Correct Answer: (d) 91 दिन, 182 दिन, 364 दिन
Solution:- ट्रेजरी बिल भारत सरकार या किसी देश के केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी किए जाने वाले अल्पकालिक (एक वर्ष तक) उधारी उपकरण हैं।
- इन्हें आरबीआई द्वारा नियमित अंतराल पर नीलाम किया जाता है।
- भारत सरकार इसे तीन अवधियों में जारी करती है 91 दिवसीय, 182 दिवसीय और 364 दिवसीय ।
- ट्रेजरी बिल क्या हैं?
- परिपक्वता पर पूर्ण अंकित मूल्य पर भुनाई जाती हैं।
- निवेशक को ब्याज के रूप में जारी मूल्य और भुनाई मूल्य के बीच का अंतर प्राप्त होता है।
- ये भारत सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण पूर्ण रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं।
- मानक अवधियाँ
- भारत सरकार द्वारा जारी ट्रेजरी बिल निम्नलिखित तीन अवधियों में उपलब्ध होते हैं:
- 91-दिवसीय T-Bill: सबसे छोटी अवधि, तरलता प्रबंधन के लिए उपयुक्त।
- 182-दिवसीय T-Bill: मध्यम अवधि, थोड़ा अधिक प्रतिफल प्रदान करता है।
- 364-दिवसीय T-Bill: एक वर्ष से कम की सबसे लंबी अवधि।
- ये अवधियाँ 2026 की नीलामी कैलेंडर में भी यथावत लागू हैं
- जैसे जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में ₹3.84 लाख करोड़ के T-Bills इन्हीं अवधियों के लिए जारी हो रहे हैं।
- नीलामी प्रक्रिया
- RBI द्वारा ई-कुबेर प्लेटफॉर्म पर साप्ताहिक नीलामी आयोजित होती है।
- उदाहरण के लिए, जनवरी 2026 से शुरू होकर मार्च तक 91-दिन वाले T-Bills के लिए ₹1.44 लाख करोड़
- 182-दिन वाले के लिए ₹1.44 लाख करोड़ तथा 364-दिन वाले के लिए ₹0.96 लाख करोड़ जुटाए जाएंगे।
- सरकार आवश्यकता अनुसार राशि या तिथियों में बदलाव कर सकती है, किंतु पूर्व सूचना देती है।
- निवेशकों के लिए लाभ
- उच्च सुरक्षा: सरकार की गारंटी।
- तरलता: माध्यमिक बाजार में आसानी से बिक्री योग्य।
- कर लाभ: ब्याज पर कोई टीडीएस नहीं।
- ये T-Bills व्यक्तियों, बैंकों तथा संस्थागत निवेशकों द्वारा खरीदे जा सकते हैं। वर्तमान में (जनवरी 2026), ये अवधियाँ अपरिवर्तित हैं।