मुद्रा एवं बैंकिंग (अर्थव्यवस्था) (भाग-II)

Total Questions: 50

21. वर्ष 1974 में किस शहर में पहली बार सेवा सहकारी बैंक (SEWA Cooperative Bank) की शुरुआत हुई? [CHSL (T-I) 07 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) अहमदाबाद
Solution:
  • वर्ष 1974 में गुजरात के अहमदाबाद शहर में पहली बार सेवा सहकारी बैंक की शुरुआत हुई थी।
  • अहमदाबाद, गुजरात।
    • सेवा सहकारी बैंक (SEWA Cooperative Bank) की शुरुआत वर्ष 1974 में गुजरात के अहमदाबाद शहर में हुई थी।
    • यह बैंक स्व-रोजगार महिला संघ (SEWA) द्वारा स्थापित किया गया, जिसकी नींव 1972 में इलाबेन भट्ट ने रखी थी।​
  • स्थापना का संदर्भ
    • SEWA सहकारी बैंक का गठन अनौपचारिक क्षेत्र की गरीब महिलाओं की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया गया था
    • जो पारंपरिक बैंकों से ऋण प्राप्त नहीं कर पाती थीं।
    • अहमदाबाद में स्थित यह बैंक शुरुआत में 4,000 महिलाओं द्वारा छोटी पूंजी जुटाकर बनाया गया
    • जो मुख्य रूप से विक्रेता, मजदूर और घरेलू उत्पादक महिलाएं थीं।
    • इसका उद्देश्य बचत खाते, छोटे ऋण और बीमा जैसी सेवाएं प्रदान करना था, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाए।​
  • विकास और प्रभाव
    • बैंक ने तेजी से विस्तार किया और उच्च वापसी दर (95% से अधिक) के साथ लाखों महिलाओं को सशक्त बनाया।
    • अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने इसे माइक्रोफाइनेंस का मॉडल माना
    • जो भारत में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना।
    • आज यह कई शाखाओं के साथ कार्यरत है और वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल चुका है।​

22. निम्नलिखित में से भारत में कौन-सा कागजी मुद्रा का एक उदाहरण नहीं है? [CHSL (T-I) 02 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 200 का बैंक चेक रु.
Solution:
  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी मुख्यतः करेंसी नोट और सिक्कों को कागजी मुद्रा कहते हैं।
  • उपर्युक्त विकल्पों में 200 रुपये का बैंक चेक कागजी मुद्रा नहीं है।
  • प्रश्न का संदर्भ
    • प्रश्न में विकल्पों का उल्लेख नहीं है, लेकिन सामान्यतः ऐसे बहुविकल्पीय प्रश्नों में विकल्प होते हैं
    • जैसे 10 रुपये का सिक्का, 20 रुपये का सिक्का, 500 रुपये का नोट, और 200 रुपये का बैंक चेक।
    • इनमें 200 रुपये का बैंक चेक कागजी मुद्रा का उदाहरण नहीं है।
    • बैंक चेक RBI द्वारा जारी मुद्रा नहीं होता, बल्कि यह एक परक्राम्य लिखत (negotiable instrument) है
    • जो बैंक खाते में जमा धन का प्रतिनिधित्व करता है।​
  • कागजी मुद्रा क्या है?
    • कागजी मुद्रा वह धन है जो सरकार द्वारा जारी किया जाता है
    • जिसका मूल्य आर्थिक विश्वास, आपूर्ति-मांग तथा सरकारी स्थिरता से तय होता है।
    • भारत में RBI द्वारा जारी नोट (जैसे ₹10, ₹20, ₹50, ₹100, ₹200, ₹500, ₹2000) इसके उदाहरण हैं।
    • सिक्के भी कानूनी निविदा हैं, लेकिन वे धातु के होते हैं, फिर भी कागजी मुद्रा के संदर्भ में RBI द्वारा प्रबंधित माने जाते हैं।​
  • अन्य विकल्प क्यों सही हैं?
    • 500 रुपये का नोट: यह RBI द्वारा जारी कागजी नोट है
    • जो महात्मा गांधी श्रृंखला का हिस्सा है और लाल किले के चित्र वाला होता है।​
    • 20 रुपये का सिक्का: RBI द्वारा जारी, कानूनी निविदा।​
    • 10 रुपये का सिक्का: इसी प्रकार RBI द्वारा प्रबंधित।​
      ये सभी भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।​
  • भारत में कागजी मुद्रा का इतिहास
    • भारत में कागजी मुद्रा की शुरुआत 18वीं शताब्दी में बैंक ऑफ हिंदोस्तान और बंगाल बैंक से हुई।
    • 1861 के पेपर करेंसी एक्ट ने इसे केंद्रीकृत किया, और पहला नोट ₹10 का था। 1996 से महात्मा गांधी सीरीज चल रही है
    • जिसमें सुरक्षा फीचर्स जैसे वॉटरमार्क और सिक्योरिटी थ्रेड हैं।
    • 2016 की नोटबंदी के बाद ₹200, ₹500 और ₹2000 नोट आए।
    • वर्तमान में डिजिटल पेमेंट्स बढ़ने से कागजी मुद्रा का उपयोग कम हो रहा है।​

23. भारत में 10 रु. के नोट कौन जारी करता है? [CHSL (T-I) 07 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) भारतीय रिजर्व बैंक
Solution:
  • भारत में वर्तमान में 10, 20, 50, 100, 200, 500 रु. मूल्यवर्ग के बैंक नोट जारी किए जा रहे हैं।
  • ये सभी नोट भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए जाते हैं।
  • RBI की भूमिका
    • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) 1935 में स्थापित हुआ और यह सभी बैंकनोट्स (₹10 सहित ₹2 से ऊपर के) जारी करने का एकमात्र अधिकृत निकाय है।
    • RBI केंद्रीय सरकार की ओर से नोट जारी करता है, जबकि केवल ₹1 का नोट वित्त मंत्रालय द्वारा जारी होता है।
    • RBI नोटों का मुद्रण, वितरण और प्रचलन सुनिश्चित करता है, जिसमें सुरक्षा विशेषताएं जैसे जल-चिह्न और सुरक्षा धागा शामिल होते हैं।​
  • 10 रुपये नोट का इतिहास
    • ₹10 का नोट महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला का हिस्सा है
    • जिसे RBI ने 2018 में चॉकलेट भूरे रंग में जारी किया। इसके पीछे कोणार्क सूर्य मंदिर की छवि है
    • आकार 63 x 123 मिमी है। हाल ही में जनवरी 2026 में RBI ने नए ₹10 नोट जारी करने की घोषणा की
    • जिन पर गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे; पुराने नोट प्रचलन में रहेंगे।​
  • विशेषताएं और सुरक्षा
    • नोट पर "भारतीय रिजर्व बैंक" स्पष्ट रूप से उल्लिखित होता है, जो इसकी प्रामाणिकता दर्शाता है।
    • इसमें देवनागरी में "भारत" और अंग्रेजी में "India" लिखा होता है।
    • अतिरिक्त सुरक्षा में प्रतिदीप्तिशील स्याही, यंत्र-पठनीय धागा और गांधी जी का जल-चिह्न शामिल हैं।​
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
    • RBI नोटों को चार मुद्रण प्रेसों (नासिक, देवास, मैसूर, सालबोनी) से छापता है।
    • ₹10 जैसे छोटे नोट कभी-कभी कमी का सामना करते हैं, लेकिन RBI आपूर्ति बनाए रखता है।
    • कानूनन केवल RBI को नोट जारी करने का अधिकार है; निजी संस्थाएं ऐसा नहीं कर सकतीं।​​

24. गुजरात यूनिवर्सिटी स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप द्वारा लागू की गई herSTART नाम की पहल का शुभारंभ अक्टूबर, 2022 में ....... द्वारा किया गया था। [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) रक्षामंत्री राजनाथ सिंह
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा herSTART नाम की पहल का शुभारंभ किया गया
  • जिसे गुजरात यूनिवर्सिटी एंड एंटरप्रेन्योरशिप द्वारा लागू की गई।\
  • herSTART पहल का परिचय
    • herSTART गुजरात विश्वविद्यालय स्टार्टअप एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल (GUSEC) द्वारा लागू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है
    • जो महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित स्टार्टअप प्लेटफॉर्म है। यह 2019 में शुरू हुई
    • लेकिन इसका प्रमुख विस्तार अक्टूबर 2022 में हुआ।
    • यह प्लेटफॉर्म महिलाओं को मेंटरशिप, फंडिंग, एक्सेलरेशन और सरकारी-सहित संसाधनों से जोड़ता है।​
  • शुभारंभ विवरण

    • herSTART का शुभारंभ 4 अक्टूबर 2022 को अहमदाबाद के गुजरात विश्वविद्यालय में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया गया था।
    • इस अवसर पर राष्ट्रपति ने गुजरात सरकार की शिक्षा और जनजातीय विकास से जुड़ी परियोजनाओं का भी वर्चुअल उद्घाटन/शिलान्यास किया।
    • राष्ट्रपति ने गुजरात विश्वविद्यालय के परिसर में 450 से अधिक स्टार्टअप्स, जिनमें 125 से ज्यादा महिलाओं द्वारा संचालित
    • लगभग 15,000 महिला उद्यमियों को जोड़ने का उल्लेख किया।​
  • उद्देश्य और प्रभाव

    • यह पहल महिला उद्यमियों के नवाचार को बढ़ावा देती है, उन्हें निजी-सार्वजनिक संसाधनों से जोड़ती है
    • जिसमें UNICEF जैसे संगठन शामिल हैं। 2026 तक herSTART 5.0 ने कई कोहोर्ट्स को समर्थन दिया है।
    • राष्ट्रपति ने इसे स्टार्टअप-अनुकूल विश्वविद्यालय की पहल बताया, जो रोजगार और विकास को प्रोत्साहित करेगी।​

25. ....... मुद्रा का संचलन वेग कहलाता है। [CHSL (T-I) 14 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) मुद्रा की एक इकाई का एक इकाई अवधि में जितनी बार हस्तांतरण होता है।
Solution:
  • मुद्रा की एक इकाई का एक अवधि में जितनी बार हस्तांतरण होता है, उसे मुद्रा का संचलन वेग कहते हैं।
  • परिभाषा
    •  उपयोग की जाती है, यह दर्शाता है। सरल शब्दों में, यदि अर्थव्यवस्था में 100 रुपये हैं
    • ये एक वर्ष में कुल 500 रुपये के लेन-देन सक्षम करते हैं, तो संचलन वेग 5 होगा।
    • यह अवधारणा इरविंग फिशर के मात्रा सिद्धांत (Quantity Theory of Money) का मूलभूत भाग है
    • जहां समीकरण MV = PT होता है—यहां M मुद्रा आपूर्ति, V वेग, P मूल्यस्तर और T लेन-देन हैं।​
  • महत्व
    • संचलन वेग अर्थव्यवस्था की सक्रियता का सूचक है। उच्च वेग दर्शाता है कि लोग मुद्रा को अधिक तेजी से खर्च कर रहे हैं
    • जो आर्थिक विकास, रोजगार वृद्धि और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है।
    • इसके विपरीत, निम्न वेग मुद्रा के संचय (hoarding) का संकेत देता है
    • जो सुस्त अर्थव्यवस्था, मंदी या विश्वास की कमी को इंगित करता है।
    • केंद्रीय बैंक जैसे RBI इसकी निगरानी कर मौद्रिक नीति (जैसे ब्याज दरें या मुद्रा आपूर्ति) तय करते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, महामारी के दौरान कई देशों में वेग घटा क्योंकि लोग बचत करने लगे।​
  • गणना विधि
    • संचलन वेग की गणना दो मुख्य तरीकों से की जाती है:
    • लेन-देन आधारित: V = T / M, जहां T कुल लेन-देन मूल्य और M मुद्रा स्टॉक है।
    • उत्पाद आधारित: V = (P × Y) / M, जहां P औसत मूल्यस्तर (GDP डिफ्लेटर) और Y वास्तविक उत्पादन (Real GDP) है।
    • नाममात्र GDP को मुद्रा आपूर्ति से विभाजित कर V निकाला जाता है।
    • भारत में RBI M3 (व्यापक मुद्रा) का उपयोग कर इसकी मासिक/वार्षिक गणना प्रकाशित करता है।
    • 2025 तक, भारत का V लगभग 50-60 के आसपास रहा, जो सक्रिय अर्थव्यवस्था दर्शाता है।​
  • उदाहरण
    • मान लीजिए एक गांव में कुल मुद्रा 1000 रुपये है। एक माह में कुल व्यय 5000 रुपये होता है
    • नियोक्ता से मजदूर, मजदूर से दुकानदार आदि)। तब V = 5000 / 1000 = 5, अर्थात प्रत्येक रुपया महीने में 5 बार बदला।
    • वास्तविक जीवन में, डिजिटल भुगतान (UPI) ने भारत में V को बढ़ाया है, क्योंकि नकद की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक मुद्रा तेज घूमती है।​
  • प्रभावकारक
    • आर्थिक विश्वास: उच्च विश्वास पर V बढ़ता है।
    • मुद्रास्फीति: उच्च मुद्रास्फीति V को प्रभावित करती है।
    • प्रौद्योगिकी: डिजिटल बैंकिंग V बढ़ाती है।
    • नीतियां: कम ब्याज दरें खर्च बढ़ाकर V तेज करती हैं।
    • लंबे समय में V स्थिर माना जाता है, लेकिन छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव आम है।​

26. भारत सरकार द्वारा जारी ट्रेजरी बिलों की अवधियों का निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन सही है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) 91 दिन, 182 दिन, 364 दिन
Solution:
  • ट्रेजरी बिल भारत सरकार या किसी देश के केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी किए जाने वाले अल्पकालिक (एक वर्ष तक) उधारी उपकरण हैं।
  • इन्हें आरबीआई द्वारा नियमित अंतराल पर नीलाम किया जाता है।
  • भारत सरकार इसे तीन अवधियों में जारी करती है 91 दिवसीय, 182 दिवसीय और 364 दिवसीय ।
  • ट्रेजरी बिल क्या हैं?
    • परिपक्वता पर पूर्ण अंकित मूल्य पर भुनाई जाती हैं।
    • निवेशक को ब्याज के रूप में जारी मूल्य और भुनाई मूल्य के बीच का अंतर प्राप्त होता है।
    • ये भारत सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण पूर्ण रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं।​
  • मानक अवधियाँ
    • भारत सरकार द्वारा जारी ट्रेजरी बिल निम्नलिखित तीन अवधियों में उपलब्ध होते हैं:
    • 91-दिवसीय T-Bill: सबसे छोटी अवधि, तरलता प्रबंधन के लिए उपयुक्त।​
    • 182-दिवसीय T-Bill: मध्यम अवधि, थोड़ा अधिक प्रतिफल प्रदान करता है।​
    • 364-दिवसीय T-Bill: एक वर्ष से कम की सबसे लंबी अवधि।​
    • ये अवधियाँ 2026 की नीलामी कैलेंडर में भी यथावत लागू हैं
    • जैसे जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में ₹3.84 लाख करोड़ के T-Bills इन्हीं अवधियों के लिए जारी हो रहे हैं।​
  • नीलामी प्रक्रिया
    • RBI द्वारा ई-कुबेर प्लेटफॉर्म पर साप्ताहिक नीलामी आयोजित होती है।
    • उदाहरण के लिए, जनवरी 2026 से शुरू होकर मार्च तक 91-दिन वाले T-Bills के लिए ₹1.44 लाख करोड़
    • 182-दिन वाले के लिए ₹1.44 लाख करोड़ तथा 364-दिन वाले के लिए ₹0.96 लाख करोड़ जुटाए जाएंगे।
    • सरकार आवश्यकता अनुसार राशि या तिथियों में बदलाव कर सकती है, किंतु पूर्व सूचना देती है।​
  • निवेशकों के लिए लाभ
    • उच्च सुरक्षा: सरकार की गारंटी।​
    • तरलता: माध्यमिक बाजार में आसानी से बिक्री योग्य।​
    • कर लाभ: ब्याज पर कोई टीडीएस नहीं।
    • ये T-Bills व्यक्तियों, बैंकों तथा संस्थागत निवेशकों द्वारा खरीदे जा सकते हैं। वर्तमान में (जनवरी 2026), ये अवधियाँ अपरिवर्तित हैं।​

27. भारत में, साख निर्माण किसके द्वारा किया जाता है? [CHSL (T-I) 17 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

(A) वित्त मंत्रालय

(B) व्यावसायिक बैंक

(C) भारतीय रिजर्व बैंक

Correct Answer: (c) केवल B
Solution:
  • भारत में साख निर्माण व्यावसायिक बैंकों द्वारा किया जाता है।
  • साख निर्माण क्या है?
    • साख निर्माण वह प्रक्रिया है जिसमें बैंक प्राप्त जमाओं का एक हिस्सा अपने पास आरक्षित रखते हैं
    • शेष को ऋण के रूप में वितरित करते हैं, जिससे नए बैंक खातों में जमा राशि का सृजन होता है।
    • यह प्रक्रिया व्युत्पन्न जमाओं (Derivative Deposits) पर आधारित है
    • जहां प्रारंभिक जमा से कई गुना अधिक साख बनाई जाती है।
    • भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा निर्धारित नकद आरक्षी अनुपात (CRR) और वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) इस प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं।​
  • साख निर्माण की प्रक्रिया
    • बैंकों द्वारा साख निर्माण एक चक्रीय प्रक्रिया है:
    • कोई व्यक्ति बैंक में प्रारंभिक जमा (जैसे ₹1000) करता है।
    • बैंक CRR (मान लीजिए 20%) के अनुसार ₹200 अपने पास रखता है और ₹800 ऋण के रूप में देता है।
    • ऋण प्राप्तकर्ता उस ₹800 को अपने खाते में जमा करता है (या दूसरे बैंक में), जो नई जमा बन जाती है।
    • इस नई जमा से फिर 20% (₹160) आरक्षित रखकर ₹640 नया ऋण दिया जाता है।
    • यह क्रम चलता रहता है जब तक कुल साख प्रारंभिक जमा का 5 गुना (1/CRR) न हो जाए।​​
  • भारत में प्रमुख संस्थान
    • भारत में साख निर्माण का कार्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
    • पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और निजी बैंक जैसे HDFC, ICICI द्वारा किया जाता है।
    • RBI केंद्रीय बैंक के रूप में साख निर्माण को नियंत्रित करता है, लेकिन प्रत्यक्ष सृजन वाणिज्यिक बैंकों का कार्य है।
    • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) और सहकारी बैंक भी सीमित स्तर पर इसमें भाग लेते हैं।​
  • प्रभावित करने वाले कारक
    • साख निर्माण को कई कारक प्रभावित करते हैं:
    • RBI की मौद्रिक नीति: कम CRR साख बढ़ाता है, उच्च CRR सीमित करता है।
    • व्यावसायिक मांग: औद्योगिक विकास वाले क्षेत्रों में अधिक सृजन।
    • जनता का ऋण मांगना और बैंकों की ऋण देने की क्षमता।
    • आर्थिक स्थिरता: मुद्रास्फीति या मंदी में सीमाएं आती हैं।​
  • सीमाएं
    • साख निर्माण असीमित नहीं है:
    • कोई चेक दूसरे बैंक में जमा न हो तो प्रक्रिया रुक जाती है।
    • CRR/SLR में बदलाव सृजन को प्रभावित करते हैं।
    • ऋण की मांग कम हो या बैंक सतर्क रहें तो कुल साख सीमित रहती है।
    • वास्तविकता में बहु-बैंक प्रणाली और लीकेज से आदर्श 5 गुना नहीं बन पाता।​

28. निम्नलिखित में से कौन-सा एक अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान नहीं है? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) आईसीआईसीआई बैंक
Solution:
  • राष्ट्रीय आवास बैंक, नाबार्ड तथा एक्जिम बैंक और सिडबी आदि अपने क्षेत्र की शीर्ष संस्थाएं हैं, जबकि आईसीआईसीआई बैंक अपने क्षेत्र का शीर्ष संस्थान नहीं है।
  • अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (AIFI) क्या हैं?
    • अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (All India Financial Institutions - AIFI) वे विशेष वित्तीय संस्थाएं हैं
    • जो भारत सरकार द्वारा संसद के अधिनियमों के तहत स्थापित की जाती हैं।
    • ये मुख्य रूप से विकासात्मक उद्देश्यों के लिए कार्य करती हैं
    • जैसे कि विशिष्ट क्षेत्रों (कृषि, लघु उद्योग, निर्यात, आवास, अवसंरचना) को दीर्घकालिक वित्त प्रदान करना, पुनर्वित्त सुविधाएं देना और बैंकों को समर्थन प्रदान करना।
    • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इनका विनियमन और पर्यवेक्षण करता है
    • ये "विकास बैंक" (Development Financial Institutions) के रूप में जानी जाती हैं। वर्तमान में पांच प्रमुख AIFI हैं
    • NABARD (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक), SIDBI (लघु उद्योग विकास बैंक), EXIM Bank (निर्यात-आयात बैंक), NHB (राष्ट्रीय आवास बैंक) और NaBFID (राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण और विकास बैंक)।​
  • AIFI की प्रमुख विशेषताएं
    • ये संस्थाएं जमा स्वीकार करने के बजाय मुख्यतः सरकारी धन, बॉन्ड जारी करके या अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से उधार लेकर कार्य करती हैं।
    • इनकी भूमिका बैंकों से भिन्न है क्योंकि ये क्षेत्र-विशिष्ट ऋण, रिफाइनेंसिंग और नीतिगत समर्थन पर केंद्रित रहती हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, NABARD ग्रामीण क्षेत्रों को बढ़ावा देता है, जबकि EXIM Bank निर्यातकों को सहायता प्रदान करता है।
    • RBI अधिनियम, 1934 की धारा 51 के तहत इनकी मान्यता होती है, जो इन्हें वित्तीय बाजारों में महत्वपूर्ण मध्यस्थ बनाती है।​
  • प्रश्न के विकल्पों का विश्लेषण
    • चूंकि प्रश्न में विशिष्ट विकल्प सूचीबद्ध नहीं हैं
    • सामान्यतः प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे SSC, UPSC, बैंकिंग) में पूछे जाने वाले सामान्य विकल्पों पर विचार करें: (क) NABARD, (ख) SIDBI, (ग) EXIM Bank, (घ) IDFC।
    • इस प्रकार के प्रश्नों में IDFC (Infrastructure Development Finance Company) अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान नहीं है।
    • कारण: IDFC एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) है जो निजी क्षेत्र में स्थापित हुई थी
    • RBI द्वारा NBFC के रूप में विनियमित होती है, न कि AIFI के रूप में। AIFI केवल वे होती हैं
    • जो सरकारी अधिनियम द्वारा स्थापित हैं और RBI द्वारा स्पष्ट रूप से नामित। अन्य विकल्प सभी AIFI हैं।​

29. एक ....... खाता वह खाता है जिसका रख-रखाव एक भारतीय बैंक द्वारा विदेशों में लेनदेन करने के उद्देश्य से आमतौर पर उस देश की मुद्रा में किया जाता है। [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) नोस्ट्रो (NOSTRO)
Solution:
  • नोस्ट्रो (NOSTRO) खाता वह खाता है जिसका रख-रखाव एक भारतीय बैंक द्वारा विदेशों में लेनदेन करने के उद्देश्य से आमतौर पर उस देश की मुद्रा में किया जाता है
  • परिभाषा और उत्पत्ति
    • नोस्ट्रो खाता लैटिन शब्द "Nostro" से लिया गया है, जिसका अर्थ है "हमारा खाता आपके साथ"।
    • यह एक विदेशी बैंक में खोला जाने वाला खाता होता है, जो भारतीय बैंक विदेशी मुद्रा में रखता है
    • अंतरराष्ट्रीय लेन-देन सुगम हो सकें। उदाहरणस्वरूप, यदि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अमेरिकी डॉलर में लेन-देन के लिए न्यूयॉर्क के किसी बैंक में खाता खोलता है
    • तो वह डॉलर में नोस्ट्रो खाता कहलाएगा।​
  • उद्देश्य और महत्व
    • इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी व्यापार, आयात-निर्यात भुगतान और मुद्रा रूपांतरण को तेज करना है।
    • भारतीय बैंक इससे स्थानीय मुद्रा में सीधे भुगतान कर सकता है, जिससे विनिमय दर जोखिम कम होता है
    • लेन-देन की लागत घटती है। कुल मिलाकर, यह अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य को सुविधाजनक बनाता है।​
  • कार्यप्रणाली और उदाहरण
    • भारतीय कंपनी यदि अमेरिका से माल आयात करती है
    • तो आपूर्तिकर्ता को USD में भुगतान के लिए नोस्ट्रो खाते से सीधा ट्रांसफर होता है।
    • निर्यात पर विदेशी भुगतान भी इसी खाते में जमा होता है। बैंक इसे प्रतिदिन समायोजित करते हैं ताकि बैलेंस सही रहे।​
  • अन्य संबंधित खाते
    • वापसी भारतीयों के लिए RFC खाता: विदेशी मुद्रा में रहता है, लेकिन निवासियों के लिए।​
    • EEFC खाता: निर्यातक विदेशी आय रख सकते हैं।​
    • ये खाते FEMA नियमों के अधीन RBI द्वारा नियंत्रित होते हैं।​

30. भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर, 2022 में एक परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी (ARC) की स्थापना के लिए न्यूनतम पूंजी आवश्यकता को बढ़ाकर रु. ....... करोड़ कर दिया है। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 300
Solution:
  • अक्टूबर, 2022 में भारतीय रिजर्व बैंक ने एक परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी (ARC) की न्यूनतम पूंजी आवश्यकता में वृद्धि की है
  • जो पहले 100 करोड़ रुपये थी उसे बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये कर दिया है।
  • परिवर्तन का विवरण
    • यह निर्णय 11 अक्टूबर 2022 को लिया गया
    • जिसका उद्देश्य ARC क्षेत्र को मजबूत बनाना और संकटग्रस्त परिसंपत्तियों के प्रबंधन को अधिक प्रभावी करना था।
    • पहले न्यूनतम शुद्ध स्वामित्व वाली निधि (NOF) 100 करोड़ रुपये थी
    • लेकिन नए नियमों के तहत नई ARC को सीधे 300 करोड़ रुपये की पूंजी जुटानी होगी।​
    • मौजूदा ARC को अनुपालन के लिए संक्रमणकालीन अवधि दी गई:
    • 31 मार्च 2024 तक कम से कम 200 करोड़ रुपये।​
    • 31 मार्च 2026 तक पूर्ण 300 करोड़ रुपये।​
    • गैर-अनुपालन पर RBI पर्यवेक्षी कार्रवाई कर सकता है, जैसे नए व्यवसाय पर रोक।​
  • पृष्ठभूमि और उद्देश्य
    • यह बदलाव RBI द्वारा गठित समिति की सिफारिशों पर आधारित है
    • जो ARC के नियामक ढांचे की समीक्षा करती है।
    • ARC मुख्य रूप से बैंकों के गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) को खरीदकर उन्हें पुनर्निर्मित या बेचती हैं
    • SARFAESI अधिनियम 2002 के तहत कार्य करती हैं।
    • पूंजी वृद्धि से वित्तीय स्थिरता बढ़ेगी और जोखिम प्रबंधन बेहतर होगा।​
  • अन्य प्रमुख संशोधन
    • ARC को IBC 2016 के तहत समाधान आवेदक (RA) बनने की अनुमति, लेकिन केवल 1000 करोड़ NOF वाली ARC को।​
    • स्वतंत्र सलाहकार समिति (IAC) द्वारा बड़े सेटलमेंट की जांच अनिवार्य।​
    • कुल जोखिम-भारित परिसंपत्तियों का 15% पूंजी पर्याप्तता अनुपात बनाए रखना होगा।​
  • प्रभाव और महत्व
    • यह कदम निवेशक सुरक्षा बढ़ाता है और ARC को कुशल बनाता है
    • खासकर NPA बोझ कम करने में। 2026 तक पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कर RBI वित्तीय क्षेत्र को मजबूत कर रहा है।​