द्रव्य निकालने में लेनदेन की लागत मुद्रा धारण करने की अवसर लागत को नहीं दर्शाता है।
- अवसर लागत की परिभाषा
- अवसर लागत हमेशा अगले सर्वश्रेष्ठ विकल्प का त्याग मानी जाती है। मुद्रा धारण के संदर्भ में, जब कोई व्यक्ति नकदी रखता है
- तो वह ब्याज दर (नाममात्र ब्याज दर) का त्याग करता है जो उसे अन्य वित्तीय साधनों से मिल सकती है।
- यह लागत मुख्य रूप से ब्याज दर से जुड़ी होती है, न कि मुद्रास्फीति या अन्य कारकों से सीधे।
- सामान्य विकल्प जो अवसर लागत दर्शाते हैं
- मुद्रा धारण की अवसर लागत को दर्शाने वाले विकल्प निम्नलिखित हो सकते हैं:
- नाममात्र ब्याज दर: यह पैसे रखने की बजाय निवेश करने से प्राप्त होने वाली आय का प्रतिनिधित्व करती है।
- ब्याज-असर खाते का लाभ: बैंक में जमा करने से मिलने वाला ब्याज मुद्रा धारण का विकल्प है।
- ये विकल्प स्पष्ट रूप से बताते हैं कि नकदी धारण से क्या खोया जा रहा है।
- जो विकल्प अवसर लागत नहीं दर्शाता
- मुद्रास्फीति दर मुद्रा धारण की अवसर लागत को नहीं दर्शाती। मुद्रास्फीति तो नकदी की क्रय शक्ति को कम करती है
- जो एक अलग प्रकार का नुकसान है, लेकिन यह ब्याज आय के त्याग से संबंधित नहीं।
- अवसर लागत विशेष रूप से निवेश के अगले सर्वश्रेष्ठ विकल्प (जैसे ब्याज) पर केंद्रित होती है
- जबकि मुद्रास्फीति पैसे के वास्तविक मूल्य को प्रभावित करने वाला कारक है।
- इसी प्रकार, निवेश पर वास्तविक रिटर्न (मुद्रास्फीति-समायोजित) भी प्रत्यक्ष अवसर लागत नहीं है।
- विस्तृत व्याख्या और उदाहरण
- मान लीजिए, बाजार में नाममात्र ब्याज दर 7% है। यदि आप 1 लाख रुपये नकदी धारण करते हैं
- तो अवसर लागत 7,000 रुपये प्रति वर्ष है जो आपको बैंक में जमा करके मिल सकते थे।
- मुद्रास्फीति यदि 4% है, तो यह अतिरिक्त नुकसान (क्रय शक्ति में कमी) पैदा करती है, लेकिन अवसर लागत केवल 7% ही रहेगी।
- वास्तविक ब्याज दर (7% - 4% = 3%) अवसर लागत का हिस्सा हो सकती है
- लेकिन मूल अवसर लागत नाममात्र ब्याज से मापी जाती है।
- इस प्रकार, प्रश्न के विकल्पों में मुद्रास्फीति या वास्तविक रिटर्न वाला विकल्प सही उत्तर होगा।